अयोध्या न्यास बैठक में आज तय होगा चंपत राय और अनिल मिश्रा का भविष्य, नए चेहरों की एंट्री की चर्चा राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला हो सकता है, जबकि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े कुछ नए नामों को ट्रस्ट में शामिल किए जाने की चर्चा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार दोपहर होने वाली बैठक से पहले सूत्रों के हवाले से बड़ी जानकारी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर पद छोड़ने का दबाव लगातार बना हुआ है, हालांकि माना जा रहा है कि वे ट्रस्ट के सामान्य सदस्य के तौर पर बने रह सकते हैं। इसी के साथ ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा को भी बाहर किए जाने के संकेत मिल रहे हैं। खाली होने वाली जगहों पर विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री बजरंग बांगड़ा और बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया को ट्रस्ट में शामिल किए जाने की अटकलें तेज हैं। यह पूरा घटनाक्रम राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी की जांच के बीच हो रहा है, जिसने मंदिर प्रबंधन के भीतर हलचल मचा दी है। दोपहर 3 बजे श्रीराम जन्मभूमि परिसर स्थित गेस्ट हाउस में शुरू होने वाली इस बैठक को लेकर पहले खबर थी कि यह मणिराम छावनी में आयोजित होगी, लेकिन बाद में स्थान बदलकर मंदिर परिसर कर दिया गया। ट्रस्ट के सभी 14 ट्रस्टियों को औपचारिक निमंत्रण भेजा जा चुका है। ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने बताया कि कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने सभी ट्रस्टियों को बैठक की सूचना दी है और ट्रस्ट को उम्मीद है कि सभी सदस्य इसमें शामिल होंगे। प्रबंधन फिलहाल ट्रस्ट के ही पास रहेगा, अलग बोर्ड या सीईओ पर विचार नहीं सूत्रों के मुताबिक बैठक में यह स्पष्ट किया जा सकता है कि राम मंदिर के संचालन और प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी फिलहाल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास ही बनी रहेगी। मंदिर के संचालन के लिए किसी अलग बोर्ड के गठन या सीईओ की नियुक्ति पर अभी विचार नहीं किया जा रहा है। इसके बजाय ट्रस्ट खुद व्यवस्था से जुड़ी खामियों को दूर करने, वित्तीय प्रबंधन को अधिक पारदर्शी बनाने और श्रद्धालुओं का भरोसा फिर से मजबूत करने के लिए सख्त और असरदार कदम उठाने की योजना बना रहा है। इसके अलावा एसआईटी की जांच और मंदिर प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने और हाल की घटनाओं के बाद बने भ्रम को दूर करने पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। यानी बड़ा ढांचागत बदलाव फिलहाल टलता दिख रहा है, लेकिन आंतरिक जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की तैयारी है। बैठक में बोलने का क्रम और इस्तीफों पर वोटिंग की तैयारी सूत्रों ने बैठक के संभावित क्रम की भी जानकारी दी है। सबसे पहले ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास बैठक बुलाने का मकसद सबके सामने रखेंगे। इसके बाद चंपत राय अपनी बात रखते हुए ट्रस्ट को बताएंगे कि चढ़ावा चोरी की घटना कैसे हुई और उसके बाद क्या-क्या कदम उठाए गए। तीसरे नंबर पर अनिल मिश्रा अपना पक्ष रखेंगे। इसके बाद कोषाध्यक्ष के तौर पर गोविंद देव गिरी बताएंगे कि कोष को लेकर ट्रस्ट में क्या नियम हैं और चूक कहां हुई। इसके बाद स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती अपनी बात रखेंगे, फिर परमानंद गिरी महाराज यह सुझाव देंगे कि अब आगे क्या फैसला लिया जाना चाहिए। स्वामी विश्वप्रशन्नतीर्थ जी महाराज भी अपनी राय रखेंगे, इसके बाद महंत दिनेश दास और के परासरण अपनी बात कहेंगे। अंत में कृष्ण मोहन यह बताएंगे कि एफआईआर किन तथ्यों के आधार पर दर्ज कराई गई है। इसके बाद गोविंद देव गिरी की तरफ से वोटिंग का प्रस्ताव रखा जाएगा। सूत्रों के अनुसार वोटिंग में चंपत राय और अनिल मिश्रा, दोनों के इस्तीफे स्वीकार किए जा सकते हैं। इसके बाद दोनों अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए खुद भी ट्रस्ट से अलग होने की पेशकश रख सकते हैं। इसके बाद कुछ नए नामों को ट्रस्ट में शामिल करने के प्रस्ताव रखे जा सकते हैं, जिनमें बजरंग बांगड़ा का नाम भी शामिल है। इन प्रस्तावों पर वोटिंग हो सकती है, हालांकि कुछ बड़े फैसलों के लिए ट्रस्ट को अगली बैठक तक इंतजार करना पड़ सकता है। बैठक में कौन-कौन शामिल होंगे बैठक में भारत सरकार के सचिव प्रशांत लोखंडे और प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे। भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का आज अयोध्या आगमन तो नहीं होगा, लेकिन वे भी ट्रस्ट सदस्यों की इस बैठक का हिस्सा बनेंगे। इसके अलावा शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती, युगपुरुष परमानंद जी महाराज, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, सदस्य कृष्ण मोहन, सदस्य दिनेंद्र दास, उडुपी पीठाधीश्वर विश्व तीर्थ प्रपन्नाचार्य जी महाराज और ट्रस्ट के एक वयोवृद्ध सदस्य भी बैठक में मौजूद रहेंगे। ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास अपने आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़ेंगे। अगर चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार होता है, तो राम मंदिर की व्यवस्था सुचारु ढंग से चलाना ट्रस्ट के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ा होगा। विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय परामर्श समिति के सदस्य राजेंद्र सिंह पंकज और दिनेश जी के नाम पर भी नए ट्रस्टी के तौर पर चर्चा हो सकती है। बैठक में चढ़ावा गबन मामले पर एसआईटी की रिपोर्ट की समीक्षा भी होगी, साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय के लेखे-जोखे की भी समीक्षा की जाएगी और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के मद्देनजर भविष्य की व्यवस्थाओं पर भी बात होगी। इससे पहले वैदेही भवन में एक बंद कमरे की बैठक में कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सलाहकार दिनेश जी को बुलाया था, जहां विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री बजरंग बांगड़ा भी पहुंचे। इस दौरान महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर मंथन हुआ था और विश्व हिंदू परिषद के कुछ सदस्यों के ट्रस्ट में शामिल होने की संभावना पर भी बात हुई थी। बजरंग बांगड़ा खुद बैठक में शिरकत करने अयोध्या पहुंचे, वहीं राजेंद्र सिंह पंकज के भी बैठक में मौजूद रहने की जानकारी है। दान चोरी मामले में नया खुलासा, आरोपी ने बताया कहां खर्च किए पैसे राम मंदिर में मिले दान की कथित हेराफेरी की जांच कर रही पुलिस को पैसों के लेन-देन को लेकर नई जानकारी हाथ लगी है। आरोपी अविनाश शुक्ला ने पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान बताया कि उसने अपने परिवार और दोस्तों पर करीब 19 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च किए थे। जांचकर्ताओं को पता चला है कि अविनाश ने अपने एक भाई की शादी के लिए करीब 6 लाख रुपये दिए, जबकि दूसरे भाई को 5-6 लाख रुपये दिए। पुलिस को यह भी पता चला कि उसने लगभग 3.5 लाख रुपये की एक कार खरीदी थी। सूत्रों का दावा है कि अविनाश ने अपने एक दोस्त को करीब 2.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए और उसी व्यक्ति को एक महंगा मोबाइल फोन भी तोहफे में दिया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि कई अन्य लोगों को भी छोटी-छोटी रकम बांटी गई थी। शुक्ला के पास से कुल 20.39 लाख रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, सोने-चांदी के गहने और अन्य कीमती सामान के साथ-साथ एक एसयूवी भी बरामद की गई है। हाईकोर्ट ने खारिज की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के कथित चढ़ावा चोरी मामले में सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। याचिकाकर्ता मोहित अशोक ने अदालत से मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश देने की मांग की थी। राज्य सरकार की ओर से पेश हुए एएजी विनोद शाही और सीएससी शैलेंद्र सिंह ने दलील दी कि इसी विषय से जुड़ी एक याचिका पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए इस याचिका पर अलग से सुनवाई का कोई औचित्य नहीं बनता। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस राजन राय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने याचिका खारिज कर दी। महंत नृत्य गोपाल दास की चिट्ठी, कड़ी सजा की मांग श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने इस पूरे मामले पर एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा कि राम मंदिर में हुई चोरी से वे बेहद आहत हैं और जिसने भी यह पाप किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने लिखा कि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा है, और उन्हें उम्मीद है कि सीएम योगी और पीएम मोदी इस पाप में शामिल हर व्यक्ति को सजा दिलाएंगे। उन्होंने इसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा सवाल बताते हुए अपील की कि कोई भी व्यक्ति अपने निजी लाभ के लिए इस मुद्दे पर राजनीति न करे। मामले पर सियासी बयानबाजी भी तेज उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राम मंदिर दान चोरी विवाद पर कहा कि अयोध्या धाम में हुई यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पूरा हिंदुस्तान और सनातन संस्कृति का हर व्यक्ति जानता है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने राम मंदिर का विरोध किया था। उनका आरोप था कि ये दल अदालत में शपथपत्र देकर यह तक कहते रहे कि राम लला अयोध्या में ही पैदा हुए थे या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। ब्रजेश पाठक ने यह भी कहा कि जब राम मंदिर का निर्माण हो रहा था, तब यही लोग निर्माण से जुड़ों को भूमाफिया तक बता चुके हैं, और भगवान राम पर की गई इन टिप्पणियों को राम कभी माफ नहीं करेंगे। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मुद्दे पर ट्वीट कर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि जितना नुकसान और अपमान इस घटना में शामिल लोगों ने हिंदू धर्म का किया है, शायद भारत के 5000 वर्ष के इतिहास में बाहर से आए आक्रमणकारियों ने भी उतना नहीं किया। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को जितना लूटा गया है, उतना पहले कभी नहीं लूटा गया, और इसमें शामिल लोग हिंदू धर्म पर कलंक हैं। उन्होंने पूरे हिंदू समाज से माफी मांगने की मांग की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि उद्धव ठाकरे को भगवान राम की याद आई है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे भगवान राम को भूल गए थे, और इसी वजह से आज वे इस स्थिति में हैं। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगर वे भगवान राम के दिखाए रास्ते पर चलें तो इसमें उन्हीं का भला होगा, और उन्हें अब रोज राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि 500 साल के संघर्ष के बाद भगवान राम लला का मंदिर मिला है और चारों ओर होली और दिवाली जैसा माहौल है। लेकिन उन्होंने कहा कि जब यह पता चलता है कि कुछ बदमाश भक्तों की आस्था वाले राम मंदिर में घुसकर चोरी कर रहे हैं, तो मन दुखता है, और इसी के विरोध में वे इकट्ठा हुए हैं। आगे क्या होगा कुल मिलाकर सोमवार की यह बैठक अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। एक तरफ चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी जांच आगे बढ़ रही है और अदालत में भी कानूनी लड़ाई चल रही है, तो दूसरी तरफ ट्रस्ट के भीतर नेतृत्व को लेकर बड़ा फेरबदल होता दिख रहा है। चंपत राय और अनिल मिश्रा के भविष्य पर फैसला, नए सदस्यों की एंट्री, वित्तीय पारदर्शिता के लिए उठाए जाने वाले कदम और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के लिए भविष्य की व्यवस्थाएं, इन सभी मुद्दों पर बैठक में मंथन होना है। हालांकि सूत्रों ने साफ किया है कि कुछ बड़े और अंतिम फैसलों के लिए ट्रस्ट को एक और बैठक तक इंतजार करना पड़ सकता है। इसका आप पर असर यह खबर मुख्य रूप से राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे और अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं से जुड़ी है। • भारत में: देश के सबसे बड़े और चर्चित मंदिर ट्रस्टों में से एक की नेतृत्व संरचना और वित्तीय पारदर्शी व्यवस्था में बदलाव से करोड़ों श्रद्धालुओं का भरोसा जुड़ा है, इसलिए यह पूरे देश में धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से चर्चा का विषय बना रहेगा। • अयोध्या में: यदि ट्रस्ट में नेतृत्व बदलता है और नई पारदर्शिता व्यवस्था लागू होती है, तो अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दान-चढ़ावे की निगरानी और मंदिर की सुरक्षा-व्यवस्था में सुधार देखने को मिल सकता है। सवाल-जवाब 1. राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में मुख्य रूप से क्या तय होना है? बैठक में महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला होना है, साथ ही चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी रिपोर्ट और वित्तीय समीक्षा पर भी चर्चा होगी। 2. क्या चंपत राय पूरी तरह ट्रस्ट छोड़ देंगे? सूत्रों के मुताबिक चंपत राय महासचिव का पद छोड़ सकते हैं, लेकिन वे ट्रस्ट के सामान्य सदस्य के रूप में बने रह सकते हैं। 3. अनिल मिश्रा की जगह कौन ट्रस्ट में आ सकता है? अनिल मिश्रा के हटने पर विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री बजरंग बांगड़ा और बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया को ट्रस्ट में शामिल किए जाने की चर्चा है। 4. बैठक कब और कहां हो रही है? बैठक सोमवार दोपहर 3 बजे श्रीराम जन्मभूमि परिसर स्थित गेस्ट हाउस में हो रही है, हालांकि यह पहले मणिराम छावनी में प्रस्तावित थी। 5. चढ़ावा चोरी मामले में सीबीआई जांच क्यों नहीं हो रही? इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका खारिज कर दी, क्योंकि इसी विषय की एक याचिका पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। 6. आरोपी अविनाश शुक्ला ने चोरी की रकम कहां खर्च की? अविनाश शुक्ला ने बताया कि उसने परिवार और दोस्तों पर करीब 19 लाख रुपये खर्च किए, जिसमें भाइयों की मदद, कार खरीदना और एक दोस्त को पैसे व मोबाइल फोन देना शामिल है। 7. अविनाश शुक्ला से पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया? उसके पास से 20.39 लाख रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, सोने-चांदी के गहने, अन्य कीमती सामान और एक एसयूवी बरामद की गई है। 8. महंत नृत्य गोपाल दास ने अपने पत्र में क्या मांग की? उन्होंने चोरी में शामिल दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की और सीएम योगी आदित्यनाथ व पीएम नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताते हुए किसी को भी इस मुद्दे पर राजनीति न करने की अपील की। https://trendkia.com/uttar-pradesh/ayodhya-nyasa-baithaka-men-aja-taya-hoga-champat-rai-aura-anil-mishra-ka-bhavishya-nae-cheharon-ki-entri-ki-charcha-5196 TrendKia — Har trend, sabse pehle.