अयोध्या राम मंदिर दान मामले में पुलिस की कड़ी कार्रवाई, आरोपियों को मिली 40 घंटे की रिमांड अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी के मामले में तीन आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि राजनीतिक दलों के बीच इस विषय पर तीखी बयानबाजी जारी है। राम मंदिर में कथित दान चोरी के मामले में अयोध्या पुलिस ने अपनी जांच की गति तेज कर दी है। पुलिस की टीम ने मंगलवार सुबह 7:00 बजे जिला जेल पहुंचकर लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को अपनी कस्टडी में लिया। विवेचक आशुतोष तिवारी द्वारा न्यायालय में रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था, जिसके बाद अदालत ने इन तीनों आरोपियों को 40 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। इसके पूर्व, पुलिस ने अविनाश शुक्ला को 13 घंटे की रिमांड पर लिया था, जिससे जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे थे। अब पुलिस इन तीन आरोपियों से भी इसी तरह की गहन पूछताछ करने की तैयारी में है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बीच बैठक इस पूरे घटनाक्रम के बीच राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात की है। दोनों की यह बंद कमरे में बैठक तीर्थ क्षेत्र भवन में आयोजित हुई। गौरतलब है कि चंपत राय के स्वास्थ्य और उनके कामकाज की स्थिति के बाद यह पहली बार है जब गोविंद देवगिरी उनसे मिलने पहुंचे हैं। चंपत राय ने हाल ही में एक पत्र जारी कर राम भक्तों को संदेश दिया था कि एसआईटी जांच पूरी होने के बाद ही वे सभी सवालों के जवाब देंगे। ज्ञात हो कि 6 जुलाई को आयोजित ट्रस्ट की बैठक से चंपत राय को दूर रखा गया था और उन्होंने इसमें हिस्सा नहीं लिया था। राजनीतिक गलियारों में जुबानी जंग इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी के बीच टकराव गहरा गया है। राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने मंदिर के निर्माण का ही विरोध किया था, उन्हें अब इसके प्रबंधन पर सवाल उठाने का कोई नैतिक हक नहीं है। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की सभी संपत्ति और श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान के सुरक्षित होने की पुष्टि की है और इसका पूरा विवरण सार्वजनिक कर दिया गया है। कानूनी नोटिस का सिलसिला दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने भी भाजपा के लोकसभा सदस्य निशिकांत दुबे के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम सोशल मीडिया पोस्ट में जोड़कर उसे आरोपियों से जोड़ने के आरोप में पार्टी ने निशिकांत दुबे को कानूनी नोटिस भेजा है। समाजवादी अधिवक्ता सभा के अध्यक्ष कृष्ण कन्हैया पाल के अनुसार, पांच पृष्ठों के इस नोटिस में आरोप लगाया गया है कि निशिकांत दुबे ने अखिलेश यादव की मानहानि की है और चरित्र हनन का प्रयास किया है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि ऐसी सामग्री जानबूझकर नफरत फैलाने और राजद्रोह जैसी स्थिति उत्पन्न करने के उद्देश्य से साझा की गई है। इसका आप पर असर भारत में: मंदिर प्रबंधन और दान सुरक्षा के मामलों पर राजनीतिक बयानबाजी से सार्वजनिक विश्वास और सुरक्षा मानकों पर बहस तेज हो सकती है। अयोध्या में: स्थानीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया और ट्रस्ट के आंतरिक बदलावों पर श्रद्धालुओं की नजर बनी हुई है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पर असर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. अयोध्या पुलिस ने किन आरोपियों को रिमांड पर लिया है? पुलिस ने लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को रिमांड पर लिया है। 2. न्यायालय ने आरोपियों के लिए कितनी रिमांड अवधि मंजूर की है? न्यायालय ने इन तीनों आरोपियों के लिए 40 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर की है। 3. क्या चंपत राय ने ट्रस्ट की बैठक में भाग लिया था? नहीं, चंपत राय को 6 जुलाई को हुई बैठक से दूर रखा गया था और उन्होंने इसमें हिस्सा नहीं लिया था। 4. सपा ने निशिकांत दुबे को नोटिस क्यों भेजा है? सपा ने अखिलेश यादव का नाम सोशल मीडिया पोस्ट में जोड़कर मानहानि करने और नफरत फैलाने के आरोप में निशिकांत दुबे को नोटिस भेजा है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/ayodhya-ram-mandir-donation-case-police-40-ghante-remand-5682 TrendKia — Har trend, sabse pehle.