नाश्ते में झटपट तैयार करें सूजी और दही के साफ्ट अप्पे, स्वाद ऐसा कि हर कोई मांगेगा दोबारा कम तेल और सब्जियों से भरपूर सूजी के अप्पे सुबह के नाश्ते और शाम की चाय के लिए एक बेहतरीन, हल्का और बेहद स्वादिष्ट विकल्प हैं। सुबह की भागदौड़ में नाश्ते के लिए ऐसा विकल्प तलाशना जो जल्दी तैयार हो जाए, सेहत के लिहाज से हल्का रहे और घर के सभी सदस्यों को पसंद भी आए, हर दिन की एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे मौकों पर सूजी और दही का मेल सबसे मुफीद साबित होता है। अगर रसोई में यह दोनों बुनियादी सामग्रियां रखी हैं, तो बेहद कम समय में बाहर से सुनहरे कुरकुरे और अंदर से रुई जैसे बेहद नरम अप्पे तैयार किए जा सकते हैं। इस नाश्ते की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें तेल का इस्तेमाल ना के बराबर होता है और इसमें कई तरह की पौष्टिक सब्जियां मिलाई जा सकती हैं। परफेक्ट बैटर बनाने का सही अनुपात स्वादिष्ट अप्पे तैयार करने की शुरुआत एक सटीक और संतुलित घोल बनाने से होती है। इसके लिए एक बड़े बर्तन में एक कप सूजी लें और उसमें आधा कप ताजा दही मिला लें। दोनों को अच्छी तरह फेंटने के बाद थोड़ा-थोड़ा करके साफ पानी डालें और एक गाढ़ा तथा चिकना घोल बना लें। इस बात का खास ख्याल रखें कि घोल जरूरत से ज्यादा पतला ना हो, क्योंकि बहुत पतले घोल से अप्पे खांचों में सही आकार नहीं ले पाते। घोल तैयार होने के बाद उसे कुछ समय के लिए ढककर रख दें ताकि सूजी दही और पानी को सोखकर अच्छी तरह फूल जाए। थोड़ी देर बाद यदि मिश्रण ज्यादा सूखा या गाढ़ा नजर आए, तो उसमें मामूली पानी डालकर सही स्थिरता पर ले आएं। सब्जियों और मसालों का बेहतरीन मेल सूजी के साधारण बैटर को रंगीन, कुरकुरा और स्वादिष्ट बनाने के लिए उसमें ताजी सब्जियां शामिल की जाती हैं। तैयार किए गए घोल में बारीक कटा हुआ प्याज, कद्दूकस या बारीक कटी गाजर, शिमला मिर्च और टमाटर मिलाएं। इसके अतिरिक्त घर में उपलब्ध कोई भी अन्य पसंदीदा सब्जी भी अपनी पसंद से डाली जा सकती है। इसके बाद बारीक कटी हरी मिर्च, कटा हुआ ताजा हरा धनिया और स्वादानुसार सादा नमक डालकर पूरे मिश्रण को चम्मच से मिला लें। यदि यह नाश्ता छोटे बच्चों के लिए तैयार किया जा रहा हो, तो हरी मिर्च की मात्रा कम रखी जा सकती है या इसे पूरी तरह छोड़ा जा सकता है। राई, करी पत्ते और हींग का खास तड़का अप्पे के हर एक टुकड़े में भीनी-भीनी खुशबू और दक्षिण भारतीय स्वाद घोलने के लिए एक आसान सा तड़का लगाना बेहद जरूरी कदम है। एक छोटे तड़का पैन में थोड़ा सा कुकिंग ऑयल गर्म करें। तेल गरम होने पर उसमें राई के दाने, एक चुटकी हींग और ताजे करी पत्ते डालें। जैसे ही राई के दाने चटकने लगें और करी पत्ते की सुगंध उठने लगे, गैस बंद कर दें। इस गरमा-गरम तड़के को सूजी और सब्जियों वाले बैटर में उड़ेल दें और अच्छी तरह मिला लें। इस तड़के से अप्पे का स्वाद और महक दोनों कई गुना बढ़ जाते हैं। फ्रूट साल्ट से मिलेगी स्पंजी बनावट अप्पे को अंदर से बेहद जालीदार और मुंह में घुल जाने जितना हल्का बनाने के लिए सही समय पर फ्रूट साल्ट का उपयोग किया जाता है। जब आप अप्पे पकाने के लिए पूरी तरह तैयार हों, तभी बैटर में एक छोटा चम्मच फ्रूट साल्ट डालें। फ्रूट साल्ट के ठीक ऊपर कुछ बूंदें पानी की छिड़कें ताकि वह तुरंत सक्रिय हो जाए, फिर हल्के हाथों से पूरे मिश्रण को एक ही दिशा में चलाएं। ध्यान रखें कि फ्रूट साल्ट मिलाने के बाद घोल को ज्यादा देर तक नहीं छोड़ना चाहिए, बल्कि तुरंत अप्पे पैन पर पकाना शुरू कर देना चाहिए। मिश्रण को बहुत जोर-जोर से फेंटने से भी बचें ताकि उसके अंदर बनी हवा खत्म ना हो। पकाने की सही विधि और आंच का संतुलन अप्पे पकाने के लिए अप्पे पैन को गैस पर मध्यम आंच पर चढ़ाकर गर्म करें। पैन के प्रत्येक सांचे में ब्रश या चम्मच से मामूली सा तेल लगाएं। अब चम्मच की मदद से तैयार बैटर को हर खांचे में भरें। खांचे को ऊपर तक पूरा लबालब ना भरें, क्योंकि पकने के दौरान बैटर ऊपर की तरफ फूलता है। इसके बाद पैन को ढक्कन से ढक दें और धीमी से मध्यम आंच पर करीब 7 से 8 मिनट तक पकने दें। जब नीचे का हिस्सा हल्का सुनहरा और किनारे सांचे से आसानी से अलग होने लगें, तब एक चम्मच या कांटे की सहायता से सभी अप्पे को सावधानी से पलट दें। दूसरी तरफ से भी धीमी आंच पर कुछ मिनट तक सेकें। जब दोनों तरफ से अप्पे बढ़िया सुनहरे और सिके हुए नजर आने लगें, तो उन्हें निकाल लें। परोसने का तरीका बनकर तैयार हुए इन गरमा-गरम सूजी अप्पे का आनंद ताजी पिसी हुई हरी धनिए की चटनी, नारियल की चटनी या बच्चों के पसंदीदा टोमैटो केचप के साथ लिया जा सकता है। यह नाश्ता सुबह की ताजगी भरी शुरुआत के लिए जितना शानदार है, शाम की हल्की भूख मिटाने के लिए चाय की चुस्कियों के साथ भी उतना ही लाजवाब साबित होता है। इसका आप पर असर यह आसान घरेलू रेसिपी कम समय और कम बजट में पौष्टिक नाश्ता तैयार करने में मदद करती है। • समय की बचत: यह नाश्ता बिना किसी लंबे किण्वन या तैयारी के 15 से 20 मिनट में बन जाता है। सुबह कार्यालय या स्कूल जाने की जल्दी में यह कामकाजी लोगों के लिए सुविधाजनक है। • सेहत और पोषण: इस रेसिपी में बहुत कम तेल लगता है और प्रचुर मात्रा में हरी सब्जियां शामिल की जा सकती हैं। जो लोग डीप-फ्राई नाश्ते से बचना चाहते हैं, उनके लिए यह हल्का और सुपाच्य विकल्प है। • किचन बजट: इसमें केवल सूजी, दही और रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाली आम सब्जियों की जरूरत पड़ती है। किसी महंगे विदेशी इंग्रिडिएंट के बिना सादे सामान से एक शानदार नाश्ता तैयार हो जाता है। • बच्चों का टिफिन: अंदर से नरम होने के कारण यह ठंडा होने पर भी खाने में स्वादिष्ट बना रहता है। इसे बच्चों के स्कूल लंचबॉक्स या शाम के हल्के स्नैक के रूप में आसानी से दिया जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ सुबह के समय भारी और तले-भुने व्यंजनों के स्थान पर लोग अक्सर हल्के और तुरंत तैयार होने वाले नाश्ते को प्राथमिकता देते हैं। • सूजी और दही का संयोजन: सूजी पानी को तेजी से सोखती है और दही उसमें आवश्यक नमी तथा हल्का खट्टापन जोड़ता है। इस वजह से बिना लंबे इंतजार के तुरंत एक बेहतरीन बैटर बनकर तैयार हो जाता है। • फ्रूट साल्ट का उपयोग: अप्पे को पारंपरिक रूप से बिना किण्वन के फुलाना मुश्किल होता है, इसलिए फ्रूट साल्ट का उपयोग किया जाता है। पानी के संपर्क में आते ही यह गैस के बुलबुले बनाता है, जिससे अप्पे बेहद हल्के और स्पंजी बनते हैं। • अप्पे पैन की बनावट: अप्पे के सांचों में भाप और सीधी आंच दोनों का संतुलन बनता है। ढककर पकाने से अंदर की नमी बरकरार रहती है जबकि बाहरी परत कुरकुरी सिक जाती है। सवाल-जवाब 1. सूजी अप्पे बनाने के लिए सूजी और दही का क्या अनुपात होना चाहिए? इस रेसिपी के लिए एक कप सूजी में आधा कप दही का उपयोग किया जाता है। 2. अप्पे को अंदर से नरम और स्पंजी कैसे बनाया जाता है? पैन में डालने से ठीक पहले बैटर में एक छोटा चम्मच फ्रूट साल्ट मिलाकर हल्के हाथों से चलाने पर अप्पे बेहद नरम बनते हैं। 3. अप्पे को पकने में कुल कितना समय लगता है? धीमी से मध्यम आंच पर ढककर एक तरफ से लगभग 7 से 8 मिनट और पलटने के बाद दूसरी तरफ से कुछ मिनट तक पकाया जाता है। 4. तड़के में किन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है? तड़के के लिए गर्म तेल में राई, चुटकी भर हींग और करी पत्ते डालकर चटकाया जाता है। 5. सूजी का बैटर बनाने के बाद उसे तुरंत पकाना चाहिए या कुछ देर रखना चाहिए? घोल बनाने के बाद उसे कुछ देर रखना चाहिए ताकि सूजी पानी और दही को अच्छी तरह सोखकर फूल सके। https://trendkia.com/trends/nashte-men-jhatapata-taiyara-karen-semolina-aura-curd-ke-saphta-appe-svada-aisa-ki-hara-koi-mangega-dobara-33622 TrendKia — Har trend, sabse pehle.