अगरतला नगर निगम चुनाव: बीजेपी ने घोषित किए 45 प्रत्याशी, दीपक मजूमदार नहीं लड़ेंगे चुनाव त्रिपुरा में अगरतला नगर निगम चुनाव को लेकर बीजेपी ने 45 वार्डों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए हैं, जबकि वर्तमान मेयर दीपक मजूमदार को चुनाव लड़ाने के बजाय प्रचार की कमान सौंपी गई है। त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में होने वाले आगामी नगर निगम चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों को गति दे दी है। पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कुल 51 वार्डों में से 45 वार्डों के लिए आधिकारिक प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई। वहीं वार्ड 12 सहित बाकी बचे 6 वार्डों पर प्रत्याशियों के नामों का ऐलान बुधवार को करने का फैसला लिया गया है। इस घोषणा से पहले मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के सरकारी आवास पर बीजेपी की कोर कमेटी की एक लंबी और विस्तृत बैठक हुई, जिसमें टिकट वितरण पर गहन मंथन के बाद नामों को अंतिम रूप दिया गया। वर्तमान मेयर चुनावी मैदान से बाहर, मिली नई भूमिका पार्टी की इस सूची का सबसे चौंकाने वाला पहलू अगरतला के मौजूदा मेयर दीपक मजूमदार को टिकट न दिया जाना रहा। पिछले 5 वर्षों से अगरतला नगर निगम की कमान संभाल रहे मजूमदार इस बार चुनावी मुकाबले में नहीं उतरेंगे। बीजेपी ने उन्हें प्रत्याशी बनाने के बजाय पूरे शहर में पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान की अगुवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इस बड़े बदलाव को लेकर पार्टी का कहना है कि यह निर्णय किसी नाराजगी के तहत नहीं, बल्कि संगठनात्मक व्यवस्था के अनुरूप लिया गया है। विधायकों को स्थानीय निकाय पदों से दूर रखने की नीति दीपक मजूमदार को प्रत्याशी न बनाए जाने के पीछे की वजह स्पष्ट करते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय ने पार्टी के राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्तर पर पार्टी ने यह स्पष्ट नीति अपनाई है कि मौजूदा विधायकों को शहरी स्थानीय निकायों में नेतृत्वकारी पदों पर नहीं बिठाया जाएगा। इस नियम के तहत वर्तमान विधायकों को नगर पंचायतों, नगर परिषदों या नगर निगमों के अध्यक्ष अथवा प्रमुख पदों के लिए नामित करने की मनाही है। चूंकि मजूमदार विधायक भी हैं, इसलिए उन्हें पार्षद का चुनाव लड़ने से अलग रखा गया है। प्रचार के चार मुख्य चेहरे और मेयर पद पर सस्पेंस राजधानी के चुनाव प्रचार में बीजेपी चार प्रमुख चेहरों को आगे रखकर मतदाताओं के बीच जाएगी। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री माणिक साहा, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब और दीपक मजूमदार को अपने अभियान का मुख्य आधार बनाया है। जब यह सवाल उठा कि यदि बीजेपी दोबारा निगम की सत्ता में लौटती है तो मजूमदार की जगह मेयर की कुर्सी कौन संभालेगा, तो प्रदेश अध्यक्ष ने साफ किया कि मतदान से पहले मेयर पद के किसी चेहरे का ऐलान नहीं किया जाएगा। इस संबंध में अंतिम फैसला चुनावी नतीजे सामने आने के बाद ही लिया जाएगा। जमीनी कार्यकर्ताओं और महिलाओं को मिली तरजीह प्रत्याशियों के चयन के मापदंडों का ब्योरा देते हुए पार्टी नेतृत्व ने कहा कि बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं और संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों को टिकट वितरण में शीर्ष प्राथमिकता दी गई है। इनमें पृष्ठ प्रमुख, बूथ अध्यक्ष और शक्ति केंद्र प्रमुख शामिल हैं। इसके साथ ही सूची में युवाओं और खासकर 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को विशेष स्थान मिला है। टिकट पाने वालों में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े पेशेवर जैसे डॉक्टर, वकील, पूर्व शिक्षक और इंजीनियर भी शामिल हैं। प्राथमिक आकलन के मुताबिक इस पहली सूची में 8 से 10 नए चेहरों को मौका मिला है, जिनकी तादाद अगली सूची के बाद और बढ़ सकती है। गठबंधन और नामांकन की तय समयसीमा पिछले चुनाव में उतरे कुछ पुराने उम्मीदवारों के टिकट कटने के विषय पर पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि वार्डों के आरक्षण में फेरबदल, उम्र संबंधी पहलू और संगठनात्मक जरूरतों के चलते कुछ बदलाव करने पड़े हैं। यह चयन प्रक्रिया केंद्रीय नेतृत्व की निगरानी और कई स्तरों की समीक्षा के बाद पूरी हुई है। राज्य के अन्य नगर निकायों और नगर पंचायतों के उम्मीदवारों के नाम पार्टी नोटिस बोर्ड के जरिए जारी करेगी। सभी बीजेपी प्रत्याशी 4 और 5 नवंबर को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इसके अलावा तिपरा मोथा के साथ गठबंधन को लेकर देबरॉय ने स्पष्ट किया कि पार्टी अपने सहयोगी को 3 सीटें देने पर सहमत हुई है, हालांकि उन्होंने उन सीटों के नाम उजागर करने से मना कर दिया। इसका आप पर असर अगरतला नगर निगम चुनाव के टिकट वितरण से स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और नागरिक सेवाओं के भविष्य पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। • त्रिपुरा में: अगरतला के नागरिकों को आगामी निगम चुनाव के बाद नया मेयर मिलेगा क्योंकि वर्तमान मेयर चुनावी दौड़ से बाहर हो गए हैं। मतदाताओं के सामने डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और युवा महिलाओं के रूप में नए जनप्रतिनिधियों को चुनने का अवसर होगा। • पूरे देश में: स्थानीय निकायों में मौजूदा विधायकों को पद न देने की राष्ट्रीय नीति अन्य राज्यों में भी दोहराई जा सकती है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं और निचले स्तर के पदाधिकारियों को चुनावी राजनीति में आगे आने का स्पष्ट मौका मिलता है। • उम्मीदवारों और समर्थकों के लिए: पार्टी प्रत्याशियों को अपने पर्चे दाखिल करने के लिए 4 और 5 नवंबर की तय तारीखों का पालन करना होगा। तय समयसीमा के भीतर दस्तावेज तैयार करने और नामांकन प्रक्रिया पूरी करने का दायित्व अब प्रत्याशियों पर है। • गठबंधन राजनीति पर: क्षेत्रीय दल तिपरा मोथा के साथ तीन सीटों का समझौता राज्य में गठबंधन के समीकरणों को प्रभावित करेगा। इससे दोनों दलों के मतदाताओं को आपसी समन्वय के साथ मतदान केंद्रों तक पहुंचना होगा। ऐसा क्यों हुआ बीजेपी ने अगरतला नगर निगम चुनाव के लिए अपनी सूची को राष्ट्रीय संगठनात्मक दिशानिर्देशों, उम्र संबंधी संतुलन और नए सामाजिक समीकरणों के आधार पर तैयार किया है। • विधायकों पर राष्ट्रीय नीति: पार्टी का शीर्ष नेतृत्व शहरी स्थानीय निकायों में दोहरा पद देने के पक्ष में नहीं है। इसी केंद्रीय नियम के चलते विधायक और वर्तमान मेयर दीपक मजूमदार को दोबारा पार्षद का टिकट नहीं दिया गया। • युवाओं और महिलाओं को अवसर: संगठन ने जमीनी स्तर पर काम कर रहे बूथ अध्यक्षों और शक्ति केंद्र प्रमुखों के साथ 20 से 40 आयु वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता दी है। इसका उद्देश्य शहरी मतदाताओं के बीच पार्टी की स्वीकार्यता को व्यापक बनाना है। • आरक्षण और आंतरिक बदलाव: कुछ पिछले पार्षदों के टिकट वार्डों के आरक्षण नियमों में हुए बदलाव और संगठनात्मक पुनर्गठन की वजह से काटे गए हैं। पार्टी ने केंद्रीय नेतृत्व की जांच-परख के बाद ही यह अंतिम फैसला लिया है। • गठबंधन की रणनीति: तिपरा मोथा को तीन सीटें देकर पार्टी ने राज्य स्तरीय तालमेल को स्थानीय निकायों में भी बनाए रखने की कोशिश की है। इसी चुनावी समझौते को मजबूत करने के लिए सीटों का समायोजन किया गया है। सवाल-जवाब 1. बीजेपी ने अगरतला नगर निगम के कितने वार्डों के लिए प्रत्याशी घोषित किए हैं? बीजेपी ने कुल 51 वार्डों में से 45 वार्डों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। 2. बाकी बचे 6 वार्डों के उम्मीदवारों का फैसला कब होगा? वार्ड 12 सहित बाकी 6 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा बुधवार को की जाएगी। 3. वर्तमान मेयर दीपक मजूमदार को टिकट क्यों नहीं दिया गया? बीजेपी की राष्ट्रीय नीति के तहत मौजूदा विधायकों को नगर निकायों में नेतृत्वकारी पदों के लिए चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं है। 4. दीपक मजूमदार की इस चुनाव में क्या भूमिका होगी? दीपक मजूमदार अगरतला शहर में बीजेपी के चुनाव प्रचार अभियान का नेतृत्व करेंगे। 5. बीजेपी के प्रमुख प्रचार चेहरे कौन-कौन होंगे? पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री माणिक साहा, पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब और दीपक मजूमदार के चेहरे पर प्रचार करेगी। 6. बीजेपी की ओर से अगला मेयर कौन बनेगा? पार्टी ने चुनाव से पहले मेयर पद का चेहरा घोषित नहीं करने का फैसला किया है, इसका निर्णय परिणाम आने के बाद होगा। 7. उम्मीदवार अपना नामांकन कब दाखिल करेंगे? बीजेपी प्रत्याशी 4 और 5 नवंबर को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। 8. तिपरा मोथा को इस चुनाव में कितनी सीटें दी गई हैं? बीजेपी ने अपने सहयोगी दल तिपरा मोथा को 3 सीटें देने का फैसला किया है। https://trendkia.com/tripura/agaratala-nagara-nigama-chunava-bjp-ne-ghoshita-kie-45-pratyashi-dipak-majumder-nahin-larenge-chunava-56172 TrendKia — Har trend, sabse pehle.