नाश्ते में दाल का अनोखा स्वाद, झटपट बनाएं बेहद क्रिस्पी मसूर दाल डोसा पारंपरिक उड़द दाल के बजाय मसूर दाल से तैयार यह डोसा बेहद कुरकुरा बनता है और इसे बिना किसी लंबी तैयारी के आसानी से पकाया जा सकता है. सुबह के नाश्ते में अक्सर कुछ हल्का, पौष्टिक और जल्दी बनने वाला खाने का मन करता है. अगर आप भी रोजाना की सादी दाल खाकर ऊब चुके हैं, तो मसूर की दाल को एक बिल्कुल नए रूप में अपनी थाली का हिस्सा बना सकते हैं. आमतौर पर घरों में बनने वाले डोसे के लिए उड़द की दाल और चावल के घोल को घंटों खमीर उठने के लिए रखना पड़ता है, लेकिन मसूर की दाल से तैयार होने वाला यह डोसा इस लंबी झंझट से पूरी तरह राहत दिलाता है. इसका स्वाद बेहद लाजवाब होता है और यह बाहर से जितना कुरकुरा सिकता है, अंदर से उतना ही मुलायम महसूस होता है. जो बच्चे भोजन में दाल खाने से कतराते हैं, उनके लिए भी यह एक बेहद मजेदार और स्वादिष्ट विकल्प साबित होता है. आवश्यक सामग्री का सही अनुपात इस कुरकुरे डोसे को पकाने के लिए बहुत ज्यादा सामान की आवश्यकता नहीं होती. सबसे पहले 1 कप साबुत लाल मसूर अथवा धुली हुई मसूर की दाल लें और उसके साथ आधा कप चावल का नाप रखें. मसालों और सुगंध के लिए 1 इंच ताजा अदरक का टुकड़ा, 1 से 2 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच जीरा तथा एक चुटकी हींग की जरूरत पड़ेगी. इसके अतिरिक्त मिश्रण में मिलाने के लिए स्वादानुसार नमक, घोल तैयार करने हेतु जरूरत के अनुसार साफ पानी और तवे पर सेंकने के लिए अपनी पसंद के मुताबिक तेल अथवा शुद्ध घी अलग रख लें. भिगोने और पीसने की आसान विधि तैयारी की शुरुआत दाल और चावल की सफाई से करें. मसूर दाल एवं चावल को दो से तीन बार साफ पानी में अच्छी तरह धो लें, ताकि सारी गंदगी साफ हो जाए. इसके बाद एक गहरे बर्तन में दोनों सामग्रियों को डालकर पर्याप्त पानी भर दें और लगभग 3 से 4 घंटे तक भीगने के लिए छोड़ दें. इतना समय मिलने पर दाल और चावल दोनों अच्छी तरह फूल जाते हैं, जिससे मिक्सी में पीसते समय मिश्रण बिल्कुल महीन पिसता है और उसका टेक्सचर भी बहुत बढ़िया बनता है. जब भिगोने का समय पूरा हो जाए, तो दाल और चावल का सारा अतिरिक्त पानी छानकर अलग कर दें. अब भीगी हुई सामग्री को मिक्सी के जार में डालें और साथ में अदरक, हरी मिर्च, जीरा व हींग भी शामिल कर लें. मिक्सी चलाते समय एक साथ ज्यादा पानी न डालें, बल्कि थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए ही इसे पीसें ताकि एक चिकना और बारीक पेस्ट बन सके. इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि घोल अधिक पतला न होने पाए. पिसे हुए घोल को मिक्सी से निकालकर किसी बड़े कटोरे में भर लें. अब इसमें स्वादानुसार नमक डालें और लगभग 1 से 2 मिनट तक चम्मच की मदद से अच्छी तरह फेंटें. ऐसा करने से घोल हल्का हो जाता है. घोल का गाढ़ापन ऐसा होना चाहिए जो तवे पर डालते ही बिना किसी रुकावट के आसानी से फैल सके. यदि घोल जरूरत से ज्यादा गाढ़ा लगे, तो उसमें बहुत मामूली मात्रा में पानी मिलाकर मिला लें. तवे पर डोसा फैलाने और सेंकने का तरीका डोसा तैयार करने के लिए आप लोहे का तवा या फिर नॉन-स्टिक तवा इस्तेमाल कर सकते हैं. तवे को गैस पर रखकर अच्छी तरह गर्म होने दें. जब तवा पर्याप्त तप जाए, तब उस पर पानी की कुछ बूंदें छिड़कें और किसी सूती कपड़े से तुरंत पोंछकर साफ कर लें. इसके बाद आंच को मध्यम स्तर पर कर दें. अब तवे के ठीक मध्य भाग में एक बड़ा चम्मच भरकर तैयार बैटर डालें और चम्मच के पिछले हिस्से को गोल-गोल घुमाते हुए केंद्र से किनारों की तरफ फैलाएं. डोसे की परत को जितना संभव हो पतला ही रखें, क्योंकि अत्यधिक मोटा रहने पर उसमें वह मनचाहा क्रंच नहीं आ पाएगा. जैसे ही डोसा फैल जाए, उसके बाहरी किनारों पर और बीच की सतह पर थोड़ा सा तेल या घी डाल दें. बेहतरीन कुरकुरापन पाने के खास सुझाव डोसे को हमेशा मध्यम आंच पर ही धीरे-धीरे पकने का समय देना चाहिए. यदि आप आंच बहुत तेज कर देंगे, तो डोसा ऊपर से तो जल्दी लाल दिखाई देने लगेगा लेकिन नीचे की सतह में वह खास कुरकुरापन नहीं आएगा. जब डोसे की निचली सतह का रंग हल्का सुनहरा होने लगे और किनारे अपने आप तवे की सतह को छोड़ने लगें, तो समझ लीजिए कि डोसा पूरी तरह से सिक चुका है. अब इसे आहिस्ता से मोड़ते हुए प्लेट में निकाल लें. एक बात हमेशा याद रखें कि हर नया डोसा तवे पर डालने से पहले बर्तन में रखे बैटर को एक बार हल्के हाथ से जरूर चला लें. परोसने के विकल्प इस गरमा-गरम और खस्ता मसूर दाल डोसे को ताजे नारियल की चटनी, तीखी हरी चटनी अथवा सांभर के साथ परोसा जा सकता है. छोटे बच्चों को आकर्षित करने के लिए आप इसे छोटे-छोटे गोल आकार में भी तवे पर सेंक सकते हैं, जिससे उनका नाश्ता रोचक बन जाता है और बिना किसी परेशानी के उनकी नियमित डाइट में दाल का पोषण भी शामिल हो जाता है. इसका आप पर असर पारंपरिक डोसे के मुकाबले यह रेसिपी नाश्ते की तैयारी में समय और मेहनत दोनों की बचत कराती है. • समय की बचत: इस विधि में बैटर को रातभर खमीर उठाने की जरूरत नहीं होती. आप केवल 3 से 4 घंटे दाल भिगोकर सुबह के समय ताजा और क्रिस्पी नाश्ता झटपट तैयार कर सकते हैं. • दाल खाने की आदत: जो बच्चे या बड़े सादी पकी दाल खाने में नखरे दिखाते हैं, उन्हें यह बेहद पसंद आता है. डोसे के रूप में मसूर दाल परोसने से परिवार को प्रोटीन से भरपूर नाश्ता आसानी से मिल जाता है. • बजट और सुविधा: इसके लिए किसी विशेष सामग्री या महंगे उपकरण की आवश्यकता नहीं पड़ती. घर में मौजूद सामान्य मसालों, थोड़े से चावल और मसूर दाल से ही पूरा नाश्ता तैयार हो जाता है. • पाचन और स्वास्थ्य: बिना खमीर और कम तेल या घी में सिकने के कारण यह नाश्ता पेट के लिए हल्का रहता है. सुबह के समय यह दिनभर के लिए संतुलित ऊर्जा प्रदान करता है. ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक उड़द दाल डोसे में खमीर उठाने की लंबी प्रक्रिया होती है, जिससे तुरंत नाश्ता बनाना मुश्किल हो जाता है. मसूर दाल के इस विकल्प से कम समय में वही क्रिस्पी बनावट हासिल की जा सकती है. • बिना खमीर का विकल्प: उड़द दाल और चावल के बैटर को फूलने के लिए 8 से 12 घंटे का समय चाहिए होता है. मसूर दाल का प्राकृतिक टेक्सचर ऐसा होता है कि वह पीसने के तुरंत बाद तवे पर बढ़िया क्रिस्पी सिक जाती है. • दाल की बोरियत दूर करना: भारतीय घरों में रोजाना एक ही तरह की पतली दाल खाने से स्वाद में एकरसता आ जाती है. उसी सामग्री को डोसे के रूप में पकाने से बिना किसी अतिरिक्त खर्च के नया व्यंजन तैयार हो जाता है. • बच्चों की पसंद: उबली दाल की तुलना में कुरकुरा और चटपटा डोसा बच्चों को ज्यादा आकर्षित करता है. इसमें अदरक, मिर्च और जीरा मिलाने से इसका स्वाद पारंपरिक दाल से बिल्कुल अलग लगता है. सवाल-जवाब 1. मसूर दाल डोसा बनाने के लिए दाल और चावल को कितनी देर भिगोना चाहिए? मसूर दाल और चावल को साफ पानी में करीब 3 से 4 घंटे के लिए भिगोना पर्याप्त होता है. 2. क्या इस डोसे के बैटर को खमीर उठाने के लिए रखने की जरूरत होती है? नहीं, दाल और मसालों को बारीक पीसने के बाद बैटर को बिना खमीर उठाए तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है. 3. डोसा बनाने के लिए दाल और चावल का सही अनुपात क्या है? इस रेसिपी के लिए 1 कप मसूर दाल के साथ आधा कप चावल का नाप इस्तेमाल किया जाता है. 4. डोसे को ज्यादा कुरकुरा कैसे बनाया जाए? तवे पर बैटर की पतली परत फैलाएं और उसे तेज के बजाय मध्यम आंच पर धीरे-धीरे सुनहरा होने तक सेकें. 5. इस डोसे को किस चीज के साथ परोसना सबसे अच्छा रहता है? इसे नारियल की चटनी, हरी चटनी या फिर गरमा-गरम सांभर के साथ परोसा जा सकता है. https://trendkia.com/trends/nashte-men-dala-ka-anokha-svada-jhatapata-banaen-behada-krispi-masoor-dal-dosa-43396 TrendKia — Har trend, sabse pehle.