बिना प्याज-लहसुन के खाने में आएगा लाजवाब स्वाद, मूंगफली और करी पत्ते से ऐसे तैयार करें खास मसाला चौमासे के दौरान बिना प्याज-लहसुन के बनने वाले सात्विक भोजन को जायकेदार बनाने के लिए मूंगफली, करी पत्ते और खड़े मसालों से बना यह सूखा मसाला बेहतरीन विकल्प साबित होता है। चौमासे के मौसम में जब घरों में प्याज और लहसुन के बिना खाना पकाया जाता है, तो कई बार भोजन का स्वाद थोड़ा हल्का या सादा महसूस होने लगता है। रोजमर्रा की दाल, सामान्य सूखी सब्जी या पराठों में वही पुराना स्वाद बार-बार मिलने से खाने की इच्छा भी कम होने लगती है। जब भोजन में लहसुन और प्याज की तीखी महक और गाढ़ापन नहीं होता, तो रसोई में मौजूद कुछ बुनियादी सूखे मसालों का सही संयोजन स्वाद की इस कमी को बखूबी पूरा कर सकता है। भोजन निर्माण से जुड़ी विशेषज्ञ रश्मि जैन ने इस मौसम के लिए एक विशेष मसाले की आसान विधि साझा की है, जिसे घर में उपलब्ध बेहद साधारण सूखी सामग्रियों की मदद से कुछ ही मिनटों में तैयार किया जा सकता है। इस सूखे मसाले की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसमें करी पत्ता, मूंगफली, साबुत धनिया, जीरा, साबुत लाल मिर्च और सूखे नारियल के बुरादे का एक संतुलित अनुपात इस्तेमाल किया जाता है। यह मिश्रण केवल साधारण सब्जियों का ही स्वाद नहीं बढ़ाता, बल्कि दैनिक आहार में शामिल कई अन्य नमकीन व्यंजनों को भी एक नया चटपटा रूप देने में मदद करता है। मसाला तैयार करने के लिए जरूरी सामग्रियां इस अनूठे मसाले की असली पहचान विभिन्न प्राकृतिक सामग्रियों का सधा हुआ मेल है। इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले ताजे करी पत्ते और कच्ची मूंगफली की जरूरत होती है। इसके साथ ही सूखी साबुत लाल मिर्च, साबुत सूखा धनिया, जीरा और कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल या नारियल का बुरादा लेना चाहिए। स्वाद को चटपटा और संतुलित करने के लिए साधारण नमक और चाट मसाला मिलाया जाता है। खुशबू और पाचन को बेहतर बनाने के लिए इसमें थोड़ी हींग का प्रयोग होता है, जबकि हल्की खटास पैदा करने के लिए साइट्रिक एसिड यानी टाटरी या नींबू के सत का इस्तेमाल किया जाता है। तीखेपन की मात्रा को व्यक्तिगत पसंद के अनुसार तय किया जा सकता है। यदि आप ज्यादा तीखा भोजन पसंद करते हैं तो साबुत लाल मिर्च की संख्या बढ़ा सकते हैं। दूसरी ओर, चाट मसाले और टाटरी की शुरुआत हमेशा कम मात्रा से करनी चाहिए, ताकि मिश्रण में जरूरत से ज्यादा खट्टापन न आ जाए। करी पत्ते को सूखा भूनकर बनाएं कुरकुरा इस मसाले के निर्माण का पहला और अहम चरण करी पत्ते को सही तरीके से भूनना है। सबसे पहले ताजी और साफ पत्तियों को पानी से अच्छी तरह धोकर सुखा लें। इसके बाद बिना तेल डाले एक सूखी कड़ाही को गैस पर चढ़ाएं और उसमें करी पत्तों को डालकर धीमी आंच पर भूनना शुरू करें। भूनते समय करछी को लगातार चलाते रहना आवश्यक है, जिससे पत्तियां समान रूप से सिकें और जलें नहीं। जब करी पत्ते अपनी सारी नमी खो दें और हाथ से छूने पर पूरी तरह कुरकुरे होकर टूटने लगें, तब उन्हें तुरंत आंच से हटाकर एक खुली प्लेट में निकाल लें। इस तरह धीमी आंच पर भूनने से पत्तियों के अंदर मौजूद प्राकृतिक तेल सक्रिय हो जाते हैं और उनकी सौंधी सुगंध उभरकर सामने आती है। ध्यान रखें कि पत्तियों का रंग गहरा काला नहीं पड़ना चाहिए, बल्कि उनका हरापन हल्का सिकने के बाद भी सुरक्षित रहे। मूंगफली, नारियल और साबुत मसालों को रोस्ट करने का तरीका करी पत्ते भूनने के बाद उसी कड़ाही का इस्तेमाल बाकी साबुत सामग्रियों को भूनने के लिए किया जाता है। कड़ाही में मूंगफली के दाने, साबुत लाल मिर्च, साबुत धनिया, जीरा और नारियल का बुरादा एक साथ डालें। इन सभी चीजों को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए लगभग 2 से 3 मिनट तक सूखा भूनें। जैसे ही साबुत मसालों से सौंधी खुशबू आने लगे और मूंगफली तथा नारियल के बुरादे पर हल्का बादामी रंग दिखने लगे, तुरंत गैस बंद कर दें। इस पूरी प्रक्रिया में आंच को कभी भी तेज न करें, क्योंकि सूखा नारियल और लाल मिर्च बहुत नाजुक होते हैं और तेज गर्मी में कुछ ही सेकंड में जलकर कड़वे हो सकते हैं। इसलिए धीमी आंच पर धैर्यपूर्वक भूनना ही सही रहता है। भूनने का काम पूरा होते ही पूरी सामग्री को कड़ाही से निकालकर ठंडा होने के लिए अलग रख दें। पीसने का सही क्रम और सावधानियां जब करी पत्ते और भुने हुए सारे मसाले पूरी तरह सामान्य तापमान पर आ जाएं, तभी उन्हें मिक्सी के जार में डालना चाहिए। जार में सबसे पहले भुने हुए कुरकुरे करी पत्ते डालें और उसके ऊपर भुनी हुई मूंगफली, लाल मिर्च, धनिया, जीरा तथा नारियल का मिश्रण डालें। इसके बाद स्वादानुसार नमक, चाट मसाला और एक चुटकी हींग मिलाएं। यदि हल्का खट्टा स्वाद चाहते हैं तो थोड़ी टाटरी या नींबू का सत भी इसी समय मिला दें। अब मिक्सर को पल्स मोड पर रोक-रोक कर चलाएं ताकि मसाला बारीक पिस जाए। लगातार तेज गति पर मिक्सी चलाने से बचना बेहद जरूरी है। अधिक देर तक मिक्सी चलने से जार गर्म हो जाता है, जिससे मूंगफली और नारियल से प्राकृतिक तेल बाहर निकलने लगता है और सूखा पाउडर बनने के बजाय गाढ़ा पेस्ट तैयार होने का खतरा रहता है। इसलिए केवल जरूरत भर ही मिक्सर चलाएं ताकि सूखा और दानेदार पाउडर तैयार हो। भंडारण और लंबे समय तक सुरक्षित रखने के नियम मसाला पीसने के तुरंत बाद उसे किसी बंद डिब्बे में न भरें, क्योंकि मिक्सी के घर्षण से उसमें हल्की गर्माहट आ जाती है। पहले पिसे हुए मसाले को प्लेट में फैलाकर पूरी तरह ठंडा होने दें। इसके बाद उसे एकदम साफ, धुले और सूखे एयरटाइट कांच के जार में भरकर सुरक्षित रखें। जार से मसाला निकालते समय हमेशा पूरी तरह सूखी चम्मच का ही उपयोग करें। इस मसाले की शेल्फ लाइफ पूरी तरह इस बात पर टिकी होती है कि सामग्रियां कितनी अच्छी तरह सूखी हुई थीं, उन्हें कितनी शुद्धता से भुना गया था और उन्हें नमी से कितना बचाकर रखा गया है। किसी भी रूप में पानी या नमी का संपर्क मसाले को खराब कर सकता है, इसलिए इसे सूखी जगह पर ही रखें। दाल, सब्जी और नाश्ते में उपयोग के तरीके यह खास मिश्रण सूखी और तरीदार दोनों प्रकार की सब्जियों के साथ बेहतरीन तालमेल बिठाता है। जब सब्जी पूरी तरह पककर तैयार हो जाए, तब गैस बंद करने के बाद ऊपर से आधा या एक चम्मच यह मसाला छिड़क दें। ऐसा करने से करी पत्ते, सिकी हुई मूंगफली और भुने मसालों का कुरकुरा और चटपटा स्वाद सब्जी में घुलमिल जाता है। सब्जियों के अलावा उबली हुई सादी दाल, गरमा-गरम चावल और घी लगे पराठों के ऊपर भी इसे डालकर खाया जा सकता है। यदि घर में खाखरा, भरवां पूरी या घर की बनी सादी चटनी परोसी जा रही है, तो यह मसाला उनके स्वाद को भी कई गुना बढ़ा देता है। पहली बार इसका उपयोग करते समय थोड़ी मात्रा से शुरुआत करें, ताकि आप इसके तीखेपन और खटास को अपनी पसंद के अनुसार समझ सकें और अगली बार आवश्यकतानुसार मात्रा समायोजित कर सकें। इसका आप पर असर यह घरेलू सूखा मसाला उन परिवारों के लिए रोजमर्रा का खाना स्वादिष्ट बनाने का सरल उपाय है जो बिना प्याज और लहसुन का सात्विक आहार अपनाते हैं। • दैनिक खानपान: रोज के खाने में बिना अतिरिक्त मेहनत के नया स्वाद जुड़ जाता है। साधारण दाल, सूखी सब्जी और पराठों पर इसे छिड़कने से प्याज और लहसुन की कमी महसूस नहीं होती। • रसोई का बजट: बाजार से महंगे रेडीमेड मसाले खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। घर में पहले से मौजूद मूंगफली, खड़े मसालों और करी पत्तों से इसे बेहद कम खर्च में तैयार किया जा सकता है। • पाचन और स्वास्थ्य: इसमें शामिल हींग, जीरा और करी पत्ता पेट के लिए हल्के और सुपाच्य होते हैं। सीमित मात्रा में उपयोग करने पर यह भोजन के पोषण मूल्य को बेहतर बनाता है। • समय की बचत: एक बार बनाकर रख लेने पर यह हफ्तों तक खराब नहीं होता। व्यस्त दिनों में केवल एक चम्मच मसाला डालकर किसी भी साधारण डिश को झटपट स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ चौमासे के दौरान खानपान के सख्त नियमों और सात्विक दिनचर्या के चलते साधारण खाने में स्वाद की कमी दूर करने के लिए यह मसाला तैयार किया जाता है। • सात्विक नियमों का पालन: चौमासे के चार महीनों में कई लोग धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के तहत प्याज तथा लहसुन का पूर्ण त्याग करते हैं। इसके चलते रोज बनने वाले भोजन में गाढ़ेपन और तीखेपन का अभाव दिखने लगता है। • स्वाद और बनावट का संतुलन: भुनी हुई मूंगफली और सूखा नारियल भोजन को गाढ़ापन और पौष्टिकता प्रदान करते हैं। साथ ही साबुत धनिया और जीरा भोजन की प्राकृतिक महक को समृद्ध बनाते हैं। • मौसम में पाचन की जरूरत: बरसात के मौसम में पाचन तंत्र सामान्य से धीमा काम करता है, जिसके कारण भारी और गरिष्ठ भोजन से परहेज किया जाता है। इस सूखे मसाले में मौजूद हींग और भुने मसाले भोजन को सुपाच्य बनाए रखते हैं। सवाल-जवाब 1. चौमासा स्पेशल मसाला बनाने के लिए किन मुख्य सामग्रियों की आवश्यकता होती है? इसके लिए ताजे करी पत्ते, मूंगफली, साबुत लाल मिर्च, साबुत धनिया, जीरा, नारियल का बुरादा, नमक, चाट मसाला, हींग और टाटरी की जरूरत होती है। 2. मसाला पीसते समय मिक्सर को लगातार तेज क्यों नहीं चलाना चाहिए? लगातार मिक्सी चलाने से मूंगफली और नारियल से प्राकृतिक तेल छूटने लगता है, जिससे सूखा पाउडर बनने के बजाय गीला पेस्ट बन सकता है। 3. करी पत्ते को भूनते समय किस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए? करी पत्ते को बिना तेल के धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक भूनना चाहिए जब तक वह कुरकुरा न हो जाए, पर उसका रंग काला नहीं पड़ना चाहिए। 4. इस मसाले को किन-किन व्यंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है? इसे सूखी व तरीदार सब्जियों के अलावा दाल, चावल, पराठे, खाखरा, भरवां पूरी और सादी चटनी में स्वाद बढ़ाने के लिए डाला जा सकता है। 5. इस सूखे मसाले को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है? मसाले को पूरी तरह ठंडा करके साफ और सूखे एयरटाइट कांच के जार में रखें तथा निकालते समय हमेशा सूखी चम्मच का प्रयोग करें। https://trendkia.com/trends/bina-pyaja-lahasuna-ke-khane-men-aega-lajavaba-svada-mungaphali-aura-kari-patte-se-aise-taiyara-karen-khasa-masala-34328 TrendKia — Har trend, sabse pehle.