नाश्ते को बनाएं खास और पौष्टिक, इस तरह तैयार करें क्रिस्पी चुकंदर की गुलाबी पूड़ी सुबह के नाश्ते में रोजाना एक जैसा खाना खाकर बोर हो चुके हैं, तो ट्राई करें न्यूट्रिशियस और आकर्षक चुकंदर की गुलाबी पूड़ी। जानिए इसे बनाने की आसान विधि और टिप्स। रोजमर्रा के नाश्ते में जब रोजाना एक ही तरह की पूड़ी, ब्रेड या बिस्किट परोसे जाते हैं, तो परिवार के सदस्यों का जायका अक्सर फीका पड़ने लगता है। खासतौर पर छोटे बच्चों को पौष्टिक सब्जियां खिलाना किसी चुनौती से कम नहीं होता, क्योंकि वे चुकंदर जैसी स्वास्थ्यवर्धक चीजों को सलाद या जूस के रूप में खाने में आनाकानी करते हैं। ऐसे में अगर उसी चुकंदर को आकर्षक और चमकीली गुलाबी पूड़ी के रूप में थाली में सजाया जाए, तो बच्चे ही नहीं बल्कि बड़े भी बड़े चाव से खाने लगते हैं। यह डिश न केवल देखने में बेहद सुंदर लगती है, बल्कि स्वाद और पोषण का भी एक बेहतरीन संगम पेश करती है। चुकंदर की पूड़ी का खास जायका और मसाले साधारण पूड़ी के मुकाबले इस खास गुलाबी पूड़ी का स्वाद काफी अलग और लाजवाब होता है। इसे तैयार करने के लिए गेहूं के आटे में थोड़ी सी सूजी और बेसन का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे पूड़ी की बनावट एकदम कुरकुरी और खस्ता बनती है। बेसन से जहाँ पूड़ी में एक सोंधापन आता है, वहीं सूजी इसे लंबे समय तक फुला हुआ और क्रिस्पी बनाए रखने में मदद करती है। इसके अलावा अजवाइन, हींग, अदरक, भुना जीरा पाउडर और कसूरी मेथी का संयोजन इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है। इस डिश को आप सुबह के नाश्ते में, बच्चों के स्कूल टिफिन के लिए या वीकेंड पर खास लंच के तौर पर आसानी से परोस सकते हैं। आवश्यक सामग्री की पूरी सूची इस स्वादिष्ट और पौष्टिक पूड़ी को बनाने के लिए किसी विशेष या दुर्लभ सामान की आवश्यकता नहीं पड़ती। रसोई में मौजूद सामान्य सामग्रियों से ही इसे तैयार किया जा सकता है। सामग्री की सटीक माप इस प्रकार है • गेहूं का आटा: 2 कप • उबला हुआ चुकंदर: 1 बड़ा आकार का • सूजी: 2 बड़े चम्मच • बेसन: 2 बड़े चम्मच • हरी मिर्च: 1 से 2 बारीक कटी हुई या प्यूरी के लिए • अदरक: आधा इंच का टुकड़ा • अजवाइन: आधा छोटा चम्मच • हींग: 1 चुटकी • भुना जीरा पाउडर: आधा छोटा चम्मच • कसूरी मेथी: 1 छोटा चम्मच • नमक: स्वाद के अनुसार • मोयन के लिए तेल या घी: 1 बड़ा चम्मच • तलने के लिए तेल: आवश्यकतानुसार गाढ़ी और चिकनी चुकंदर प्यूरी बनाने का सही तरीका गुलाबी पूड़ी की सफलता मुख्य रूप से चुकंदर की प्यूरी की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। सबसे पहले एक ताजे और बड़े चुकंदर को पानी से अच्छी तरह धोकर उबाल लें। जब चुकंदर पूरी तरह ठंडा हो जाए, तो उसका छिलका छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। अब इन टुकड़ों को मिक्सी के जार में डालें और साथ ही आधा इंच अदरक का टुकड़ा, 1 से 2 हरी मिर्च और लगभग 2 चम्मच पानी मिलाएं। मिक्सी को चलाकर एकदम बारीक और चिकनी प्यूरी तैयार कर लें। ध्यान रखें कि प्यूरी में चुकंदर के बड़े टुकड़े न रहें, क्योंकि एकदम स्मूथ प्यूरी ही आटे में आसानी से घुलमिल पाती है और पूड़ी को सुंदर गुलाबी रंग देती है। आटा गूंथने की खास विधि और जरूरी टिप्स प्यूरी तैयार होने के बाद एक बड़ी परात लें। उसमें 2 कप गेहूं का आटा, 2 बड़े चम्मच सूजी, 2 बड़े चम्मच बेसन, आधा छोटा चम्मच अजवाइन, 1 चुटकी हींग, आधा छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर, 1 छोटा चम्मच कसूरी मेथी और स्वादानुसार नमक डालें। इसके बाद 1 बड़ा चम्मच तेल या घी का मोयन डालकर सभी सुखी सामग्रियों को अपने हाथों से अच्छी तरह मिला लें। मोयन को आटे में सही तरीके से मिलाने से पूड़ी का टेक्सचर बहुत बढ़िया बनता है। अब तैयार की गई चुकंदर की प्यूरी को आटे में थोड़ा-थोड़ा करके डालते हुए गूंथना शुरू करें। शुरुआत में अतिरिक्त पानी बिल्कुल न डालें, क्योंकि चुकंदर की प्यूरी में स्वयं काफी नमी होती है। यदि आटा बहुत सूखा लगे, तभी जरूरत के हिसाब से बहुत थोड़ा पानी इस्तेमाल करें। पूड़ी का आटा साधारण रोटी के आटे की तुलना में थोड़ा सख्त होना चाहिए। यदि आटा ज्यादा नरम हो जाएगा, तो पूड़ियां बेलते और तलते समय परेशानी होगी और वे तेल भी ज्यादा सोखेंगी। आटा गूंथने के बाद उसके ऊपर थोड़ा सा तेल लगाएं और ढक्कन से ढककर लगभग 10 मिनट के लिए रख दें। 10 मिनट के विश्राम से सूजी अच्छी तरह फूल जाती है और आटा सेट हो जाता है। 10 मिनट पूरे होने पर आटे को एक बार फिर हल्के हाथों से मलकर चिकना कर लें। पूड़ी बेलने और तलने की सटीक तकनीक आटा सेट होने के बाद उसकी छोटी-छोटी लोइयां तोड़कर तैयार कर लें। पूड़ी बेलते समय एक बात का खास ख्याल रखें कि लोई पर सूखे आटे का प्रयोग न करें। सूखे आटे की जगह लोई और बेलन पर थोड़ा सा तेल लगाएं। सूखा आटा इस्तेमाल करने से तलते समय वह कड़ाही के गर्म तेल में जलकर नीचे बैठने लगता है, जिससे तेल खराब हो जाता है। पूड़ी को मध्यम मोटाई में बेलें। अगर पूड़ी बहुत पतली होगी तो वह फूलेगी नहीं और बहुत मोटी रहने पर अंदर से कच्ची रह सकती है। अब कड़ाही में पूड़ी तलने के लिए पर्याप्त तेल डालकर तेज आंच पर गर्म करें। जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तो उसमें बेली हुई पूड़ी ध्यान से डालें। पूड़ी डालते ही कछुल की मदद से उसे ऊपर से हल्का सा दबाएं। सही तापमान और सही दबाव मिलने पर पूड़ी तुरंत फूलकर गोल हो जाएगी। इसके बाद पूड़ी को सावधानी से पलटें और दोनों तरफ से हल्का सुनहरा होने तक तल लें। तली हुई पूड़ी को कड़ाही से निकालकर टिशू पेपर पर रखें ताकि अतिरिक्त तेल सोख लिया जाए। परोसने के बेहतरीन विकल्प गरमागरम और फूली हुई गुलाबी चुकंदर की पूड़ी को परोसने के कई स्वादिष्ट विकल्प मौजूद हैं। इसे आप पारंपरिक तीखे और मसालेदार आलू की रसेदार सब्जी के साथ परोस सकते हैं। इसके अलावा ठंडे बूंदी के रायते, ताजा दही, हरी धनिया-पुदीने की चटनी या आम के खट्टे-मीठे अचार के साथ भी यह बेहद स्वादिष्ट लगती है। यदि आप इसे बच्चों के लिए बना रहे हैं, तो कम मसालों वाली सब्जी या मीठे दही के साथ परोसना एक बढ़िया विकल्प रहेगा। इसका आप पर असर यह रेसिपी परिवार के नाश्ते को पौष्टिक और आकर्षक बनाने में सीधी मदद करती है। • पोषण का स्तर: चुकंदर के प्राकृतिक विटामिन और आयरन बच्चों के आहार में बिना किसी नखरे के शामिल हो जाते हैं। • बजट और उपलब्धता: रसोई में पहले से मौजूद गेहूं का आटा, सूजी, बेसन और आम मसालों से ही यह व्यंजन बन जाता है। • समय की बचत: सिर्फ 10 मिनट के रेस्टिंग टाइम और आसान प्यूरी प्रोसेस के साथ यह झटपट बनकर तैयार होती है। • टिफिन और ट्रैवल विकल्प: सूजी और बेसन के कारण यह पूड़ी लंबे समय तक खस्ता रहती है और ठंडी होने पर भी स्वादिष्ट लगती है। सवाल-जवाब 1. क्या चुकंदर की पूड़ी में सूजी और बेसन मिलाना अनिवार्य है? सूजी पूड़ी को कुरकुरी बनाती है और बेसन सोंधापन लाता है। यदि ये न हों तो केवल गेहूं के आटे से भी पूड़ी बनाई जा सकती है। 2. पूड़ी का आटा गूंथते समय कितना रेस्टिंग टाइम देना चाहिए? आटा गूंथने के बाद उसे लगभग 10 मिनट के लिए ढककर रखना चाहिए ताकि सूजी अच्छी तरह फूल सके। 3. पूड़ी बेलते समय सूखे आटे का इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए? सूखा आटा कड़ाही के गर्म तेल में जल जाता है और तेल को गंदा कर देता है। इसलिए लोई पर थोड़ा तेल लगाकर बेलना बेहतर होता है। 4. चुकंदर की पूड़ी को किन चीजों के साथ परोसा जा सकता है? इसे रसेदार आलू की सब्जी, बूंदी के रायते, दही, हरी चटनी या आम के अचार के साथ परोसा जा सकता है। https://trendkia.com/trends/nashte-ko-banaen-khasa-aura-paushtika-isa-taraha-taiyara-karen-krispi-beetroot-ki-gulabi-puri-26465 TrendKia — Har trend, sabse pehle.