फिल्म गंगा जमुना सरस्वती के सेट पर पहला मुक्का मारने को लेकर अड़ गए थे रवि किशन और मनोज तिवारी, 6 घंटे रुकी रही थी शूटिंग अभिनेत्री आम्रपाली दुबे ने बिग बॉस 20 में फिल्म गंगा जमुना सरस्वती से जुड़ा दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि एक्शन सीन में पहला मुक्का कौन मारेगा, इस विवाद पर छह घंटे काम ठप रहा था। भोजपुरी सिनेमा के सेट अक्सर दिलचस्प घटनाओं और सितारों के बीच हल्की-फुल्की तकरार के गवाह बनते रहे हैं। ऐसा ही एक मजेदार वाकया सुपरहिट भोजपुरी फिल्म ‘गंगा जमुना सरस्वती’ की शूटिंग के दौरान सामने आया था, जिसे अभिनेत्री आम्रपाली दुबे ने ‘बिग बॉस-20’ के एक एपिसोड में दर्शकों के साथ साझा किया। यह पूरा घटनाक्रम फिल्म के एक महत्वपूर्ण एक्शन दृश्य से जुड़ा हुआ था, जिसमें दो बड़े सितारों की आपसी जिद के कारण कैमरे की रिकॉर्डिंग लगभग 6 घंटे तक ठप पड़ी रही थी। फाइट सीन के दौरान पहले वार पर छिड़ी थी लंबी बहस इस मजेदार घटना को शुरू करने से पहले आम्रपाली दुबे ने कहा, “मैं आपको एक कहानी सुनाती हूं. आप सब हंसते-हंसते पागल हो जाएंगे.” उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट में रवि किशन और मनोज तिवारी एक-दूसरे के विरोधी किरदारों को निभा रहे थे। पटकथा के अनुसार दोनों अभिनेताओं के बीच एक जोरदार फाइट सीक्वेंस फिल्माया जाना था। हालांकि, सेट पर कैमरा चालू होते ही एक बेहद साधारण सवाल पर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद की मुख्य जड़ यह थी कि इस लड़ाई की शुरुआत में पहला मुक्का कौन मारेगा। दोनों ही अभिनेता इस बात पर अड़े रहे कि सामने वाले पर पहला प्रहार वही करेंगे, जिससे पूरे दिन का काम अधर में लटक गया। किरदार और संवादों के तर्क पर अड़े रहे दोनों सितारे दृश्य को लेकर दोनों अभिनेताओं के पास अपनी-अपनी दलीलें थीं। आम्रपाली दुबे ने उस बहस का ब्योरा देते हुए कहा, “मनोज भैया ने उस सीन का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस उन्हें लेने आई है. तो पुलिस पहले मारेगी और रवि भैया ने कहा कि जब पिछले डायलॉग में ही यह तय हो गया है कि यह मेरा एरिया है, तो कोई मुझे कैसे मारेगा?” दोनों कलाकार अपने-अपने संवादों और चरित्र के प्रभाव को सही ठहरा रहे थे, जिसके चलते निर्देशक या क्रू का कोई भी सदस्य उन्हें मनाने में सफल नहीं हो पा रहा था। घंटों की बातचीत के बाद भी कोई पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा था। दिनेश लाल यादव ने बीच में आकर निकाला अनोखा समाधान जब 6 घंटे बीत जाने के बाद भी गतिरोध खत्म नहीं हुआ, तब फिल्म के तीसरे मुख्य अभिनेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ को स्थिति संभालने के लिए आगे आना पड़ा। अभिनेत्री के अनुसार, “फिर दिनेश जी बीच में आए और उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि दोनों मनोज और रवि, तुम दोनों एक-दूसरे को मारने के लिए मुक्का उठाओ और तब तक मैं तुम्हें बचाने के लिए बीच में आऊंगा.” अंततः इस समझौते पर सहमति बनी कि पहला मुक्का दिनेश लाल यादव खाएंगे, और इस तरह छह घंटे तक खिंचा तनाव खत्म हुआ तथा फाइट सीन की शूटिंग शुरू हो सकी। साल 2011 की बड़ी ब्लॉकबस्टर थी गंगा जमुना सरस्वती भोजपुरी सिनेमा के इतिहास में इस फिल्म को एक मील का पत्थर माना जाता है। इस मल्टीस्टारर फिल्म का निर्देशन हैरी डब्ल्यू फर्नांडिस ने किया था, जो साल 2011 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर जबर्दस्त सुपरहिट साबित हुई थी। इस फिल्म में रवि किशन, मनोज तिवारी और दिनेश लाल यादव के साथ अभिनेत्री रानी चटर्जी, पाखी हेगड़े तथा रिंकू घोष ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं। इसका आप पर असर यह किस्सा फिल्म प्रेमियों और दर्शकों को बड़े पर्दे के पीछे सितारों के आपसी समीकरण और शूटिंग की वास्तविक चुनौतियों की दिलचस्प झलक देता है। • सिनेमा प्रेमियों के लिए: यह घटना दिखाती है कि फिल्मों में दिखने वाले गंभीर एक्शन दृश्यों के पीछे कई बार बेहद हास्यप्रद परिस्थितियां होती हैं। दर्शक यह समझ सकते हैं कि बड़े कलाकारों के साथ काम करते समय निर्माताओं को अप्रत्याशित देरी का सामना करना पड़ता है। • भोजपुरी उद्योग के प्रशंसकों के लिए: 2011 की इस सुपरहिट फिल्म के निर्माण की बारीकियों से पता चलता है कि उस दौर में स्टारडम का कितना महत्व था। यह पुरानी यादें ताजा कर उस दौर के सिनेमाई सफर को समझने का मौका देती है। • मनोरंजन जगत की कार्यप्रणाली: किसी भी सेट पर विवाद सुलझाने में साथी कलाकारों की मध्यस्थता कितनी कारगर हो सकती है, यह इसका सीधा उदाहरण है। इससे समझ आता है कि टीमवर्क के बिना बड़े प्रोजेक्ट्स का पूरा होना कितना कठिन होता है। • टेलीविजन दर्शकों के लिए: रियलिटी शो में ऐसे पुराने किस्से आने से दर्शकों को अपने पसंदीदा सितारों के पुराने संबंधों और किस्सों को जानने का मौका मिलता है। यह कार्यक्रमों में पुरानी फिल्मों के प्रति उत्सुकता और चर्चा को दोबारा जगाता है। ऐसा क्यों हुआ यह गतिरोध दोनों मुख्य कलाकारों के बीच अपने-अपने किरदारों के रुतबे और दृश्य के औचित्य को लेकर उपजे मतभेद की वजह से पैदा हुआ था। • किरदार और संवाद की व्याख्या: मनोज तिवारी का तर्क था कि उनके किरदार को पकड़ने के लिए पुलिस आई है, इसलिए पहला वार पुलिस की तरफ से होना चाहिए। वहीं रवि किशन का कहना था कि पिछले दृश्य के संवाद के मुताबिक वह इलाका उनका है, इसलिए उन पर पहले हमला नहीं किया जा सकता। • एक्शन दृश्य में वरीयता की जिद: दोनों कलाकार फिल्म में विरोधी भूमिका निभा रहे थे और दोनों ही पहले वार करने की स्थिति में दिखना चाहते थे। इस वजह से कोई भी अभिनेता पहले मुक्का खाने या पीछे हटने को तैयार नहीं था। • समाधान की कमी से विलंब: सेट पर दोनों पक्षों के अड़ जाने के कारण शूटिंग करीब छह घंटे तक रुकी रही। यह विवाद तब सुलझा जब दिनेश लाल यादव ने खुद बीच में आकर पहला मुक्का खाने का प्रस्ताव रखा। सवाल-जवाब 1. आम्रपाली दुबे ने यह किस्सा किस मंच पर साझा किया? आम्रपाली दुबे ने यह किस्सा 'बिग बॉस-20' के एक एपिसोड के दौरान सुनाया था। 2. फिल्म गंगा जमुना सरस्वती के सेट पर शूटिंग कितने समय तक रुकी रही थी? फिल्म के सेट पर फाइट सीन को लेकर छिड़े विवाद की वजह से शूटिंग करीब 6 घंटे तक रुकी रही थी। 3. रवि किशन और मनोज तिवारी के बीच विवाद का मुख्य कारण क्या था? दोनों कलाकारों के बीच विवाद का मुख्य कारण यह था कि फाइट सीन में पहला मुक्का कौन मारेगा। 4. शूटिंग के इस गतिरोध को किसने और कैसे सुलझाया? दिनेश लाल यादव ने सुझाव दिया कि दोनों मुक्का चलाएं और वह बीच में आकर पहला वार खुद झेल लेंगे, जिससे विवाद सुलझ गया। 5. फिल्म गंगा जमुना सरस्वती का निर्देशन किसने किया था? इस भोजपुरी फिल्म का निर्देशन हैरी डब्ल्यू फर्नांडिस ने किया था। 6. फिल्म गंगा जमुना सरस्वती किस वर्ष रिलीज हुई थी? यह ब्लॉकबस्टर भोजपुरी फिल्म साल 2011 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। https://trendkia.com/tv/philma-ganga-jamuna-saraswati-ke-seta-para-pahala-mukka-marane-ko-lekara-ara-gae-the-ravi-kishan-aura-manoj-tiwari-6-ghnte-ruki-ra-34001 TrendKia — Har trend, sabse pehle.