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  "title": "अखिलेश यादव का बड़ा हमला, बोले- स्पेशल समरी रिवीजन के जरिए जोड़े जा रहे फर्जी वोटर",
  "summary": "सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग के स्पेशल समरी रिवीजन अभियान पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए वोटर लिस्ट में फर्जी नाम जोड़े जा रहे हैं, जिस पर ओपी राजभर ने पलटवार किया है।",
  "content": "समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव इन दिनों चुनाव आयोग के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं और लगातार अभियान चला रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने चुनाव आयोग के स्पेशल समरी रिवीजन यानी एसएसआर पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अखिलेश यादव का कहना है कि आयोग ने पहले एसआईआर के माध्यम से असली मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर किए और अब एसएसआर प्रक्रिया के जरिए फर्जी मतदाताओं को शामिल करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह पूरा घटनाक्रम भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर संचालित हो रहा है, लेकिन समाजवादी पार्टी के सभी कार्यकर्ता पूरी तरह मुस्तैद हैं और वे चुनाव आयोग को मतदाता सूची में एक भी फर्जी नाम नहीं जोड़ने देंगे।\n\nसामने रखे गए वोटर लिस्ट में धांधली के सबूत\n\nइससे पहले अखिलेश यादव ने बीते गुरुवार को प्रेस के सामने आकर आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में धांधली हुई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक ही मतदाता का नाम अलग-रहकर दस अलग-अलग स्थानों की सूचियों में दर्ज कर दिया गया है। अपनी बात को पुख्ता करने के लिए वह विकास यादव नामक एक नए मतदाता को भी मीडिया के सामने लाए। अखिलेश ने बताया कि विकास यादव ने केवल एक ही जगह पर अपना वोट बनवाने के लिए आवेदन किया था, किंतु सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने मिलीभगत कर उसका नाम दस अलग-अलग सूचियों में डलवा दिया, ताकि चुनाव के दौरान फर्जी मतदान को अंजाम दिया जा सके।\n\nमतदाता सूचियों में बार-बार संशोधन पर आपत्ति\n\nअखिलेश यादव ने मतदाता सूची में बार-बार किए जाने वाले बदलावों की आवश्यकता पर भी कड़ा प्रश्नचिह्न लगाया। उन्होंने अपनी अपील दोहराते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग से हमारी यही मांग है कि वह सूची में केवल एक बार संशोधन करे और बार-बार प्रक्रिया को न दोहराए। जब आयोग ने पूरी तैयारी के साथ एसएसआर करने का निर्णय ले ही लिया है, तो नामांकन की अंतिम तिथि तक इसे स्थिर रहना चाहिए। उन्होंने आगे तीखा तंज कसते हुए कहा कि अब आम जनता और बहुत से लोग बीजेपी के साथ नहीं रहना चाहते हैं, और इसी बौखलाहट में यह सब किया जा रहा है। जब उनकी कोई भी राजनीतिक रणनीति सफल नहीं होती, तो वे इस तरह के तौर-तरीकों का सहारा लेते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि यदि आप एसएसआर को पलट दें, तो वह आरएसएस बन जाता है।\n\nओपी राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार\n\nअखिलेश यादव द्वारा वोट चोरी और फर्जी वोटर जुड़वाने के गंभीर आरोपों के जवाब में मंत्री ओपी राजभर ने तुरंत मोर्चा संभाला। ओपी राजभर ने पलटवार करते हुए कहा कि आगामी चुनावों में अखिलेश यादव को अपनी आसन्न हार साफ नजर आ रही है, और इसी वजह से वे जनता के बीच मतदाता सूचियों को लेकर केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। राजभर ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को पूरी तरह से दुरुस्त और पारदर्शी कर दिया है। उन्होंने कहा कि आयोग ने समाजवादी पार्टी के उन मतदाताओं के नाम हटाए हैं जो फर्जी थे, और यही कारण है कि विपक्षी नेता अत्यधिक परेशान हैं और इस तरह के बेबुनियाद बयान दे रहे हैं।\n\nइसका आप पर असर\nमतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया से जुड़े इन राजनीतिक बयानों और आरोपों का सीधा असर राज्य के आम मतदाताओं और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर पड़ता है।\n\n• उत्तर प्रदेश में: मतदाताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका नाम और विवरण निर्वाचन आयोग की सूची में सही ढंग से दर्ज है। किसी भी प्रकार की विसंगति से बचने के लिए नागरिकों को समय-समय पर अपने मतदाता पंजीकरण की जांच करते रहना चाहिए।\n\n• आम जनता के लिए: राजनीतिक दलों के इन आरोपों के बीच आम नागरिकों को अपनी मतदान पात्रता को लेकर अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। इससे चुनावी सूचियों की शुद्धि और पारदर्शी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर जनता का भरोसा प्रभावित होता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह राजनीतिक विवाद चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष मतदाता संशोधन अभियानों और चुनावी हार-जीत की आशंकाओं के कारण उपजा है।\n\n• राजनीतिक प्रतिस्पर्धा: आगामी चुनावों को लेकर विभिन्न दलों के बीच बढ़ती राजनीतिक खींचतान के कारण मतदाता सूचियों पर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।\n\n• प्रक्रियागत बदलाव: चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले समरी रिवीजन और सूचियों में संशोधनों को लेकर राजनीतिक दल अपनी रणनीतिक आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अखिलेश यादव ने किस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं?\nअखिलेश यादव ने चुनाव आयोग के स्पेशल समरी रिवीजन यानी एसएसआर पर सवाल उठाए हैं।\n\n2. सपा प्रमुख ने क्या मुख्य आरोप लगाया है?\nउन्होंने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग के जरिए वोटर लिस्ट में फर्जी वोट जोड़ने की तैयारी की जा रही है।\n\n3. अखिलेश यादव ने सबूत के तौर पर किसका नाम सामने रखा?\nउन्होंने विकास यादव नामक एक नए मतदाता का नाम सामने रखा, जिसका नाम दस जगहों पर जोड़े जाने का दावा किया गया।\n\n4. ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?\nओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को अपनी हार साफ दिख रही है इसलिए वे वोटर लिस्ट के नाम पर भ्रम फैला रहे हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/uttar-pradesh/akhilesha-yadava-alleges-conspiracy-to-add-fake-voters-through-special-summary-revision-48323",
  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-10-16",
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    "चुनाव आयोग",
    "एसएसआर",
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  "site": "TrendKia"
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