{
  "type": "article",
  "title": "नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की उपासना में पीले रंग के परिधानों से सजाएं अपना फेस्टिव लुक",
  "summary": "नवरात्रि की पंचमी तिथि पर मां स्कंदमाता की पूजा पीले वस्त्रों में करना अत्यंत शुभ माना जाता है। जानिए साड़ी, अनारकली, कुर्ता सेट और लहंगे को सही आभूषणों व फुटवियर के साथ कैसे स्टाइल करें।",
  "content": "शारदीय अथवा चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन ममता, करुणा और असीम स्नेह की प्रतिमूर्ति मां स्कंदमाता को समर्पित होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता की गोद में बाल रूप में भगवान कार्तिकेय (स्कंद) विराजमान रहते हैं। भक्तजन संतान के कल्याण, परिवार की खुशहाली और घर में सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए पंचमी तिथि पर विशेष अनुष्ठान और व्रत रखते हैं। इस पावन अवसर पर पूजा के साथ-साथ विशेष रंगों के वस्त्र पहनने की एक समृद्ध परंपरा रही है, जिसमें पांचवें दिन पीले रंग का विशेष महत्व है। यदि आप भी इस पावन तिथि पर पारंपरिक पूजा अनुष्ठान और शाम के उत्सवों के लिए तैयार हो रही हैं, तो पीले रंग के विभिन्न पारंपरिक परिधानों को अपनी पसंद के अनुसार खूबसूरती से संवार सकती हैं।\n\nपीली साड़ी में निखारें पारंपरिक और शालीन सौंदर्य\nपारंपरिक पूजा-अर्चना के अवसर पर साड़ी हमेशा से पहली पसंद मानी जाती रही है। यदि आप पंचमी की सुबह पूजा में बैठ रही हैं, तो हल्के पीले रंग की सूती (कॉटन) साड़ी, चंदेरी या गोल्डन बॉर्डर वाली हल्की सिल्क साड़ी एक अत्यंत गरिमामय विकल्प साबित होती है। सुबह के समय की आराधना के लिए आप इस साड़ी के साथ माथे पर सूक्ष्म बिंदी, कानों में पारंपरिक गोल्डन झुमके और कलाइयों में कांच की साधारण चूड़ियां पहनकर एक शांत रूप अपना सकती हैं। वहीं यदि कार्यक्रम शाम की महाआरती अथवा गरबा उत्सव का है, तो गहरे पीले रंग की बनारसी सिल्क साड़ी एक शानदार आभा प्रदान करती है। शाम के समय इस परिधान के साथ बालों में सलीके से बना जूड़ा (स्लीक बन), गजरा और भारी झुमके आपके व्यक्तित्व को उत्सव के अनुकूल राजसी आकर्षण देते हैं। इसके अतिरिक्त, पारंपरिक पीले बेस के साथ विरोधाभासी (कॉन्ट्रास्ट) रंगों का ब्लाउज जोड़ना भी एक प्रभावी शैली है।\n\nअनारकली सूट से पाएं घेरेदार बनावट और सहज आकर्षण\nबहुत सी महिलाओं के लिए साड़ी को पूरे दिन संभालना थोड़ा असहज हो सकता है। ऐसे में अनारकली सूट एक ऐसा विकल्प है जो भव्य उत्सव के अनुकूल गरिमा भी देता है और आने-जाने में पूरी सुविधा भी प्रदान करता है। अनारकली सूट का अनूठा घेरा पूजा पंडालों और उत्सवों में एक आकर्षक प्रवाह निर्मित करता है। आप अपनी पसंद के अनुसार हल्दी पीला, गहरा मस्टर्ड या फिर सौम्य पेस्टल येलो रंग चुन सकती हैं। यदि आपके अनारकली परिधान पर पहले से ही गोटा-पट्टी, जरदोजी या सुनहरे धागों की भारी कढ़ाई मौजूद है, तो संतुलन बनाए रखने के लिए आभूषणों को बेहद हल्का रखें। इसके विपरीत, यदि सूट सादा है तो उसके साथ जरी या रेशम की कढ़ाई वाला भारी दुपट्टा ओढ़ने से पूरा रूप निखर उठता है। इस परिधान के साथ पारंपरिक कढ़ाईदार जूती अथवा ब्लॉक हील वाली सैंडल पहनना उत्तम रहता है, जिससे पैरों को आराम भी मिलता रहे।\n\nकुर्ता सेट और शरारा में सादगी संग आधुनिक अंदाज\nअत्यधिक तामझाम से दूर रहकर सौम्य और सुरुचिपूर्ण दिखना पसंद करने वालों के लिए पीला कुर्ता सेट सर्वश्रेष्ठ परिधान है। सीधे कट वाले स्ट्रेट कुर्ते के साथ मैचिंग पैंट और दुपट्टा धारण करके आप अत्यंत कम समय में पूरी तरह तैयार हो सकती हैं। यदि आप इसमें थोड़ा समकालीन स्पर्श जोड़ना चाहती हैं, तो ए-लाइन कुर्ता, फ्लेयर्ड पलाजो या शरारा सेट का चयन किया जा सकता है। कामकाजी महिलाओं के लिए, जिन्हें दफ्तर से सीधे पारिवारिक पूजा में शामिल होना पड़ता है, यह एक बेहद व्यावहारिक पहनावा है। इस परिधान पर यदि लखनवी चिकनकारी अथवा रेशमी धागों का बारीक काम हो, तो बिना किसी भारी आभूषण के भी यह सहज आकर्षण बिखेरता है। इसके साथ कलाई घड़ी, छोटे हल्के झुमके और आरामदायक मोजड़ी आपके लुक को संतुलित बना देते हैं।\n\nगरबा और डांडिया की शाम के लिए लहंगा स्टाइलिंग\nनवरात्रि की शामें गरबा और डांडिया रास के उल्लास से सराबोर रहती हैं, जहां पीले रंग का लहंगा अद्भुत आभा बिखेरता है। उत्सव के जीवंत माहौल में शीशे के काम (मिरर वर्क), गोटा-पट्टी बॉर्डर या बहुरंगी गुजराती कढ़ाई वाला लहंगा बेहद प्रभावशाली लगता है। इस परिधान के साथ पारंपरिक एकरसता तोड़ने के लिए रानी गुलाबी, पन्ना हरा या गहरे लाल रंग का चोली-ब्लाउज जोड़कर सुंदर कंट्रास्ट तैयार किया जा सकता है। यदि लहंगे का फैब्रिक और काम भारी है, तो आभूषणों को हल्का रखें ताकि नृत्य करते समय शारीरिक असुविधा न हो। वहीं यदि लहंगा सादे जॉर्जेट या कॉटन का है, तो उसके साथ चांदी अथवा ऑक्सीडाइज्ड धातु के भारी झुमके, मांगटीका और रंग-बिरंगी चूड़ियां जोड़कर उसे उत्सव के योग्य रूप दिया जा सकता है।\n\nआभूषण और प्रसाधन का सटीक सामंजस्य\nपरिधान का चयन करने के बाद रूप सज्जा (मेकअप) और उपयुक्त आभूषणों का चुनाव आपके संपूर्ण व्यक्तित्व को अंतिम रूप देता है। पीले रंग के परिधानों के साथ सोने के आभूषण, कुंदन और मोती की मालाएं सदैव सुरुचिपूर्ण लगती हैं। यदि आप पारंपरिक सोने के बदले कुछ समकालीन पहनना चाहती हैं, तो जर्मन सिल्वर या ऑक्सीडाइज्ड झुमके एक बेहतरीन बोहेमियन-एथनिक संयोजन पेश करते हैं। सौंदर्य प्रसाधनों में दिन के समय हल्का बेस, प्राकृतिक न्यूड अथवा हल्का गुलाबी लिपस्टिक शेड, आंखों में काजल और हल्का मस्कारा चेहरे को तरोताजा रूप देता है। शाम के उत्सवों के लिए आंखों पर गहरा विंग्ड आईलाइनर और होठों पर बोल्ड शेड्स लगाकर आप अपने चेहरे के नैन-नक्श को प्रभावी ढंग से उभार सकती हैं।\n\nदुपट्टा ड्रेपिंग और फुटवियर के चयन का महत्व\nएक आकर्षक उत्सव रूप तैयार करने के लिए हर बार नया परिधान खरीदना आवश्यक नहीं है; केवल दुपट्टे और स्टाइलिंग तकनीक में बदलाव करके भी पुराना जोड़ा नया दिख सकता है। यदि आपकी अलमारी में पहले से साधारण पीला कुर्ता मौजूद है, तो उसके साथ बंधेज, लहरिया या फुलकारी का गुलाबी, हरा अथवा लाल दुपट्टा जोड़कर एकदम नया कंट्रास्ट बनाया जा सकता है। दुपट्टे को एक कंधे पर प्लीट्स बनाकर पिन करने या खुले पल्ले के साथ बांहों पर लपेटने से परिधान की पूरी बनावट बदल जाती है। इसके साथ ही पैरों के लिए सही जूतियों का चयन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उत्सव के दौरान लंबे समय तक खड़े रहने, पूजा परिक्रमा करने और गरबा खेलने के लिए ऐसी फ्लैट जूती, एथनिक कोल्हापुरी या मजबूत ग्रिप वाली सैंडल पहनें जिससे पैर सुरक्षित रहें, संतुलन न बिगड़े और आप पूरे समय सहज महसूस करें।\n\nइसका आप पर असर\nनवरात्रि के पांचवें दिन पूजा अनुष्ठान और गरबा उत्सव में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए सही परिधान और रंग का चयन आत्मविश्वास और सुविधा दोनों बढ़ाता है।\n\n• समय और धन की बचत: नए वस्त्र खरीदे बिना अलमारी में रखे पुराने पीले कुर्ते के साथ केवल एक नया कंट्रास्ट दुपट्टा जोड़कर नया फेस्टिव लुक तैयार किया जा सकता है। इससे त्योहारी खर्च में कमी आती है और त्वरित तैयारी संभव होती है।\n• आरामदायक उत्सव अनुभव: भारी साड़ियों के स्थान पर अनारकली या कुर्ता-पलाजो सेट चुनने से दिनभर की पूजा में बैठना और उठना बेहद आसान हो जाता है। विशेष रूप से बच्चों की देखभाल करने वाली महिलाओं के लिए यह अत्यधिक व्यावहारिक रहता है।\n• गरबा में सुरक्षा और सुविधा: नृत्य के दौरान फ्लैट एथनिक जूती अथवा कम हील वाली सैंडल का चयन पैरों में मोच या फिसलने के जोखिम को कम करता है। इसके साथ ही हल्के आभूषण पहनने से घंटों तक बिना थकान के गरबा का आनंद लिया जा सकता है।\n• कामकाजी महिलाओं के लिए अनुकूलता: स्ट्रेट कट पीले कुर्ते के साथ साधारण पैंट का चुनाव दफ्तर से सीधे शाम के पूजा पंडाल में जाने के लिए सर्वथा उपयुक्त है। यह पेशेवर मर्यादा और त्योहारी गरिमा के बीच उत्तम संतुलन बनाता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nनवरात्रि के प्रत्येक दिन एक विशिष्ट रंग पहनने और देवी के विशेष स्वरूप की आराधना करने की परंपरा वैदिक प्रतीकों और सांस्कृतिक मान्यताओं पर आधारित है।\n\n• मां स्कंदमाता का स्वरूप: नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है, जिनकी गोद में बाल रूप में भगवान कार्तिकेय विराजमान रहते हैं। देवी का यह रूप मातृत्व, वात्सल्य और करुणा का प्रत्यक्ष प्रतीक माना गया है।\n• पीले रंग का आध्यात्मिक महत्व: भारतीय सनातन परंपरा में पीला रंग ज्ञान, प्रकाश, सकारात्मक ऊर्जा और प्रसन्नता का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए पंचमी तिथि पर इस रंग के वस्त्र पहनना शुभ फलदायी माना गया है।\n• सुख-समृद्धि की कामना: श्रद्धालु इस तिथि पर संतान के दीर्घायु जीवन, उत्तम स्वास्थ्य और घर में धन-धान्य की वृद्धि के संकल्प के साथ व्रत एवं पूजन करते हैं। सात्विक पीले वस्त्र धारण करने से पूजा स्थल का वातावरण शांत और पवित्र बना रहता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नवरात्रि के पांचवें दिन किस देवी की पूजा की जाती है?\nनवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है, जिनकी गोद में भगवान कार्तिकेय बाल रूप में विराजमान रहते हैं।\n\n2. नवरात्रि के पांचवें दिन कौन सा रंग पहनना शुभ माना जाता है?\nपांचवें दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है क्योंकि यह रंग मां स्कंदमाता को प्रिय है।\n\n3. पीले रंग के परिधान के साथ किस तरह के आभूषण सबसे अच्छे लगते हैं?\nपीले कपड़ों के साथ पारंपरिक स्वर्ण आभूषण, मोती की मालाएं और आधुनिक लुक के लिए ऑक्सीडाइज्ड या जर्मन सिल्वर जूलरी बहुत सुंदर लगती है।\n\n4. यदि नई ड्रेस न हो तो पुराने पीले कुर्ते को कैसे नया लुक दें?\nपुराने पीले कुर्ते के साथ गुलाबी, हरे या लाल रंग का बांधनी, लहरिया अथवा कढ़ाईदार दुपट्टा ओढ़कर एक नया और आकर्षक कॉन्ट्रास्ट बनाया जा सकता है।\n\n5. गरबा खेलने के लिए किस तरह के फुटवियर का चयन करना चाहिए?\nगरबा नृत्य के दौरान पैरों के आराम और बेहतर पकड़ के लिए फ्लैट एथनिक जूती, मोजड़ी या मजबूत कम हील वाली सैंडल पहनना सबसे सुरक्षित रहता है।",
  "url": "https://trendkia.com/trends/navratri-day-5-colour-man-skandamata-ko-priya-hai-pila-rnga-aise-snvaren-apane-ethanika-luksa-47692",
  "category": "ट्रेंड्स",
  "publishedAt": "2026-10-15",
  "tags": [
    "नवरात्रि",
    "मां स्कंदमाता",
    "पीला रंग",
    "एथनिक वियर",
    "त्योहार फैशन",
    "साड़ी स्टाइलिंग",
    "गरबा लुक"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}