त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा बोले, पर्यटन बढ़ा सकता है राज्य की आजीविका और अर्थव्यवस्था त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा है कि पर्यटन क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने और स्थानीय आजीविका को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने रविवार को इस बात पर जोर दिया कि राज्य की आर्थिक प्रगति को रफ्तार देने और स्थानीय निवासियों के लिए आय के नए साधन पैदा करने में पर्यटन क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सरकार इस सेक्टर को मजबूत करने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के प्रचार-प्रसार और स्थानीय लोगों के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि इस उद्योग में आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ सके। मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणियां अगरतला के वैष्णबटिला कम्युनिटी हॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 138वें 'मन की बातें' कार्यक्रम के लाइव प्रसारण को सुनने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहीं। इस आयोजन के दौरान विधायक मीना रानी सरकार के साथ-साथ पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। पर्यटन विकास और सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पर्यटन क्षेत्र को अब पहले से कहीं अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ राज्य की प्राचीन कला, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को संजोने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सेक्टर सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले क्षेत्रों में से एक है, और प्रशासन स्थानीय समुदायों को इस प्रक्रिया से जोड़ने के लिए लगातार जरूरी कदम उठा रहा है ताकि उन्हें सीधे तौर पर लाभ मिल सके। सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप राज्यभर के विभिन्न मंदिरों, ऐतिहासिक स्थलों और प्रमुख पर्यटन केंद्रों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया है। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं, जिसके चलते राज्य के अलग-अलग पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव और बढ़ती संभावनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों, विशेष आयोजनों और उत्सवों के दौरान आने वाले सैलानियों की संख्या में वृद्धि से न केवल आधारभूत ढांचे का विकास हो रहा है बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। पर्यटन का दायरा केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी खजाने के लिए राजस्व जुटाने और स्थानीय आर्थिकी को मजबूती प्रदान करने का भी एक बड़ा जरिया है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि वर्तमान में त्रिपुरा अपने जीएसडीपी के मामले में पूर्वोत्तर के राज्यों में दूसरे पायदान पर है, और पर्यटन के इस विस्तार से राज्य की आर्थिक गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। सरकार आने वाले दिनों में भी राज्य के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहेगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि इस विकास यात्रा का सीधा फायदा आम जनता तक पहुंचे। सांसदों और नेताओं द्वारा भी राज्य के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसका आप पर असर राज्य में पर्यटन के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और छोटे कारोबारियों की आमदनी में सुधार होगा। • भारत में: पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटन आधारित आजीविका के नए मॉडल अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। इससे क्षेत्रीय सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। • त्रिपुरा में: अगरतला और राज्य के अन्य पर्यटन केंद्रों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय ट्रांसपोर्ट, होटल और हस्तशिल्प कारोबारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। • बुनियादी ढांचा: मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों के जीर्णोद्धार से आने वाले दिनों में यात्रा और परिवहन सुविधाओं में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा। • कौशल विकास: स्थानीय युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाने से हॉस्पिटैलिटी और टूर गाइड जैसे क्षेत्रों में रोजगार के द्वार खुलेंगे। • स्थानीय अर्थव्यवस्था: उत्सवों और त्योहारों के दौरान पर्यटकों की आमद से राज्य के सकल घरेलू उत्पाद और राजस्व में सकारात्मक वृद्धि होगी। ऐसा क्यों हुआ सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के ये कदम राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पूर्वोत्तर में त्रिपुरा को एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा हैं। • आर्थिक विविधता: राज्य की जीडीपी को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा सेवा और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देना जरूरी हो गया था। • केंद्रीय दृष्टिकोण: प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश भर के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को पुनर्जीवित करने की व्यापक नीति के तहत यह कदम उठाए गए हैं। • बढ़ता रुझान: पिछले कुछ समय में त्योहारों और विशेष आयोजनों के दौरान पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा दर्ज किया गया है। • बुनियादी ढांचे की मांग: बढ़ते पर्यटक दबाव को संभालने और आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए स्थलों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। सवाल-जवाब 1. त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने पर्यटन को लेकर क्या बयान दिया? मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि पर्यटन राज्य की आर्थिक वृद्धि को गति देने और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है। 2. मुख्यमंत्री ने यह भाषण कहाँ दिया? उन्होंने अगरतला के वैष्णबटिला कम्युनिटी हॉल में प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुनने के बाद यह बात कही। 3. इस कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुआ? इस कार्यक्रम में विधायक मीना रानी सरकार, पार्टी के वरिष्ठ नेता और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। 4. जीएसडीपी के मामले में त्रिपुरा की स्थिति क्या है? त्रिपुरा वर्तमान में पूर्वोत्तर राज्यों के बीच जीएसडीपी के मामले में दूसरे स्थान पर है। 5. सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्या कर रही है? सरकार बुनियादी ढांचे का विकास कर रही है, मंदिरों और धरोहरों का जीर्णोद्धार कर रही है और स्थानीय समुदायों के लिए कौशल प्रशिक्षण दे रही है। https://trendkia.com/tripura/tripura-cm-manik-saha-stresses-tourism-potential-for-economic-expansion-and-job-creation-39618 TrendKia — Har trend, sabse pehle.