# वीरेंद्र सहवाग का रियलिटी शो में नया अवतार, नियमों के उल्लंघन पर प्रतियोगियों को मिलेगी सख्त सजा

> पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने बताया कि शुरुआत में मना करने के बाद उन्होंने 'राइज एंड फॉल' शो होस्ट करने का फैसला क्यों लिया और अनुशासन तोड़े जाने पर वे कैसे कदम उठाएंगे।

**Type:** article · **Category:** टीवी · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/tv/virender-sehwag-ka-riyaliti-sho-men-naya-avatara-niyamon-ke-ullnghana-para-pratiyogiyon-ko-milegi-sakhta-saja-37335 · **Language:** Hindi
**Tags:** वीरेंद्र सहवाग, राइज एंड फॉल, रियलिटी शो, टेलीविजन, क्रिकेट

क्रिकेट की पिच पर विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर वीरेंद्र सहवाग अब छोटे पर्दे पर एक रियलिटी शो का संचालन करते नजर आएंगे। नए रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' की मेजबानी को लेकर उन्होंने अपनी रणनीति और शुरुआती हिचकिचाहट के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैमरे के सामने वे किसी तय पटकथा पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि परिस्थितियों और प्रतियोगियों के व्यवहार के आधार पर स्वाभाविक प्रतिक्रिया देंगे।

## शुरुआती झिझक और निर्माताओं से मुलाकात
सहवाग ने खुलासा किया कि जब निर्माताओं ने पहली बार उनके सामने शो की मेजबानी का प्रस्ताव रखा था, तब उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया था। उस वक्त उनके मन में संशय था कि वे एक रियलिटी शो के मंच को सही ढंग से संभाल पाएंगे या नहीं। निर्माताओं के साथ हुई दूसरी बैठक के दौरान स्थिति पूरी तरह बदल गई। मेकर्स ने उन्हें शो से जुड़े कुछ अंश दिखाए और समझाया कि उन्हें किसी अन्य प्रस्तोता की शैली अपनाने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। उन्हें केवल उसी स्वाभाविक व्यक्तित्व को बनाए रखना है, जिसके साथ वे क्रिकेट मैदान पर पेश आते थे।

निर्माताओं की इसी सलाह ने सहवाग का भरोसा जीता। प्रोडक्शन टीम की तरफ से रिकॉर्डिंग के दौरान हर संभव तकनीकी और रचनात्मक सहयोग का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने इस शो की कमान संभालने की स्वीकृति दे दी।

## शो का आधार और क्रिकेट के अनुभव का मेल
सहवाग के अनुसार, इस कार्यक्रम की अमीर और गरीब के विभाजन पर आधारित अवधारणा उन्हें काफी दिलचस्प लगी। उन्होंने बताया कि खेल कमेंट्री करते वक्त भी वे विभिन्न टीमों की क्षमताओं और खिलाड़ियों के स्तर के अंतर का अक्सर विश्लेषण करते रहे हैं। उनका मानना है कि खेल और मनोरंजन भले ही दो अलग माध्यम हों, लेकिन इंसानी स्वभाव को परखने की कला हर जगह समान रूप से उपयोगी सिद्ध होती है। अपने मूल अंदाज में शो की मेजबानी करने से दर्शकों को स्क्रीन पर एक अनूठा अनुभव देखने को मिलेगा।

## मानव स्वभाव और बीस साल के खेल का सबक
अपने लगभग 20 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का हवाला देते हुए सहवाग ने कहा कि इस सफर में उनका पाला हर तरह के मिजाज वाले व्यक्तियों से पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हमेशा आक्रामक रवैया ही नहीं अपनाते थे। टेस्ट क्रिकेट में कई मौकों पर टीम को संकट से उबारने के लिए रक्षात्मक खेल दिखाना पड़ता था, जबकि सीमित ओवरों के मैचों में भी परिस्थिति देखकर पारी की गति धीमी करनी पड़ती थी।

उनका मानना है कि जिंदगी की हकीकत भी बिल्कुल ऐसी ही है। हर व्यक्ति का स्वभाव अलग होता है। कोई बेहद शांत रहता है, किसी को बहुत जल्द गुस्सा आ जाता है, कोई प्यार से बात संभालता है तो कोई मामूली बात पर भी उत्तेजित हो जाता है। ऐसे में सामने वाले के मनोविज्ञान को समझना और उसी के अनुसार बर्ताव करना सबसे अहम कौशल है।

## प्रतियोगियों के साथ पेश आने का तरीका
सहवाग ने 'राइज एंड फॉल' की पूरी प्रक्रिया को एक तरह का मनोवैज्ञानिक परीक्षण करार दिया। ड्रेसिंग रूम और टीम के भीतर विभिन्न खिलाड़ियों की सोच को समझने का जो अनुभव उन्हें मिला, उसका इस्तेमाल वे इस शो में शामिल प्रतियोगियों को परखने में करेंगे। वे प्रत्येक प्रतियोगी के हाव-भाव और गतिविधियों पर नजर रखेंगे ताकि यह तय किया जा सके कि किससे किस लहजे में बात करनी है।

वे शुरुआत में सभी को शालीनता और प्रेमपूर्वक समझाने का प्रयास करेंगे, लेकिन अगर किसी ने मर्यादा लांघी तो उसे डांटने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने दोहराया कि उनके पास कोई रटी-रटाई स्क्रिप्ट नहीं होगी, बल्कि वे हर स्थिति के अनुसार तुरंत निर्णय लेंगे।

## अनुशासनहीनता पर सख्त रुख और निष्कासन का अधिकार
प्रतियोगियों के लिए शो के तय नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य रहेगा। उन्हें दिए गए कार्यों को जिम्मेदारी से पूरा करना होगा और आपस में अभद्र भाषा के प्रयोग या बेवजह के विवादों से दूर रहना होगा। सहवाग ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि नियम तोड़ने वालों को पहले एक या दो बार सुधरने का अवसर दिया जाएगा।

यदि किसी प्रतियोगी ने बार-बार समझाने के बावजूद अपनी आदतों में सुधार नहीं किया, तो मेजबान के तौर पर उन्हें सीधे शो से बाहर का रास्ता दिखाने का पूरा अधिकार उनके पास होगा। रियलिटी शोज की लगातार बढ़ती लोकप्रियता के सवाल पर सहवाग ने कहा कि इस विषय पर कार्यक्रम के निर्देशक, निर्माता और टीवी चैनल ज्यादा सटीक राय रख सकते हैं, क्योंकि उन्होंने खुद बहुत अधिक संख्या में रियलिटी शोज कभी नहीं देखे हैं।

## इसका आप पर असर
दर्शकों और टीवी रियलिटी शो के प्रशंसकों को वीरेंद्र सहवाग के अनूठे अंदाज में एक नया मनोरंजन प्रारूप देखने को मिलेगा।

- **दर्शकों के लिए:** स्क्रीन पर किसी पारंपरिक होस्ट की जगह एक पूर्व खिलाड़ी का स्वाभाविक और गैर-स्क्रिप्टेड अंदाज देखने को मिलेगा। इससे प्रतियोगियों के बीच होने वाले तनाव और फैसलों को देखने का अनुभव ज्यादा वास्तविक रहेगा।
- **शो के प्रारूप पर:** नियमों के अनुपालन को लेकर अनुशासन बेहद सख्त रहेगा। गाली-गलौज और गैर-जरूरी विवादों पर तुरंत चेतावनी और निष्कासन की कार्रवाई देखने को मिलेगी।
- **मनोरंजन उद्योग में:** खेल हस्तियों को रियलिटी शोज में मुख्य प्रस्तोता के रूप में पेश करने का नया चलन मजबूत होगा। इससे टीवी कार्यक्रमों में खेल जगत की प्रामाणिकता और स्पष्टवादिता जुड़ेगी।
- **प्रतियोगियों के लिए सबक:** शो में केवल आक्रामकता के बजाय संयम और कार्य प्रदर्शन को प्राथमिकता देनी होगी। गलत व्यवहार करने पर सीधे शो से बाहर किए जाने का जोखिम रहेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
वीरेंद्र सहवाग ने शुरुआत में मना करने के बाद शो की मेजबानी स्वीकार की क्योंकि निर्माताओं ने उन्हें किसी अन्य एंकर की नकल करने के बजाय अपने स्वाभाविक क्रिकेटिंग मिजाज में रहने की पूरी आजादी दी।

- **निर्माताओं का स्पष्ट दृष्टिकोण:** निर्माताओं ने सहवाग को भरोसा दिलाया कि उन्हें कोई बनावटी किरदार निभाने की जरूरत नहीं है। कैमरे पर वही स्वाभाविक व्यक्तित्व दिखाना था जो मैदान पर उनकी पहचान रहा है।
- **दिलचस्प प्रारूप:** शो में अमीर और गरीब के अंतर पर आधारित अवधारणा ने सहवाग का ध्यान खींचा। उन्हें लगा कि क्रिकेट कमेंट्री और जीवन के अपने अनुभवों को वे इस मंच पर बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकते हैं।
- **तकनीकी और रचनात्मक सहयोग:** प्रोडक्शन टीम ने रिकॉर्डिंग के दौरान हर कदम पर पूरा सहयोग देने का वादा किया। इस भरोसे के बाद ही सहवाग ने शो के लिए औपचारिक सहमति दी।

## सवाल-जवाब

### 1. वीरेंद्र सहवाग किस रियलिटी शो की मेजबानी कर रहे हैं?
वीरेंद्र सहवाग 'राइज एंड फॉल' नामक रियलिटी शो को होस्ट कर रहे हैं।

### 2. सहवाग ने शुरुआत में शो होस्ट करने का प्रस्ताव क्यों ठुकराया था?
उन्हें लगा था कि वे एक रियलिटी शो का संचालन सही ढंग से नहीं कर पाएंगे, इसलिए उन्होंने पहली बार में मना कर दिया था।

### 3. निर्माताओं ने सहवाग को शो के लिए कैसे मनाया?
निर्माताओं ने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी की नकल करने की जरूरत नहीं है और वे कैमरे के सामने भी अपने स्वाभाविक क्रिकेटिंग अंदाज में रह सकते हैं।

### 4. शो में नियम तोड़ने वाले प्रतियोगियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
प्रतियोगियों को पहले एक-दो मौके दिए जाएंगे, लेकिन बार-बार नियम उल्लंघन करने पर सहवाग उन्हें शो से सीधे बाहर निकाल सकते हैं।

### 5. क्या सहवाग शो की मेजबानी के लिए कोई स्क्रिप्ट इस्तेमाल करेंगे?
नहीं, सहवाग के पास कोई रटी-रटाई स्क्रिप्ट नहीं होगी और वे परिस्थिति व प्रतियोगियों के व्यवहार के अनुसार खुद बोलेंगे।

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