70 साल में पहली बार शहर की झलक, चन्दौली के ग्राम पण्डी की महिलाओं ने काशी विश्वनाथ के किए दर्शन उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले के सुदूर ग्राम पण्डी की महिलाओं ने अपनी पूरी जिंदगी में कभी कोई शहर नहीं देखा था। 29 जून 2026 को चन्दौली पुलिस ने मिशन शक्ति 5.0 के तहत 40 महिलाओं और 10 पुरुषों को वाराणसी के प्रमुख मंदिरों के दर्शन और शहर भ्रमण कराया। उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले की दूरदराज पहाड़ियों में बसे ग्राम पण्डी की महिलाओं ने अपनी पूरी जिंदगी में कभी कोई शहर नहीं देखा था। यह बात तब सामने आई जब 15 जून 2026 को वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक ने थाना नौगढ़, चौकी औरवाटाड़ के तहत आने वाले ग्राम पण्डी का निरीक्षण किया। यह गांव इतना सुदूर पहाड़ी क्षेत्र में है कि यहां सिर्फ 80 कच्चे मकान हैं और बाहरी दुनिया से संपर्क हमेशा से बेहद सीमित रहा है। मिशन शक्ति की गोष्ठी में खुला अनजाने शहर का सच मिशन शक्ति 5.0 कार्यक्रम के तहत आयोजित इस गोष्ठी में गांव की 40 से 50 महिलाएं एकत्रित हुई थीं। पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र ने जब इन महिलाओं से पूछा कि क्या उन्होंने कभी कोई शहर देखा है, तो सभी का जवाब एक ही था, नहीं। इसके बाद जब उन्होंने पूछा कि क्या वे पास के वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन करना चाहेंगी, तो सभी महिलाओं ने उत्साह के साथ हां कह दिया। उसी बैठक में पुलिस उपमहानिरीक्षक ने मौके पर मौजूद पुलिस अधीक्षक चन्दौली आकाश पटेल को यह निर्देश दिया कि मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत इन महिलाओं को पुलिस की बस से गांव पण्डी से वाराणसी ले जाया जाए और वहां के प्रमुख मंदिरों तथा शहर का भ्रमण कराया जाए। 29 जून को पूरा हुआ जिंदगी का पहला शहर दर्शन सोमवार 29 जून 2026 को चन्दौली पुलिस ने इस वादे को हकीकत में बदला। कुल 50 लोगों को इस भ्रमण पर ले जाया गया, जिनमें 40 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल थे। इन 40 महिलाओं में से 35 की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच थी, जबकि 5 महिलाएं 55 से 65 वर्ष की आयु की थीं। 10 पुरुष सभी लगभग 32 से 45 वर्ष के थे। दोपहर 1 बजे से शुरू होकर रात 8 बजे तक चले इस कार्यक्रम में पुलिस ने पूरे समूह की व्यवस्था की जिम्मेदारी ली। चार मंदिर, भोजन और मॉल की सैर, शहर का पूरा अनुभव वाराणसी पहुंचकर इन ग्रामीणों ने सबसे पहले श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजन किया। इसके बाद विषालाक्षी शक्तिपीठ मंदिर, दुर्गा मंदिर (दुर्गाकुंड) और संकटमोचन मंदिर में भी दर्शन-पूजन कराए गए। मंदिरों के भ्रमण के बीच में सभी को स्थानीय जालान्स के वातानुकूलित रेस्टोरेंट में भोजन कराया गया। शहरी जिंदगी का अनुभव देने के लिए कैंटोनमेंट क्षेत्र, वाराणसी स्थित जेएचवी मॉल का भी भ्रमण कराया गया, जहां बहुत से ग्रामीणों ने पहली बार लिफ्ट और आधुनिक बाजार का अनुभव लिया। 70 साल की सरस्वती से 8 साल के पीयूष तक, हर किसी की अपनी यादगार पल इस भ्रमण में शामिल ग्राम पंडी निवासी सरस्वती, जिनकी उम्र लगभग 70 वर्ष है, ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा: "हमने कभी पहले शहर नहीं देखा था। श्री काशी विश्वनाथ जी का दर्शन-पूजन करने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है, यह सब बाबा की कृपा से हो सका। मंदिर वालों ने भी हमारा बहुत सम्मान किया। शहर वाराणसी में हुए विकास को देखकर अच्छा लगा।" लगभग 46 वर्षीया दुर्गावती की खुशी भी शब्दों में नहीं समाई। उन्होंने कहा: "साहब, इससे पहले हमने कभी शहर नहीं देखा था। पहली बार शहर देखकर बहुत खुशी हुई।" इस काफिले में सबसे छोटे लगभग 8 वर्षीय पीयूष के लिए यह यात्रा एक अलग ही रोमांच था। उन्होंने बताया: "जब मैं बनारस आने के लिए बस में बैठा तो उत्सुक था। यहां आकर मॉल की लिफ्ट में बैठा तो मुझे बहुत अच्छा लगा।" पुलिस की इस पहल का असली मकसद इस पूरी गतिविधि का उद्देश्य सुदूर पहाड़ी क्षेत्र के ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भरना, उनमें सशक्तिकरण की भावना जगाना और आधुनिक जीवन में उपलब्ध नए अवसरों से उन्हें परिचित कराना था, ताकि वे अधिक प्रेरित होकर अपने जीवन में आगे बढ़ सकें। ग्राम पण्डी जैसे कटे-छंटे इलाकों तक पहुंचकर वाराणसी परिक्षेत्र पुलिस ने यह संदेश दिया कि सुरक्षा बलों की भूमिका केवल अपराध रोकने तक सीमित नहीं, बल्कि वे दूरदराज के समुदायों की जिंदगी में बदलाव लाने का माध्यम भी बन सकते हैं। इसका आप पर असर • उत्तर प्रदेश में: मिशन शक्ति 5.0 जैसे कार्यक्रम अब सुदूर ग्रामीण इलाकों में पुलिस और आम नागरिकों के बीच भरोसे का सेतु बन रहे हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक पहल है। • चन्दौली में: ग्राम पण्डी जैसे अति दूरस्थ गांवों के निवासियों को यह संदेश मिला है कि स्थानीय प्रशासन उनकी जरूरतों और इच्छाओं की परवाह करता है, जिससे पुलिस और ग्रामीणों के बीच रिश्ता और मजबूत होगा। सवाल-जवाब 1. ग्राम पण्डी कहां स्थित है? ग्राम पण्डी उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले में थाना नौगढ़, चौकी औरवाटाड़ के तहत एक सुदूर पहाड़ी क्षेत्र में है, जहां केवल 80 कच्चे मकान हैं। 2. यह भ्रमण किस कार्यक्रम के तहत कराया गया? यह भ्रमण मिशन शक्ति 5.0 कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया। 3. वाराणसी भ्रमण में कुल कितने लोग शामिल हुए? कुल 50 लोग शामिल हुए, जिनमें 40 महिलाएं (35 की उम्र 35 से 40 वर्ष, 5 की उम्र 55 से 65 वर्ष) और 10 पुरुष (सभी लगभग 32 से 45 वर्ष) थे। 4. वाराणसी में किन मंदिरों के दर्शन कराए गए? काशी विश्वनाथ मंदिर, विषालाक्षी शक्तिपीठ मंदिर, दुर्गा मंदिर (दुर्गाकुंड) और संकटमोचन मंदिर में दर्शन-पूजन कराए गए। 5. यह यात्रा कब और कितने समय तक चली? यह यात्रा सोमवार 29 जून 2026 को दोपहर 1 बजे से रात 8 बजे तक हुई। 6. इस भ्रमण का निर्देश किसने दिया था? वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक ने पुलिस अधीक्षक चन्दौली आकाश पटेल को यह व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। 7. 70 वर्षीया सरस्वती ने काशी दर्शन के बारे में क्या कहा? सरस्वती ने कहा कि उन्होंने पहले कभी शहर नहीं देखा था और काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के बाद बहुत अच्छा लग रहा है, और यह सब बाबा की कृपा से संभव हो सका। 8. 8 वर्षीय पीयूष को इस यात्रा में सबसे ज्यादा क्या अच्छा लगा? पीयूष को जेएचवी मॉल की लिफ्ट में बैठना सबसे ज्यादा अच्छा लगा। https://trendkia.com/uttar-pradesh/70-sala-men-pahali-bara-shahara-ki-jhalaka-chandauli-ke-grama-pandi-ki-mahilaon-ne-kashi-vishwanath-ke-kie-darshana-3806 TrendKia — Har trend, sabse pehle.