पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी ने त्रिपुरा विधानसभा में दिए आंकड़े, 2025-26 में 3.15 प्रतिशत बढ़े सैलानी त्रिपुरा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 7.29 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.15 प्रतिशत अधिक हैं। विधानसभा सत्र में पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी ने राज्य में चल रही 400 करोड़ रुपये की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की जानकारी दी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान त्रिपुरा में आने वाले पर्यटकों की संख्या में 3.15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य के पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी ने विधान सभा के मानसून सत्र के पहले दिन यह जानकारी साझा की। विधायक तोफज्जल हुसैन और अंतरा सरकार देब द्वारा राज्य में पर्यटन बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यटकों के आगमन को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में मंत्री ने यह विस्तृत आंकड़े सदन के पटल पर रखे। घरेलू और विदेशी पर्यटकों के आंकड़े विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में कुल 7,29,414 पर्यटक राज्य में आए। इनमें 7,10,243 घरेलू पर्यटक और 19,171 अंतरराष्ट्रीय यात्री शामिल थे। इससे पिछले साल 2024-25 में राज्य में 7,07,173 पर्यटक पहुंचे थे, जिनमें 6,27,705 घरेलू और 79,468 विदेशी नागरिक शामिल थे। वहीं अगर 2023-24 के आंकड़ों को देखें तो उस दौरान कुल 5,45,299 सैलानी त्रिपुरा आए थे, जिनमें 4,69,328 घरेलू यात्री और 75,971 विदेशी पर्यटक शामिल रहे थे। पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश पर्यटन सुविधाओं को मजबूत करने के सरकारी प्रयासों को रेखांकित करते हुए सुशांत चौधरी ने बताया कि बीते तीन वर्षों के भीतर 12 छोटे और मध्यम स्तर की पर्यटन स्थल परियोजनाओं को पूरा किया गया है। इन परियोजनाओं पर कुल 87 करोड़ 87 लाख 42 हजार रुपये की लागत आई है। इसके अलावा, राज्य में लगभग 400 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली पांच बड़ी पर्यटन परियोजनाओं पर काम तेजी से चल रहा है। इन प्रमुख बड़ी परियोजनाओं में उदयपुर के बंदुआ में स्थित 51 शक्तिपीठ पार्क, चाबीमुरा, नारकेलकुंज, उनाकोटी में सोनामुखी और जिरानिया पार्क शामिल हैं। राज्य सरकार इन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। TTAADC क्षेत्र और प्रबंधन स्पष्टीकरण सदन की कार्यवाही के दौरान विधायक रंजीत देबबर्मा के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए पर्यटन मंत्री ने जानकारी दी कि चार छोटी और मध्यम पर्यटन परियोजनाएं त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (TTAADC) के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा विकसित की गई पर्यटन परियोजनाओं को TTAADC को सौंपने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। त्रिपुरा सरकार राज्य के आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे के निर्माण और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने में जुटी है। इसका आप पर असर त्रिपुरा में पर्यटन विकास और पर्यटकों की बढ़ती संख्या से राज्य और देश दोनों स्तरों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। • भारत में: पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटन को बढ़ावा मिलने से देश के भीतर सांस्कृतिक आदान-प्रदान और घरेलू यात्रा को नई गति मिलती है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी और लोकप्रियता में सुधार होता है। • त्रिपुरा में: नए पर्यटन स्थलों और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के निर्माण से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, होटल उद्योग, परिवहन और हस्तशिल्प कारोबार से जुड़े लोगों की कमाई में वृद्धि देखने को मिलेगी। सवाल-जवाब 1. 2025-26 में त्रिपुरा में कुल कितने पर्यटक आए? 2025-26 में त्रिपुरा में कुल 7,29,414 पर्यटक आए, जिनमें 7,10,243 घरेलू और 19,171 विदेशी पर्यटक शामिल थे। 2. त्रिपुरा में पर्यटकों के आगमन में कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई है? पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 2025-26 में त्रिपुरा आने वाले पर्यटकों की संख्या में 3.15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 3. राज्य में प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं पर कितना बजट खर्च किया जा रहा है? राज्य में लगभग 400 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पांच बड़ी पर्यटन परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जबकि बीते तीन वर्षों में 87.87 करोड़ रुपये की 12 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। 4. क्या राज्य सरकार पर्यटन परियोजनाओं को TTAADC को सौंपने जा रही है? पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार द्वारा विकसित पर्यटन परियोजनाओं को TTAADC को सौंपने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। https://trendkia.com/tripura/paryatana-mntri-sushanta-chowdhury-ne-tripura-vidhanasabha-men-die-ankare-2025-26-men-3-15-pratishata-barhe-sailani-23712 TrendKia — Har trend, sabse pehle.