# अमेठी में बनी स्वदेशी AK-203 शेर राइफल ने पास किया फायरिंग ट्रायल, रक्षा क्षेत्र में भारत बना आत्मनिर्भर

> उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित संयंत्र में निर्मित स्वदेशी AK-203 असॉल्ट राइफल शेर ने फायरिंग ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिससे भारत की सैन्य आत्मनिर्भरता को बड़ी मजबूती मिली है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-08-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/amethi-men-bani-svadeshi-ak-203-shera-raiphala-ne-pasa-kiya-phayaringa-trayala-raksha-kshetra-men-india-bana-atmanirbhara-22579 · **Language:** Hindi
**Tags:** AK 203 राइफल, अमेठी कोरवा, इंडो रशियन राइफल्स, योगी आदित्यनाथ, आत्मनिर्भर भारत, रक्षा उत्पादन, उत्तर प्रदेश रक्षा

उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित रक्षा कारखाने से भारतीय सैन्य उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खबर आई है। कोरवा स्थित इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) के निर्माण संयंत्र में तैयार पूरी तरह स्वदेशी AK-203 असॉल्ट राइफल ‘शेर’ ने अपना फायरिंग ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच X के माध्यम से इस उपलब्धि की पुष्टि की। यह सफलता सैन्य हथियारों के आयात पर देश की निर्भरता को खत्म करने और स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देने के प्रयासों में एक बड़ा कदम है।

## रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का उभरता वर्चस्व
अमेठी में हुए इस सफल परीक्षण से यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश सैन्य उपकरणों के निर्माण में एक प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने रक्षा गलियारों और कारखानों को प्रोत्साहित करने के लिए ढांचागत सुविधाएं विकसित की हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, राज्य देश की सुरक्षा और रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अमेठी के कोरवा में स्थापित विनिर्माण इकाई न केवल स्थानीय स्तर पर औद्योगिक विकास को बढ़ावा दे रही है, बल्कि यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में भी एक निर्णायक मील का पत्थर साबित हो रही है।

## AK-203 'शेर' की मारक क्षमता और तकनीकी विशेषताएँ
AK-203 असॉल्ट राइफल को भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम के तहत तैयार किया गया है। रूसी सरकारी रक्षा निर्यात एजेंसी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के अनुसार, यह हथियार प्रसिद्ध AK-200 श्रृंखला का 7.62×39 मिमी कारतूस संस्करण है। इस राइफल की सबसे बड़ी खूबी इसकी अद्वितीय विश्वसनीयता, कठिन से कठिन परिस्थितियों में लंबे समय तक कार्य करने की क्षमता और रखरखाव में सुगमता है। आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसके डिजाइन और एर्गोनॉमिक्स में विशेष बदलाव किए गए हैं। इसमें विविध प्रकार के सामरिक उपकरण आसानी से जोड़े जा सकते हैं, जिससे सैनिकों की परिचालन दक्षता में वृद्धि होती है।

## 6 लाख से अधिक राइफलों का अनुबंध और पूर्ण स्वदेशीकरण की योजना
भारत सरकार ने देश की सैन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए दिसंबर 2021 में इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ 6,01,427 AK-203 राइफलों की आपूर्ति का ऐतिहासिक अनुबंध किया था। इस करार के तहत सभी राइफलों का निर्माण अमेठी के कोरवा में होना तय हुआ। इस परियोजना में तेजी से प्रगति दर्ज की गई है। रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2024 तक कंपनी ने अमेठी स्थित कारखाने में निर्मित 35,000 AK-203 असॉल्ट राइफलें भारतीय रक्षा मंत्रालय को सुपुर्द कर दी थीं। इस संयुक्त परियोजना का अंतिम लक्ष्य राइफल के निर्माण में 100 प्रतिशत स्थानीय घटकों का उपयोग करना है, जिससे आने वाले समय में पूरी विनिर्माण प्रक्रिया पूरी तरह भारतीय बन सके।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** विदेशी हथियारों के आयात पर निर्भरता कम होगी और भारतीय सशस्त्र बलों को आधुनिक स्वदेशी असॉल्ट राइफलें मिलेंगी।
- **उत्तर प्रदेश में:** अमेठी और राज्य का रक्षा विनिर्माण गलियारा मजबूत होगा, जिससे स्थानीय औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेठी में निर्मित किस राइफल ने फायरिंग ट्रायल पास किया है?
अमेठी के कोरवा संयंत्र में निर्मित स्वदेशी AK-203 असॉल्ट राइफल 'शेर' ने अपना फायरिंग ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

### 2. AK-203 राइफल की मुख्य तकनीकी विशेषताएँ क्या हैं?
यह 7.62x39 मिमी कारतूस वाली राइफल है जो उच्च विश्वसनीयता, लंबी टिकाऊ क्षमता, आसान रखरखाव और आधुनिक एर्गोनॉमिक्स के लिए जानी जाती है।

### 3. भारत सरकार ने कितनी AK-203 राइफलों के लिए अनुबंध किया था?
दिसंबर 2021 में भारत सरकार ने इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ 6,01,427 AK-203 राइफलों की खरीद का समझौता किया था।

### 4. जुलाई 2024 तक भारतीय रक्षा मंत्रालय को कितनी राइफलें सौंपी जा चुकी थीं?
रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2024 तक अमेठी संयंत्र में तैयार 35,000 AK-203 राइफलें भारतीय रक्षा मंत्रालय को सौंपी जा चुकी थीं।

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