बेकार गद्दों और तकियों के कवर्स से सजाएं अपनी बालकनी, बिना ज्यादा पैसे खर्च किए ऐसे तैयार करें हैंगिंग गार्डन घर में रखे पुराने तकिए और गद्दे के कवर्स को बेकार समझकर फेंकने के बजाय उनका इस्तेमाल करके खूबसूरत हैंगिंग और वर्टिकल गार्डन तैयार किया जा सकता है। इससे बिना ज्यादा पैसे खर्च किए बालकनी में हरियाली लाई जा सकती है। घर की बालकनी में हरियाली देखना किसे अच्छा नहीं लगता, लेकिन कई बार नए गमले खरीदने और उन्हें सही जगह पर व्यवस्थित करने में काफी खर्च हो जाता है। ऐसे में आपके घर में रखे पुराने तकिए और गद्दे के कवर्स बेहद काम आ सकते हैं, जिन्हें आमतौर पर आप बेकार समझकर फेंकने की सोचते हैं। इन पुरानी चीजों की मदद से आप बेहद कम बजट में एक खूबसूरत हैंगिंग गार्डन तैयार कर सकते हैं। इस आसान डीआईवाई आइडिया की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके लिए आपको महंगे गमलों पर पैसे खर्च करने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी और आपकी बालकनी की खाली दीवारों या रेलिंग का भी बेहतरीन इस्तेमाल हो जाएगा। हालांकि, पौधों के लिए इन कवर्स को तैयार करते समय कुछ जरूरी और बुनियादी बातों का पूरा ध्यान रखना बेहद आवश्यक होता है ताकि पौधे भी सुरक्षित रहें और आपकी सजावट भी लंबे समय तक टिकी रहे। पुराने तकिए के कवर से हैंगिंग प्लांटर बनाने का तरीका यदि आपके पास घर में पुराने मोटे सूती तकिए के कवर्स रखे हैं, तो उनका उपयोग छोटे हैंगिंग प्लांटर्स को तैयार करने में आसानी से किया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए आपको कुछ बुनियादी चीजों की जरूरत पड़ेगी, जिसमें एक मजबूत रस्सी या मोटी नायलॉन की डोर और एक छोटा प्लास्टिक गमला या ग्रो बैग शामिल है। सबसे पहले आपको अपने तकिए के कवर को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह से सूखा लेना चाहिए। यदि कवर में कहीं से सिलाई उधड़ी हुई है, तो उसे सुई-धागे की मदद से अच्छी तरह ठीक कर लेना जरूरी है। इसके बाद कवर के चारों कोनों पर मजबूत लूप या फिर रस्सी लगाने की उचित व्यवस्था करें ताकि वह वजन संभाल सके। अब इसके भीतर एक छोटा प्लास्टिक गमला या ग्रो बैग रख दें, जिससे गीली मिट्टी का सारा अतिरिक्त वजन सीधे कपड़े पर न पड़े। इसके बाद गमले में पौधे की जरूरत के हिसाब से उपयुक्त मिट्टी और खाद भर दें। पौधा लगाने के बाद इसे तैयार की गई मजबूत रस्सी की सहायता से बालकनी की किसी सुरक्षित और मजबूत जगह पर आसानी से लटका सकते हैं। यदि आप बिना गमले के सीधे कपड़े में ही मिट्टी भरकर प्लांटर बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए हमेशा बहुत मोटे और मजबूत फैब्रिक का ही चयन करें। इसके अलावा नीचे पानी की निकासी के लिए छोटे-छोटे छेद बनाना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि हर तरह का कपड़ा गीली मिट्टी का वजन सहन करने में सक्षम नहीं होता है। पुराने गद्दे के कवर से ऐसे तैयार करें वर्टिकल गार्डन तकिए के अलावा पुराने गद्दे के कवर्स का उपयोग भी बालकनी में एक शानदार वर्टिकल गार्डन विकसित करने के लिए किया जा सकता है। यदि आपके पास कोई ऐसा कवर है जिसका कपड़ा काफी मोटा और मजबूत है, तो आप उसे काटकर छोटे पॉकेट प्लांटर्स के रूप में तैयार कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले गद्दे के कवर को एक समान आकार के टुकड़ों में अच्छी तरह काट लें। इसके बाद हर एक हिस्से को इस तरीके से सिलें कि उसमें एक छोटा पॉकेट बन जाए। इन सभी तैयार पॉकेट्स के अंदर छोटे-छोटे प्लास्टिक के गमले रखे जा सकते हैं, जिससे पौधे आसानी से टिक सकें। इसके पश्चात पूरे फैब्रिक को किसी मजबूत लकड़ी के फ्रेम या फिर मेटल ग्रिड पर अच्छी तरह से कसकर दीवार के सहारे टांग दिया जाता है। इस अनोखे तरीके से आप एक ही सीमित जगह पर कई छोटे-छोटे पौधे खूबसूरती से लगा सकते हैं। यह तरीका खासतौर पर उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है जिनकी बालकनी में फर्श पर गमले रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती है और वे दीवारों का उपयोग करना चाहते हैं। हैंगिंग गार्डन के लिए सही पौधों का चुनाव कपड़े से तैयार किए गए इन छोटे और नायाब प्लांटर्स में हमेशा ऐसे पौधों का चयन करना चाहिए जिन्हें बहुत ज्यादा मिट्टी और फैलाव की जरूरत न पड़े। आप अपनी बालकनी की इस सजावट के लिए मनी प्लांट को चुन सकते हैं, जिसकी लटकती हुई सुंदर बेलें बालकनी को एक बेहद आकर्षक और हरा-भरा लुक देती हैं। इसके अलावा स्पाइडर प्लांट भी एक बेहतरीन विकल्प है क्योंकि इसके लंबे और खूबसूरत पत्ते हैंगिंग प्लांटर में बहुत ही प्यारे लगते हैं। ट्रेडस्कैंटिया के रंग-बिरंगे और अनूठे पत्ते भी बालकनी के माहौल को काफी जीवंत और आकर्षक बना देते हैं। यदि आपकी बालकनी में दिन के समय पर्याप्त धूप आती है, तो आप वहां रंग-बिरंगे फूलों वाले पेटूनिया के पौधे भी आसानी से लगा सकते हैं। इसके अलावा छोटे गमले में फ्रेश पुदीना भी उगाया जा सकता है, बस शर्त यह है कि इसे जरूरत के मुताबिक पानी और धूप की सही मात्रा मिलती रहे। पौधे चुनते समय हमेशा इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपकी बालकनी में किस तरह की धूप और हवा आती है, क्योंकि हर एक पौधे की अपनी अलग जरूरतें होती हैं। प्लांटर्स बनाते समय इन अहम बातों का रखें खास ख्याल पुराने कपड़ों की मदद से प्लांटर बनाना जितना आसान काम लगता है, उतनी ही सावधानी न बरतने पर कुछ छोटी-सी गलतियां आपके पौधों को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती हैं। सबसे पहले ड्रेनेज यानी पानी निकासी का पूरा ध्यान रखना चाहिए क्योंकि गमले या प्लांटर में अतिरिक्त पानी बाहर निकलने के लिए उचित छेद होने बेहद जरूरी हैं। यदि गमले में पानी लगातार जमा होता रहेगा, तो पौधों की जड़ें सड़ने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इसके अलावा हमेशा मजबूत और टिकाऊ कपड़े का ही चयन करें और बहुत ज्यादा पतले, फटे या कमजोर फैब्रिक के इस्तेमाल से पूरी तरह बचें। लगातार नमी बने रहने के कारण कमजोर कपड़ों की मजबूती बहुत जल्दी कम हो जाती है और वे फट सकते हैं। हमेशा वजन की सही जांच करें क्योंकि सूखी मिट्टी के मुकाबले गीली मिट्टी और विकसित हो रहे पौधे का वजन काफी अधिक होता है। इसलिए हमेशा मजबूत रस्सियों, हुक और बेहतरीन सपोर्ट सिस्टम का ही इस्तेमाल करें ताकि प्लांटर सुरक्षित रहे। इसके साथ ही दीवार की मजबूती को भी अच्छी तरह जांच लें और प्लांटर को ऐसी सुरक्षित जगह पर ही लटकाएं जहां से इसके अचानक गिरने या नीचे किसी व्यक्ति को चोट लगने का कोई जोखिम न हो। अंत में पौधों को पानी देते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि नीचे टपकने या गिरने वाला अतिरिक्त पानी आपके पड़ोसियों की बालकनी या नीचे की दीवार को गंदा न कर दे। इसका आप पर असर घर की बालकनी में गार्डनिंग करने के शौकीन लोगों के लिए यह पुरानी चीजों के इस्तेमाल का एक बेहतरीन और किफायती तरीका है। • बजट की बचत: नए सिरेमिक या प्लास्टिक के महंगे गमले खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है, जिससे गार्डनिंग का खर्च बेहद कम हो जाता है। • स्थान का सदुपयोग: छोटी बालकनी में फर्श की जगह खाली रहती है और दीवारों या रेलिंग पर हैंगिंग गार्डन तैयार हो जाता है। • कचरे का पुनर्चक्रण: घर में बेकार पड़े पुराने तकिए और गद्दे के कवर्स का सही उपयोग हो जाता है, जिससे कचरा भी कम फैलता है। • सावधानी जरूरी: कपड़े के प्लांटर में गीली मिट्टी और पानी का सही प्रबंधन न होने पर दीवारें गंदी हो सकती हैं या पौधे खराब हो सकते हैं। • वजन का ध्यान: बालकनी में हैंगिंग प्लांटर टांगते समय रस्सी और दीवार की मजबूती की जांच करना सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है। ऐसा क्यों हुआ घरों में पुराने और इस्तेमाल न होने वाले तकिए और गद्दे के कवर्स आसानी से उपलब्ध होते हैं, जिन्हें लोग अक्सर फेंक देते हैं। बाजार में मिलने वाले गमले महंगे होने के कारण हर कोई उन पर खर्च नहीं करना चाहता, इसलिए लोग वैकल्पिक और किफायती तरीकों की तलाश करते हैं। • सामग्री की उपलब्धता: हर घर में पुराने सूती कपड़े और कवर्स आसानी से मिल जाते हैं जो मजबूत और टिकाऊ होते हैं। • बढ़ता खर्च: आधुनिक समय में महंगे गार्डनिंग प्रोडक्ट्स और गमलों के दाम बढ़ने से डीआईवाई तरीकों की लोकप्रियता बढ़ी है। • स्थान की कमी: शहरी इलाकों के घरों और फ्लैटों की छोटी बालकनियों में फर्श पर गमले रखने की जगह सीमित होती है। सवाल-जवाब 1. पुराने तकिए के कवर से हैंगिंग प्लांटर बनाने के लिए किन चीजों की आवश्यकता होती है? इसके लिए पुराने सूती तकिए के कवर, मजबूत रस्सी या नायलॉन की डोरी और एक छोटे प्लास्टिक गमले या ग्रो बैग की जरूरत होती है। 2. क्या सीधे कपड़े में मिट्टी भरकर पौधा लगाया जा सकता है? हाँ, लेकिन इसके लिए आपको बहुत मोटे और मजबूत फैब्रिक का इस्तेमाल करना होगा और पानी निकलने के लिए नीचे छेद करने होंगे। 3. पुराने गद्दे के कवर का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है? गद्दे के कवर को छोटे-छोटे पॉकेट के आकार में सिलकर और उनमें छोटे गमले रखकर वर्टिकल गार्डन तैयार किया जा सकता है। 4. हैंगिंग प्लांटर के लिए कौन से पौधे सबसे अच्छे रहते हैं? मनी प्लांट, स्पाइडर प्लांट, ट्रेडस्कैंटिया, पेटूनिया और पुदीना जैसे पौधे इन प्लांटर्स के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं। 5. कपड़े के प्लांटर बनाते समय किस बात का सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए? गमले में पानी निकासी के लिए ड्रेनेज होल होने चाहिए और कपड़े की मजबूती तथा वजन उठाने की क्षमता की जांच कर लेनी चाहिए। https://trendkia.com/trends/bekar-gaddoo-aur-takiyon-ke-covers-se-sajaye-apni-balcony-58023 TrendKia — Har trend, sabse pehle.