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  "title": "आठ बंदियों की चौबीसों घंटे CCTV निगरानी, अयोध्या जेल अधीक्षक ने विशेष सुविधा की अफवाहों को झूठा बताया",
  "summary": "अयोध्या जेल प्रशासन ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आठ आरोपियों को वीआईपी सुविधा दिए जाने की अफवाहों को खारिज किया है और बताया कि सभी को हाई सिक्योरिटी बैरक में CCTV निगरानी के बीच रखा गया है। इसी बीच 23 जुलाई को अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का संत सम्मेलन भी होने जा रहा है।",
  "content": "अयोध्या जिला कारागार प्रशासन ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपियों को जेल में किसी तरह की वीआईपी सुविधा दिए जाने के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। बीते कुछ दिनों से कई अखबारों और डिजिटल मीडिया में यह खबर चल रही थी कि मंदिर परिसर से श्रद्धालुओं का चंदा चुराने के आरोपियों को जेल के भीतर खास रियायतें दी जा रही हैं। जिला कारागार के अधीक्षक मुकेश कुमार ने रविवार को इन दावों को गलत बताते हुए कहा कि इस मामले में कुल आठ आरोपी फिलहाल जेल में निरुद्ध हैं और हर बंदी पर लागू होने वाले सामान्य नियमों से हटकर किसी को भी कोई सुविधा नहीं दी गई है।\n\nजेल अधीक्षक ने क्या कहा\nमुकेश कुमार ने बाकायदा बयान जारी करते हुए कहा कि चढ़ावा चोरी के आरोपियों को वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने की खबरें पूरी तरह तथ्यहीन और बेबुनियाद हैं। उन्होंने साफ किया कि जेल में बंद हर बंदी और हर आरोपी के साथ, चाहे वह किसी भी मामले में गिरफ्तार क्यों न हुआ हो, सिर्फ तय नियमों के मुताबिक ही व्यवहार किया जा रहा है। जेल प्रशासन के मुताबिक इस मामले के किसी भी आरोपी को अलग से खाना, अलग कमरा, अतिरिक्त मुलाकात की सुविधा या किसी और तरह की छूट नहीं दी गई है, जो आम तौर पर बाकी विचाराधीन बंदियों को भी नहीं मिलती। अधीक्षक का यह बयान उस अटकलबाजी पर विराम लगाने के लिए आया है, जो मामले के चर्चा में आने के बाद से आठों आरोपियों के जेल में बर्ताव को लेकर चल रही थी।\n\nहाई सिक्योरिटी बैरक में रखकर हो रही चौबीसों घंटे CCTV निगरानी\nजेल प्रशासन ने मीडिया में चल रही इन खबरों का औपचारिक रूप से खंडन जारी किया है। बताया गया है कि सभी आठों आरोपियों को कारागार की हाई सिक्योरिटी बैरक में साथ रखा गया है, जहां हर वक्त पूरी सुरक्षा व्यवस्था तैनात रहती है। इन आरोपियों की बैरक के भीतर हर गतिविधि पर लगाए गए CCTV कैमरों के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है। जेल प्रशासन का कहना है कि सभी बंदी चौबीसों घंटे कैमरों की जद में रहते हैं और जरूरत पड़ने पर किसी भी वक्त CCTV फुटेज निकालकर जांची जा सकती है, ताकि यह साबित किया जा सके कि किसी भी आरोपी के साथ कोई पक्षपात या तरजीह नहीं बरती जा रही।\n\n23 जुलाई को अयोध्या में संत सम्मेलन\nराम मंदिर के चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रद्धालुओं का भरोसा दोबारा मजबूत करने के मकसद से विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मिलकर 23 जुलाई को अयोध्या के मणि राम छावनी में एक संत सम्मेलन आयोजित करने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक यह सम्मेलन जानबूझकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के ठीक अगले दिन रखा गया है। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए संघ के स्वयंसेवक और विहिप के कार्यकर्ता अयोध्या के अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर जाकर संतों से सीधे मिल रहे हैं और उन्हें व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि यही कार्यकर्ता संतों को ट्रस्ट के खिलाफ कथित तौर पर चलाए जा रहे दुष्प्रचार अभियान के बारे में भी बता रहे हैं और बड़ी संख्या में सम्मेलन में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह पूरी कवायद उसी तर्ज पर की जा रही है, जैसे राम मंदिर आंदोलन के दौरान संतों को मणि राम छावनी में बुलाया गया था।\n\nसम्मेलन में हो सकते हैं ये अहम फैसले\nसूत्रों के मुताबिक इस संत सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं, जिसके बाद राज्य के दूसरे हिस्सों में भी इसी तरह के सम्मेलन आयोजित करने की योजना है, ताकि अयोध्या से बाहर भी यह पहुंच बढ़ाई जा सके। इसी बीच दिल्ली में चल रही विहिप की बैठक को भी काफी अहम माना जा रहा है, जिसमें भी कुछ बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मौजूदा कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन को स्थायी महासचिव नियुक्त किया जा सकता है। इसके अलावा ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों का औपचारिक बंटवारा भी किए जाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि आगे ट्रस्ट का कामकाज ज्यादा व्यवस्थित तरीके से चल सके।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: देशभर के श्रद्धालु जो राम मंदिर में चढ़ावा और दान देते हैं, इस स्पष्टीकरण से यह भरोसा पा सकते हैं कि चोरी के आरोपियों को जेल में कोई खास छूट नहीं मिल रही।\n• अयोध्या में: 23 जुलाई का संत सम्मेलन स्थानीय स्तर पर ट्रस्ट के कामकाज, सुरक्षा और भरोसे से जुड़े नए फैसलों की दिशा तय कर सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कुल कितने आरोपी जेल में बंद हैं?\nइस मामले में कुल आठ आरोपी अयोध्या जेल में निरुद्ध हैं।\n\n2. क्या आरोपियों को जेल में वीआईपी सुविधा मिल रही है?\nनहीं, जेल प्रशासन ने ऐसी सभी खबरों को तथ्यहीन बताकर पूरी तरह खारिज कर दिया है।\n\n3. आरोपियों की जेल में निगरानी कैसे की जा रही है?\nउन्हें कारागार की हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है और CCTV कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।\n\n4. यह स्पष्टीकरण किसने जारी किया?\nजिला कारागार अधीक्षक मुकेश कुमार ने रविवार को यह स्पष्टीकरण जारी किया।\n\n5. अयोध्या में संत सम्मेलन कब और कहां होगा?\n23 जुलाई को अयोध्या के मणि राम छावनी में विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मिलकर इसका आयोजन करेंगे।\n\n6. यह संत सम्मेलन क्यों बुलाया जा रहा है?\nचढ़ावा चोरी मामले के बाद श्रद्धालुओं का भरोसा फिर से मजबूत करने के मकसद से यह सम्मेलन बुलाया जा रहा है।\n\n7. सम्मेलन में किन बड़े फैसलों की उम्मीद है?\nकार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन को स्थायी महासचिव बनाए जाने और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों के औपचारिक बंटवारे जैसे फैसले हो सकते हैं।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-07-19",
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    "चढ़ावा चोरी",
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