# अयोध्या की वैदही पुष्प वाटिका में कल जुटेगा राम मंदिर ट्रस्ट, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर होगा फैसला

> राम मंदिर दान चोरी विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक 6 जुलाई को वैदही पुष्प वाटिका में होगी, जिसमें महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर चर्चा हो सकती है, वहीं पुलिस जांच में भी नए खुलासे हो रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-07-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/ayodhya-ki-vaidehi-pushp-vatika-men-kala-jutega-ram-mandir-trust-champat-rai-aura-anil-mishra-ke-istiphe-para-hoga-phaisala-4999 · **Language:** Hindi
**Tags:** राम मंदिर, अयोध्या, दान चोरी, चंपत राय, श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट, गोविंद देवगिरी, विश्व हिंदू परिषद, अविनाश शुक्ला

अयोध्या के राम मंदिर में दान की राशि में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है, और अब इसी विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद अहम बैठक 6 जुलाई को दोपहर 3 बजे अयोध्या में बुलाई गई है। हर तीन महीने में होने वाली इस बैठक को इस बार खास तौर पर गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसमें दान चोरी प्रकरण की गहन समीक्षा के साथ साथ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा की वर्तमान स्थिति और उनके संभावित इस्तीफों पर भी बड़ा फैसला हो सकता है। बैठक से ठीक पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी समेत कई बड़े पदाधिकारी, विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता और जाने माने संत अयोध्या पहुंच चुके हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस की जांच में भी लगातार नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।

## ट्रस्ट की तिमाही बैठक, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर होगी चर्चा
छह जुलाई की दोपहर तीन बजे राम जन्मभूमि परिसर में होने जा रही ट्रस्ट की इस तिमाही बैठक की आधिकारिक पुष्टि मंदिर प्रशासन के सहायक गोपाल राव ने खुद की है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के सभी संबंधित सदस्यों और पदाधिकारियों को इस बैठक की सूचना पहले ही भेज दी गई है और उम्मीद है कि बुलावे के बाद सभी सदस्य समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। बैठक में दान चोरी प्रकरण की विस्तृत समीक्षा होगी और साथ ही चंपत राय व डॉ. अनिल मिश्रा को लेकर उठ रहे सवालों पर भी गंभीर मंथन होगा। इसी कड़ी में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी बैठक में हिस्सा लेने के लिए अयोध्या पहुंच चुके हैं। उनके पहुंचने पर गोपाल राव ने उनका स्वागत किया, हालांकि मीडिया के सवालों से बचते हुए गोपाल राव बिना कोई जवाब दिए वहां से निकल गए। हालिया विवादों और घटनाक्रमों को देखते हुए इस बैठक में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए जाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि आगे रामलला के खजाने की सुरक्षा और मजबूत की जा सके।

## सुरक्षा के चलते बदला बैठक का ठिकाना, अब वैदही पुष्प वाटिका में जुटेंगे सदस्य
सुरक्षा की दृष्टि से इस बैठक के आयोजन स्थल में भी बदलाव किया गया है। पहले यह बैठक मणिरामदास छावनी में प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे राम जन्मभूमि परिसर स्थित गेस्ट हाउस वैदही पुष्प वाटिका में आयोजित करने का फैसला लिया गया है। ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने इसकी जानकारी देते हुए सभी तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सदस्यों से वैदही पुष्प वाटिका पहुंचने की अपील की है। साथ ही सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट सदस्यों ने मीडिया से दूरी बनाए रखने का भी फैसला किया है, यानी बैठक के दौरान पत्रकारों को परिसर के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

## बैठक से पहले वीएचपी के वरिष्ठ पदाधिकारी और संत अयोध्या पहुंचे
बैठक से एक दिन पहले ही अयोध्या में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी बजरंग लाल बांगड़ा और कोटेश्वर जी आज अयोध्या पहुंच गए हैं। राम मंदिर निर्माण, दान और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के साथ साथ हालिया घटनाक्रमों को देखते हुए ट्रस्ट की इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, इसीलिए बैठक से ठीक पहले वीएचपी के इन बड़े पदाधिकारियों का अयोध्या पहुंचना काफी महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है और सबकी निगाहें कल होने वाले फैसलों पर टिकी हैं। इसी तरह शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती भी अयोध्या पहुंच गए हैं, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। उनके ठहरने की व्यवस्था महर्षि वेद विद्यालय के गेस्ट हाउस में की गई है, जहां बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। बाद में युग पुरुष परमानंद महाराज भी अयोध्या पहुंचे, जिसके चलते दोनों संतों के आवास और आसपास के इलाके में सुरक्षा का घेरा और बढ़ा दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। जहां दोनों संत ठहरे हैं, वहां किसी भी मीडिया प्रतिनिधि को प्रवेश की अनुमति नहीं है और आने जाने वालों की सघन जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यह एहतियात बरता जा रहा है, हालांकि दोनों संतों के दौरे के पूरे कार्यक्रम को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

## सोने की रामायण गायब होने की अफवाह पर ट्रस्ट ने लगाया विराम
इस बीच सोशल मीडिया पर राम मंदिर से सोने की रामायण गायब होने की अफवाह तेजी से फैली, लेकिन अब इस पर पूरी तरह विराम लग गया है। दरअसल एक पूर्व आईपीएस अधिकारी ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी से यह विशेष स्वर्ण रामायण रामलला के दरबार में भेंट की थी, और उसी रामायण के चोरी या गायब होने की भ्रामक खबरें बीते दिनों चर्चा का विषय बनी थीं। इन सभी निराधार दावों का खंडन करते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आधिकारिक तौर पर रामायण की तस्वीर जारी कर दी, जिससे यह साफ हो गया कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था का यह प्रतीक राम मंदिर में ही पूरी तरह सुरक्षित और स्थापित है।

## पांच आरोपियों से साढ़े छह घंटे पूछताछ, मोबाइल चैट से मिले सुराग
दान गबन मामले की जांच में अयोध्या पुलिस भी लगातार नए तथ्य खंगाल रही है। सोमवार को विवेचक सुबह करीब 11:30 बजे राम जन्मभूमि जेल परिसर पहुंचे, जहां बंद पांचों आरोपियों से करीब 6 घंटे 30 मिनट तक लंबी पूछताछ हुई। पूछताछ के दौरान मनीष यादव, रामाशंकर यादव उर्फ टीनू, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय से अलग अलग और आमने सामने सवाल किए गए। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, वहीं आरोपियों के बयानों में भी कई जगह विरोधाभास देखने को मिला है। जांच में यह भी सामने आया कि मंदिर परिसर से कथित तौर पर दान की रकम बाहर पहुंचाने के लिए रामकोट क्षेत्र के एक व्यक्ति का इस्तेमाल किया जाता था, और पुलिस अब उसकी भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। पता चला है कि रामकोट के इस व्यक्ति को कथित तौर पर रामाशंकर यादव उर्फ टीनू ने ही राम जन्मभूमि परिसर में नियुक्त कराया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसकी भूमिका सिर्फ एक कर्मचारी तक सीमित थी या वह कथित गबन के पूरे नेटवर्क का हिस्सा भी था। फिलहाल पुलिस पूछताछ से मिले तथ्यों, आरोपियों के बयानों और अन्य साक्ष्यों का आपस में मिलान कर रही है, और अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

## अविनाश शुक्ला के बैंक खाते और ब्रेज़ा कार तक पहुंची जांच
जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से मिली चैट और डिजिटल रिकॉर्ड ने भी जांच को नई दिशा दी है। इसी सिलसिले में सामने आया कि आरोपी अविनाश शुक्ला ने अपनी महिला मित्र के बैंक खाते में लाखों रुपये ट्रांसफर किए थे, और पुलिस को इन ट्रांजैक्शन से जुड़े अहम सबूत भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि अविनाश शुक्ला और उसकी महिला मित्र की शादी तय हो चुकी थी, और उसने उसे एक महंगा मोबाइल फोन भी उपहार में दिया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन लेनदेन में इस्तेमाल हुआ पैसा कहां से आया और उसका असली स्रोत क्या था। सूत्रों के मुताबिक यह भी सामने आया है कि अविनाश शुक्ला ने कथित तौर पर दान की चोरी की गई रकम से एक ब्रेज़ा कार भी खरीदी थी, जो उसके भाई अभिषेक शुक्ला के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है। पुलिस अब बैंक खातों, वाहन खरीद के दस्तावेजों और डिजिटल लेनदेन की बारीकी से जांच में जुटी है, और अधिकारियों का मानना है कि इन वित्तीय रिकॉर्ड से पूरे नेटवर्क और पैसों के इस्तेमाल की तस्वीर और साफ हो सकती है। हालांकि इन सभी जानकारियों की पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

## मई 2025 की चैट में पैसों के बंटवारे को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस को आरोपियों के मोबाइल की चैट और बैकअप खंगालने पर ऐसे कई सबूत मिले हैं जिनसे कथित गबन के पूरे नेटवर्क की परतें खुलती नजर आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक चैट से पता चला है कि साल 2025 के मई महीने में करोड़ों रुपये के लेनदेन को लेकर आरोपियों के बीच बातचीत हुई थी, और इसी दौरान दान के पैसों के बंटवारे को लेकर उनके बीच विवाद भी खड़ा हो गया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों के बीच बढ़े इस विवाद को शांत कराने और आपसी तालमेल बनाए रखने की जिम्मेदारी अविनाश शुक्ला ने निभाई थी, हालांकि बाद में अविनाश शुक्ला और अनुकल्प के बीच भी पैसों के बंटवारे को लेकर कहासुनी हुई थी। पूछताछ और डिजिटल जांच में यह भी खुलासा हुआ कि राम मंदिर परिसर में दान की रकम की गिनती के दौरान ही कथित तौर पर पैसों की चोरी की जाती थी, जिसके बाद आपस में रकम का हिसाब किताब और बंटवारा किया जाता था। अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल फोन से मिले इन डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर आगे कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं और इसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी तय होगी।

## कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी के नाम से वायरल पत्र, सफाई में कही यह बात
इसी बीच ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी के नाम से एक पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने दान राशि में कथित गड़बड़ी पर दुख, पीड़ा और शर्मिंदगी जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्र में यह भी दावा किया गया है कि ट्रस्ट के आय व्यय का पूरा हिसाब सुरक्षित है, उन्होंने कभी ट्रस्ट से कोई खर्च नहीं लिया और दान राशि की गिनती की प्रक्रिया से उनका सीधा संबंध नहीं रहा है। हालांकि इस वायरल पत्र की सत्यता की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

## संत समाज चंपत राय के समर्थन में आया, कहा जांच पूरी होने तक न लगाएं आरोप
पूरे विवाद के बीच संत समाज खुलकर चंपत राय के समर्थन में सामने आया है। संतों ने अयोध्या में प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि जब तक SIT की जांच पूरी नहीं होती, तब तक किसी को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए, हालांकि दोषी चाहे जो भी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा। संत समाज ने यह भी कहा कि सिर्फ चंपत राय को निशाना बनाना गलत है। राम कचहरी में हुई संतों की इस बैठक में चंपत राय के समर्थन का खुलकर ऐलान किया गया और कहा गया कि अगर किसी के पास सबूत हैं तो उन्हें SIT को सौंपे, बेवजह किसी की छवि धूमिल न करें। जगद्गुरु परमहंस ने कहा कि चंपत राय निर्दोष हैं और सभी को जांच का इंतजार करना चाहिए। संत समाज ने यह भी अपील की कि अफवाहों से सनातन धर्म की गरिमा को नुकसान न पहुंचाया जाए, और एक बार फिर निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।

## पूर्व गृह सचिव लक्ष्मी नारायण के आरोप, चंपत राय के जवाबों पर उठाए सवाल
वहीं पूर्व गृह सचिव लक्ष्मी नारायण ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हमने जेवरात प्रभु श्रीराम को समर्पित किए थे, क्योंकि हमारे परिवार और संबंधियों की भगवान राम में गहरी आस्था रही है। उन्होंने बताया कि उन्होंने केवल चंपत राय के सामने ही यह भेंट समर्पित की थी, और पहली मुलाकात में चंपत राय ने बड़े अच्छे तरीके से उनसे बात की थी। लक्ष्मी नारायण के मुताबिक रामचरितमानस लगाने को लेकर लगातार बातें बदली गईं, दिसंबर में उन्हें इसकी जानकारी मिली, लेकिन आज तक उन्हें कोई रसीद नहीं दी गई। उनका आरोप है कि चंपत राय ने रामचरितमानस लगाने को लेकर गोलमोल जवाब दिए। लक्ष्मी नारायण ने बताया कि चंपत राय ने उनसे कहा था, _मैं हर चीज को डिस्पेल नहीं कर सकता, यहां मेरी ही चलेगी, बार बार किसी से मत कहलवाइए।_ लक्ष्मी नारायण ने आगे बताया कि बाद में उन्हें पता चला कि उनकी भेंट को गार्ड रूम में रखवा दिया गया था।

## बृजभूषण सिंह बोले, मैं पांच साल से जता रहा था आशंका
राम मंदिर से जुड़े इस पूरे विवाद पर पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि चंदा चोरी को लेकर उन्होंने पहले ही आशंका जता दी थी और उन्हें सब कुछ मालूम है। बृजभूषण सिंह के मुताबिक वे पिछले 5 साल से लगातार इस पर सवाल उठाते रहे हैं और शुरू से ही कहते आ रहे हैं कि यहां सब कुछ ठीक नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि अभी जांच चल रही है, इसलिए इस मुद्दे पर बोलने का अधिकार उन्हें नहीं बनता, जांच पूरी होने के बाद ही वे बताएंगे कि जांच ठीक हुई या नहीं, फिलहाल उनका इस पर बोलना उचित नहीं है।

## कांग्रेस नेता सुखदेव भगत ने साधा भाजपा पर निशाना
इसी दौरान कांग्रेस नेता सुखदेव भगत ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद विवाद को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, _जब से भाजपा की सरकार आई है, वह केवल उन मुद्दों को देख रही है, जिससे ध्रुवीकरण किया जा सके और हिंदू जनमानस का वोट लिया जा सके। देश में इतने महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, उपभोक्ताओं या इथेनॉल की बात करें। इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सरकार इस तरह के विषय लाती है, यह तो हास्यास्पद विषय है।_

## विवेचक आशुतोष तिवारी दोबारा जिला कारागार पहुंचे
जांच में तेजी लाते हुए मामले के विवेचना अधिकारी आशुतोष तिवारी एक बार फिर जिला कारागार पहुंचे, जहां पांचों आरोपियों से पूछताछ की जानी है। इससे पहले आशुतोष तिवारी अविनाश शुक्ला से पूछताछ कर चुके हैं, जिसमें कई बड़े खुलासे सामने आए थे।

## वीएचपी की हर छह महीने की समीक्षा बैठक इस बार अयोध्या से बाहर
इस बीच विश्व हिंदू परिषद से जुड़े सूत्रों ने बताया कि परिषद की एक अलग, हर छह महीने में होने वाली समीक्षा बैठक भी है, और चढ़ावा चोरी मामले की जांच शुरू होने के बाद फैसला लिया गया कि यह बैठक इस बार अयोध्या में नहीं होगी, ताकि जांच किसी भी तरह से प्रभावित न हो। इस बैठक में विश्व हिंदू परिषद, दुर्गा शक्ति, गौ रक्षा, बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी, मातृशक्ति, धर्म प्रसार, सेवा, समरसता और संत परिषद के प्रमुख शामिल होंगे। इस बैठक में भी राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर चर्चा होने की संभावना है, साथ ही पिछले छह महीनों के कार्यक्रमों और गतिविधियों की समीक्षा भी की जाएगी, और देश, धर्म व समाज के सामने मौजूद चुनौतियों पर भी विस्तार से मंथन होगा।

## शिवसेना यूबीटी ने जताया कड़ा विरोध
इस पूरे प्रकरण पर शिवसेना यूबीटी गुट ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि 500 सालों के लंबे संघर्ष के बाद हमें भगवान रामलला का भव्य मंदिर मिला है, जिससे पूरे देश में होली और दिवाली जैसा उत्साह का माहौल बना हुआ है, लेकिन जब यह पता चलता है कि कुछ बदमाश हमारी आस्था के सबसे बड़े केंद्र में घुसकर चोरी कर रहे हैं, तो इससे हृदय को गहरा दुख पहुंचता है। उन्होंने कहा कि इसी घटना का विरोध जताने के लिए सभी शिवसैनिक एकजुट हुए हैं और इसकी कड़ी निंदा कर रहे हैं।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** करोड़ों रामभक्तों के लिए यह मामला उनकी आस्था और दान की सुरक्षा से सीधे जुड़ा है, जांच पूरी होने के बाद देश भर के मंदिर ट्रस्टों में दान की गिनती और हिसाब-किताब को लेकर और सख्त प्रक्रियाएं लागू हो सकती हैं।
- **अयोध्या में:** ट्रस्ट की बैठक और चल रही पुलिस जांच के चलते राम जन्मभूमि परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था फिलहाल काफी सख्त है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान अतिरिक्त जांच और सतर्कता का सामना करना पड़ सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. राम मंदिर दान चोरी मामले में अब तक कितने आरोपी पकड़े गए हैं और वे कौन हैं?
इस मामले में पांच आरोपी हैं, मनीष यादव, रामाशंकर यादव उर्फ टीनू, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय, जो फिलहाल जेल में बंद हैं और जिनसे पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है।

### 2. ट्रस्ट की अगली अहम बैठक कब और कहां होगी?
यह बैठक 6 जुलाई को दोपहर 3 बजे राम जन्मभूमि परिसर स्थित गेस्ट हाउस वैदही पुष्प वाटिका में होगी, जिसे मणिरामदास छावनी से बदलकर सुरक्षा कारणों से यहां किया गया है।

### 3. सोने की रामायण गायब होने की खबर सच है या अफवाह?
यह महज एक अफवाह थी, ट्रस्ट ने आधिकारिक तस्वीर जारी कर बताया कि एक पूर्व आईपीएस अधिकारी की भेंट की गई यह स्वर्ण रामायण राम मंदिर में पूरी तरह सुरक्षित है।

### 4. चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा को लेकर क्या चर्चा हो रही है?
दोनों की वर्तमान स्थिति और संभावित इस्तीफों को लेकर चर्चा चल रही है, और इस पर 6 जुलाई की बैठक में बड़ा फैसला हो सकता है।

### 5. आरोपी अविनाश शुक्ला पर क्या आरोप हैं?
आरोप है कि उसने अपनी महिला मित्र के खाते में लाखों रुपये ट्रांसफर किए, उसे महंगा फोन गिफ्ट किया और कथित चोरी की रकम से एक ब्रेज़ा कार खरीदी, जो उसके भाई अभिषेक शुक्ला के नाम पर है।

### 6. संत समाज का इस पूरे मामले पर क्या रुख है?
संत समाज चंपत राय के समर्थन में सामने आया है और कहा है कि SIT जांच पूरी होने तक किसी को दोषी न ठहराया जाए, हालांकि दोषी कोई भी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

### 7. बृजभूषण सिंह और कांग्रेस नेता सुखदेव भगत ने क्या कहा?
बृजभूषण सिंह ने कहा कि वे पांच साल से इस पर सवाल उठा रहे थे, वहीं सुखदेव भगत ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह विवाद को लेकर भाजपा पर ध्रुवीकरण के मुद्दे उठाने का आरोप लगाया।

### 8. वीएचपी की छह महीने वाली समीक्षा बैठक इस बार अयोध्या में क्यों नहीं होगी?
सूत्रों के मुताबिक दान चोरी मामले की जांच प्रभावित न हो, इसलिए यह बैठक इस बार अयोध्या से बाहर आयोजित करने का फैसला लिया गया है।

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