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  "title": "अयोध्या राम मंदिर दान विवाद गहराया: SIT की तीसरे दिन बैंक और TCS कर्मियों से पूछताछ, बृजभूषण बोले 'बिना आग के धुआं नहीं उठता'",
  "summary": "श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दान पात्र में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही SIT ने तीसरे दिन भी अयोध्या में पूछताछ की, जबकि बृजभूषण शरण सिंह ने मामले की उंगली केंद्र और प्रदेश सरकार तक उठने की बात कही और कांग्रेस ने हाईकोर्ट के मौजूदा जज से जांच की मांग की।",
  "content": "आखिर पूरा मामला है क्या\nअयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस समय दान संग्रह में कथित अनियमितताओं को लेकर विवादों के केंद्र में है। उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को ट्रस्ट के अनुरोध पर तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया, जो ट्रस्ट को मिलने वाली दान राशि और उसके वित्तीय प्रबंधन में गड़बड़ी से जुड़े आरोपों की पड़ताल कर रही है। दिलचस्प यह है कि जांच की पहल खुद ट्रस्ट की ओर से हुई। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के निवेदन पर ही, दान पात्र में अनियमितता के आरोप सामने आने के बाद, एसआईटी का गठन किया गया।\n\nदिन प्रतिदिन कैसे आगे बढ़ी जांच\nएसआईटी की तीन सदस्यीय टीम 15 जून को दोपहर 2:50 बजे राम मंदिर परिसर में दाखिल हुई थी। पहले ही दिन कुल 43 लोगों से पूछताछ की गई और रात करीब 11:00 बजे टीम राम जन्मभूमि परिसर से बाहर निकली। टीम के सदस्य रात में अयोध्या में ही रुके।\n\nदूसरे दिन यानी मंगलवार को जांच का दायरा बैंक से जुड़े लोगों तक पहुंचा। इस दिन करीब 32 लोगों से पूछताछ हुई और इसमें मुख्य रूप से बैंक कर्मी शामिल रहे। एसआईटी ने ट्रस्ट से पिछले तीन साल में बैंक में जमा कराई गई राशि का पूरा रिकॉर्ड तलब किया, साथ ही बैंक कर्मियों से भी अलग से दस्तावेज मांगे गए।\n\nतीसरे दिन भी टीम ने अयोध्या में डेरा डाले रखा। जांच समिति के सुबह करीब 11 बजे परिसर पहुंचने का कार्यक्रम था और पूछताछ राम मंदिर परिसर के यात्री निवास में होनी थी। इस दिन दान पात्र से नकदी इकट्ठा करने वाले कैश कलेक्टर कर्मचारियों को बुलाया गया। नकदी की गिनती की जिम्मेदारी संभालने वाली TCS के कर्मचारी भी पूछताछ के दायरे में रहे। एसआईटी सदस्य पिछली रात भी अयोध्या में ही रुके थे।\n\nबृजभूषण शरण सिंह की दो टूक\nपूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि यह मामला अब सिर्फ ट्रस्ट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसकी उंगली केंद्र और प्रदेश सरकार तक उठ रही है, जिससे बड़ा झटका लगा है। उन्होंने साफ किया कि यह झटका विनय कटियार या उन्होंने नहीं, बल्कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने ही दिया है। उनके मुताबिक जिस तरह दस्तावेज पेश किए जा रहे हैं, उससे साफ है कि अयोध्या में बहुत कुछ हुआ है और जो हुआ वह अच्छा नहीं हुआ। नृपेंद्र मिश्रा को उन्होंने पूरी तरह निर्दोष बताया। बृजभूषण ने कहा, ‘‘बिना आग के कोई धुआं नहीं निकलता, जो धुआं निकल रहा है उसमें कुछ ना कुछ सच्चाई है।’’ उन्होंने जोड़ा कि जब राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े लोग ही यह मुद्दा उठा रहे हैं, तो सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और जल्द ही इसकी सच्चाई देश के सामने आएगी।\n\nडिप्टी सीएम का अखिलेश पर पलटवार\nदूसरी ओर डिप्टी सीएम ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के मुद्दे पर एसआईटी की जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई होगी। अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए उन्होंने पूछा कि बाबरी मस्जिद बनाने के लिए जो चंदा इकट्ठा किया गया था, वह आखिर कहां गया। उनके अनुसार सनातन संस्कृति पर इस तरह के बयान देना समाजवादी पार्टी का तुष्टिकरण है और अखिलेश सिर्फ अपना वोट बैंक बचाने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये वही लोग हैं जिन्होंने दंगा फसाद कराया और राम भक्तों पर गोली चलाई, इसलिए प्रदेश की जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।\n\nकांग्रेस ने उठाए सवाल, हाईकोर्ट जज से जांच की मांग\nकांग्रेस ने इस मामले को लेकर सरकार को घेरा। पार्टी ने मंगलवार को मांग की कि चढ़ावे की कथित चोरी की जांच उच्च न्यायालय के किसी मौजूदा न्यायाधीश से कराई जाए और दोषियों को सख्त सजा दी जाए। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि एसआईटी जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘पहले भाजपा-आरएसएस के लोगों ने श्रीरामजन्मभूमि में शिलापूजन के नाम पर खूब पैसे वसूले, जिसका कोई लेखा-जोखा नहीं है। ये 1,400 करोड़ रुपए से ज्यादा की चोरी है।’’ उन्होंने भाजपा-आरएसएस पर लोगों की आस्था और भगवान का चढ़ावा तक चुरा लेने और श्रीरामजन्मभूमि में संगठित लूट करने का आरोप लगाया।\n\nउत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता अराधना मिश्रा ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘भगवान राम में आस्था रखने वाले लोगों की आस्था पर भाजपा ने आघात किया है। ये लोग प्रभु श्री राम के पुजारी नहीं, बल्कि उनके नाम पर व्यापार करने वाले लोग हैं।’’ उनका कहना था कि चढ़ावे में घोटाले का मामला तो अब सामने आया है, लेकिन इससे पहले जमीन अधिग्रहण के समय भी महापौर के परिवार के लोगों ने सस्ती जमीन खरीदकर ट्रस्ट को महंगे दामों पर बेची थी। अराधना ने यह भी याद दिलाया, ‘‘मंदिर निर्माण के समय पहली बारिश में करोड़ों की लागत से बनी सड़क धंस गई थी और गर्भगृह में पानी टपक रहा था।’’ उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सनातन में विश्वास रखने वालों के साथ धोखा नहीं था, और आरोप लगाया कि भाजपा ने हमेशा भगवान राम के नाम पर व्यापार किया है।\n\nआरोपी टिन्नू यादव की सफाई\nइस बीच मामले में आरोपित टिन्नू यादव ने एक वीडियो जारी कर अपनी संपत्ति को लेकर सफाई दी। उसका दावा है कि उसने टेंपो चलाकर और मानदेय बचाकर अपनी संपत्ति बनाई है। उसकी पत्नी ने भी उस पर लगे सभी आरोपों को झूठा करार दिया है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: देशभर के उन करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह सीधा सवाल है जिन्होंने राम मंदिर में दान दिया, क्योंकि जांच का नतीजा तय करेगा कि उनके चढ़ावे का हिसाब किस तरह रखा जा रहा है।\n• अयोध्या में: स्थानीय बैंक कर्मियों, दान गणना से जुड़े कर्मचारियों और TCS स्टाफ के लिए पूछताछ का सीधा असर है, और शहर में मंदिर ट्रस्ट की साख से जुड़ा माहौल गरमाया हुआ है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. एसआईटी का गठन किसके अनुरोध पर हुआ?\nट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के निवेदन पर, दान पात्र में अनियमितता के आरोप लगने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को तीन सदस्यीय एसआईटी बनाई।\n\n2. एसआईटी ने अब तक कितने लोगों से पूछताछ की है?\n15 जून को दोपहर 2:50 बजे परिसर में दाखिल हुई टीम ने पहले दिन 43 लोगों से और दूसरे दिन यानी मंगलवार को करीब 32 लोगों से पूछताछ की, जिनमें ज्यादातर बैंक कर्मी थे।\n\n3. अजय राय ने कितनी राशि की चोरी का आरोप लगाया है?\nकांग्रेस के अजय राय का दावा है कि यह 1,400 करोड़ रुपए से ज्यादा की चोरी है और उन्होंने हाईकोर्ट के मौजूदा जज से जांच की मांग की है।\n\n4. आरोपी टिन्नू यादव ने क्या सफाई दी?\nटिन्नू यादव ने वीडियो जारी कर कहा कि उसने टेंपो चलाकर और मानदेय बचाकर अपनी संपत्ति बनाई है, और उसकी पत्नी ने सभी आरोपों को झूठा बताया है।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-06-17",
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