# अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर बड़ा एक्शन, पुलिस ने कोर्ट में पेश किया 73,800 पन्नों का आरोप पत्र

> अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चोरी के मामले में पुलिस ने फैजाबाद जिला अदालत में एक विशाल चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें 173 लोगों को गवाह बनाया गया है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-09-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/ayodhya-ke-bhavya-ram-mandir-men-charhava-chori-para-bara-ekshana-pulisa-ne-korta-men-pesha-kiya-73-800-pannon-ka-aropa-patra-38894 · **Language:** Hindi
**Tags:** अयोध्या राम मंदिर, चढ़ावा चोरी, चंपत राय, चार्जशीट, फैजाबाद कोर्ट, यूपी पुलिस

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फैजाबाद जिला अदालत में एक विशाल आरोप पत्र दाखिल किया है। 73 हजार 480 पन्नों की इस विस्तृत चार्जशीट में मंदिर के भीतर श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान को चुराने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से चोरी के इस पूरे नेक्सस की परतें खुल गई हैं और आरोपियों के खिलाफ कई पुख्ता सबूत अदालत के सामने रखे गए हैं।

 

## सीसीटीवी फुटेज और मुख्य आरोपी का खुलासा

जांच के दौरान पुलिस को मंदिर के भीतर लगे कैमरों से चोरी की कई हैरान करने वाली गतिविधियां मिलीं। चार्जशीट के अनुसार, मंदिर के काउंटिंग रूम और अन्य जगहों पर चढ़ावे की चोरी से जुड़ी कुल 105 घटनाएं सीसीटीवी कैमरों में दर्ज पाई गईं। इनमें से अकेले अविनाश शुक्ला उर्फ सनी की मुख्य भूमिका इस बात की ओर इशारा करती है कि यह खेल कितने समय से और कितने बेखौफ तरीके से चल रहा था, क्योंकि वह अकेले ही 85 बार पैसे निकालते हुए कैमरे पर पकड़ा गया। पुलिस ने इस मामले में कुल 8 आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए हैं और अदालत के समक्ष पेश किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए 173 गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। इस मामले में मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को भी गवाह बनाया गया है, जिससे सरकारी पक्ष का केस और मजबूत हो गया है।

 

## ऐसे हुआ था इस बड़े घोटाले का भंडाफोड़

राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चोरी का यह सनसनीखेज मामला सबसे पहले 4 जून 2026 को प्रकाश में आया था। उस दिन मंदिर के काउंटिंग रूम में पैसे गिनने का काम चल रहा था, तभी वहां तैनात एक सजग कर्मचारी आनंद चौधरी को अपने ही साथियों की हरकतों पर शक हुआ। उन्होंने चुपचाप अपने मोबाइल से उन कर्मचारियों का वीडियो बना लिया जो नोटों की गड्डियों को अपनी पैंट और कमर के कपड़ों में छिपा रहे थे। इस गंभीर धोखे को देखते हुए उन्होंने तुरंत यह वीडियो तत्कालीन ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को भेज दिया।

 

## डिजिटल सबूतों और छानबीन से खुला राज

जिस दिन यह वारदात हुई यानी 4 जून को चंपत राय अयोध्या में मौजूद नहीं थे। अगले दिन यानी 5 जून को अयोध्या लौटने पर चंपत राय ने अनिल मिश्रा, गोपाल राव और डॉ. नरेंद्र के साथ मिलकर सुरक्षा कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके बाद पुलिस ने सभी संदिग्धों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए, जिससे कई अहम डिलीट किए गए चैट और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड बरामद हुए। यह डिजिटल डेटा, बैंक खातों में अचानक जमा की गई बड़ी रकम और चोरी के पैसे से खरीदी गई जमीनों के कागजात ही इस 73,480 पन्नों की विशाल चार्जशीट का मुख्य आधार बने हैं।

 

## आरोपियों की जमानत अर्जी कोर्ट से खारिज

इस मामले में कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है। हाल ही में इस चोरी कांड के तीन मुख्य आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे की जमानत याचिका अदालत द्वारा खारिज कर दी गई थी। आरोपियों के वकील कुल शेखर सिंह ने बताया था कि इन तीनों की जमानत अर्जी पर 22 सितंबर को अदालत में लंबी बहस हुई थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उनकी जमानत याचिकाओं को नामंजूर कर दिया। इसके बाद आरोपियों के पक्ष ने अपनी जमानत के लिए अब उच्च न्यायालय का रुख करने का फैसला किया है।

## इसका आप पर असर
अयोध्या मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में हुई त्वरित कार्रवाई और विस्तृत जांच से श्रद्धालुओं को यह भरोसा मिलता है कि उनके द्वारा अर्पित किया गया दान पूरी तरह सुरक्षित है और उसकी कड़ी निगरानी की जा रही है।

- **पारदर्शिता में सुधार:** पुलिस द्वारा इतनी बड़ी चार्जशीट दाखिल करना यह दर्शाता है कि मंदिर प्रशासन वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर बेहद सख्त है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि जनता द्वारा दान किया गया एक-एक पैसा केवल मंदिर के विकास कार्यों में ही लगेगा।

- **सुरक्षा के कड़े नियम:** इस घटना के बाद मंदिर के काउंटिंग रूम और परिसर के भीतर सुरक्षा और निगरानी के नियमों को और कड़ा कर दिया गया है। अब तकनीकी सर्विलांस के जरिए ऐसी अंदरूनी चोरियों को भविष्य में रोकने की पुख्ता व्यवस्था की गई है।

- **श्रद्धालुओं का बढ़ता भरोसा:** इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ होने से दुनिया भर के करोड़ों दानदाताओं का भरोसा मजबूत हुआ है। यह साबित करता है कि ट्रस्ट अपने भीतर किसी भी स्तर के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगा और सख्त कदम उठाएगा।

- **कानूनी कड़ा रुख:** मुख्य आरोपियों की जमानत याचिका खारिज होने से धार्मिक स्थलों पर चोरी करने वालों को एक कड़ा संदेश मिला है। यह भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों की योजना बनाने वाले तत्वों के लिए एक बड़ा सबक साबित होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की यह घटना आंतरिक प्रशासनिक कमियों और काउंटिंग रूम के कुछ कर्मचारियों के लालच की वजह से संभव हो सकी। मैनुअल निगरानी में ढिलाई का फायदा उठाकर इस सिंडिकेट ने रंगे हाथ पकड़े जाने से पहले कई बार चोरी को अंजाम दिया।

- **निगरानी प्रणाली में कमियां:** आरोपी अलग-अलग 105 मौकों पर चोरी करने में इसलिए कामयाब रहे क्योंकि वहां रियल-टाइम लाइव सर्विलांस की कमी थी। हालांकि सीसीटीवी कैमरे चल रहे थे, लेकिन काउंटिंग के दौरान कर्मचारियों की हरकतों पर तत्काल नजर रखने वाला कोई नहीं था।

- **अंदरूनी पहुंच का दुरुपयोग:** काउंटिंग रूम के भरोसेमंद कर्मचारी होने के नाते, आरोपियों की रोज भारी मात्रा में नकदी तक सीधी पहुंच थी। बिना गिने हुए पैसों के इतने करीब होने और सुरक्षा जांच में ढील ने उन्हें इस तरह की धोखाधड़ी करने का मौका दिया।

- **सजय कर्मचारी का प्रयास:** चोरी का यह सिलसिला तब थमा जब वहां तैनात एक सजग सहकर्मी आनंद चौधरी ने इस अवैध गतिविधि का वीडियो बनाने का फैसला किया। उनके द्वारा ट्रस्ट प्रबंधन को दी गई तुरंत जानकारी के बाद ही इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सका।

## सवाल-जवाब

### 1. पुलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट कितने पन्नों की है?
पुलिस ने फैजाबाद जिला अदालत में 73 हजार 480 पन्नों की एक विशाल चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें चोरी के पूरे सिंडिकेट का ब्यौरा है।

### 2. मुख्य आरोपी कैमरे पर कितनी बार चोरी करते हुए पकड़ा गया था?
कुल 105 रिकॉर्ड की गई घटनाओं में से मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला उर्फ सनी अकेले 85 बार चढ़ावे की रकम को चुराते हुए कैमरे में दिखाई दिया है।

### 3. इस मामले में किन प्रमुख लोगों को गवाह बनाया गया है?
पुलिस ने इस मामले में कुल 173 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव शामिल हैं।

### 4. राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के इस मामले का खुलासा पहली बार कैसे हुआ था?
इसका खुलासा 4 जून 2026 को हुआ था, जब एक कर्मचारी आनंद चौधरी ने काउंटिंग रूम में कुछ अन्य कर्मचारियों को अपनी कमर में नोटों की गड्डियां छिपाते हुए देखकर उनका वीडियो बना लिया था।

### 5. क्या आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई है?
नहीं, अदालत ने आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे की जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिसके बाद वे अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

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