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  "type": "article",
  "title": "त्रिपुरा निकाय चुनाव: 27 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए कुल 879 उम्मीदवारों ने दाखिल किए पर्चे",
  "summary": "त्रिपुरा में आगामी 27 नवंबर को होने वाले स्थानीय शहरी निकाय चुनावों के लिए कुल 879 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य चुनाव आयोग ने पूरी चुनावी तस्वीर साफ कर दी है।",
  "content": "अगरतला में राज्य चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को जानकारी दी कि त्रिपुरा में 27 नवंबर को आयोजित होने वाले शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए कुल 879 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में सबसे अधिक 345 प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि विपक्षी दलों में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) ने 263 और कांग्रेस पार्टी ने 221 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इसके अलावा, भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी पार्टी टिपरा मोथा पार्टी ने 15 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं और 35 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनावी समर में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।\n\nनामांकन और नाम वापसी का पूरा शेड्यूल\n\nउम्मीदवारों द्वारा अपने पर्चे दाखिल करने की अंतिम तारीख शुक्रवार थी, जिसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर संपन्न हो गई। चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को सभी प्राप्त नामांकनों की जांच की जाएगी, जबकि उम्मीदवार आगामी 10 नवंबर तक अपने नाम वापस ले सकते हैं। राज्य के सभी आठ जिलों में फैले कुल 21 शहरी स्थानीय निकायों के लिए यह मतदान संपन्न होगा, जिसमें अगरतला नगर निगम भी शामिल है।\n\nपांच नगर निकायों में बिना मुकाबले जीत की स्थिति\n\nचुनाव प्रक्रिया के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है जिसके तहत पांच नगर निकायों में भारतीय जनता पार्टी का कोई भी विरोधी उम्मीदवार मैदान में नहीं है क्योंकि विपक्षी दलों की तरफ से वहां किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। इन क्षेत्रों में धलाई जिले का कमलपुर, दक्षिण त्रिपुरा जिले का शांतिम बाजार और पश्चिम त्रिपुरा जिले के रानीर बाजार, जिरानिया तथा मोहनपुर शामिल हैं। विपक्षी दलों जैसे सीपीएम और कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ दल के समर्थकों ने उनके उम्मीदवारों और प्रस्तावक बनने वाले लोगों को डराया-धमकाया, जिस कारण वे चुनावी मैदान में दाखिल नहीं हो सके।\n\nकुल मतदाता और सीटों का पूरा गणित\n\nत्रिपुरा राज्य चुनाव आयोग के अधिकारी ने बताया कि इन चुनावों में कुल 6,29,903 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के योग्य हैं। इन पात्र मतदाताओं में 3,21,743 महिला मतदाता, 3,08,115 पुरुष मतदाता और 45 मतदाता तीसरे लिंग के शामिल हैं। पूरे राज्य के 21 शहरी निकायों के अंतर्गत आने वाली कुल 345 सीटों पर वोट डाले जाएंगे, जिनमें अकेले अगरतला नगर निगम के अंतर्गत 51 सीटें आती हैं। कुल सीटों में से 162 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं, जबकि अनुसूचित जातियों के लिए 80 सीटें और अनुसूचित जनजातियों के लिए 9 सीटें निर्धारित की गई हैं।\n\nनिकायों का कार्यकाल और मतगणना की तारीख\n\nअगरतला नगर निगम सहित सभी 21 शहरी स्थानीय निकायों का मौजूदा कार्यकाल आगामी 9 दिसंबर को समाप्त होने जा रहा है। 27 नवंबर को होने वाले इन स्थानीय निकाय चुनावों के लिए डाले गए वोटों की गिनती 2 दिसंबर को की जाएगी, जिसके बाद चुनाव के नतीजे स्पष्ट हो जाएंगे।\n\nइसका आप पर असर\nत्रिपुरा में होने वाले शहरी स्थानीय निकाय चुनावों का असर वहां के स्थानीय नागरिकों के रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज और स्थानीय विकास कार्यों पर सीधे तौर पर पड़ेगा।\n\n• त्रिपुरा में: राज्यभर के 21 शहरी निकायों के मतदाता अपने स्थानीय पार्षदों का चुनाव करेंगे, जो उनके वार्डों में सड़क, पानी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रबंधन करेंगे। इन चुनावों के नतीजे 2 दिसंबर को आएंगे, जिसके बाद नए स्थानीय प्रतिनिधियों का कार्यकाल शुरू होगा।\n• भारत में: यह चुनाव पूर्वोत्तर राज्य में क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों और विभिन्न दलों की जमीनी पकड़ का आकलन करने का एक अहम माध्यम बनते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nस्थानीय निकायों के चुनाव जनप्रतिनिधियों के पांच साल के निर्धारित कार्यकाल के पूरा होने के तय समय पर कराए जा रहे हैं। सभी 21 शहरी स्थानीय निकायों और अगरतला नगर निगम का मौजूदा कार्यकाल 9 दिसंबर को समाप्त होने वाला है, जिसके चलते यह चुनावी प्रक्रिया शुरू की गई है।\n\n• नियत कार्यकाल समाप्ति: राज्य के सभी 21 शहरी स्थानीय निकायों का पांच वर्षीय प्रशासनिक कार्यकाल 9 दिसंबर को पूरा हो रहा है, जिससे समय पर नए चुनाव कराना संवैधानिक रूप से आवश्यक हो गया था।\n• नामांकन प्रक्रिया का समापन: चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि समाप्त हुई, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीयों ने कुल 879 पर्चे भरे।\n• विपक्षी दलों के आरोप: पांच नगर निकायों में किसी भी विपक्षी उम्मीदवार के नामांकन न दाखिल करने की स्थिति पर सीपीएम और कांग्रेस ने सत्तारूढ़ दल के समर्थकों द्वारा कथित धमकी दिए जाने के आरोप लगाए हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. त्रिपुरा में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव कब आयोजित होंगे?\nत्रिपुरा में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव 27 नवंबर को आयोजित किए जाएंगे।\n\n2. इन चुनावों के लिए कुल कितने उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है?\nइन चुनावों के लिए कुल 879 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं।\n\n3. भारतीय जनता पार्टी ने कितने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है?\nभारतीय जनता पार्टी ने इन चुनावों में कुल 345 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।\n\n4. डालए गए वोटों की गिनती किस तारीख को की जाएगी?\nडालए गए वोटों की गिनती 2 दिसंबर को की जाएगी।\n\n5. इन चुनावों में कुल कितने मतदाता वोट डालने के योग्य हैं?\nइन चुनावों में कुल 6,29,903 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के योग्य हैं।\n\n6. कितने नगर निकायों में सत्तारूढ़ दल के सामने कोई विपक्षी उम्मीदवार नहीं है?\nपाँच नगर निकायों में विपक्षी दलों का कोई उम्मीदवार न होने के कारण वहां मुकाबला नहीं है।",
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  "publishedAt": "2026-11-07",
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