# सब्जियों के बचे टुकड़ों से घर में तैयार करें अपनी बगिया, कचरा फेंकने से पहले जान लें दोबारा उगाने के ये तरीके

> रसोई में खाना पकाने के बाद बचने वाले सब्जियों के डंठल, जड़ें और अंकुरित हिस्से कचरा नहीं बल्कि नए पौधों की शुरुआत हैं। हरे प्याज, लेट्यूस, सेलरी, लहसुन और आलू के अवशेषों से बिना किसी लागत के आसानी से घरेलू गार्डनिंग की जा सकती है।

**Type:** article · **Category:** ट्रेंड्स · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/trends/sabjiyon-ke-bache-tukaron-se-ghara-men-taiyara-karen-apani-bagiya-kachara-phenkane-se-pahale-jana-len-dobara-ugane-ke-ye-tarike-56223 · **Language:** Hindi
**Tags:** किचन गार्डनिंग, सब्जियां उगाना, वेस्ट से बेस्ट, घरेलू बागवानी, आलू की खेती, लहसुन के पत्ते, गमले में पौधे

किचन में खाना तैयार करते समय सब्जियों के कई हिस्से छीलकर या काटकर अक्सर कूड़ेदान में डाल दिए जाते हैं। आमतौर पर लोग इन्हें बेकार समझकर फेंक देते हैं, जबकि थोड़ी सी देखभाल और सही तकनीक अपनाकर इन्हीं बचे हुए हिस्सों से दोबारा हरी-भरी सब्जियां उगाई जा सकती हैं। घर के गमलों और खिड़कियों पर इस तरह की बागवानी शुरू करने से न केवल जैविक और ताजी पत्तियां मिलती हैं, बल्कि रसोई के गीले कचरे में भी बड़ी कमी आती है।

## हरे प्याज की जड़ों से दोबारा पाएं ताजी हरी पत्तियां
सूप, नूडल्स या सलाद में हरे प्याज का इस्तेमाल काफी लोकप्रिय है। अक्सर लोग ऊपर के हरे पत्तों का उपयोग कर लेते हैं और नीचे की जड़ों वाला सफेद हिस्सा फेंक देते हैं। इस बचे हुए सफेद हिस्से और उसकी नीचे मौजूद जड़ों की मदद से नया पौधा बेहद आसानी से पनप सकता है। इसके लिए एक छोटे बर्तन या कटोरी में थोड़ा सा पानी लें।

अब हरे प्याज के जड़ वाले हिस्से को पानी के अंदर डुबोकर रखें, जबकि उसका ऊपरी कटा हिस्सा पानी की सतह से बाहर रहना चाहिए। इस बर्तन को ऐसी जगह पर रखें जहां हल्की धूप आती हो। इस प्रक्रिया में सबसे जरूरी बात यह है कि बर्तन का पानी हर 2 से 3 दिन में नियमित रूप से बदलते रहें, ताकि उसमें सड़न न पैदा हो। कुछ ही दिनों में उस हिस्से से नई हरी पत्तियां फूटने लगेंगी। जब पौधे की जड़ें मजबूत होने लगें, तब इसे निकाल कर मिट्टी वाले गमले में रोपा जा सकता है।

## सलाद वाले लेट्यूस के आधार से नए पत्ते उगाने का तरीका
सलाद की जान माने जाने वाले लेट्यूस का इस्तेमाल करने के बाद उसका निचला तना बच जाता है। इस निचले भाग को फेंकने के बजाय उससे नया पौधा उगाना संभव है। इसके लिए लेट्यूस के डंठल का लगभग 2 इंच लंबा निचला हिस्सा अलग रख लें।

एक उथला बर्तन लेकर लेट्यूस के इस टुकड़े को उसमें सीधा रखें और बर्तन में ऊपर से पानी भर दें। ध्यान रखें कि लेट्यूस का निचला सिरा पानी में अच्छी तरह डूबा रहे। इसके बाद बर्तन को किसी खिड़की के पास ऐसी जगह सजाएं जहां प्राकृतिक उजाला मिलता हो। कुछ ही दिनों के भीतर केंद्र से ताजी और कोमल पत्तियां बाहर निकलने लगेंगी। जब नई पत्तियां दिखने लगें और जड़ें उभर आएं, तब इसे किसी मिट्टी भरे गमले में सुरक्षित तरीके से लगा दें।

## सेलरी के डंठल से शुरू करें इनडोर गार्डनिंग
अक्सर लोग सेलरी के डंठल का उपयोग करने के बाद उसके निचले हिस्से को बेकार समझकर कचरे में फेंक देते हैं। इस हिस्से से नया पौधा उगाने के लिए डंठल के निचले आधार को लगभग 2 इंच तक काटकर सुरक्षित रख लें। अब इसे एक छोटी कटोरी में थोड़े पानी के साथ इस तरह टिकाएं कि कटे हुए हिस्से का निचला भाग पानी के संपर्क में रहे।

कटोरी को ऐसी जगह रखें जहां भरपूर रोशनी आती हो। यहां स्वच्छता का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है, इसलिए समय-समय पर पानी बदलते रहें और कटोरी को भी धोकर साफ रखें। कुछ ही दिनों में इसके बीच वाले हिस्से से नन्हें पत्ते बाहर आने लगेंगे। एक बार जब इसमें बारीक जड़ें बनने लगें, तो इसे निकालकर मिट्टी में रोप दें। यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि घर में दोबारा उगाई गई सेलरी का नया डंठल बाजार जैसी मूल सब्जी जितना बड़ा हो, यह जरूरी नहीं है।

## अंकुरित लहसुन की कली से उगाएं हरी लहसुन की पत्तियां
रसोई में रखी लहसुन की कलियों में कई बार हरे रंग के नन्हें अंकुर निकलने लगते हैं। बहुत से लोग ऐसी कलियों को खराब मानकर इस्तेमाल नहीं करते या फेंक देते हैं। वास्तव में ये कलियां रोपाई के लिए सबसे बेहतरीन मानी जाती हैं। एक स्वस्थ और अंकुरित लहसुन की कली का चयन करें।

गमले की मिट्टी तैयार करके इस कली को इस प्रकार दबाएं कि उसका नुकीला और अंकुरित हिस्सा ऊपर की तरफ रहे। मिट्टी में हल्का पानी देकर नमी बनाए रखें और गमले को पर्याप्त रोशनी वाली जगह पर रखें। धीरे-धीरे इस कली से लंबी हरी पत्तियां निकलने लगेंगी, जिनका उपयोग पकवानों में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। यदि इस पौधे को लंबे समय तक अनुकूल मौसम और नियमित देखभाल मिले, तो मिट्टी के भीतर नई लहसुन की गांठ भी तैयार हो सकती है। गांठ बनने की प्रक्रिया में कई महीने का समय लग सकता है, इसलिए इसे सिर्फ हरी पत्तियों की ताजी आपूर्ति के लिए भी उगाना बेहतरीन विकल्प है।

## आलू की आंख वाले हिस्से से तैयार करें नया पौधा
पुराने आलू पर अक्सर छोटी-छोटी आंखें या उभार नजर आने लगते हैं, जिनमें से अंकुर फूटते हैं। इन्हीं आंखों के जरिए आलू की नई फसल की शुरुआत की जाती है। बहुत से लोग सोचते हैं कि आलू के पतले छिलके मिट्टी में दबाने से पौधा बन जाएगा, लेकिन सिर्फ छिलका लगाने से अच्छी फसल मिलने की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसके लिए आलू का ऐसा ठोस टुकड़ा काटना चाहिए जिसमें कम से कम एक स्वस्थ आंख मौजूद हो।

टुकड़ा काटने के बाद उसे थोड़ी देर खुली हवा में सूखने के लिए छोड़ दें, जिससे उसका कटा हुआ गीला हिस्सा सूख जाए और उसमें फंगस न लगे। इसके बाद एक बड़े गमले में मिट्टी भरकर इस टुकड़े को दबाएं, जिसमें आंख वाला हिस्सा ऊपर की तरफ रहे। पौधे में हल्का पानी दें और मिट्टी में नमी का संतुलन बनाए रखें। आलू के पौधे को अच्छी तरह बढ़ने के लिए खुली धूप और मिट्टी में पर्याप्त जगह की दरकार होती है।

## रसोई के कचरे से बागवानी करते समय जरूरी सावधानियां
किचन स्क्रैप से पौधे उगाने के लिए हमेशा ताजी और बिना सड़ी-गली सब्जियों के हिस्से ही चुनने चाहिए। पानी में रखे जाने वाले सभी कटिंग्स का पानी हर 2 से 3 दिन में बदलना अनिवार्य है। यदि किसी बर्तन के पानी से दुर्गंध आने लगे या सब्जी का निचला हिस्सा गलने लगे, तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए।

सभी पौधों को भरपूर रोशनी की जरूरत होती है, लेकिन पौधे की किस्म के हिसाब से तेज या हल्की धूप का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। जैसे ही कटिंग्स में जड़ें निकल आएं, उन्हें उपयुक्त मिट्टी वाले गमलों में स्थानांतरित कर देना चाहिए। गमले का चयन करते समय यह सुनिश्चित करें कि उसकी तली में जल निकासी के लिए उचित छेद मौजूद हों, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके और जड़ें सड़ने से बच सकें।

## इसका आप पर असर
रसोई के बचे हुए टुकड़ों से सब्जियां दोबारा उगाने से घर के बजट में बचत होती है और बिना किसी खर्च के ताजी हरी पत्तियों की निरंतर आपूर्ति मिलती है।

- **दैनिक उपयोग:** खाना पकाने के बाद डंठल और जड़ों को फेंकने के बजाय तुरंत पानी में रखकर नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं। इससे हफ्ते भर के भीतर घर में सूप और सलाद के लिए ताजे हरे पत्ते मुफ्त में मिलने लगते हैं।
- **कचरा प्रबंधन:** रसोई से निकलने वाले गीले जैविक कचरे में सीधी कमी आती है। बासी और अनुपयोगी समझी जाने वाली चीजों का पुनर्चक्रण घर पर ही हो जाता है।
- **लागत और बजट:** बाजार से बार-बार हरी प्याज, धनिया या लहसुन की पत्तियां खरीदने का खर्च बचता है। बिना खाद या महंगे बीजों के केवल पानी और सामान्य मिट्टी से बागवानी शुरू हो जाती है।
- **शुरुआती बागवान:** फ्लैट या छोटे मकानों में रहने वाले लोग बिना किसी बगीचे के खिड़की पर यह काम कर सकते हैं। बच्चों और परिवार के सदस्यों के लिए यह प्रकृति और पौधों के विकास को सीखने का बेहतरीन जरिया बनता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह तरीका इसलिए काम करता है क्योंकि कई सब्जियों के आधार और जड़ों में पुनर्जीवित होने की स्वाभाविक जैविक क्षमता होती है। उचित नमी और धूप मिलते ही उनके सुप्त ऊतक नए पत्तों और जड़ों का निर्माण शुरू कर देते हैं।

- **पादप ऊतकों की क्षमता:** पौधों के निचले तने और जड़ वाले हिस्सों में सक्रिय विभाज्योतक ऊतक मौजूद रहते हैं। पानी और उजाले के संपर्क में आते ही ये कोशिकाएं विभाजित होकर तेजी से नए अंकुर बनाने लगती हैं।
- **आलू और लहसुन का सुप्त अंकुरण:** आलू की आंखें और लहसुन की कलियां वास्तव में वानस्पतिक प्रवर्धन की प्राकृतिक इकाइयां हैं। अनुकूल नमी और तापमान पाते ही वे अपनी जमा ऊर्जा का उपयोग करके बाहर निकलने लगती हैं।
- **स्वच्छ पानी की आवश्यकता:** जड़ों के विकास के दौरान पानी में बैक्टीरिया पनपने का जोखिम रहता है। यदि पानी 2 से 3 दिनों में न बदला जाए तो ऑक्सीजन की कमी से हिस्सा गलने लगता है, इसलिए नियमित देखभाल जरूरी होती है।

## सवाल-जवाब

### 1. क्या पानी में रखे सब्जी के टुकड़ों का पानी बदलना जरूरी है?
हां, बर्तन का पानी हर 2 से 3 दिन में बदलना आवश्यक है ताकि पानी में बदबू न आए और पौधे का निचला हिस्सा सड़े नहीं।

### 2. हरे प्याज को दोबारा उगाने के लिए किस हिस्से की जरूरत होती है?
हरे प्याज के निचले सफेद हिस्से और उसकी जड़ों को एक छोटे बर्तन में पानी के अंदर रखकर नया पौधा उगाया जा सकता है।

### 3. क्या केवल आलू के पतले छिलकों से नया पौधा उग सकता है?
नहीं, केवल पतले छिलके से अच्छी फसल नहीं मिलती; इसके लिए आलू का ऐसा ठोस टुकड़ा चाहिए जिसमें कम से कम एक स्वस्थ आंख मौजूद हो।

### 4. लहसुन की कली को गमले में लगाते समय किस दिशा में रखना चाहिए?
लहसुन की कली को मिट्टी में लगाते समय उसका नुकीला और अंकुरित हिस्सा हमेशा ऊपर की तरफ रखना चाहिए।

### 5. क्या लेट्यूस और सेलरी को मिट्टी में लगाना जरूरी होता है?
पानी में पत्तियां और जड़ें निकलने के बाद बेहतर विकास और पोषण के लिए उन्हें मिट्टी वाले गमले में स्थानांतरित करना चाहिए।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._