त्रिपुरा सरकार ने सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए 'AI उत्सव 2026' के तहत मुफ्त ट्रेनिंग की शुरुआत की त्रिपुरा सरकार ने सरकारी स्कूलों के कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए 'AI उत्सव - स्किल कॉम्पिटिशन 2026' की घोषणा की है, जिसके तहत उन्हें मुफ्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स और राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणपत्र मिलेगा। त्रिपुरा प्रशासन ने युवा दिमागों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सरल बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा शैक्षिक अभियान शुरू किया है। राज्य स्तर पर शुरू किए गए इस नए कार्यक्रम का लक्ष्य सरकारी स्कूलों के छात्रों को आधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करना है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी नई पीढ़ी को तैयार करना है जो भविष्य के तकनीकी परिदृश्य का सामना करने के लिए पूरी तरह से सक्षम हो। स्किलिंग अभियान का दायरा और संरचना "AI उत्सव – स्किल कॉम्पिटिशन 2026" नाम के इस महत्वाकांक्षी शैक्षिक कार्यक्रम के तहत छात्रों को बिना किसी वित्तीय बोझ के उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी जाएगी। इस योजना के तहत राज्य के सभी आठ जिलों में स्थित सरकारी स्कूलों के कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12 तक के छात्र हिस्सा ले सकेंगे। इन विशेष प्रशिक्षण कोर्स को स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह हब कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाने वाला एक प्रमुख राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है। कौशल विकास निदेशक प्रदीप कृष्णराज ने जानकारी दी कि इस व्यापक कार्यक्रम को राज्य के लगभग 1,920 सरकारी स्कूलों में लागू करने का प्रस्ताव है, जहां कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होती है। जो छात्र इन कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा कर लेंगे, वे सीधे SIDH प्लेटफॉर्म से एक राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकेंगे। यह डिजिटल प्रमाणपत्र छात्रों के शैक्षणिक करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा और नई तकनीकों में उनके हुनर को आधिकारिक पहचान देगा। तकनीकी आत्मविश्वास को बढ़ावा देना इस कार्यक्रम को शुरू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्रों को उनके शुरुआती वर्षों में ही उन्नत कंप्यूटिंग अवधारणाओं से परिचित कराना है। कम उम्र में ही आधुनिक तकनीकों का अनुभव प्रदान करके, राज्य सरकार छात्रों में मजबूत डिजिटल आत्मविश्वास पैदा करना चाहती है। प्रदीप कृष्णराज ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की पहल से छात्र उन कौशलों को विकसित कर सकेंगे, जो आज के तेजी से बदलते तकनीकी युग और काम के माहौल में तालमेल बिठाने के लिए बेहद जरूरी हैं। कौशल विकास का एक बड़ा ढांचा यह विशिष्ट AI अभियान त्रिपुरा में पहले से स्थापित एक बड़े और व्यवस्थित ढांचे का हिस्सा है, जिसे राष्ट्रीय स्तर के 'इंडिया स्किल्स कॉम्पिटिशन' के साथ जोड़ा गया है। अंतरराष्ट्रीय 'वर्ल्डस्किल्स' मानकों के अनुरूप तैयार किया गया यह ढांचा राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं की पहचान करने, उन्हें प्रशिक्षित करने और भविष्य के लिए तैयार करने का काम करता है। राज्य सरकार ने इसके लिए 26 अलग-अलग कौशल क्षेत्रों की पहचान की है। इनमें ग्राफिक डिज़ाइन टेक्नोलॉजी, मोबाइल और सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन डेवलपमेंट, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी और वेब टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा इंडस्ट्री 4.0, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, डिजिटल कंस्ट्रक्शन, ICT नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर और मैकेनिकल इंजीनियरिंग CAD जैसे आधुनिक और पारंपरिक इंजीनियरिंग क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है। इस प्रशिक्षण को उच्च स्तरीय बनाने के लिए राज्य ने देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों को अपने साथ जोड़ा है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) अगरतला, त्रिपुरा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (TIT), एमएसएमई (MSME) टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) अगरतला जैसे संस्थानों को प्रमुख सहायता केंद्रों के रूप में नामित किया गया है। ये संस्थान छात्रों की स्क्रीनिंग, ट्रेनिंग, मार्गदर्शन और तैयारी की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। इसका आप पर असर यह पहल तकनीकी शिक्षा को सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे सरकारी स्कूलों के बच्चों को ऐसे आधुनिक कौशल सीखने का मौका मिलेगा जो आमतौर पर काफी महंगे होते हैं। • भारत में: स्किल इंडिया डिजिटल हब जैसे सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म का यह उपयोग यह दिखाता है कि कैसे देश के सार्वजनिक शिक्षा ढांचे को आधुनिक बनाया जा रहा है। दूसरे राज्य भी अपने सरकारी स्कूलों में इसी तरह की तकनीकी शिक्षा लागू करने के लिए इसे एक मॉडल के रूप में अपना सकते हैं। • त्रिपुरा में: राज्य के सभी आठ जिलों के लगभग 1,920 सरकारी स्कूलों के छात्रों को इस बेहतरीन तकनीकी प्रशिक्षण का सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणपत्र मिलेंगे, जिससे भविष्य में उनके रोजगार और उच्च शिक्षा के अवसर काफी बढ़ जाएंगे। • अभिभावकों और छात्रों के लिए: परिवारों को इन बेहतरीन और आधुनिक कोर्सेज के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं देनी होगी क्योंकि सरकार इन्हें पूरी तरह से मुफ्त दे रही है। इससे साइबर सुरक्षा, सॉफ्टवेयर विकास और AI इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने के रास्ते आसान हो जाएंगे। ऐसा क्यों हुआ इस राज्य-स्तरीय पहल की शुरुआत का मुख्य कारण डिजिटल विभाजन को कम करना और छात्रों को एक ऐसे वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार करना है जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बुनियादी जरूरत बनती जा रही है। • भविष्य के लिए तैयार पीढ़ी: इसका मुख्य कारण दुनिया भर के आर्थिक परिदृश्य में हो रहा बदलाव है, जहां अब तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों की मांग बढ़ रही है। माध्यमिक स्तर पर ही AI की शुरुआत करने से सरकारी स्कूलों के बच्चे निजी स्कूलों के बच्चों से पीछे नहीं रहेंगे। • राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे का उपयोग: स्किल इंडिया डिजिटल हब जैसे पहले से मौजूद राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म का उपयोग करने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से उच्च स्तरीय कोर्स उपलब्ध कराना संभव हो सका है। इस साझेदारी से बिना अतिरिक्त खर्च के विश्वस्तरीय शिक्षा दी जा सकेगी। • व्यापक कौशल विकास की योजना: यह पहल त्रिपुरा के 'इंडिया स्किल्स कॉम्पिटिशन' ढांचे के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। NIT और NIELIT जैसी प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय संस्थाओं के साथ साझेदारी करके राज्य ने एक ऐसा मजबूत तंत्र तैयार किया है जो उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण को लंबे समय तक जारी रख सकता है। सवाल-जवाब 1. त्रिपुरा में शुरू की गई नई पहल का नाम क्या है? इस पहल का नाम "AI उत्सव – स्किल कॉम्पिटिशन 2026" है। 2. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कौन से छात्र भाग लेने के पात्र हैं? त्रिपुरा के सभी आठ जिलों के सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाले छात्र इसमें भाग ले सकते हैं। 3. ये मुफ्त कोर्स किस प्लेटफॉर्म के जरिए प्रदान किए जाएंगे? ये कोर्स स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे, जो कौशल विकास मंत्रालय का मंच है। 4. इस कार्यक्रम के तहत त्रिपुरा के कितने स्कूलों को कवर किया जाएगा? इस कार्यक्रम के तहत राज्य के लगभग 1,920 सरकारी स्कूलों को कवर करने का प्रस्ताव है। 5. क्या कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों को कोई प्रमाण पत्र मिलेगा? हां, सफलतापूर्वक कोर्स पूरा करने वाले छात्र SIDH से राष्ट्रीय स्तर का डिजिटल प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकेंगे। https://trendkia.com/tripura/tripura-sarakara-ne-sarakari-skulon-ke-bachchon-ke-lie-ai-utsava-2026-ke-tahata-muphta-treninga-ki-shuruata-ki-32941 TrendKia — Har trend, sabse pehle.