# अहमदाबाद की निरमा यूनिवर्सिटी में छात्र का कॉलर पकड़ने वाले प्रोफेसर पर भड़की एनएसयूआई

> निरमा यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में छात्र द्वारा फिल्मी डायलॉग बोलने पर मंच पर कॉलर पकड़ने वाले प्रोफेसर के खिलाफ छात्र संगठन ने आंदोलन का ऐलान किया है।

**Type:** article · **Category:** ट्रेंड्स · **Published:** 2026-09-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/trends/nirma-university-men-chhatra-ka-kolara-pakarane-vale-prophesara-para-bharaki-nsui-37971 · **Language:** Hindi
**Tags:** निरमा यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद, हिमांशु के पटेल, एनएसयूआई, टेक्नोफोरा 2026, छात्र विवाद, गुजरात

गुजरात के अहमदाबाद स्थित निरमा यूनिवर्सिटी के एक कैंपस फेस्ट के दौरान शिक्षकों और छात्रों के बीच भारी विवाद खड़ा हो गया। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग के प्रमुख प्रोफेसर डॉ हिमांशु के पटेल (एचके पटेल) पर आरोप है कि उन्होंने सैकड़ों विद्यार्थियों के सामने एक युवक को मंच पर बुलाकर उसका कॉलर पकड़ लिया। इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद संस्थान के भीतर माहौल तनावपूर्ण हो गया है और छात्र संगठन ने कड़े विरोध की तैयारी शुरू कर दी है।

## मंच से संबोधन के दौरान छात्र की फब्ती
यह घटनाक्रम 18 से 20 सितंबर तक आयोजित किए गए तीन दिवसीय तकनीकी उत्सव टेक्नोफोरा 2026 के समय सामने आया। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग के विद्यार्थियों द्वारा संचालित इस उत्सव में स्टैंड-अप कॉमेडियन रजत सूद की प्रस्तुति भी रखी गई थी। एक सत्र के दौरान जब विभाग प्रमुख डॉ हिमांशु के पटेल माइक थामकर हॉल में मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे, तभी दर्शक दीर्घा में बैठे एक छात्र ने फिल्म गोलमाल 3 का एक मशहूर संवाद तेज आवाज में दोहरा दिया, जिसमें सुबह पनवेल निकलने की बात कही गई थी।

## मंच पर बुलाकर दी संस्थान से निकालने की चेतावनी
हॉल में इस तरह का मजाक सुनकर शिक्षक बेहद नाराज हो गए। उन्होंने तुरंत उस युवक की ओर इशारा किया और उसे मंच पर आने का निर्देश दिया। युवक जैसे ही पोडियम के निकट पहुंचा, प्रोफेसर ने उससे सवाल किया कि उसने क्या कहा था। इसके फौरन बाद उन्होंने युवक का कॉलर पकड़ लिया और उसे झकझोरते हुए कड़ी चेतावनी दे डाली। वहां मौजूद लोगों के सामने प्रोफेसर ने साफ शब्दों में कहा कि वह किसी भी सीमा तक कदम उठा सकते हैं। उन्होंने छात्र को धमकाया कि अगर भविष्य में परिसर के किसी भी संकाय सदस्य का अनादर किया गया, तो उसे स्थायी रूप से विश्वविद्यालय से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।

## छात्रों में हैरानी और वीडियो का तेजी से प्रसार
सैकड़ों साथियों और फोन कैमरों के सामने अचानक हुए इस बर्ताव से सभागार में मौजूद तमाम छात्र हक्के-बक्के रह गए। कार्यक्रम के दौरान रिकॉर्ड किया गया यह क्लिप कुछ ही समय बाद विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर फैल गया। फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि किस तरह एक वरिष्ठ शिक्षाविद मंच पर खुलेआम छात्र के साथ शारीरिक जोर-जबरदस्ती कर रहे हैं और उसे निष्कासन की धमकी दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा जगत और अभिभावकों के बीच भी शिक्षक के आचरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

## एनएसयूआई का कड़ा रुख और जांच की मांग
मामले के तूल पकड़ते ही कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) सक्रिय हो गई। संगठन के प्रतिनिधि वेदांतसिंह तोमर ने संबंधित प्राध्यापक से संवाद साधा। तोमर के अनुसार, बातचीत के दौरान प्रोफेसर ने अपने आचरण को उचित ठहराते हुए इसे संस्थान का निजी मसला बताया और किसी भी प्रकार की गलती मानने से इनकार कर दिया। वहीं सार्वजनिक तौर पर उन्होंने इस प्रकरण पर कोई भी टिप्पणी देने से साफ मना कर दिया है। छात्र संगठन ने इस दुर्व्यवहार को अक्षम्य करार देते हुए निरमा यूनिवर्सिटी प्रशासन से निष्पक्ष पड़ताल कराने और दोषी शिक्षक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। संगठन ने चेताया है कि यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए तो परिसर में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

## इसका आप पर असर
यह घटना उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के अधिकारों, अनुशासनात्मक सीमाओं और परिसर में सुरक्षा मानकों को सीधे प्रभावित करती है।

- **भारत में:** कॉलेज परिसरों में शिक्षकों के आक्रामक व्यवहार और छात्रों के अनुशासन को लेकर नए नियम व दिशा-निर्देश तय करने की मांग तेज हो सकती है। विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र अपने संवैधानिक अधिकारों और शिकायत निवारण समितियों की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठा सकते हैं।
- **अहमदाबाद में:** निरमा यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आगामी दिनों में छात्र संगठनों के प्रदर्शनों और संभावित प्रशासनिक जांच का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय अभिभावक और छात्र कल्याण निकाय परिसर के माहौल और अनुशासन संबंधी नियमों पर सख्त रुख अपना सकते हैं।
- **छात्रों के लिए:** कॉलेज कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले युवाओं को मंच पर अभिव्यक्ति की सीमाओं और अनुशासनहीनता के संभावित नतीजों के प्रति सचेत रहना होगा। किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार की स्थिति में वे विश्वविद्यालय की आंतरिक समितियों या छात्र प्रतिनिधियों के पास आधिकारिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- **प्रशासन के लिए:** विश्वविद्यालय प्रबंधन पर शिक्षक-छात्र संबंधों को मर्यादित रखने और संकाय सदस्यों के लिए आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराने का दबाव बढ़ गया है। घटना की औपचारिक जांच शुरू होने पर संबंधित प्राध्यापक और सुरक्षा व्यवस्था दोनों की समीक्षा की जा सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह पूरा विवाद कॉलेज के एक औपचारिक उत्सव के दौरान अनुशासन, मर्यादा और अनुचित हास-परिहास की सीमा टूटने की वजह से पैदा हुआ।

- **तात्कालिक कारण:** विभाग प्रमुख के भाषण के बीच एक छात्र द्वारा सिनेमाई संवाद चिल्लाना शिक्षक को गहरा अपमानजनक लगा। इस अप्रत्याशित फब्ती ने शिक्षक के संयम को तोड़ दिया और उन्होंने तुरंत उसे मंच पर तलब कर लिया।
- **अनुशासन बनाम आक्रामकता:** प्रोफेसर ने इस टिप्पणी को पूरे संकाय वर्ग की गरिमा पर हमला माना और सख्त संदेश देने के उद्देश्य से मर्यादा पार कर दी। अनुशासनात्मक कार्रवाई की सामान्य प्रक्रिया अपनाने के बजाय सार्वजनिक मंच पर शारीरिक बल प्रयोग किया गया।
- **विरोध का विस्तार:** घटना का वीडियो रिकॉर्ड होकर सोशल मीडिया पर आना और शिक्षक द्वारा इसे केवल आंतरिक मामला बताना विवाद को बड़ा बना गया। छात्र संगठनों ने इसे सीधे तौर पर विद्यार्थियों के आत्मसम्मान और सुरक्षा पर हमला करार दिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. विवाद किस विश्वविद्यालय में और कब हुआ?
यह घटना अहमदाबाद की निरमा यूनिवर्सिटी में 18 से 20 सितंबर के बीच आयोजित टेक्नोफोरा 2026 उत्सव के दौरान हुई।

### 2. छात्र पर भड़कने वाले प्रोफेसर कौन हैं?
आरोपी शिक्षक डॉ हिमांशु के पटेल (एचके पटेल) हैं, जो विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग के अध्यक्ष हैं।

### 3. छात्र ने मंच पर ऐसा क्या कहा था जिससे विवाद बढ़ा?
छात्र ने दर्शक दीर्घा से फिल्म गोलमाल 3 का डायलॉग दोहराते हुए कहा था कि जल्दी बोलो, हमें कल सुबह पनवेल निकलना है।

### 4. प्रोफेसर ने छात्र को पकड़कर क्या चेतावनी दी?
प्रोफेसर ने कॉलर पकड़कर कहा कि वह किसी भी हद तक जा सकते हैं और कैंपस के किसी शिक्षक का अपमान करने पर छात्र को हमेशा के लिए निकाल दिया जाएगा।

### 5. एनएसयूआई ने इस मामले में क्या कदम उठाने की बात कही है?
एनएसयूआई नेता वेदांतसिंह तोमर ने विश्वविद्यालय से जांच और कार्रवाई की मांग की है तथा ऐसा न होने पर परिसर में प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

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