अयोध्या चढ़ावा चोरी: दो दिन में सामने आ सकती है एसआईटी की जांच रिपोर्ट, टिन्नू यादव की भूमिका पर घिरे सवाल अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट अगले 24 से 48 घंटे में सौंपी जा सकती है, जिसमें टिन्नू यादव की भूमिका और ट्रस्ट की चूक पर सवाल उठे हैं। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम यानी एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। सूत्रों की मानें तो बीती रात तक टीम के सदस्यों ने रिपोर्ट के निष्कर्ष और सिफारिशों को अंतिम रूप दे दिया है। अब सिर्फ कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं और उम्मीद है कि अगले 24 से 48 घंटे के भीतर यह रिपोर्ट संबंधित प्राधिकरण को सौंप दी जाएगी। बुधवार को खत्म हो रहा है तय समय एसआईटी को इस जांच के लिए जो समय दिया गया था, वह बुधवार को खत्म हो रहा है। अभी तक टीम का कार्यकाल आगे बढ़ाने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसी वजह से माना जा रहा है कि तय समयसीमा के भीतर ही रिपोर्ट दाखिल कर दी जाएगी और जांच टीम को अतिरिक्त वक्त नहीं दिया जाएगा। सीधे दोषियों और लापरवाह अधिकारियों को अलग-अलग चिह्नित किया गया सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में दो तरह के लोगों का जिक्र अलग-अलग किया गया है, एक वे जो चढ़ावा चोरी में सीधे तौर पर शामिल रहे और दूसरे वे जिन्होंने प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरती। जांच में यह बात भी सामने आई है कि मंदिर ट्रस्ट और बैंक के बीच जो अनुबंध हुआ था, उसकी तय प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। एसआईटी ने इसी चूक को चोरी की सबसे बड़ी वजहों में गिना है। घटना को दबाने की हुई कोशिश, समय पर नहीं हुई कार्रवाई रिपोर्ट में यह भी दर्ज होने की जानकारी मिली है कि इस चोरी से मंदिर ट्रस्ट की छवि को नुकसान पहुंचने के डर से मामले को दबाने की कोशिश की गई। सूत्रों का कहना है कि चोरी की जानकारी मिलने के बावजूद वक्त रहते जरूरी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते मामला और गंभीर होता चला गया। टिन्नू यादव की भूमिका पर उठे सवाल जांच में एसआईटी ने टिन्नू यादव की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एक ही व्यक्ति पर जरूरत से ज्यादा भरोसा किया गया और निगरानी व्यवस्था में भी कमी रही, जिसकी वजह से चढ़ावे की सुरक्षा प्रभावित हुई। यही कारण रहा कि चोरी की रकम बाकी आरोपियों के साथ-साथ टिन्नू यादव के पास से भी बरामद हुई। फिलहाल सबकी निगाहें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट सामने आते ही दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। इसका आप पर असर • भारत में: देशभर के मंदिरों और धार्मिक ट्रस्टों में चढ़ावे और दान की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होंगे, जिससे आगे बैंकिंग और सुरक्षा प्रक्रियाओं की जांच सख्त हो सकती है। • अयोध्या और उत्तर प्रदेश में: राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और उनके दान की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ेगा, जिससे मंदिर प्रबंधन में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सवाल-जवाब 1. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी रिपोर्ट कब आ सकती है? सूत्रों के मुताबिक यह रिपोर्ट अगले 24 से 48 घंटे में संबंधित प्राधिकरण को सौंपी जा सकती है। 2. एसआईटी को जांच के लिए कितना समय दिया गया था? एसआईटी को दिया गया समय बुधवार को समाप्त हो रहा है और अभी तक कार्यकाल बढ़ाने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। 3. रिपोर्ट में चोरी की सबसे बड़ी वजह क्या बताई गई है? मंदिर ट्रस्ट और बैंक के बीच हुए अनुबंध की तय प्रक्रिया का पूरी तरह पालन न होना चोरी की बड़ी वजह माना गया है। 4. टिन्नू यादव पर क्या सवाल उठे हैं? रिपोर्ट के मुताबिक एक व्यक्ति पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता और निगरानी में कमी की वजह से चोरी की रकम टिन्नू यादव के पास से भी बरामद हुई। 5. क्या चोरी की घटना को दबाने की कोशिश हुई थी? सूत्रों के अनुसार मंदिर ट्रस्ट की छवि खराब होने की आशंका के चलते घटना को दबाने की कोशिश की गई और समय पर कार्रवाई नहीं हुई। 6. रिपोर्ट में किन-किन लोगों की जिम्मेदारी तय की गई है? रिपोर्ट में चोरी में सीधे शामिल आरोपियों और प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरतने वाले लोगों को अलग-अलग चिह्नित किया गया है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/ayodhya-charhava-chori-do-dina-men-samane-a-sakati-hai-sit-ki-jancha-riporta-tinnu-yadav-ki-bhumika-para-ghire-savala-7914 TrendKia — Har trend, sabse pehle.