# उत्तराखंड के नागरिकों पर कथित टिप्पणी को लेकर विवाद, पुष्कर सिंह धामी ने अखिलेश यादव और कांग्रेस पर साधा निशाना

> समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की एक कथित वीडियो क्लिप सामने आने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखा पलटवार करते हुए रामपुर तिराहा गोलीकांड का जिक्र किया और कांग्रेस से भी रुख स्पष्ट करने की मांग की।

**Type:** article · **Category:** ट्रेंड्स · **Published:** 2026-10-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/trends/uttarakhand-ke-loga-ghusapaithiya-vivada-akhilesh-yadav-para-pushkar-singh-dhami-ka-palatavara-congress-se-savala-51483 · **Language:** Hindi
**Tags:** अखिलेश यादव, पुष्कर सिंह धामी, उत्तराखंड, समाजवादी पार्टी, रामपुर तिराहा, मुलायम सिंह यादव, कांग्रेस

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में गरमाहट आ गई है। इंटरनेट पर साझा की जा रही इस क्लिप में अखिलेश यादव कथित तौर पर यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के भीतर सबसे बड़े घुसपैठिये वास्तव में उत्तराखंड के ही लोग हैं। इस विवादित बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों के नेताओं और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी प्रमुख की तीखी आलोचना शुरू कर दी है, जिससे दोनों राज्यों की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

## देवभूमि और वीरभूमि के सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप
इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है, जिसका इतिहास देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए दिए गए बलिदानों से भरा हुआ है। पुष्कर सिंह धामी ने जोर देकर कहा कि इस पवित्र धरती ने भारत को महान संत, जांबाज सैनिक और राष्ट्र निर्माण के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले कई समर्पित व्यक्तित्व दिए हैं। ऐसे में उत्तराखंड के स्वाभिमानी नागरिकों को घुसपैठिया करार देना उनके आत्मसम्मान, पहचान और लंबे संघर्ष का सीधा अपमान है।

## मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा कांड की दिलाई याद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के शासनकाल की घटनाओं का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता उस दौर को कभी नहीं भुला सकती जब पृथक राज्य की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन चल रहा था। उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव थे और उसी दौरान मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पर आंदोलनकारियों पर गोलियां बरसाई गई थीं। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उस दौर में आंदोलनकारियों पर बर्बरता से गोलियां चलाई गई थीं और आज उसी विरासत को आगे बढ़ाने वाले उनके पुत्र अखिलेश यादव उत्तराखंड के लोगों को उत्तर प्रदेश में घुसपैठिया बता रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की जनता अपने ऐतिहासिक बलिदान और संघर्ष की इस पीड़ा को कभी विस्मृत नहीं कर सकती।

## कांग्रेस की चुप्पी पर उठाए तीखे सवाल
अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार करने के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस को भी इस विवाद के घेरे में खींच लिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक गठबंधन सहयोगी अखिलेश यादव के इस कथित बयान से पूरी तरह सहमत है। पुष्कर सिंह धामी ने पूछा कि क्या कांग्रेस नेतृत्व को उत्तराखंड के सम्मानित निवासियों को घुसपैठिया कहा जाना स्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता के सामने कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह इस अपमानजनक बयान का समर्थन करती है या फिर इसके खिलाफ कोई स्पष्ट स्टैंड लेगी।

## सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वायरल क्लिप को लेकर विभिन्न डिजिटल मंचों पर व्यापक चर्चा चल रही है। जहां एक ओर राजनीतिक विरोधी समाजवादी पार्टी प्रमुख के इस बयान को उत्तराखंड के नागरिकों का अपमान बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस बयान के संदर्भ और प्रामाणिकता को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। पूरे घटनाक्रम ने दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच क्षेत्रीय और राजनीतिक संवाद को एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर ला खड़ा किया है।

## इसका आप पर असर
यह राजनीतिक विवाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सामाजिक और राजनीतिक संबंधों पर असर डाल सकता है।

- **उत्तराखंड में:** राज्य के नागरिकों और राज्य आंदोलन से जुड़े लोगों की भावनाएं इस बयान के बाद आहत हुई हैं। आने वाले समय में क्षेत्रीय अस्मिता और प्रवासियों के मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है।
- **भारत में:** राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन के भीतर आंतरिक समन्वय और क्षेत्रीय संवेदनशीलता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। चुनावी रणनीतियों में ऐसे क्षेत्रीय बयानों का इस्तेमाल राजनीतिक विमर्श को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।
- **राजनीतिक दलों के लिए:** कांग्रेस पार्टी पर अपने गठबंधन सहयोगी के बयान पर रुख साफ करने का दबाव बढ़ गया है। इससे क्षेत्रीय राजनीति में सहयोगियों के बीच बयानबाजी को नियंत्रित करने की चुनौती सामने आएगी।
- **सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए:** इंटरनेट पर बिना सत्यापन के वायरल होने वाले वीडियो क्लिप्स को लेकर जागरूकता और सतर्कता बरतना आवश्यक है। किसी भी राजनीतिक दावे की पुष्टि आधिकारिक बयानों के आधार पर ही की जानी चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब सोशल मीडिया पर एक संक्षिप्त वीडियो क्लिप सामने आई जिसमें अखिलेश यादव द्वारा उत्तराखंड के लोगों को लेकर कथित टिप्पणी की गई थी। इसके बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भों को जोड़ते हुए आक्रामक राजनीतिक रुख अपनाया।

- **वायरल वीडियो क्लिप:** इंटरनेट पर प्रसारित एक वीडियो अंश में समाजवादी पार्टी नेता द्वारा उत्तराखंड के निवासियों को उत्तर प्रदेश में घुसपैठिया बताए जाने का दावा किया गया। इस अंश के तेजी से फैलने के कारण तुरंत जन आक्रोश और विपक्षी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
- **रामपुर तिराहा का ऐतिहासिक संदर्भ:** उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में पुलिस कार्रवाई की दर्दनाक यादें आज भी स्थानीय राजनीति में बेहद संवेदनशील मानी जाती हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल की उस घटना का स्मरण कराते हुए मौजूदा बयान को उससे जोड़ दिया।
- **गठबंधन पर राजनीतिक दबाव:** आगामी राजनीतिक समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन को देखते हुए सत्ताधारी दल ने कांग्रेस को घेरने के लिए इस अवसर का उपयोग किया, ताकि गठबंधन के अंतर्विरोधों को जनता के सामने उजागर किया जा सके।

## सवाल-जवाब

### 1. विवाद किस बयान को लेकर शुरू हुआ?
यह विवाद एक वायरल वीडियो क्लिप के सामने आने के बाद शुरू हुआ, जिसमें अखिलेश यादव पर उत्तराखंड के लोगों को उत्तर प्रदेश में घुसपैठिया कहने का आरोप है।

### 2. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि और वीरभूमि है, और इसके नागरिकों को घुसपैठिया कहना उनके सम्मान और बलिदान का अपमान है।

### 3. पुष्कर सिंह धामी ने किस ऐतिहासिक घटना का उल्लेख किया?
उन्होंने मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा गोलीकांड की याद दिलाई, जो पृथक उत्तराखंड राज्य की मांग के दौरान मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में हुआ था।

### 4. मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस से क्या सवाल पूछा?
उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक सहयोगी अखिलेश यादव के इस बयान का समर्थन करती है और क्या उसे उत्तराखंड के लोगों का ऐसा अपमान स्वीकार है।

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