त्रिपुरा के 21 शहरी निकायों में 27 नवंबर को होगा मतदान, 2 दिसंबर को आएंगे नतीजे त्रिपुरा राज्य निर्वाचन आयोग ने 21 नगर निकायों के लिए चुनावी कार्यक्रम जारी कर दिया है, जिसके तहत 27 नवंबर को मतदान और 2 दिसंबर को मतों की गिनती होगी। त्रिपुरा में स्थानीय शासन को लेकर चुनावी बिगुल बज चुका है। राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि अगरतला नगर निगम समेत कुल 21 शहरी स्थानीय निकायों में आगामी 27 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। इस बड़े चुनावी ऐलान के साथ ही राज्य भर की नगर परिषदों और नगर पंचायतों में आदर्श आचार संहिता और चुनावी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी तरह सक्रिय हो गई है। चुनावों की इस औपचारिक घोषणा से शहरी क्षेत्रों में राजनीतिक हलचल अचानक तेज हो गई है। नामांकन, जांच और नाम वापसी की अहम तारीखें एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त प्रदीप कुमार चक्रवर्ती ने पूरी चुनावी समय-सारणी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित निर्वाचन अधिकारी 30 अक्टूबर को इस चुनाव की वैधानिक अधिसूचना जारी करेंगे। अधिसूचना जारी होते ही प्रत्याशी अपने पर्चे दाखिल कर सकेंगे। कार्यक्रम के मुताबिक, नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 नवंबर तय की गई है। इसके ठीक अगले दिन, यानी 7 नवंबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा या जांच की जाएगी। जो उम्मीदवार चुनावी मैदान से अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, वे 10 नवंबर तक अपना पर्चा वापस ले सकते हैं। इसके बाद 27 नवंबर को मतदान कराया जाएगा और 2 दिसंबर को मतों की गणना संपन्न होगी। मतदाताओं के आंकड़े और महिला भागीदारी इस संवाददाता सम्मेलन के दौरान राज्य के पुलिस महानिदेशक जी.एस. राव और राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव अनुराग सेन भी मौजूद थे। अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस बार शहरी निकाय चुनावों में कुल 6,29,903 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं। राज्य के मतदाता ढांचे की सबसे खास बात यह है कि यहां पुरुष मतदाताओं की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है। कुल मतदाताओं में 3,21,743 महिलाएं, 3,08,115 पुरुष और 45 थर्ड-जेंडर श्रेणी के मतदाता शामिल हैं, जो स्थानीय स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएंगे। सीटों का गणित और आरक्षण का ब्योरा राज्य के 21 शहरी स्थानीय निकायों के तहत कुल 345 वार्डों या सीटों पर मतदान कराया जाएगा। इनमें अकेले अगरतला नगर निगम के भीतर 51 सीटें आती हैं। बाकी बची 294 सीटें राज्य की 13 नगर परिषदों और सात नगर पंचायतों के बीच विभाजित हैं। सामाजिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए कुल 345 सीटों में से 162 सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रखी गई हैं। इसके अलावा 80 सीटें अनुसूचित जाति वर्ग के प्रत्याशियों के लिए और नौ सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों के लिए सुरक्षित की गई हैं। मतदान केंद्र, मतगणना हॉल और सुरक्षा व्यवस्था प्रशासनिक स्तर पर चुनाव को निष्पक्ष और सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि चुनावी निगरानी के लिए पूरे राज्य में 23 निर्वाचन अधिकारी और 81 सहायक निर्वाचन अधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही विभिन्न अनुमंडलों में स्थित निर्दिष्ट केंद्रों पर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की देखरेख में कुल 23 मतगणना हॉल स्थापित किए जाएंगे। नगर विकास विभाग ने इन चुनावों के मद्देनजर मतदान केंद्रों की अंतिम सूची पहले ही जारी कर दी है, जिसके तहत अगरतला नगर निगम, 13 नगर परिषदों और सात नगर पंचायतों को मिलाकर कुल 783 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इससे पहले चुनावी तैयारियों को पुख्ता करते हुए 15 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन भी पूरा कर लिया गया था। इसका आप पर असर त्रिपुरा के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों के लिए नगर निकाय चुनावों की घोषणा से बुनियादी नागरिक सुविधाओं और स्थानीय नीतिगत फैसलों की दिशा तय होगी। • त्रिपुरा के शहरी निवासियों के लिए: स्थानीय वार्ड प्रतिनिधियों के चुनाव से सड़क, जल निकासी, स्वच्छता और स्ट्रीट लाइट जैसी दैनिक नागरिक सुविधाओं की निगरानी सीधे तौर पर प्रभावित होगी। मतदाता अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए 27 नवंबर को नए पार्षदों का चुनाव करेंगे। • चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए: चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को 6 नवंबर तक अपने नामांकन पत्र दाखिल करने होंगे, जबकि नाम वापसी के लिए 10 नवंबर तक का समय निर्धारित है। सभी कागजी कार्रवाई और प्रचार अभियान तय समय-सीमा के भीतर ही पूरे करने होंगे। • महिला मतदाताओं और उम्मीदवारों के लिए: कुल 345 सीटों में से 162 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिससे स्थानीय शहरी शासन में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी। महिला मतदाता 3,21,743 की संख्या के साथ चुनावी नतीजों में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। • चुनावी क्षेत्र के नागरिकों के लिए: 783 मतदान केंद्रों और 23 मतगणना हॉलों की स्थापना के साथ मतदान के दिन प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था सख्त रहेगी। स्थानीय स्तर पर आचार संहिता लागू होने से नए सार्वजनिक विकास कार्यों की घोषणाओं पर मतदान संपन्न होने तक रोक रहेगी। ऐसा क्यों हुआ त्रिपुरा राज्य निर्वाचन आयोग ने संवैधानिक आवश्यकताओं और शहरी निकायों के निर्धारित कार्यकाल के मद्देनजर 21 स्थानीय निकायों में चुनाव कराने का फैसला लिया है। • संवैधानिक अनिवार्यता: स्थानीय शासन में चुनी हुई परिषदों की निरंतरता बनाए रखने के लिए समय पर चुनाव कराना अनिवार्य होता है। अगरतला नगर निगम समेत 21 निकायों का कार्यकाल समाप्त होने के निकट आने से नई परिषदों का गठन जरूरी हो गया था। • प्रशासनिक तैयारियों की पूर्णता: आयोग ने 15 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की थी और शहरी विकास विभाग ने 783 मतदान केंद्रों की सूची पूरी कर ली थी। इन अनिवार्य जमीनी तैयारियों के पूरा होने के तुरंत बाद आयोग ने औपचारिक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। • सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स समन्वय: पुलिस महानिदेशक और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति को मतदान के अनुकूल पाया गया। इसके बाद ही नामांकन, संवीक्षा और 23 मतगणना हॉलों की स्थापना का विस्तृत रोडमैप फाइनल किया गया। सवाल-जवाब 1. त्रिपुरा में शहरी निकाय चुनाव किस तारीख को होंगे? त्रिपुरा के 21 शहरी निकायों में 27 नवंबर को मतदान होगा और 2 दिसंबर को मतों की गणना की जाएगी। 2. उम्मीदवारों के लिए नामांकन दाखिल करने और वापस लेने की अंतिम तारीख क्या है? नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 नवंबर है, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 10 नवंबर तय की गई है। 3. इस चुनाव में कुल कितने मतदाता भाग लेने के पात्र हैं? कुल 6,29,903 पात्र मतदाता हैं, जिनमें 3,21,743 महिलाएं, 3,08,115 पुरुष और 45 थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल हैं। 4. कितने शहरी निकायों और सीटों पर यह चुनाव आयोजित हो रहा है? यह चुनाव 21 शहरी निकायों की कुल 345 सीटों पर हो रहा है, जिसमें अगरतला नगर निगम की 51 सीटें शामिल हैं। 5. इन चुनावों में महिलाओं और अन्य श्रेणियों के लिए कितनी सीटें आरक्षित हैं? कुल 345 सीटों में से 162 सीटें महिलाओं के लिए, 80 सीटें अनुसूचित जाति के लिए और 9 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। 6. राज्य भर में कितने मतदान केंद्र और मतगणना हॉल बनाए गए हैं? चुनाव के लिए कुल 783 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और मतों की गिनती के लिए 23 मतगणना हॉल स्थापित किए जाएंगे। https://trendkia.com/tripura/tripura-ke-21-shahari-nikayon-men-27-navnbara-ko-hoga-matadana-2-disnbara-ko-aenge-natije-53544 TrendKia — Har trend, sabse pehle.