अब छाता काफी नहीं, रेनकोट तैयार रखिए: 80 किमी की रफ्तार वाली आंधी और 13 राज्यों में भारी बारिश का IMD अलर्ट देश के बड़े हिस्से में मौसम तेजी से बदल रहा है. IMD ने 13 राज्यों में भारी बारिश, वज्रपात और 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की आंधी का अलर्ट जारी किया है. देश भर में मौसम का रुख तेजी से पलट रहा है. कुछ दिन पहले तक जिन इलाकों में लोग भीषण गर्मी और लू से बेहाल थे, वहां अब आसमान पर काले बादल डेरा डालने लगे हैं. IMD के ताजा अलर्ट के मुताबिक आने वाले घंटों और दिनों में देश के बड़े हिस्से में मौसम बेहद आक्रामक रह सकता है. हालात ऐसे बन रहे हैं कि अब सिर्फ छाता लेकर निकलना काफी नहीं होगा, बल्कि रेनकोट निकालने की नौबत आ गई है. कई राज्यों में तेज बारिश के साथ 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है. मौसम ने क्यों ली इतनी तेज करवट मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की सक्रियता और पश्चिमी विक्षोभ के मिले-जुले असर ने एक ऐसा सिस्टम तैयार कर दिया है, जो उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले सकता है. पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) सक्रिय है. इसके साथ ही 18 जून से उत्तर-पश्चिम भारत पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ असर डालना शुरू कर सकता है. यही वजह है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में मौसम अचानक पलट सकता है. कई जगह तेज बारिश के साथ वज्रपात और ओलावृष्टि का भी खतरा बना हुआ है. 13 राज्यों पर मंडराया भारी बारिश का खतरा IMD ने देश के 13 राज्यों के लिए भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है. इस सूची में उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. कई स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. विशेषज्ञों ने लोगों को पेड़ों, कमजोर ढांचों और खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी है. किसानों से लेकर यात्रियों और शहरी आबादी तक सभी को मौसम की हर अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बिजली गिरने, जलभराव और तेज आंधी की आशंका सबसे ज्यादा है. मानसून की चाल और आगे का अनुमान IMD के अनुसार इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों से होकर गुजर रही है. कुछ इलाकों में मानसून की रफ्तार भले धीमी हो, लेकिन बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी और चक्रवाती गतिविधियां इसे आगे धकेलने में मदद कर रही हैं. पूर्वी और दक्षिणी भारत में इसकी सक्रियता मजबूत बनी हुई है. विभाग का अनुमान है कि 23 जून के आसपास मानसून पूर्वी और मध्य भारत के नए इलाकों में तेजी से दस्तक दे सकता है. अगले 4 से 5 दिनों में ओडिशा, झारखंड, बिहार और तेलंगाना के और हिस्सों में इसके बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं. IMD के मुताबिक 23 जून 2026 के आसपास मानसून के तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है. इसी हफ्ते पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ-साथ बिहार में भी बारिश की गतिविधियां तेज होने के आसार हैं. दिल्ली-NCR: गर्मी पर ब्रेक, लेकिन आंधी का अंदेशा दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है. IMD ने राजधानी के लिए तेज बारिश और आंधी का येलो से ऑरेंज श्रेणी का अलर्ट जारी किया है. यहां हवाओं की रफ्तार 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और लंबे समय से बनी उमस तथा गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी. हालांकि तेज हवाओं के कारण ट्रैफिक और बिजली आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका भी बनी हुई है. उत्तर प्रदेश: कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज होने जा रही हैं. मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, सीतापुर और बाराबंकी समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है. विभाग ने यहां 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है. किसानों को खेतों में जलभराव और फसलों के नुकसान से बचाव की तैयारी करने को कहा गया है. बिहार: बिजली और वज्रपात सबसे बड़ी चिंता बिहार में इस बार सबसे बड़ी चिंता बिजली और वज्रपात को लेकर है. पश्चिमी चंपारण से लेकर पूर्णिया, किशनगंज, पटना, दरभंगा और मुजफ्फरपुर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. यहां 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. विभाग ने खासतौर पर बिजली गिरने के खतरे को लेकर लोगों को आगाह किया है और ग्रामीण इलाकों में रहने वालों को खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है. झारखंड: मानसून अब ज्यादा सक्रिय चरण में झारखंड के बोकारो, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, जामताड़ा और पूर्वी तथा पश्चिमी सिंहभूम में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है. कई जिलों में 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में मानसून अब अधिक सक्रिय चरण में प्रवेश कर रहा है. पश्चिम बंगाल: लगातार बरसेंगे बादल कोलकाता, हावड़ा, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, मालदा और मुर्शिदाबाद समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी के कारण यहां बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं. तेज हवाओं के साथ शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है. राजस्थान: रेगिस्तान से बारिश वाले मौसम की ओर राजस्थान में भी मौसम अपने रेगिस्तानी तेवर छोड़कर बारिश की ओर करवट ले रहा है. नमी बढ़ने के साथ इस मरुस्थलीय राज्य में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. इसका आप पर असर • पूरे भारत में: 13 राज्यों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की आंधी और बिजली गिरने का खतरा है, इसलिए बाहर निकलते समय रेनकोट साथ रखें और पेड़ों व कमजोर ढांचों से दूर रहें. • दिल्ली-NCR में: तेज बारिश और 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं से गर्मी से राहत तो मिलेगी, पर ट्रैफिक और बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है, इसलिए यात्रा की योजना सोच-समझकर बनाएं. • किसानों के लिए: उत्तर प्रदेश और बिहार के किसान खेतों में जलभराव और फसल के नुकसान से बचाव की तैयारी पहले से कर लें. सवाल-जवाब 1. IMD ने कितने राज्यों में अलर्ट जारी किया है? मौसम विभाग ने देश के 13 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है, जिनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्य शामिल हैं. 2. हवाओं की रफ्तार कितनी तेज हो सकती है? कई राज्यों में हवाएं 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकती हैं, जबकि दिल्ली में यह 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. 3. मानसून के नए इलाकों में बढ़ने की संभावना कब है? IMD के अनुसार 23 जून 2026 के आसपास मानसून तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है. 4. बिहार में सबसे बड़ी चिंता क्या है? बिहार में सबसे बड़ी चिंता बिजली और वज्रपात को लेकर है, जहां 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. https://trendkia.com/uttar-pradesh/aba-chhata-kaphi-nahin-renakota-taiyara-rakhie-80-kimi-ki-raphtara-vali-andhi-au-1572 TrendKia — Har trend, sabse pehle.