गंभीर चोट के बाद भी फिनाले में डटीं अनुपमा, राही ने श्रुति को सिखाया सबक टीवी शो अनुपमा में अपनी चोट की परवाह किए बिना अनुपमा फिनाले जीतने की जिद पर अडिग हैं, वहीं राही ने श्रुति को करारा जवाब दिया है। टेलीविजन के चर्चित धारावाहिक अनुपमा में इन दिनों भावनाओं और ड्रामे का मिला-जुला रूप देखने को मिल रहा है। मुख्य किरदार अनुपमा अपने शारीरिक दर्द से जूझ रही हैं, वहीं परिवार के भीतर रिश्तों के समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। डॉक्टर की हिदायत के बाद भी अनुपमा अपने रुख पर अडिग हैं, जबकि राही के बदले हुए मिजाज ने सभी को अचरज में डाल दिया है। अनुपमा के प्रति प्रेम और राही की बढ़ती हमदर्दी ने घर के अन्य सदस्यों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे श्रुति की बनाई रणनीतियां उसी के खिलाफ जाती दिख रही हैं। पैर में सूजन के बाद भी अनुपमा का अटूट संकल्प कहानी के नए घटनाक्रम की शुरुआत दिग्विजय की उस जानकारी से होती है, जिसमें वे अनुपमा के पैर में आई गंभीर सूजन का जिक्र करते हैं। अनुपमा की यह शारीरिक तकलीफ देखकर प्रेम और राही तुरंत उनकी सहायता के लिए आगे आते हैं। दोनों को एक साथ अनुपमा की देखभाल करते देख गौतम की मंशा बदल जाती है। वह तुरंत श्रुति के पास जाकर उसे उकसाने का प्रयास करता है कि प्रेम और राही अब अनुपमा के पक्ष में खड़े हो रहे हैं। गौतम की बातें सुनकर श्रुति के मन में डर बैठने लगता है। इधर अनुपमा जब राही को अपने काम करने से रोकने की कोशिश करती है, तब किंजल बीच में आकर पूरे शाह परिवार को सलाह देती है कि वे अनुपमा को पूरी तरह विश्राम करने दें। राही भी अपनी मां से अपनी सेहत का ध्यान रखने का आग्रह करती है। हालांकि अनुपमा बेहद दृढ़ता से जवाब देती है कि वह पूरी तरह ठीक है और रुकने वाली नहीं है। अनुपमा के संघर्ष को देखकर दिग्विजय ईश्वर से प्रार्थना करता है कि इस सहनशील महिला को इतनी वेदना क्यों दी जा रही है, और मांग करता है कि उनके जीवन में खुशियां लौटनी चाहिए। बेटियों के सपने के लिए मुकाबला जीतने की जिद चिकित्सक की सलाह का हवाला देते हुए राही एक बार फिर अनुपमा को लगातार खड़े रहने से मना करती है। इस मुश्किल समय में मदद करने के लिए अनुपमा प्रेम और राही दोनों का दिल से आभार व्यक्त करती है। इस पर राही अपनी पुरानी भूलों को स्वीकार करती है और नम्रता दिखाती है। दूसरी तरफ, परितोष और पाखी के मन में अलग ही गणित चल रहा है। वे दोनों स्वार्थ में डूबे हुए सोच रहे हैं कि यदि अनुपमा स्वस्थ होकर यह प्रतियोगिता जीत जाती है, तो इसका प्रत्यक्ष फायदा उन्हीं को पहुंचेगा। बातों-बातों में राही अनुपमा को बताती है कि प्रेम दिल का अच्छा इंसान है, लेकिन उसका ध्यान अक्सर भटक जाता है। इसी दौरान अनुपमा अपने मन की असली मंशा उजागर करती है। अनुपमा स्पष्ट कहती है, "मैं किसी को हराने के लिए नहीं, बल्कि अपनी बेटियों के लिए घर बनाना चाहती हूं।" यही वजह है कि वह इस प्रतियोगिता को हर कीमत पर अपने नाम करना चाहती है। राही उन्हें अपनी सेहत को जोखिम में न डालने की सलाह देती है, हालांकि वह यह भी साफ कर देती है कि फिनाले में अनुपमा को देखकर खुश होने के बाद भी वह अपने वादे के मुताबिक प्रेम का ही साथ देगी। श्रुति के कड़वे बोल पर राही का तगड़ा पलटवार अनुपमा की हालत सुधर सके, इसलिए जब दिग्विजय उन्हें दवाइयां लाकर देता है, तो अनुपमा ठान लेती है कि उन्हें अगले दिन तक हर हाल में अपने पैरों पर खड़ा होना होगा। उधर, घर लौटने के बाद श्रुति का गुस्सा फूट पड़ता है। वह प्रेम पर इसलिए भड़कती है क्योंकि उसने अनुपमा का सहयोग किया था। जब श्रुति राही पर अपनी भड़ास निकालने लगती है, तो राही चुप रहने के बजाय उसे करारा जवाब देती है। राही कहती है, "एक असली मां कभी अपनी की हुई मदद का अहसास नहीं दिलाती।" राही की यह बात सीधे श्रुति के व्यवहार पर चोट करती है। प्रेम भी मन ही मन एक बड़ा फैसला लेता है। वह तय करता है कि उसे किसी भी तरह यह मुकाबला जीतना होगा, ताकि वह कैफे में श्रुति का हिस्सा उसे लौटा सके और उसके अनुचित दबाव को हमेशा के लिए समाप्त कर सके। शाह हाउस में नया कलह और आने वाले एपिसोड का मोड़ दूसरी तरफ शाह हाउस के भीतर परिस्थितियां और भी बिगड़ने लगती हैं। ईशानी, माही, प्रेरणा और पाखी के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस और लड़ाई शुरू हो जाती है। इस झगड़े को देखकर लीला सारा दोष प्रेरणा पर मढ़ देती है और उस पर अशांति फैलाने का आरोप लगाती है। घर के सदस्यों को इस तरह आपस में उलझते देखकर अनुपमा बेहद हैरान और दुखी हो जाती है। आगामी झलक में दिखाया गया है कि लीला अनुपमा से सवाल करती है कि वह दिग्विजय के साथ बाहर क्यों घूम रही थी। इस पर अनुपमा सफाई देती है कि वह अपने सपनों के घर के लिए ऋण का आवेदन करने बैंक गई थी। इसी बीच माही एक बड़ा फैसला लेकर अनुपमा का गुट छोड़ देती है और प्रेरणा पर अधिक विश्वास जताती है। इसके बाद बांकू अनुपमा के दल में शामिल हो जाता है, जबकि माही सीधे प्रेम के पाले में जाकर खड़ी हो जाती है, जिससे शाह परिवार के सदस्य आश्चर्यचकित रह जाते हैं। इसका आप पर असर दर्शकों के लिए: इस एपिसोड में दिखाया गया पारिवारिक ड्रामा और अनुपमा का संघर्ष शो की आगामी प्रतियोगिता के फिनाले में नया मोड़ लाएगा। प्रशंसकों के लिए: अनुपमा और उसकी बेटियों के बीच बदलते रिश्तों के समीकरण से आने वाले एपिसोड्स में टीमों के बीच की प्रतिद्वंद्विता और दिलचस्प होने वाली है। सवाल-जवाब 1. क्या अनुपमा पैर की चोट के बावजूद कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेगी? हां, डॉक्टर की मनाही और पैरों की सूजन के बावजूद अनुपमा अपनी बेटियों के लिए घर बनाने का सपना पूरा करने के लिए फिनाले जीतने पर अड़ी हुई है। 2. राही ने श्रुति को क्या जवाब दिया? जब श्रुति प्रेम और राही पर भड़की, तो राही ने कहा कि एक असली मां कभी अपनी की हुई मदद का अहसास नहीं दिलाती। 3. प्रेम कॉम्पिटिशन क्यों जीतना चाहता है? प्रेम प्रतियोगिता जीतकर कैफे में श्रुति का हिस्सा वापस लौटाना चाहता है ताकि उसका नियंत्रण खत्म हो सके। 4. प्रिकैप में क्या नया ट्विस्ट दिखाया गया है? प्रिकैप में माही अनुपमा की टीम छोड़कर प्रेम की टीम में शामिल हो जाती है, जबकि बांकू अनुपमा की टीम में शामिल होता है। https://trendkia.com/tv/gnbhira-chota-ke-bada-bhi-phinale-men-datin-anupamaa-rahi-ne-shruti-ko-sikhaya-sabaka-12382 TrendKia — Har trend, sabse pehle.