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  "title": "अंबेडकरनगर के एक घर में रेंगते दिखे दर्जनों नागराज, 25 बच्चों समेत विशाल कोबरा का हुआ सुरक्षित रेस्क्यू",
  "summary": "उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में एक कच्ची दीवार वाले घर से 25 सांप के बच्चों और एक बड़े कोबरा को सुरक्षित निकालकर पास के जंगल में छोड़ दिया गया है।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक रिहायशी घर में अचानक दर्जनों सांपों के निकलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मिट्टी की कच्ची दीवारों वाले एक पुराने मकान में जब बच्चों ने छोटे-छोटे सांपों को रेंगते देखा, तो गांव में कोहराम मच गया। इसके बाद जो दृश्य दिखा, उसे देखने के लिए आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। इस रोमांचक और डरावने वाकये के बाद तुरंत विशेषज्ञ को बुलाकर सभी सांपों को सुरक्षित बचाया गया।\n\n \n\nदीवार की दरारों में छिपा था सांपों का पूरा संसार\n यह घटना मालीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आजनपारा गांव की है। यहां रहने वाले दिनेश विश्वकर्मा (पुत्र स्वर्गीय राम कृपाल विश्वकर्मा) के बच्चे अपने घर में खेल रहे थे। इसी दौरान बच्चों की नजर मिट्टी की दीवार के पास रेंगते हुए छोटे-छोटे सांपों पर पड़ी। घबराए बच्चों ने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद घर के अन्य सदस्य और परिजन मौके पर पहुंचे। जब वहां पड़े पुराने कूड़े-करकट और मलबे को हटाकर देखा गया, तो सब दंग रह गए। वहां कई छोटे सांपों के साथ एक विशालकाय कोबरा भी फन फैलाए बैठा था। इंसानों की आहट पाते ही वह बड़ा कोबरा तुरंत दीवार की एक गहरी दरार के अंदर छिप गया।\n\n \n\nसपेरे ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू\n घर में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सांपों की मौजूदगी की खबर हवा की तरह पूरे इलाके में फैल गई। देखते ही देखते महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत जगतुपुर गांव के रहने वाले अनुभवी सपेरे राजित राम कनौजिया से संपर्क किया और उन्हें मौके पर बुलाया। सपेरे ने अत्यंत सावधानी से काम शुरू किया और लगभग घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद एक-एक करके कुल 25 छोटे सांपों को सुरक्षित रूप से पकड़कर एक डिब्बे में बंद कर दिया।\n\n इसके बाद सबसे बड़ी चुनौती उस विशालकाय कोबरा को बाहर निकालने की थी जो दीवार के गहरे बिल में जाकर छिप गया था। सपेरे ने मिट्टी के घर के खपरैल वाले हिस्से को हटाया और बिल के अंदर से उस बड़े नागराज को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस पूरे बचाव अभियान के दौरान वहां मौजूद अधिवक्ता नागेन्द्र यादव, राम आसरे यादव और रमापति विश्वकर्मा सहित कई ग्रामीणों ने राहत कार्य में सहयोग दिया और व्यवस्था बनाए रखी।\n\n \n\nसभी सांपों को जंगल में छोड़ा गया, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस\n बचाव कार्य पूरा होने के बाद सपेरे राजित राम कनौजिया ने पकड़े गए सभी 26 सांपों (25 बच्चे और 1 बड़ा कोबरा) को पास के एक घने और सुरक्षित वन क्षेत्र में ले जाकर छोड़ दिया। इसके बाद ही दिनेश विश्वकर्मा के परिवार और पूरे गांव के लोगों ने चैन की सांस ली। दिनभर गांव में इसी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।\n\n \n\nक्या सचमुच बेहद खतरनाक होते हैं सांप?\n आमतौर पर सांपों को देखते ही लोग खौफजदा हो जाते हैं, लेकिन वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकांश सांप उतने आक्रामक या खतरनाक नहीं होते जितना कि समझा जाता है। भारत में सांपों की 300 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से केवल कुछ ही प्रजातियां अत्यधिक विषैली होती हैं जिनके काटने से इंसानों की जान जा सकती है। ज्यादातर सांप जहरीले नहीं होते और वे पर्यावरण में चूहों व कीड़े-मकोड़ों की आबादी को नियंत्रित कर पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में मदद करते हैं। सांप आमतौर पर इंसानी बस्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं और केवल तभी हमला करते हैं जब उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस होता है। भारत के सबसे जहरीले और खतरनाक सांपों की श्रेणी में रसेल वाइपर, कॉमन क्रेट, कोबरा (नाग) और सॉ-स्केल्ड वाइपर शामिल हैं।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह घटना बारिश और गर्मी के मौसम में घरों के आसपास सफाई रखने और समय रहते पेशेवर वन्यजीव रेस्क्यू टीम की मदद लेने के महत्व को रेखांकित करती है।\n• उत्तर प्रदेश (अंबेडकरनगर) में: ग्रामीण इलाकों में मिट्टी और खपरैल के कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को दीवारों की दरारों को बंद रखने और झाड़ियों की सफाई बनाए रखने के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह घटना कहां की है और किस घर में सांप निकले?\nयह घटना उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले के मालीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आजनपारा गांव की है। यहां दिनेश विश्वकर्मा के मिट्टी की दीवार वाले घर से सांप निकले थे।\n\n2. कुल कितने सांपों का रेस्क्यू किया गया?\nइस बचाव अभियान में कुल 26 सांप पकड़े गए, जिनमें कोबरा प्रजाति के 25 बच्चे और एक बड़ा कोबरा शामिल था।\n\n3. सांपों को किसने पकड़ा और बाद में उनका क्या किया गया?\nजगतुपुर गांव के सपेरे राजित राम कनौजिया को बुलाया गया था, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद सभी सांपों को सुरक्षित पकड़ा और पास के एक घने जंगल में छोड़ दिया।\n\n4. भारत में पाए जाने वाले सबसे खतरनाक सांप कौन से हैं?\nभारत में पाए जाने वाले सबसे विषैले और खतरनाक सांपों में कोबरा, रसेल वाइपर, कॉमन क्रेट और सॉ-स्केल्ड वाइपर शामिल हैं।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-07-12",
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    "अंबेडकरनगर",
    "उत्तर प्रदेश समाचार",
    "कोबरा रेस्क्यू",
    "सांपों का रेस्क्यू",
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    "सांपों के प्रकार"
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