# आजम खान के 2019 के भड़काऊ भाषण मामले में निर्णय की घड़ी, 18 जुलाई को फैसला

> रामपुर में आजम खान के खिलाफ 2019 के कथित आपत्तिजनक भाषण मामले में अदालती सुनवाई पूरी हो गई है और अदालत ने अपना फैसला 18 जुलाई के लिए सुरक्षित रख लिया है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-07-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/ajama-khana-ke-2019-ke-bharakau-bhashana-mamale-men-nirnaya-ki-ghari-18-julai-ko-phaisala-azam-khan-5542 · **Language:** Hindi
**Tags:** आजम खान, रामपुर, भड़काऊ भाषण, अदालत, समाजवादी पार्टी

रामपुर के एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में साल 2019 के एक चर्चित भड़काऊ भाषण प्रकरण में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान से जुड़े कानूनी मामले की सुनवाई अंतिम चरण तक पहुंच गई है। दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें अदालत के समक्ष रखी हैं, जिसके बाद न्यायाधीश ने इस मामले में निर्णय सुरक्षित कर लिया है। अब सबकी निगाहें 18 जुलाई पर टिकी हैं, जिस दिन अदालत इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी।

## मामले की पृष्ठभूमि और शिकायत
यह विवादित मामला 2 अप्रैल 2019 को तब शुरू हुआ था जब आम आदमी पार्टी के प्रांतीय प्रवक्ता फैसल लाला ने शहर कोतवाली में आजम खान के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि 29 मार्च 2019 को सपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आजम खान ने मंच से भाषण देते हुए तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ उकसावे वाली टिप्पणी की थी।

## भाषण में लगाए गए गंभीर आरोप
दर्ज शिकायत के विवरण के अनुसार, आजम खान ने अपने संबोधन में प्रशासनिक अधिकारियों पर संगीन आरोप मढ़े थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह दावा किया था कि ये अधिकारी रामपुर को रक्तपात की स्थिति में ले जाना चाहते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन भी जिलों में इन अधिकारियों की तैनाती रही है, वहां उन्होंने समाज के कमजोर और असहाय वर्गों पर काफी अत्याचार किए हैं।

## कानूनी प्रक्रिया और पहले की स्थिति
इस भाषण के कारण आजम खान पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की कई संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इस मामले की शुरुआती सुनवाई एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चली थी। उस समय मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सबूतों की कमी का हवाला देते हुए 18 दिसंबर 2025 को आजम खान को इस मामले में बरी कर दिया था। अब यह मामला सेशन कोर्ट में अंतिम निर्णय के दौर में है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** जन प्रतिनिधियों द्वारा सार्वजनिक मंचों से दिए जाने वाले बयानों पर कानूनी निगरानी और जवाबदेही का स्तर बढ़ा है। **रामपुर में:** स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों और समर्थकों पर इस अदालती फैसले के परिणाम का सीधा असर पड़ सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. आजम खान पर मामला कब दर्ज हुआ था?
आजम खान के खिलाफ यह मामला 2 अप्रैल 2019 को दर्ज किया गया था।

### 2. फैसला कब आने वाला है?
अदालत इस मामले में अपना फैसला 18 जुलाई को सुनाएगी।

### 3. यह मामला किस घटना से संबंधित है?
यह मामला 29 मार्च 2019 को सपा कार्यालय में दिए गए आजम खान के भाषण से संबंधित है जिसमें अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही गई थीं।

### 4. क्या उन्हें पहले भी बरी किया गया था?
हां, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 18 दिसंबर 2025 को सबूतों के अभाव में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया था।

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