# कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती हुईं रेनू सुधी, पांचवीं कीमोथेरेपी के बाद बिगड़ी सेहत

> बिग बॉस मलयालम सीजन 7 का हिस्सा रहीं रेनू सुधी को पांच राउंड कीमोथेरेपी के बाद हालत बिगड़ने पर कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में दाखिल कराया गया है। डॉक्टरों ने उनके गिरते प्लेटलेट काउंट को देखते हुए अगली कीमोथेरेपी टाल दी है।

**Type:** article · **Category:** टीवी · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/tv/kottayam-medical-college-ke-icu-men-bharti-huin-renu-sudhi-panchavin-kimotherepi-ke-bada-bigari-sehata-36970 · **Language:** Hindi
**Tags:** रेनू सुधी, बिग बॉस मलयालम, कोल्लम सुधी, कीमोथेरेपी, कोट्टायम मेडिकल कॉलेज, कैंसर उपचार

केरल के कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर रेनू सुधी को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है। ‘बिग बॉस मलयालम सीजन 7’ में नजर आ चुकीं रेनू सुधी कैंसर के इलाज के तहत पांच राउंड कीमोथेरेपी करा चुकी हैं, जिसके बाद उनकी शारीरिक स्थिति काफी नाजुक हो गई। उनके साथ शो का हिस्सा रहीं डिजिटल क्रिएटर और एंकर सारिका केबी ने एक वीडियो संदेश के जरिए अस्पताल में चल रहे उनके संघर्ष की जानकारी साझा की है।

 

## पांचवें चक्र के बाद संभल नहीं सका शरीर

अस्पताल से सामने आई जानकारी के अनुसार, पांचवीं कीमोथेरेपी के बाद रेनू सुधी का प्लेटलेट काउंट खतरनाक स्तर तक गिर गया है। शुरुआती चार चक्रों के दौरान वे इलाज के दुष्प्रभावों को झेलने के बाद धीरे-धीरे संभल जाती थीं। उस दौरान भी उन्हें गंभीर उल्टियों और दर्द की वजह से सादा पानी तक घूंट-घूंट पीने में भारी तकलीफ होती थी, लेकिन करीब दस दिनों के संपूर्ण विश्राम के बाद वे सामान्य बातचीत करने, मित्रों के संदेशों का उत्तर देने और सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की स्थिति में आ जाती थीं।

> 
 पांचवें दौर की कीमोथेरेपी के बाद दस दिन से ज्यादा का समय बीत जाने पर भी उनके स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा। सारिका केबी ने बताया कि रेनू इस समय अत्यधिक कमजोरी के कारण स्वयं के सहारे बिस्तर से उठने में भी पूरी तरह असमर्थ हैं। शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों और जीवनरक्षक दवाओं की निरंतर आपूर्ति बनाए रखने के लिए चिकित्सकों ने उनके शरीर में पीआईसीसी लाइन स्थापित की है।

 

## चिकित्सकों ने आगे के उपचार पर लगाई अस्थायी रोक

रेनू की बड़ी बहन ने दूरभाष पर सारिका को अस्पताल में भर्ती होने और डॉक्टरों के आकलन की सूचना दी। कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान शारीरिक दुर्बलता और रक्त मापदंडों में आई तीव्र गिरावट के बीच अगला कीमोथेरेपी चक्र देना उनके जीवन के लिए घातक जोखिम साबित हो सकता है। इसी कारण मेडिकल टीम ने स्थिति स्थिर होने तक आगे के कीमो सत्रों को पूरी तरह टाल दिया है।

 वे इस समय नियमित ठोस भोजन ग्रहण करने की स्थिति में भी नहीं हैं। सारिका ने बताया कि रेनू का परिवार इस विषम घड़ी में अत्यंत मानसिक तनाव और चिंता से गुजर रहा है। उन्होंने दर्शकों तथा प्रशंसकों से अपील की है कि वे रेनू के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना करें ताकि वे इस जानलेवा बीमारी के दुष्प्रभावों से उबर सकें।

 

## किशोरावस्था की गांठ से स्टेज 3 कैंसर तक का सफर

रेनू सुधी ने इसी वर्ष की शुरुआत में एक सार्वजनिक वीडियो के जरिए अपनी बीमारी का खुलासा किया था। उन्होंने साझा किया था कि जब वे मात्र 15 वर्ष की थीं, तब उन्होंने अपने सीने में एक दर्द रहित गांठ महसूस की थी। शुरुआत में किसी गंभीर लक्षण के अभाव में उन्होंने वर्षों तक इस शारीरिक बदलाव को परिवार और करीबियों से छिपाए रखा।

> 
 यह गांठ धीरे-धीरे अंदर ही अंदर अनियंत्रित कोशिकाओं के प्रसार में बदलती रही। जून 2023 में एक सड़क दुर्घटना में उनके पति व हास्य अभिनेता कोल्लम सुधी के असामयिक निधन के बाद रेनू ने आखिरकार चिकित्सीय परामर्श लेने का फैसला किया। डॉक्टरों के निर्देश पर जब मैमोग्राम, विस्तृत स्कैन और बायोप्सी कराई गई, तब वे अकेले ही अपनी नैदानिक रिपोर्ट प्राप्त करने अस्पताल पहुंची थीं। रिपोर्ट में स्तन कैंसर की पुष्टि होने पर वे पूरी तरह स्तब्ध रह गई थीं और कई दिनों तक इस कड़वे सच को अपने परिजनों से साझा नहीं कर सकी थीं।

 

## समय पर जांच और जागरूकता का कड़ा संदेश

निजी अस्पताल में प्राथमिक जांच के उपरांत उन्हें शासकीय मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया, जहां पुष्टि हुई कि उनका कैंसर तीसरे चरण के अंतिम दौर तक पहुंच चुका है। उस स्थिति में तत्काल कीमोथेरेपी आरंभ करना ही एकमात्र विकल्प शेष था। इस कठिन निदान ने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर दिया, फिर भी उन्होंने अपनी बीमारी को अन्य महिलाओं के लिए चेतावनी के रूप में पेश करने का निर्णय लिया।

 रेनू ने महिलाओं से बार-बार यह गुजारिश की थी कि शरीर के किसी भी हिस्से में यदि कोई दर्द रहित गांठ दिखाई या महसूस हो, तो उसे मामूली समझकर नजरअंदाज करने की भूल कदापि न करें। प्रारंभिक अवस्था में डॉक्टरी परीक्षण ही जीवन रक्षा का सबसे बड़ा हथियार साबित होता है।

 

## निजी त्रासदियों के बीच रेनू सुधी का जीवन संघर्ष

रेनू सुधी केरल के मनोरंजन जगत और डिजिटल स्पेस में एक जाना-पहचाना नाम हैं। वे सोशल मीडिया पर अपने नियमित वीडियोज और अभिनय के माध्यम से लोगों से जुड़ी रहीं और बाद में ‘बिग बॉस मलयालम सीजन 7’ में बतौर प्रतियोगी शामिल हुईं। जून 2023 में एक भीषण सड़क हादसे में उनके पति, लोकप्रिय मिमिक्री कलाकार व कॉमेडियन कोल्लम सुधी की अकाल मृत्यु हो गई थी।

 पति को खोने के गहरे सदमे के कुछ ही महीनों बाद रेनू को तीसरे चरण के कैंसर का पता चला। लगातार व्यक्तिगत त्रासदियों और गंभीर शारीरिक पीड़ा से जूझ रहीं रेनू के लिए अब उनके साथी कलाकार, शो के पूर्व प्रतियोगी और प्रशंसक सोशल मीडिया पर एकजुट होकर उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना कर रहे हैं।

## इसका आप पर असर
गंभीर स्वास्थ्य संकट और कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों के प्रति यह घटनाक्रम आम नागरिकों के लिए समय पर चिकित्सीय सतर्कता का स्पष्ट संकेत देता है।

- **भारत में:** कैंसर के उपचार के दौरान प्लेटलेट में अचानक गिरावट और अत्यधिक दुर्बलता एक आम चुनौती है। मरीजों के परिजनों को हर कीमोथेरेपी सत्र के बाद नियमित रक्त परीक्षण और डॉक्टर के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
- **केरल में:** कोट्टायम और आसपास के क्षेत्रों में शासकीय मेडिकल कॉलेज गंभीर मामलों में उन्नत तृतीयक चिकित्सा सुविधा प्रदान करते हैं। संकट के समय परिजन बिना देरी किए नजदीकी मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन विभाग से संपर्क साध सकते हैं।
- **महिलाओं के लिए:** शरीर में किसी भी दर्दरहित गांठ को सामान्य समझना भविष्य में तीसरे चरण की जटिलता बन सकता है। किसी भी असामान्य शारीरिक बदलाव पर तुरंत मैमोग्राफी या बायोप्सी जैसी जांच कराना जीवनरक्षक साबित होता है।
- **परिजनों की तैयारी:** पीआईसीसी लाइन की देखरेख और मरीज के पोषण प्रबंधन के लिए देखभाल करने वालों का प्रशिक्षित होना आवश्यक है। किसी भी तरह के संक्रमण से बचाव के लिए आईसीयू नियमों और अस्पताल की स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें।

## ऐसा क्यों हुआ
रेनू सुधी की स्थिति बिगड़ने के पीछे कैंसर के पांचवें कीमोथेरेपी चक्र के बाद उत्पन्न शारीरिक जटिलताएं और प्लेटलेट काउंट में आई तीव्र गिरावट प्रमुख कारण हैं।

- **कीमोथेरेपी का विषाक्त प्रभाव:** पांच राउंड की कीमोथेरेपी के संचयी प्रभाव के कारण उनके अस्थि मज्जा पर गहरा असर पड़ा और प्लेटलेट काउंट अत्यधिक नीचे चला गया। इस भारी शारीरिक कमजोरी के चलते वे स्वयं उठने या नियमित रूप से भोजन ग्रहण करने में असमर्थ हो गईं।
- **उपचार रोकने का डॉक्टरी निर्णय:** वर्तमान में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और रक्त मापदंड इतने कमजोर हो चुके हैं कि अतिरिक्त कीमोथेरेपी जीवन के लिए घातक साबित हो सकती है। चिकित्सकों ने किसी भी अनहोनी से बचने के लिए आगे के चक्रों पर रोक लगाकर सहायक चिकित्सा और पीआईसीसी लाइन के जरिए पोषण देने का निर्णय लिया।
- **बीमारी की पृष्ठभूमि:** किशोरावस्था से मौजूद गांठ की अनदेखी के चलते कैंसर तीसरे चरण के अंतिम पड़ाव तक पहुंच चुका था। पति के निधन के बाद शुरू हुआ उपचार पहले से ही उन्नत अवस्था में था, जिससे रिकवरी की गति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी रही।

## सवाल-जवाब

### 1. रेनू सुधी को किस अस्पताल में और क्यों भर्ती कराया गया है?
पांचवीं कीमोथेरेपी के बाद अत्यधिक कमजोरी और प्लेटलेट काउंट में भारी गिरावट आने के कारण रेनू सुधी को केरल के कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

### 2. डॉक्टरों ने अगली कीमोथेरेपी को लेकर क्या फैसला लिया है?
डॉक्टरों का मानना है कि रेनू का शरीर फिलहाल इतना कमजोर है कि वह अगला कीमोथेरेपी चक्र सहन नहीं कर पाएगा, इसलिए आगे के सत्रों को टाल दिया गया है।

### 3. रेनू सुधी को कैंसर होने का पता कब और कैसे चला?
जून 2023 में पति कोल्लम सुधी के निधन के बाद उन्होंने जांच कराई थी, जहां मैमोग्राम और बायोप्सी के जरिए तीसरे चरण के कैंसर की पुष्टि हुई थी।

### 4. रेनू सुधी ने महिलाओं को क्या सलाह दी थी?
उन्होंने महिलाओं से अपील की थी कि यदि शरीर में बिना दर्द वाली कोई गांठ महसूस हो, तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._