अयोध्या दान चोरी जांच: गोपाल राव से घंटों पूछताछ, अब जमीन सौदों पर SIT की पैनी नजर राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने गोपाल राव से 7 घंटे पूछताछ की और अब ट्रस्ट की जमीन खरीद-फरोख्त की जांच शुरू कर दी है, जबकि 6 जुलाई की ट्रस्ट बैठक को निर्णायक माना जा रहा है। अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT ने ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से करीब 7 घंटे तक पूछताछ की, जबकि इससे पहले ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से भी सवाल-जवाब हो चुके हैं। इसी बीच मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की 13 घंटे की रिमांड मंजूर कर ली गई है, जिससे जांच एजेंसी को उससे और गहराई से पूछताछ करने का मौका मिलेगा। गोपाल राव से पूछताछ, जमीन सौदों पर सवाल SIT की दूसरे चरण की पूछताछ में गोपाल राव से ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीन, मकानों, भुगतान की प्रक्रिया और इससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर विस्तार से सवाल पूछे गए। जांच टीम ने इन सौदों का पूरा रिकॉर्ड भी मांगा है। सूत्रों की मानें तो अब जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े गवाहों को भी बुलाने की तैयारी चल रही है। फिलहाल SIT दस्तावेजों और लेनदेन की बारीकी से पड़ताल में जुटी है। अब तक क्या-क्या बरामद हुआ जांच में अब तक 20 लाख रुपये नकद, 1121 डॉलर और कुछ आभूषण बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा गिरफ्तार आठों आरोपियों और उनके परिवार वालों के बैंक खातों तथा लॉकरों की भी जांच चल रही है। आरोपी लवकुश की पत्नी को एक निर्माण कार्य को लेकर नोटिस भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों की बताई गई जगहों पर छापेमारी कर वहां से भी नकदी बरामद की, और अब तक कुल मिलाकर करीब 80 लाख रुपये बरामद हो चुके हैं। 45 दिन की फुटेज में क्या मिला पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर के पिलग्रिम फैसिलिटी सेंटर की करीब 45 दिनों की सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाला गया। इसमें सामने आया कि गिरफ्तार 8 लोगों में से नोट गिनने वाले पांच कर्मचारी बार-बार नोटों की गड्डियां निकालकर अपने कपड़ों या मोजों में छिपा लेते थे। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ कर उनकी बताई जगहों की तलाशी ली और वहां से नकदी बरामद की। गुरुवार को 8 घंटे चली मैराथन जांच गुरुवार को SIT ने अयोध्या में करीब 8 घंटे तक लगातार जांच की। यह जांच दोपहर 1:40 बजे शुरू होकर रात 8:30 बजे तक चली। इस दौरान IPS अधिकारी किरण एस की मौजूदगी में टीम मंदिर परिसर पहुंची और वहां गहन पड़ताल की। इसी दौरान ट्रस्ट के पदाधिकारियों से भी पूछताछ किए जाने की चर्चा रही। 6 जुलाई की बैठक क्यों मानी जा रही है निर्णायक अब सबकी नजरें 6 जुलाई को होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक पर टिकी हैं। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को शो-कॉज नोटिस जारी किए जाने की संभावना है। दोनों पदाधिकारियों से लिखित और मौखिक स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। ट्रस्ट की तय प्रक्रिया के अनुसार बिना स्पष्टीकरण लिए किसी भी पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती। दोनों का जवाब आने के बाद ही ट्रस्ट के बायलॉज के तहत आगे क्या कदम उठाया जाए, इस पर फैसला होगा। अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो इस्तीफा लेने या पद से हटाने जैसे विकल्पों पर भी विचार हो सकता है। सूत्रों का यह भी कहना है कि ट्रस्ट के नियमों के मुताबिक जरूरी बहुमत मिलने पर ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। यही वजह है कि 6 जुलाई की बैठक को इस पूरे मामले में निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। इसका आप पर असर • भारत में: देशभर से राम मंदिर को चंदा देने वाले श्रद्धालुओं के मन में दान की सुरक्षा और ट्रस्ट की जवाबदेही को लेकर भरोसा जुड़ा है, ऐसे में जांच का नतीजा बड़े मंदिरों में दान व्यवस्था पर निगरानी बढ़ा सकता है। • अयोध्या में: स्थानीय स्तर पर मंदिर के कर्मचारियों, ट्रस्ट पदाधिकारियों और जमीन सौदों से जुड़े लोगों पर SIT की सख्ती बढ़ने से आने वाले दिनों में और पूछताछ व कार्रवाई हो सकती है। सवाल-जवाब 1. गोपाल राव से पूछताछ क्यों की गई? SIT ने ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीन, मकानों और भुगतान प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर गोपाल राव से करीब 7 घंटे पूछताछ की। 2. अब तक कितनी रकम बरामद हुई है? जांच में अब तक 20 लाख रुपये नकद, 1121 डॉलर और आभूषण बरामद हुए हैं, जबकि छापेमारी में मिली रकम मिलाकर कुल बरामदगी करीब 80 लाख रुपये तक पहुंच गई है। 3. अविनाश शुक्ला कौन हैं और उनकी रिमांड को लेकर क्या फैसला हुआ? अविनाश शुक्ला इस मामले के मुख्य आरोपी हैं और उनकी 13 घंटे की रिमांड मंजूर कर ली गई है। 4. 45 दिन की फुटेज में क्या सामने आया? पिलग्रिम फैसिलिटी सेंटर की फुटेज में दिखा कि गिरफ्तार 8 लोगों में से पांच नोट गिनने वाले कर्मचारी नोटों की गड्डियां अपने कपड़ों या मोजों में छिपा रहे थे। 5. 6 जुलाई की बैठक इतनी अहम क्यों मानी जा रही है? इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को शो-कॉज नोटिस जारी किए जाने की संभावना है, जिससे आगे की कार्रवाई पर फैसला होगा। 6. गुरुवार की जांच कितने समय तक चली? गुरुवार को SIT ने अयोध्या में दोपहर 1:40 बजे से रात 8:30 बजे तक करीब 8 घंटे जांच की। 7. आरोपी लवकुश की पत्नी को नोटिस क्यों भेजा गया? लवकुश की पत्नी को एक निर्माण कार्य को लेकर नोटिस भेजा गया है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/ayodhya-dana-chori-jancha-gopal-rao-se-ghnton-puchhatachha-aba-jamina-saudon-para-sit-ki-paini-najara-4293 TrendKia — Har trend, sabse pehle.