घर पर मनी प्लांट की ग्रोथ हो गई है धीमी? इन पांच घरेलू नुस्खों से हरी-भरी और घनी हो जाएगी बेल मनी प्लांट की पत्तियां छोटी रह जाने और विकास रुकने पर घर में मौजूद चीजें जैसे केले के छिलके, चायपत्ती और एप्सम सॉल्ट मददगार साबित हो सकते हैं। सही देखभाल से पौधे को हरा-भरा बनाया जा सकता है। घरों में सजावट के लिए लगाए जाने वाले मनी प्लांट की ग्रोथ अगर लंबे समय से थम गई है या इसकी नई पत्तियां बहुत छोटी निकल रही हैं, तो यह स्थिति पौधे की सेहत में सुधार की मांग करती है। केवल नियमित रूप से पानी डालते रहना ही पर्याप्त नहीं होता, क्योंकि अक्सर मिट्टी के भीतर पोषण की कमी, धूप का गलत संतुलन या नमी की अधिकता इसकी रफ्तार को धीमा कर देती है। अच्छी बात यह है कि इस लोकप्रिय पौधे को सुंदर और घना बनाने के लिए महंगे उत्पादों की कोई आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि रसोईघर में मौजूद सामान्य सामग्री से ही इसे बेहतर पोषण दिया जा सकता है। पोषण की कमी दूर करने के आसान घरेलू उपाय मनी प्लांट को हरा-भरा और चमकदार बनाए रखने के लिए मिट्टी में कुछ खास चीजें मिलाई जा सकती हैं। गार्डनिंग एक्सपर्ट तरुण चौपड़ा का कहना है कि गमले की मिट्टी में पोषक तत्वों का स्तर कम होने पर जैविक खाद का इस्तेमाल करना चाहिए। केले के छिलकों से तैयार खाद इसके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। छिलकों को पहले अच्छी तरह धूप में सुखाकर छोटे टुकड़ों में पीस लिया जाता है, जिसमें प्रचुर मात्रा में पोटैशियम पाया जाता है। यह तत्व पौधों के सही विकास में काफी उपयोगी माना जाता है और इसे सीमित मात्रा में मिट्टी में मिलाया जा सकता है। इसके अलावा, इस्तेमाल की हुई चायपत्ती भी पौधे के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। इसमें नाइट्रोजन की मौजूदगी होती है जो पत्तियों के स्वस्थ विकास को बढ़ावा देती है। हालांकि, दूध और चीनी वाली इस्तेमाल की गई चायपत्ती को सीधे गमले में डालना हानिकारक हो सकता है, क्योंकि इससे मिट्टी में फंगस या कीड़े लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए चायपत्ती को पहले पानी से अच्छी तरह धोकर और धूप में सुखाकर ही उपयोग करना सही रहता है। कमजोर पड़ रहे पौधों के लिए वर्मी कंपोस्ट भी एक सहज और असरदार विकल्प है। लगभग 12 इंच के गमले में थोड़ी सी वर्मी कंपोस्ट मिलाई जा सकती है, जिसे हर कुछ दिनों में देने के बजाय करीब 30 से 40 दिन के अंतराल पर देना ही काफी होता है। एप्सम सॉल्ट और कैल्शियम के घरेलू विकल्प पौधे की चमक और हरियाली लौटाने के लिए एप्सम सॉल्ट का प्रयोग भी किया जा सकता है, जिसमें मैग्नीशियम और सल्फर जैसे खनिज तत्व होते हैं। विशेषज्ञों के सुझाए गए अनुपात के अनुसार, 1 लीटर पानी में लगभग 5 ग्राम एप्सम सॉल्ट घोलकर पौधे पर छिड़काव किया जा सकता है। हालांकि, इसका अत्यधिक या नियमित इस्तेमाल करने से बचना चाहिए क्योंकि हर पौधे की आवश्यकताएं अलग होती हैं। इसके अलावा, पौधों की मजबूत ग्रोथ के लिए कैल्शियम की भी अहम भूमिका होती है। घर में मौजूद छाछ को पर्याप्त मात्रा में पानी के साथ पतला करके सीमित रूप से मिट्टी में डाला जा सकता है। इसी तरह, उबले हुए अंडों के ठंडे पानी का इस्तेमाल करने का भी घरेलू तरीका प्रचलित है। किसी भी नए उपाय को आजमाते समय हमेशा कम मात्रा से शुरुआत करना सुरक्षित रहता है। देखभाल से जुड़े अन्य जरूरी नियम केवल खाद या पोषक तत्व डालना ही पौधे के विकास के लिए काफी नहीं है, बल्कि इसके साथ कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। कभी भी पूरी तरह सूखी हुई मिट्टी में सीधे खाद न डालें, बल्कि खाद देने से पहले मिट्टी को थोड़ा नम कर लेना चाहिए। इसके अलावा, गमले में पानी का ठहराव जड़ों को सड़ा सकता है, इसलिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके। इसका आप पर असर मनी प्लांट के विकास से जुड़े इन घरेलू तरीकों का सीधा असर उन लोगों पर पड़ता है जो अपने घर के भीतर हरियाली बनाए रखना चाहते हैं बिना बाजार से महंगे उत्पाद खरीदे। • भारत में: सामान्य घरों में लगे इनडोर पौधों की देखभाल के लिए लोग रसोई के कचरे और घरेलू चीजों का प्रभावी उपयोग कर सकते हैं जिससे पौधों पर आने वाला अतिरिक्त खर्च बचता है। • दैनिक जीवन में: संतुलित खाद और सही नमी देने से पौधों की उम्र बढ़ती है और वे लंबे समय तक सुंदर व स्वस्थ बने रहते हैं। सवाल-जवाब 1. मनी प्लांट की पत्तियां छोटी क्यों निकलती हैं? मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी, गलत रोशनी या अत्यधिक पानी के कारण मनी प्लांट की नई पत्तियां छोटी निकल सकती हैं। 2. क्या केले के छिलकों का इस्तेमाल खाद के रूप में किया जा सकता है? हाँ, सूखे और पिसे हुए केले के छिलकों में पोटैशियम होता है जो पौधों के विकास में सहायक होता है। 3. चायपत्ती इस्तेमाल करते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए? इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को दूध और चीनी के अवशेष हटाने के लिए अच्छी तरह धोकर और सुखाकर ही मिट्टी में डालना चाहिए। 4. एप्सम सॉल्ट का स्प्रे कैसे तैयार किया जाता है? एक लीटर पानी में लगभग पांच ग्राम एप्सम सॉल्ट मिलाकर पौधे पर छिड़काव किया जा सकता है। https://trendkia.com/trends/ghara-para-mani-planta-ki-grotha-ho-gai-hai-dhimi-ina-pancha-gharelu-nuskhon-se-hari-bhari-aura-ghani-ho-jaegi-bela-29113 TrendKia — Har trend, sabse pehle.