अयोध्या में आज राम जन्मभूमि ट्रस्ट का बड़ा मंथन, नए महासचिव और CEO के नाम पर लग सकती है मुहर अयोध्या में आज श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें नए महासचिव की नियुक्ति और मंदिर के सुचारू संचालन के लिए नई समितियों के गठन पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बुधवार को अयोध्या में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने जा रहा है, जिसमें कई बड़े प्रशासनिक बदलावों पर मुहर लग सकती है। मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद यह ट्रस्ट की दूसरी बड़ी बैठक है। इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य ट्रस्ट के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक नए और स्थायी महासचिव की नियुक्ति करना है, जिससे भविष्य की व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सके। खाली पदों को भरने की कवायद राम मंदिर ट्रस्ट के ढांचे में कुल 11 स्थायी सदस्य होते हैं, लेकिन वर्तमान में इनमें से तीन महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं। चढ़ावा चोरी का विवाद सामने आने के बाद चम्पत राय ने महासचिव पद से अपना इस्तीफा दे दिया था, जिससे यह बड़ा पद खाली हो गया। इसके साथ ही एक अन्य सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके अलावा पिछले साल अयोध्या राज परिवार के राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा का निधन हो गया था, जिससे उनका स्थान भी रिक्त है। ट्रस्ट डीड के नियमों के अनुसार, इन 11 स्थायी सदस्यों में से दस का चुनाव ट्रस्ट की बैठक में बहुमत के प्रस्ताव के जरिए किया जा सकता है। एक सीट सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार निर्मोही अखाड़े के लिए स्थायी रूप से रिजर्व रखी गई है, जिसमें कोई भी बदलाव नहीं किया जा सकता है। वर्तमान में निर्मोही अखाड़े के महंत दीनेन्द्र दास ट्रस्ट में इस पद का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि दिवंगत राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के बेटे यतीन्द्र मिश्रा को ट्रस्ट का नया सदस्य नियुक्त किया जा सकता है। फिलहाल 6 जुलाई को हुई पिछली बैठक के बाद से कृष्ण मोहन को ट्रस्ट का अंतरिम महासचिव बनाया गया था। नई समितियों का गठन और कार्य विभाजन यह महत्वपूर्ण बैठक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के मठ मणिराम छावनी में आयोजित की जाएगी। बैठक के एजेंडे को देखते हुए इसे दो हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें पहली बैठक दोपहर तीन बजे से शुरू होगी और दूसरी बैठक शाम चार बजे से होगी। इन बैठकों में मंदिर के बढ़ते काम को व्यवस्थित करने के लिए कई नई समितियों के गठन पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वित्त प्रबंधन, पूजा की व्यवस्था, दान की गिनती और श्रद्धालुओं के लिए दर्शन पास जारी करने जैसे कामों को अलग-अलग समितियों में बांटने का निर्णय लिया जाएगा। शुरुआत में इस बैठक के एजेंडे में अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले की SIT की रिपोर्ट पर चर्चा भी शामिल थी। हालांकि अब यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है, इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि आज की बैठक में SIT की जांच रिपोर्ट पर कोई बातचीत नहीं की जाएगी। नए CEO की तलाश अंतिम चरण में बैठक का एक और अहम मुद्दा नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की भूमिका और उनके अधिकारों को तय करना है। राम मंदिर के CEO पद के लिए देश भर से 5,000 से भी ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण एक विशेष चयन समिति सबसे पहले इनकी छंटनी का काम कर रही है। इस तीन सदस्यीय चयन समिति में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावरे शामिल हैं। आवेदनों की छंटनी के बाद योग्य उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद चयन समिति तीन सबसे बेहतरीन उम्मीदवारों के नाम ट्रस्ट के सामने रखेगी, जिनमें से किसी एक को CEO के पद पर चुना जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि नए CEO की नियुक्ति की यह पूरी प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी। इसका आप पर असर • भारत में: राम मंदिर के प्रशासन में बदलाव और नई समितियों के गठन से देश भर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और दान व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सुगम हो जाएगी। • अयोध्या में: ट्रस्ट के फैसलों और नए CEO की नियुक्ति से अयोध्या में चल रहे मंदिर विकास कार्यों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन को सीधा लाभ मिलेगा। सवाल-जवाब 1. राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक कहाँ हो रही है? यह बैठक अयोध्या में महंत नृत्य गोपाल दास के मठ मणिराम छावनी में आयोजित की जा रही है। 2. ट्रस्ट में कितने स्थायी सदस्य होते हैं और वर्तमान में कितने पद खाली हैं? राम मंदिर ट्रस्ट में कुल 11 स्थायी सदस्य होते हैं, जिनमें से वर्तमान में तीन पद खाली हैं। 3. राम मंदिर के नए CEO का चयन कब तक होने की संभावना है? नए CEO के चयन की पूरी प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी होने की उम्मीद है। 4. CEO पद के लिए कितने आवेदन आए हैं? राम मंदिर के CEO पद के लिए पूरे देश से 5,000 से भी ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। https://trendkia.com/uttar-pradesh/ayodhya-men-aja-ram-janmabhoomi-trust-ka-bara-mnthana-nae-mahasachiva-aura-ceo-ke-nama-para-laga-sakati-hai-muhara-9703 TrendKia — Har trend, sabse pehle.