अगरतला में लाइटहाउस प्रोजेक्ट के दो ब्लॉक शुरू, जरूरतमंद परिवारों को मिलेंगे पक्के आशियाने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अखौरा सीमा पर लाइटहाउस परियोजना के दो नए ब्लॉक का उद्घाटन किया, जिससे 278 परिवारों को आधुनिक और किफायती घर मिलने का रास्ता साफ हुआ है। त्रिपुरा में आर्थिक रूप से कमजोर और कम आय वर्ग के लोगों के पक्के मकान के सपने को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने गुरुवार को राज्य की अखौरा सीमा पर अगरतला लाइटहाउस प्रोजेक्ट के ब्लॉक ए और ब्लॉक एफ का विधिवत उद्घाटन किया। इस परियोजना के तहत तैयार इन दोनों ब्लॉक में कुल 278 फ्लैट्स का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिन्हें अब लाभार्थियों को सौंपने के लिए पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सबसे पहले नए बने परिसरों का बारीकी से निरीक्षण किया और उसके बाद मंच से डिजिटल माध्यम से इनका लोकार्पण किया। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर कार्यक्रम में वर्चुअल जुड़े इस उद्घाटन समारोह में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि के रूप में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने परियोजना के क्रियान्वयन में आ रही रुकावटों को दूर करने और निरंतर सहयोग प्रदान करने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का साझा संकल्प समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों को सुरक्षित, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण छत उपलब्ध कराना है, जिससे वे सम्मान और स्वाभिमान का जीवन जी सकें। लाइट गेज स्टील फ्रेम तकनीक से बने हैं मजबूत फ्लैट्स इस पूरी परियोजना के तहत कुल 1,000 आवासीय फ्लैट्स तैयार किए जाने की योजना है। इनमें से प्रत्येक फ्लैट का आकार लगभग 30 वर्ग मीटर यानी करीब 320 वर्ग फुट तय किया गया है। इन मकानों के निर्माण में आधुनिक लाइट गेज स्टील फ्रेम (एलजीएसएफ) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह इंजीनियरिंग तकनीक न केवल निर्माण प्रक्रिया को बेहद तेज और किफायती बनाती है, बल्कि गुणवत्ता के मानकों पर खरा उतरते हुए पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ ढांचा भी खड़ा करती है। मुख्यमंत्री ने इसे आधुनिक निर्माण प्रौद्योगिकी का बेहतरीन उदाहरण बताते हुए कहा कि यह राज्य की आगामी आवासीय योजनाओं के लिए एक आदर्श मॉडल साबित होगा। छह प्रमुख शहरों में शामिल है अगरतला देशभर में चिन्हित किए गए उन छह प्रमुख शहरों में अगरतला भी शामिल है, जहां इस विशेष लाइटहाउस तकनीक के तहत गरीबों के लिए आधुनिक आवासीय परिसर बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि परियोजना के तहत बचे हुए अन्य सभी ब्लॉक का निर्माण कार्य भी तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा और उन्हें भी जल्द से जल्द पात्र परिवारों के सुपुर्द कर दिया जाएगा, ताकि लंबे समय से पक्के घर का इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिल सके। इसका आप पर असर इस परियोजना से अगरतला के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित और अपना पक्का घर मिल रहा है। • त्रिपुरा में: अगरतला के 278 परिवारों को तुरंत पक्के फ्लैट्स का मालिकाना हक मिलने जा रहा है। कुल 1,000 फ्लैट पूरे होने पर शहर के कम आय वर्ग के लोगों को अपने स्थायी घर का सपना पूरा करने में सीधी मदद मिलेगी। • आवास तकनीक के स्तर पर: निर्माण में लाइट गेज स्टील फ्रेम जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होने से घरों की मजबूती बढ़ेगी। स्थानीय स्तर पर भविष्य की सरकारी आवास परियोजनाओं में भी तेजी और कम लागत का लाभ आम नागरिकों को मिल सकेगा। • आर्थिक सुरक्षा: लगभग 320 वर्ग फुट क्षेत्रफल वाले इन किफायती घरों से झुग्गी-झोपड़ियों या कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों का जीवन स्तर सुधरेगा। परिवारों को बार-बार किराए के मकान बदलने की मजबूरी से हमेशा के लिए राहत मिलेगी। • समयबद्ध निर्माण: बचे हुए ब्लॉक को तय समय में पूरा करने के सरकारी वादे से बाकी आवेदकों को भी जल्द घर मिलने की उम्मीद बंधी है। इससे सरकारी योजनाओं के प्रति लाभार्थियों के भरोसे में बढ़ोतरी होगी। ऐसा क्यों हुआ अगरतला में यह निर्माण केंद्र और राज्य सरकार की उस साझा पहल का हिस्सा है, जिसके तहत छह प्रमुख शहरों में आधुनिक तकनीक से गरीबों के लिए मकान बनाए जा रहे हैं। • कच्चे मकानों की समस्या: कम आय वर्ग और कमजोर तबके के लोग लंबे समय से सुरक्षित और पक्के आशियाने की बाट जोह रहे थे। इसी कमी को दूर करने के लिए विशेष आवासीय योजना शुरू की गई। • रुकावटों का समाधान: परियोजना के क्रियान्वयन में पहले कुछ व्यावहारिक दिक्कतें आई थीं, जिन्हें केंद्रीय शहरी कार्य मंत्रालय के सहयोग से सुलझाया गया। बाधाएं हटने के बाद ही इन दोनों ब्लॉक का काम पूरा हो सका। • नवाचार को बढ़ावा: पारंपरिक ईंट-गारे के निर्माण में अधिक समय और लागत लगती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए तेजी से तैयार होने वाली लाइट गेज स्टील फ्रेम तकनीक को अमल में लाया गया। • आगामी कदम: दो ब्लॉक शुरू होने के बाद अब प्रशासन का ध्यान बाकी बचे हुए ब्लॉक को तेजी से पूरा करने पर केंद्रित है, ताकि 1,000 फ्लैट्स का लक्ष्य हासिल किया जा सके। सवाल-जवाब 1. अगरतला में किन दो ब्लॉक का उद्घाटन किया गया है? मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अगरतला लाइटहाउस प्रोजेक्ट के ब्लॉक ए और ब्लॉक एफ का उद्घाटन किया है। 2. उद्घाटन किए गए ब्लॉक में कुल कितने फ्लैट्स तैयार हैं? इन दोनों ब्लॉक में कुल 278 फ्लैट्स पूरी तरह बनकर तैयार हैं और लाभार्थियों को दिए जाने के योग्य हैं। 3. इस पूरी लाइटहाउस परियोजना में कुल कितने मकान बनाने की योजना है? अगरतला लाइटहाउस प्रोजेक्ट के अंतर्गत कुल 1,000 फ्लैट्स बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। 4. प्रत्येक फ्लैट का क्षेत्रफल कितना है? प्रत्येक फ्लैट का आकार लगभग 30 वर्ग मीटर यानी करीब 320 वर्ग फुट है। 5. इन फ्लैट्स के निर्माण में किस तकनीक का उपयोग किया गया है? मकानों के निर्माण में आधुनिक लाइट गेज स्टील फ्रेम तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो टिकाऊ और तेज निर्माण सुनिश्चित करती है। 6. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कौन शामिल हुए? केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल वर्चुअल माध्यम से मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। https://trendkia.com/tripura/agartala-men-laitahausa-projekta-ke-do-bloka-shuru-jaruratamnda-parivaron-ko-milenge-pakke-ashiyane-53467 TrendKia — Har trend, sabse pehle.