अयोध्या राम मंदिर मामले में राहत के बाद चंपत राय का 9 पन्नों का खुलासा, वित्तीय व्यवस्था और निर्माण कार्य की साझा की जानकारी एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट में बेदाग साबित होने के बाद चंपत राय ने 9 पन्नों का पत्र लिखकर राम मंदिर के तीन बैंक खातों, कर भुगतान और निर्माण की प्रगति के बारे में जानकारी दी है। अयोध्या के प्रतिष्ठित राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में विशेष जांच टीम (SIT) की अंतिम रिपोर्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय एक बार फिर पूर्ण रूप से सक्रिय हो गए हैं। जांच प्रक्रिया चलने के दौरान उन्होंने स्पष्ट घोषणा की थी कि वह जांच पूरी होने और अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद ही अपना विचार रखेंगे। अब SIT द्वारा बेदाग करार दिए जाने के पश्चात उन्होंने 9 पेज का एक विस्तृत पत्र जारी करके मंदिर के प्रशासनिक कामकाज, वित्तीय पारदर्शिता और निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति पर अपना रुख सार्वजनिक किया है। बैंक खातों की ऑनलाइन व्यवस्था और वित्तीय पारदर्शिता अपने 9 पन्नों के लंबे दस्तावेज में चंपत राय ने सीधे तौर पर चोरी के आरोपों पर बात करने के बजाय मंदिर प्रबंधन की प्रणाली और निर्माण प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित किया। उन्होंने जानकारी दी कि राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य रूप से तीन बैंक खाते संचालित हैं। इन तीनों खातों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनके लिए आज तक कोई चेकबुक जारी ही नहीं कराई गई है। वित्तीय लेनदेन में पूरी तरह पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी तरह के भुगतान केवल और केवल ऑनलाइन माध्यम से ही निष्पादित किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त वित्तीय गड़बड़ियों से बचाव के लिए ट्रस्ट के खातों का आंतरिक ऑडिट भी अलग-अलग स्वतंत्र फर्मों द्वारा कराया जाता है। कर भुगतान और भक्तों के लिए पूरी तरह निःशुल्क व्यवस्थाएं पत्र के माध्यम से चंपत राय ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर ट्रस्ट भारत के सभी वैधानिक कर नियमों का निष्ठापूर्वक पालन करता है। ट्रस्ट की ओर से सरकार को जीएसटी, टीडीएस, स्टांप फीस, लेबर सेस, पीएफ और ईएसआई सहित सभी आवश्यक कर और शुल्क समय पर जमा किए जाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का विवरण देते हुए बताया कि मंदिर परिसर में भगवान के दर्शन, आरती में भागीदारी, विशेष सेवा और प्रसाद वितरण की पूरी व्यवस्था बिल्कुल मुफ्त है। भक्तों से किसी भी प्रकार की पूजा-अर्चना के बदले कोई दक्षिणा अथवा शुल्क नहीं लिया जाता है। इन तथ्यों के जरिए उन्होंने संदेश दिया कि उनके कार्यकाल में सभी नियमों का सख्ती से पालन हुआ था और चढ़ावे में पाई गई गड़बड़ी निचले स्तर के कर्मचारियों की व्यक्तिगत हरकत का परिणाम थी। नृपेंद्र मिश्रा का नेतृत्व और मंदिर निर्माण की अंतिम समयसीमा चंपत राय के इस 9 पेज के पत्र में मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। उन्होंने पत्र में लिखा कि राम मंदिर के भौतिक निर्माण से जुड़े समस्त निर्णय केवल नृपेंद्र मिश्रा के मार्गदर्शन में लिए जाते हैं और इन तकनीकी निर्णयों में ट्रस्ट की ओर से किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जाता है। इसी बीच मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने भी निर्माण प्रगति से जुड़ा एक बड़ा अपडेट साझा किया है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य 30 सितंबर तक पूरी तरह संपन्न कर लिया जाएगा। इसके पश्चात मंदिर प्रांगण में कार्यरत सभी निर्माण कंपनियां और उनकी तकनीकी टीमें 30 अक्टूबर तक परिसर को खाली करके बाहर चली जाएंगी। अयोध्या में संतों से मुलाकात और हालिया सक्रियता SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद चंपत राय का सार्वजनिक रूप से सामने आना अचानक नहीं हुआ है। वास्तव में पिछले दो सप्ताह से वह अयोध्या के प्रमुख मठों, आश्रमों और मंदिरों का निरंतर दौरा कर रहे थे, जहां उन्होंने स्थानीय साधु-संतों और धर्माचार्यों से मुलाकात की। इस जनसंपर्क अभियान में उनके साथ अनिल मिश्रा भी बराबर सक्रिय दिखाई दिए। दोनों ही प्रतिनिधि SIT की क्लोजर रिपोर्ट का उत्सुकता से इंतजार कर रहे थे। रिपोर्ट में क्लीन चिट प्राप्त होते ही दोनों नेताओं ने मंदिर के दैनिक प्रशासनिक और सामाजिक कार्यों में अपनी उपस्थिति को पुनः मजबूत कर लिया है। इसका आप पर असर • भारत में: अयोध्या आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए राम मंदिर में दर्शन, आरती और प्रसाद की पूरी व्यवस्था निःशुल्क बनी रहेगी। • अयोध्या में: 30 सितंबर तक निर्माण पूरा होने और 30 अक्टूबर तक कंपनियों के बाहर जाने से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के आवागमन में और अधिक आसानी होगी। सवाल-जवाब 1. चंपत राय ने कितने पन्नों का पत्र जारी किया है? चंपत राय ने 9 पन्नों का पत्र जारी कर राम मंदिर की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की है। 2. एसआईटी की रिपोर्ट में चंपत राय को क्या मिला है? राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दी गई है। 3. राम मंदिर ट्रस्ट के खातों से भुगतान किस तरह किया जाता है? ट्रस्ट के तीनों बैंक खातों की कोई चेकबुक जारी नहीं की गई है और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सारा भुगतान ऑनलाइन किया जाता है। 4. राम मंदिर का निर्माण कार्य कब तक पूरा होने की संभावना है? मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार, राम मंदिर का निर्माण कार्य 30 सितंबर तक पूरा हो जाएगा और कंपनियां 30 अक्टूबर तक परिसर खाली कर देंगी। https://trendkia.com/uttar-pradesh/ayodhya-ram-mandir-mamale-men-rahata-ke-bada-champat-rai-ka-9-pannon-ka-khulasa-vittiya-vyavastha-aura-nirmana-karya-ki-sajha-ki-j-19245 TrendKia — Har trend, sabse pehle.