त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मल्लिकार्जुन खर्गे के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति, बिना शर्त माफी की मांग त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे की टिप्पणी की कड़ी निंदा की है और उनसे देश से बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। अगरतला में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है क्योंकि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे के उस विवादास्पद बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। मुख्यमंत्री ने इस बयान को बेहद अपमानजनक और अस्वीकार्य करार देते हुए देश की जनता से तत्काल माफी की मांग की है। विवादित बयान और सियासी घमासान रविवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खर्गे ने भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति के उस दावे का जवाब देते हुए विवादित टिप्पणी की थी जिसमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री कहीं नहीं जाने वाले हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए खर्गे ने कथित रूप से कहा था कि मोदी का बाप भी जाएगा। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोशल मीडिया पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बताते हुए उनके दिवंगत पिता पर की गई यह टिप्पणी कांग्रेस पार्टी की हताशा और वैचारिक दिवालियापन को दर्शाती है। देश की भावनाओं का अपमान राज्य के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस तरह के बयानों से देश के 1.45 अरब नागरिकों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से अपील की है कि वह अपने अध्यक्ष के खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करें और पूरे देश के सामने बिना शर्त माफी मांगें। उनका मानना है कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है लेकिन व्यक्तिगत और अमर्यादित टिप्पणियां भारतीय राजनीति के गिरते स्तर का प्रमाण हैं। सड़क पर उतरी भारतीय जनता पार्टी इस बयान के विरोध में भारतीय जनता पार्टी का गुस्सा लगातार सड़कों पर भी दिखाई दे रहा है। राजधानी अगरतला में सोमवार को भाजपा की सदर जिला समिति की ओर से एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया जिसमें खर्गे के बयान का पुरजोर विरोध किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष तपस भट्टाचार्य ने सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि विपक्षी दल किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करने के लिए बेताब हैं और लगातार प्रधानमंत्री को निशाना बना रहे हैं। गठबंधन और राजनीतिक खींचातान विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी कांग्रेस और वामदलों की ही देन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह की भाषा और बयानबाजी विपक्ष की उस छटपटाहट को बेनकाब करती है जो सत्ता में वापसी के लिए किसी भी हद तक गिरने को तैयार बैठे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक तापमान को काफी बढ़ा दिया है और दोनों तरफ से तीखी बयानबाजी का दौर जारी है। त्रिपुरा सरकार और एसआरएफटीआई के बीच हाल ही में हुए शैक्षणिक समझौतों जैसे अन्य स्थानीय मुद्दों के बीच यह राजनीतिक विवाद मुख्य चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि कानूनी मामलों में दिल्ली की एक अदालत त्रिपुरा से जुड़े एक अन्य मामले में कार्रवाई कर चुकी है। इसका आप पर असर इस राजनीतिक विवाद का देश के आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर कोई सीधा असर नहीं पड़ता है, लेकिन यह देश के राजनीतिक माहौल और दलों के बीच बढ़ते तनाव को जरूर प्रभावित करता है। • भारत में: इस तरह की बयानबाजी से राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक ध्रुवीकरण और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो जाता है। इससे चुनावी बहसों का स्तर गिरता है और आम जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकता है। • त्रिपुरा में: अगरतला और पूरे राज्य में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच प्रदर्शनों और रैलियों के कारण सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रभावित हो सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह राजनीतिक विवाद कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिए गए अमर्यादित बयान के बाद भड़का है, जिसके जवाब में सत्तारूढ़ दल ने तीखा विरोध प्रदर्शन शुरू किया। • प्रत्यक्ष कारण: रविवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खर्गे द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणी इस पूरे विवाद की मुख्य वजह बनी। • राजनीतिक पृष्ठभूमि: लोकसभा चुनावों और विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी का स्तर लगातार तीखा होता जा रहा है। • संगठन की प्रतिक्रिया: भाजपा ने इस टिप्पणी को व्यक्तिगत हमला बताते हुए अपनी राज्य इकाइयों और जिला समितियों के जरिए तुरंत सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। सवाल-जवाब 1. त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने किससे माफी की मांग की है? त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे से बिना शर्त माफी की मांग की है। 2. मल्लिकार्जुन खर्गे ने यह विवादित बयान कहां दिया था? मल्लिकार्जुन खर्गे ने रविवार को पटना में एक कार्यक्रम के दौरान यह विवादित टिप्पणी की थी। 3. भाजपा ने खर्गे के बयान के विरोध में कहां प्रदर्शन किया? भाजपा की सदर जिला समिति ने सोमवार को अगरतला में इसके विरोध में एक रैली निकाली। 4. अगरतला में विरोध प्रदर्शन के दौरान किसने सभा को संबोधित किया? भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष तपस भट्टाचार्य ने अगरतला में आयोजित विरोध सभा को संबोधित किया। https://trendkia.com/tripura/tripura-chief-minister-manik-saha-demands-unconditional-apology-from-mallikarjun-kharge-over-remarks-on-pm-modi-52751 TrendKia — Har trend, sabse pehle.