# त्रिपुरा में चिकित्सा तंत्र मजबूत: एडी नगर में पॉलीक्लीनिक और पांच नए आरोग्य मंदिर भवनों की शुरुआत

> त्रिपुरा सरकार ने प्राथमिक व आधुनिक चिकित्सा ढांचे को बढ़ाते हुए एडी नगर में पॉलीक्लीनिक और पांच आरोग्य मंदिर भवनों का लोकार्पण किया।

**Type:** article · **Category:** त्रिपुरा · **Published:** 2026-09-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/tripura/tripura-men-chikitsa-tntra-majabuta-ad-nagar-men-poliklinika-aura-pancha-nae-arogya-mandir-bhavanon-ki-shuruata-37941 · **Language:** Hindi
**Tags:** त्रिपुरा स्वास्थ्य सेवा, माणिक साहा, एडी नगर पॉलीक्लीनिक, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, अगरतला विकास, स्वास्थ्य ढांचा

त्रिपुरा में जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं का नया विस्तार सामने आया है। राज्य में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की रणनीति के तहत एडी नगर में एक नए शहरी पॉलीक्लीनिक का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इसी कार्यक्रम के दौरान पांच अलग-अलग इलाकों में तैयार किए गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवनों को भी डिजिटल माध्यम से आम जनता को समर्पित किया गया।

## शहरी पॉलीक्लीनिक और नए स्वास्थ्य केंद्र
एडी नगर में स्थापित इस शहरी पॉलीक्लीनिक को तैयार करने में 2.10 करोड़ रुपये की निर्माण लागत आई है। इस दो मंजिला परिसर में मरीजों की जांच और उपचार के लिए 12 कमरों की व्यवस्था की गई है। लोकार्पण संपन्न होने के पश्चात मुख्यमंत्री माणिक साहा ने चिकित्सा कक्षों और उपलब्ध संसाधनों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इसके साथ ही जिन पांच स्थानों पर नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवनों की शुरुआत हुई, उनमें राधा नगर, धलेश्वर, जगाहरिमुड़ा, उजान अभयनगर और रामकृष्ण शिवालय आश्रम शामिल हैं।

## राज्यभर में प्राथमिक चिकित्सा का विस्तार
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माणिक साहा ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा पहुंचाना प्रशासन का मुख्य संकल्प है। उन्होंने रेखांकित किया कि दूरदराज तक प्राथमिक स्वास्थ्य तंत्र को सुदृढ़ करने के साथ-साथ जिला और रेफरल अस्पतालों में भी आधुनिक उपकरण जोड़े जा रहे हैं। राज्यभर में अब तक लगभग 1,110 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू किए जा चुके हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर ही परामर्श और दवाइयां सुलभ हो रही हैं।

> पहले ही राज्यभर में 1,110 आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा चुके हैं।

## बाहर जाने वाले मरीजों की संख्या में गिरावट
स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध होने से राज्य के बाहर रेफर होने वाले गंभीर मरीजों के आंकड़ों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023 के दौरान कुल 555 मरीजों को बेहतर उपचार हेतु राज्य से बाहर भेजा गया था। यह आंकड़ा 2024 में सिमटकर 495 रह गया, जबकि 2025 में और घटकर 366 पर आ गया। वर्ष 2026 में अब तक यह संख्या केवल 161 दर्ज की गई है, जो राज्य के भीतर विकसित हो रही चिकित्सा सुविधाओं की उपयोगिता को दर्शाती है।

## समारोह में उपस्थित प्रशासनिक प्रतिनिधि
इस विकास परियोजना के उद्घाटन अवसर पर सांसद राजीव भट्टाचार्य, अगरतला नगर निगम के मेयर दीपक मजूमदार तथा विधायक मीना रानी सरकार उपस्थित रहे। इसके अलावा पश्चिम त्रिपुरा के जिलाधिकारी डॉ. विशाल कुमार, पश्चिम त्रिपुरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी शंकर चक्रवर्ती, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य जनप्रतिनिधि भी आयोजन का हिस्सा बने।

## इसका आप पर असर
इस स्वास्थ्य विस्तार से स्थानीय नागरिकों को अपने क्षेत्र के निकट प्राथमिक परामर्श और आधुनिक जांच सुविधाएं मिल सकेंगी।

- **त्रिपुरा में:** राज्य के निवासियों को अब सामान्य रोगों और प्राथमिक उपचार के लिए दूरदराज के बड़े अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा मिलने से लोगों के समय और यात्रा खर्च में भारी बचत होगी।
- **रेफरल मामलों में राहत:** गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान राज्य के भीतर ही संभव हो सकेगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के लिए बाहरी राज्यों में जाने की विवशता कम होगी।
- **शहरी आबादी के लिए:** एडी नगर और आसपास के वार्डों में रहने वाले नागरिकों को 12 कमरों वाले सर्वसुविधायुक्त पॉलीक्लीनिक का सीधा फायदा मिलेगा। नियमित जांच और ओपीडी परामर्श अब पड़ोस में ही उपलब्ध रहेगा।
- **आरोग्य मंदिरों की पहुंच:** पांच नए केंद्रों के शुरू होने से राधा नगर, धलेश्वर और उजान अभयनगर के निवासियों को दवाइयां लेने में आसानी होगी। इससे जिला अस्पतालों पर मरीजों की अनावश्यक भीड़ का दबाव कम होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
त्रिपुरा सरकार द्वारा प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने और आधुनिक जांच केंद्रों का विस्तार करने की योजना के तहत यह कदम उठाया गया है।

- **बुनियादी ढांचे का उन्नयन:** राज्य में शहरी आबादी के बढ़ते दबाव को संभालने के लिए प्राथमिक केंद्रों को आधुनिक भवनों में स्थानांतरित किया जा रहा है। 2.10 करोड़ रुपये की लागत से एडी नगर केंद्र का निर्माण इसी रणनीति का हिस्सा है।
- **बाहरी निर्भरता समाप्त करना:** पूर्व के वर्षों में उन्नत चिकित्सा के अभाव के कारण सैकड़ों मरीजों को बाहरी राज्यों के अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। इसी समस्या को दूर करने के लिए जिला व उप-केंद्र स्तर पर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।
- **आरोग्य मंदिर योजना का विस्तार:** राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों के तहत राज्यभर में 1,110 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सक्रिय करने का लक्ष्य निर्धारित था। उसी क्रम में पांच नए भवनों का निर्माण पूरा कर उन्हें जनता को सौंपा गया।

## सवाल-जवाब

### 1. एडी नगर में शुरू किए गए नए शहरी पॉलीक्लीनिक की लागत कितनी है?
एडी नगर में बने इस 12 कमरों वाले शहरी पॉलीक्लीनिक के निर्माण पर 2.10 करोड़ रुपये की लागत आई है।

### 2. किन पांच क्षेत्रों में नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवनों का उद्घाटन हुआ?
यह नए भवन राधा नगर, धलेश्वर, जगाहरिमुड़ा, उजान अभयनगर और रामकृष्ण शिवालय आश्रम में शुरू किए गए हैं।

### 3. त्रिपुरा में अब तक कुल कितने आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा चुके हैं?
राज्यभर में प्राथमिक चिकित्सा तंत्र को सुदृढ़ करते हुए लगभग 1,110 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू किए जा चुके हैं।

### 4. राज्य के बाहर रेफर होने वाले मरीजों की संख्या में क्या बदलाव आया है?
बाहर रेफर होने वाले मरीजों की संख्या 2023 में 555 थी, जो 2024 में 495, 2025 में 366 और 2026 में घटकर 161 रह गई है।

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