# करियर के फैसलों और टाइपकास्ट पर खुलकर बोलीं अद्रिजा रॉय, बताया आखिर क्यों ठुकराए कई बड़े प्रोजेक्ट्स

> टीवी शो 'अनुपमा' की राही कपाड़िया यानी अद्रिजा रॉय ने बताया कि आखिर क्यों वह हर रोल के लिए हामी नहीं भरतीं और वह टाइपकास्ट होने के डर से खुद को कैसे दूर रखती हैं।

**Type:** article · **Category:** टीवी · **Published:** 2026-07-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/tv/kariyara-ke-phaisalon-aura-taipakasta-para-khulakara-bolin-adrija-roy-bataya-akhira-kyon-thukarae-kai-bare-projektsa-6534 · **Language:** Hindi
**Tags:** अद्रिजा रॉय, अनुपमा, राही कपाड़िया, टेलीविजन शो, भारतीय टीवी एक्ट्रेस, मनोरंजन समाचार

लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक 'अनुपमा' में राही कपाड़िया का दमदार किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाली अभिनेत्री अद्रिजा रॉय इन दिनों काफी चर्चा में हैं। अद्रिजा ने हाल ही में टीवी जगत के बदलते माहौल, किरदारों के चयन और कई बड़े प्रोजेक्ट्स को ठुकराने की अपनी वजहों पर खुलकर बात की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह केवल वही भूमिकाएं निभाना पसंद करती हैं जिनसे वह खुद को भावनात्मक रूप से जोड़ पाती हैं। वह किसी ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं जिसके प्रति उनका मन गवाही न दे, भले ही वह कितना भी बड़ा अवसर क्यों न हो।

 

## टेलीविजन जगत में महिला किरदारों का बदलता स्वरूप

अद्रिजा रॉय का मानना है कि भारतीय टीवी इंडस्ट्री में अब रचनात्मक स्तर पर काफी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि पहले की तुलना में अब महिलाओं के लिए लिखे जाने वाले किरदारों में बहुत सुधार आया है। आज महिला कलाकारों को ऐसे किरदार मिल रहे हैं जो न केवल कहानी को आगे बढ़ाते हैं बल्कि दर्शकों पर अपनी गहरी छाप भी छोड़ते हैं। अद्रिजा कहती हैं कि सबसे अच्छी बात यह है कि दर्शक अब महिला केंद्रित कहानियों को खुले दिल से स्वीकार कर रहे हैं और उन्हें खूब प्यार दे रहे हैं। यह बदलाव पूरी मनोरंजन इंडस्ट्री के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है, जो नए कलाकारों और लेखकों को लीक से हटकर सोचने के लिए प्रेरित करता है।

 

## टाइपकास्ट होने का खतरा और अद्रिजा का नजरिया

अक्सर देखा गया है कि जब टीवी पर कोई किरदार बहुत लोकप्रिय हो जाता है, तो उस कलाकार को भविष्य में भी वैसे ही रोल ऑफर होने लगते हैं। अद्रिजा से जब इस 'टाइपकास्ट' होने के खतरे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही व्यावहारिक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जब कोई किरदार दर्शकों को पसंद आता है, तो लोग कलाकार को उसी रूप में देखना चाहते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उस कलाकार ने उस भूमिका को पूरी ईमानदारी और खूबी से निभाया है। वह इसके लिए किसी निर्माता या दर्शक को दोष नहीं देती हैं। लेकिन एक कलाकार के तौर पर वह खुद को किसी एक दायरे में बांधकर नहीं रखना चाहतीं। वह चाहती हैं कि वह हर बार कुछ ऐसा काम करें जो न केवल दर्शकों को बल्कि उन्हें खुद को भी चौंका दे। अद्रिजा के अनुसार, वह एक ही तरह की भूमिकाएं बार-बार करके अपनी कला को सीमित नहीं करना चाहतीं, बल्कि हर नए रोल को सीखने का एक जरिया मानती हैं।

 

## प्रोजेक्ट्स को चुनने और ठुकराने के पीछे का गणित

एक कलाकार के रूप में सही फैसले लेना कभी भी आसान नहीं होता। अद्रिजा ने बताया कि हर अभिनेता चाहता है कि उसके पास चुनने के लिए किरदारों की एक लंबी सूची हो, लेकिन असल जिंदगी में इंडस्ट्री हमेशा इस तरह से काम नहीं करती है। कई बार ऐसा होता है कि किसी बेहद प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस से आपको किसी भूमिका का प्रस्ताव मिलता है, लेकिन वह भूमिका शायद आपकी पहली पसंद न हो। ऐसे समय में केवल अपने किरदार को देखने के बजाय पूरी तस्वीर को समझना महत्वपूर्ण हो जाता है। अभिनेत्री का कहना है कि हमें देखना पड़ता है कि शो की कहानी क्या है, उसके पीछे की टीम कैसी है और वह विशेष किरदार पूरी कहानी में क्या योगदान दे रहा है। ऐसे फैसलों के लिए कोई निश्चित नियम या सही-गलत का पैमाना नहीं होता है, बल्कि हर कलाकार को अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर ही निर्णय लेना पड़ता है।

 

## भावनाओं से समझौता न करने की जिद और शो का नया मोड़

अद्रिजा रॉय ने इस बात का भी खुलासा किया कि उन्होंने अपने करियर में कई ऐसे प्रोजेक्ट्स को साफ तौर पर मना कर दिया है जिनसे वह खुद को अंदरूनी तौर पर नहीं जोड़ पा रही थीं। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट्स को अस्वीकार करने का मतलब यह नहीं था कि वे शोज या कहानियां खराब थीं, बल्कि केवल यह था कि वह उस किरदार के साथ खुद को सहज महसूस नहीं कर पा रही थीं। उनका मानना है कि यदि किसी भूमिका पर आपको स्वयं अटूट विश्वास न हो, तो उस किरदार के साथ न्याय करना लगभग असंभव हो जाता है। वह जल्दबाजी में कोई भी काम करने के बजाय इंतजार करना और केवल उसी प्रोजेक्ट के लिए हामी बढ़ना पसंद करेंगी जो उन्हें काम करने के लिए उत्साहित करे।

गौरतलब है कि अद्रिजा का यह पेशेवर नजरिया उनके ऑन-स्क्रीन प्रदर्शन में भी साफ झलकता है। हाल ही में शो 'अनुपमा' की कहानी में आए 10 जुलाई के अपडेट्स के दौरान दर्शकों ने देखा कि कैसे अनुपमा की वजह से राही और प्रेम का रिश्ता एक नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है। कहानी के इस नए मोड़ ने दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता पैदा की है, और अद्रिजा का शानदार अभिनय इस शो को लगातार मजबूत बनाए रखने में मदद कर रहा है। वह अपनी कला के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और उनका यही समर्पण उन्हें टीवी की सबसे पसंदीदा अभिनेत्रियों में से एक बनाता है।

## इसका आप पर असर
इस खबर का टेलीविजन दर्शकों पर सीधा प्रभाव पड़ता है:

- **दर्शकों के लिए:** दर्शकों को आने वाले समय में टीवी पर अधिक मजबूत, विविध और महिला केंद्रित कहानियां देखने को मिलेंगी, क्योंकि कलाकार अब घिसे-पिटे किरदारों के बजाय गुणवत्तापूर्ण काम को प्राथमिकता दे रहे हैं।
- **कलाकारों के लिए सीख:** नवोदित कलाकारों के लिए यह एक उदाहरण है कि करियर में लंबे समय तक टिके रहने के लिए लोकप्रियता से ज्यादा काम की गुणवत्ता और व्यक्तिगत संतुष्टि महत्वपूर्ण होती है।

## सवाल-जवाब

### 1. अद्रिजा रॉय को किस सीरियल से बड़ी पहचान मिली है?
अद्रिजा रॉय को लोकप्रिय टीवी सीरियल 'अनुपमा' में राही कपाड़िया के किरदार से घर-घर में बड़ी पहचान मिली है।

### 2. अद्रिजा रॉय ने हाल ही में कई प्रोजेक्ट्स को क्यों ठुकरा दिया?
उन्होंने उन प्रोजेक्ट्स को इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि वह उनके किरदारों से खुद को भावनात्मक रूप से जोड़ नहीं पा रही थीं और बिना जुड़ाव के वह रोल के साथ न्याय नहीं करना चाहती थीं।

### 3. टाइपकास्ट होने के बारे में अद्रिजा रॉय की क्या राय है?
उनका मानना है कि किसी हिट किरदार के बाद टाइपकास्ट होना स्वाभाविक है क्योंकि लोग आपको उसी रूप में देखना चाहते हैं, लेकिन एक कलाकार के तौर पर वह खुद को सीमित न करके हमेशा कुछ नया सीखना चाहती हैं।

### 4. टेलीविजन जगत में महिला किरदारों को लेकर अद्रिजा ने क्या सकारात्मक बात कही?
उन्होंने कहा कि टीवी पर अब महिलाओं के लिए काफी बेहतर और मजबूत किरदार लिखे जा रहे हैं, और दर्शक भी महिला केंद्रित कहानियों को काफी पसंद कर रहे हैं।

### 5. जब अद्रिजा को बड़े प्रोडक्शन हाउस से उनकी पसंद का रोल नहीं मिलता, तो वह क्या करती हैं?
ऐसे समय में वह पूरी तस्वीर को देखती हैं, जिसमें शो की कहानी, रचनात्मक टीम और कहानी में उस किरदार के महत्व का मूल्यांकन करना शामिल होता।

## प्रेरणा और सबक
अद्रिजा रॉय के करियर के फैसलों से हमें ये महत्वपूर्ण सीख मिलती हैं:

- **काम की गुणवत्ता को प्राथमिकता देना:** केवल स्क्रीन पर दिखने के लिए किसी भी प्रोजेक्ट को स्वीकार करने के बजाय, अपने काम की गुणवत्ता और संतुष्टि को हमेशा ऊपर रखना चाहिए।
- **बदलाव के लिए साहस:** टाइपकास्ट होने या एक ही दायरे में बंधने के बजाय, खुद को और दर्शकों को लगातार चुनौती देने का साहस रखना जरूरी है।
- **धैर्य और दृढ़ता:** जल्दबाजी में गलत फैसले लेने से बेहतर है कि आप धैर्य रखें और उस सही अवसर का इंतजार करें जो आपकी क्षमता के साथ पूरा न्याय कर सके।
- **पूरी तस्वीर को देखना:** किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को चुनते समय केवल अपने फायदे को न देखें, बल्कि पूरी टीम, कहानी और उसमें आपके योगदान का समग्र मूल्यांकन करें।

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