सर्दियों में गीजर चलाने से पहले कर लें ये जरूरी काम, हीटिंग रॉड की सफाई और पाइप लीकेज से ऐसे बचाएं अप्लायंसेज सर्दियों के मौसम में गीजर का इस्तेमाल शुरू करने से पहले उसकी सही देखभाल बेहद जरूरी है। पानी के मिनरल्स और कैल्शियम जमने से हीटिंग रॉड पर असर पड़ता है, जिससे बिजली की खपत बढ़ सकती है और सुरक्षा का जोखिम भी हो सकता है। सर्दियों का मौसम दस्तक देते ही घरों में गर्म पानी की जरूरत तेजी से बढ़ जाती है और इसके साथ ही बाथरूम में लगे वॉटर हीटर का उपयोग भी नियमित हो जाता है। महीनों तक बंद रहने के बाद जब अप्लायंसेज को अचानक से चालू किया जाता है, तो कई तरह की तकनीकी समस्याएं सामने आने लगती हैं। इसलिए मुख्य स्विच ऑन करने से पहले अप्लायंसेज की पूरी जांच और उचित साफ-सफाई कर लेना समझदारी भरा कदम माना जाता है। लंबे समय तक उपयोग न होने और पानी के संपर्क में लगातार रहने की वजह से टैंक के भीतर खनिज पदार्थ और कैल्शियम की परतें जमने लगती हैं, जो आगे चलकर उपकरण की कार्यक्षमता को धीमा कर देती हैं। कैल्शियम और मिनरल्स की परत क्यों जमती है पानी को बार-बार उच्च तापमान पर गर्म करने की प्रक्रिया के दौरान उसमें मौजूद प्राकृतिक मिनरल्स धीरे-धीरे अलग होकर आंतरिक सतहों पर चिपकने लगते हैं। जिन क्षेत्रों में पानी अत्यधिक खारा होता है, वहां यह समस्या बहुत कम समय में ही विकराल रूप ले लेती है और हीटिंग एलिमेंट को पूरी तरह से घेर लेती है। इस प्रकार की स्केलिंग जम जाने के कारण अप्लायंसेज को अपनी क्षमता के अनुसार पानी गर्म करने में सामान्य से अधिक समय लगता है, जिसके परिणामस्वरूप बिजली के बिल में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। इस प्रकार की दिक्कतों से बचने के लिए समय-समय पर अंदरूनी हिस्सों की स्थिति का जायजा लेते रहना बेहद आवश्यक हो जाता है ताकि मशीन की उम्र लंबी बनी रहे। हीटिंग रॉड की सफाई के लिए जरूरी सावधानियां रॉड पर जमी हुई गंदगी या सफेद परत को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले केवल दीवार का स्विच बंद कर देना ही पर्याप्त सुरक्षा नहीं माना जाता है। इस काम को अंजाम देने के लिए मेन पावर सप्लाई को पूरी तरह से काटना चाहिए और मेन डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड के संबंधित सर्किट ब्रेकर को भी गिरा देना बेहतर होता है। यदि पानी अभी भी गर्म है, तो उपकरण को तुरंत खोलने की भूल बिल्कुल न करें और आंतरिक तापमान सामान्य होने तक का इंतजार करें। यदि आपको अंदरूनी वायरिंग, इलेक्ट्रिकल कनेक्शन या पार्ट्स को अलग करने की तकनीकी समझ नहीं है, तो खुद जोखिम उठाने के बजाय किसी पेशेवर मैकेनिक की सहायता लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प साबित होता है। पाइपलाइन की जांच और रखरखाव का तरीका केवल आंतरिक हिस्से ही नहीं बल्कि पानी के आने और जाने वाले इनलेट तथा आउटलेट पाइपों में भी समय बीतने के साथ कचरा या मिनरल डिपॉजिट जमा हो सकते हैं। यदि आपको नल से निकलने वाली पानी की धार में अचानक कमी महसूस होने लगे, तो सबसे पहले मुख्य स्रोत से पानी की आपूर्ति रोककर तमाम कनेक्शंस का मुआयना करना चाहिए। पाइपों को साफ पानी के तेज दबाव से फ्लश किया जा सकता है, लेकिन यदि ब्लॉकेज बहुत ज्यादा गंभीर हो चुका है, तो उन्हें बदल देना ही उचित रहता है। बिना उचित जानकारी के खुद ही पाइपों को खोलने का प्रयास करने पर पानी के रिसाव जैसी नई परेशानियां पैदा हो सकती हैं, जो बाद में बड़ा नुकसान करा सकती हैं। सही समय पर सर्विसिंग कराने का महत्व अप्लायंसेज की सफाई करने का कोई तय समय नहीं होता है, बल्कि यह पूरी तरह से उसके उपयोग के घंटे, पानी की गुणवत्ता और निर्माता द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों पर निर्भर करता है। जिन इलाकों में सप्लाई का पानी ज्यादा खारा होता है, वहां पर पपड़ी जमने की रफ्तार काफी तेज होती है, इसलिए वहां नियमित अंतराल पर सर्विसिंग करवाना अनिवार्य हो जाता है। उपकरण की परफॉर्मेंस और उसकी कुल उम्र को बरकरार रखने के लिए कुछ खास बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए, जैसे कि उसे हमेशा कंपनी द्वारा निर्धारित तापमान सीमा के भीतर ही चलाना। लंबे समय तक बंद रखने के बाद जब भी उसका उपयोग करना हो, तो सबसे पहले उसकी संपूर्ण स्थिति की जांच जरूर कर लें ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। इसका आप पर असर सर्दियों में बिना सफाई के गीजर चलाने से बिजली का बिल बढ़ सकता है और हीटिंग रॉड खराब होने का जोखिम रहता है। • भारत में: जिन घरों में खारे पानी की आपूर्ति होती है, वहां हीटिंग एलिमेंट पर कैल्शियम की पपड़ी बहुत तेजी से जमती है। समय पर सफाई न कराने से अप्लायंसेज की कार्यक्षमता कम हो जाती है और बिजली की खपत अधिक होती है। • सुरक्षा और बिजली: गीजर के अंदर पानी और बिजली दोनों का एक साथ संपर्क होता है, इसलिए बिना सावधानी के खुद रिपेयर करने से करंट लगने का खतरा रहता है। किसी भी खराबी या लीकेज की स्थिति में तुरंत पेशेवर मैकेनिक की मदद लेनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ गीजर के अंदर सफेद परत या स्केलिंग जमने की मुख्य वजह पानी में मौजूद खनिजों का बार-बार गर्म होना है। जब कड़े पानी का तापमान बढ़ता है, तो उसमें घुले हुए कैल्शियम और मिनरल्स अलग होकर टैंक की दीवारों और हीटिंग रॉड पर चिपक जाते हैं। • खारा पानी: भूजल या हार्ड वाटर में कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा अधिक होती है, जिससे हीटिंग एलिमेंट पर बहुत जल्द मोटी परत जम जाती है। • लंबे समय तक बंद रहना: महीनों तक अप्लायंसेज का उपयोग न होने और टैंक के भीतर पानी खड़े रहने से मिनरल जमने की प्रक्रिया और तेज हो जाती है। • तापमान का असर: उच्च तापमान पर लगातार पानी गर्म करने से घुले हुए लवण अपनी घुलनशीलता खो देते हैं और ठोस पपड़ी के रूप में सतह पर बैठ जाते हैं। सवाल-जवाब 1. सर्दियों में गीजर चलाने से पहले क्या करना चाहिए? सर्दियों में गीजर इस्तेमाल करने से पहले उसकी अंदरूनी सफाई, हीटिंग रॉड की जांच और पाइपलाइन के कनेक्शन ठीक तरह से चेक कर लेने चाहिए। 2. गीजर के अंदर सफेद परत क्यों जम जाती है? पानी बार-बार गर्म होने के कारण उसमें मौजूद कैल्शियम और मिनरल्स हीटिंग एलिमेंट और टैंक की दीवारों पर जम जाते हैं, जिसे स्केलिंग कहते हैं। 3. क्या गीजर की सफाई खुद घर पर कर सकते हैं? हल्की सफाई की जा सकती है, लेकिन आंतरिक वायरिंग खोलने और रॉड निकालने के लिए इलेक्ट्रिकल जानकारी न होने पर टेक्नीशियन की मदद लेना सुरक्षित रहता है। 4. पानी के पाइपों में ब्लॉकेज होने पर क्या करना चाहिए? पाइप में पानी का फ्लो कम होने पर सप्लाई बंद करके कनेक्शन जांचें और साफ पानी से फ्लश करें, या जरूरत पड़ने पर पाइप बदलवा लें। 5. गीजर की सर्विसिंग कितने समय में करानी चाहिए? सफाई का समय इस्तेमाल के तरीके और पानी की गुणवत्ता पर निर्भर करता है, खासकर हार्ड वाटर वाले घरों में समय पर सर्विसिंग कराना जरूरी है। https://trendkia.com/trends/sardiyon-men-geyser-chalane-se-pahale-kara-len-ye-jaruri-kama-heating-rod-ki-saphai-aura-pipe-leak-se-aise-bachaen-49878 TrendKia — Har trend, sabse pehle.