# ऑनस्क्रीन प्रताड़ना के सीन निभाते समय भावुक हुईं टीवी अभिनेत्री वैष्णवी प्रजापति, पर्दे पर सोनी के दर्द को बयां करना बना बड़ा इम्तिहान

> ज़ी टीवी के धारावाहिक गंगा माई की बेटियां में सोनी की भूमिका निभा रहीं वैष्णवी प्रजापति ने रैगिंग दृश्यों की शूटिंग के दौरान अपने भावनात्मक अनुभव साझा किए हैं। अभिनेत्री ने बताया कि मानसिक प्रताड़ना के इन दृश्यों को निभाते समय वे सेट पर रो पड़ीं।

**Type:** article · **Category:** टीवी · **Published:** 2026-08-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/tv/naskrina-pratarana-ke-sina-nibhate-samaya-bhavuka-huin-tivi-abhinetri-vaishnavi-prajapati-parde-para-soni-ke-darda-ko-bayan-karana-15006 · **Language:** Hindi
**Tags:** वैष्णवी प्रजापति, गंगा माई की बेटियां, ज़ी टीवी, रैगिंग सीन, अमनदीप सिद्धू, शहीर खान, टीवी सीरियल

ज़ी टीवी के लोकप्रिय दैनिक धारावाहिक **गंगा माई की बेटियां** में मुख्य पात्र सोनी का किरदार निभा रहीं युवा अभिनेत्री **वैष्णवी प्रजापति** इन दिनों अपनी दमदार अदाकारी और संवेदनशीलता के कारण चर्चा के केंद्र में हैं। पर्दे पर अपने किरदार के साथ होने वाली रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न के सीन्स को शूट करते समय अभिनेत्री बेहद भावुक हो गईं और सेट पर ही रो पड़ीं। एक बातचीत के दौरान वैष्णवी प्रजापति ने खुलासा किया कि सोनी के भीतर छिपी पीड़ा, खौफ और लाचारी को पर्दे पर उतारना उनके अभिनय सफर की सबसे बड़ी और कठिन परीक्षा साबित हुई है।

## रैगिंग की भयावहता और पटकथा का प्रभाव
वैष्णवी प्रजापति ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार इस धारावाहिक में रैगिंग से जुड़े प्रसंग की पटकथा पढ़ी थी, तभी वे इस कहानी के दर्द से गहराई से जुड़ गई थीं। उनका मानना है कि ऐसे संवेदनशील और दर्दनाक सीन्स में सिर्फ लिखे हुए संवाद बोल देना ही काफी नहीं होता, बल्कि किरदार के मानसिक तनाव, भय और उसकी बेबसी को खुद के भीतर महसूस करना अनिवार्य होता है। अपनी निजी जिंदगी के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि उनकी अधिकांश पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से हुई है, इसलिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से कभी भी कॉलेज या स्कूल में रैगिंग की स्थिति से गुजरना नहीं पड़ा।

इसके बावजूद वे इस बात से भली-भांति परिचित हैं कि कई छात्र-छात्राओं के जीवन में रैगिंग एक विकराल समस्या बनकर उभरती है, जिसके कारण उन्हें भारी मानसिक टॉर्चर झेलना पड़ता है। दोस्तों के बीच होने वाले मजाक और रैगिंग के अंतर को स्पष्ट करते हुए वैष्णवी ने कहा कि मित्रों के साथ हंसी-मजाक करना पूरी तरह से अलग बात है, जबकि किसी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना बिल्कुल गलत है। किसी के आत्मसम्मान को चोट पहुंचाना, किसी को भयभीत करना या उसे मानसिक रूप से तोड़ना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं किया जा सकता।

## कपड़े फटने वाला दृश्य और किरदार का मनोविज्ञान
शूटिंग के सबसे मुश्किल क्षण को याद करते हुए अभिनेत्री ने साझा किया कि सोनी के कपड़े फटने वाला सीन उनके लिए सबसे ज्यादा दिल तोड़ने वाला और चुनौतीपूर्ण अनुभव था। उस सीन को शूट करते समय उनके मन में बार-बार यही विचार कौंध रहा था कि यदि वास्तविक दुनिया में किसी लड़की के साथ ऐसा दर्दनाक हादसा हो जाए, तो वह मानसिक रूप से कितनी बिखर जाएगी। इस सोच ने उन्हें इस कदर प्रभावित किया कि एक कलाकार के रूप में इन दृश्यों को अभिनय के जरिए जीवंत करते हुए वे सेट पर कई बार अपने आंसू नहीं रोक सकीं।

किरदार की प्रतिक्रिया पर प्रकाश डालते हुए वैष्णवी ने कहा कि शूटिंग शुरू होने से पहले उनके मन में भी यह सवाल आया था कि सोनी जैसी स्वाभिमानी और मजबूत लड़की रैगिंग करने वाले असामाजिक तत्वों को करारा जवाब क्यों नहीं दे पा रही है। हालांकि, जब उन्होंने किरदार की मनःस्थिति को गहराई से समझा, तब उन्हें अहसास हुआ कि खौफ और मानसिक उत्पीड़न इंसान को अंदर से पूरी तरह तोड़ देता है। उस कठिन समय में सोनी का चुप रहना उसकी कमजोरी का प्रतीक नहीं था, बल्कि उसकी गंभीर मानसिक स्थिति को दर्शा रहा था। इसके साथ ही उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि वे एक ऐसे शो से जुड़ी हैं जो समाज के इस संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर बात कर रहा है।

## कहानी का नया मोड़ और धारावाहिक का समय
धारावाहिक के आगामी एपिसोड्स में दर्शकों को एक बड़ा नाटकीय मोड़ देखने को मिलने वाला है। कहानी में रैगिंग का नेतृत्व करने वाली शिवानी नाम की लड़की अपनी चालाकी से पूरे मामले को नया रूप देने की कोशिश करेगी। वह हर स्थिति को इस तरह से प्रस्तुत करेगी मानो सोनी ने ही उसे परेशान किया हो। इस गलतफहमी और साजिश के बाद सोनी का संघर्ष धारावाहिक में और अधिक कठिन और चुनौतीपूर्ण रूप ले लेगा।

आपको बता दें कि ज़ी टीवी के इस चर्चित शो **गंगा माई की बेटियां** में वैष्णवी प्रजापति के साथ प्रसिद्ध कलाकार **अमनदीप सिद्धू** और **शहीर खान** भी मुख्य भूमिकाओं में अपनी अदाकारी का जलवा बिखेर रहे हैं। यह धारावाहिक रोजाना ज़ी टीवी पर प्रसारित होता है।

## इसका आप पर असर
**दर्शकों और छात्रों के लिए:**

- **मानसिक स्वास्थ्य और जागरूकता:** यह कहानी शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग तथा मानसिक उत्पीड़न के खिलाफ मुखर होने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
- **धारावाहिक में मोड़:** ज़ी टीवी के दर्शक आगामी एपिसोड्स में सामाजिक संदेश के साथ-साथ कहानी में नए नाटकीय मोड़ देखने की उम्मीद कर सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. वैष्णवी प्रजापति किस धारावाहिक में मुख्य भूमिका निभा रही हैं?
वैष्णवी प्रजापति ज़ी टीवी के लोकप्रिय दैनिक धारावाहिक 'गंगा माई की बेटियां' में सोनी नामक मुख्य किरदार निभा रही हैं।

### 2. शूटिंग के दौरान अभिनेत्री वैष्णवी प्रजापति क्यों भावुक हो गईं?
शो में रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना के सीन्स को शूट करते समय किरदार के खौफ और लाचारी को महसूस करके अभिनेत्री सेट पर भावुक होकर रो पड़ीं।

### 3. कौन सा सीन शूट करना वैष्णवी प्रजापति के लिए सबसे मुश्किल था?
शो में सोनी के कपड़े फटने वाला दृश्य शूट करना उनके लिए सबसे कठिन और दिल तोड़ने वाला अनुभव था।

### 4. आने वाले एपिसोड्स में शिवानी कौन सी चाल चलने वाली है?
रैगिंग करने वाली शिवानी चालाकी से कहानी को घुमाकर यह दिखाने की कोशिश करेगी कि सोनी ने ही उसे परेशान किया है।

### 5. 'गंगा माई की बेटियां' शो में वैष्णवी के अलावा और कौन से कलाकार मुख्य भूमिका में हैं?
इस धारावाहिक में वैष्णवी प्रजापति के साथ अमनदीप सिद्धू और शहीर खान भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।

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