# अयोध्या तीर्थ क्षेत्र के दानपात्रों पर उठे सवाल, योगी सरकार ने बैठा दी तीन अफसरों की एसआईटी जांच

> श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने दानपात्रों से जुड़े आरोपों की पड़ताल के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों का विशेष जांच दल गठित किया है, जो अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगा।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-06-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/ayodhya-tirtha-kshetra-ke-danapatron-para-uthe-savala-yogi-sarakara-ne-baitha-di-762 · **Language:** Hindi
**Tags:** श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या, एसआईटी जांच, दानपात्र विवाद, योगी आदित्यनाथ, तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, उत्तर प्रदेश सरकार

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में रखे दानपात्रों को लेकर खड़े हुए विवाद ने अब आधिकारिक जांच का रूप ले लिया है। ट्रस्ट की ओर से की गई मांग पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) खड़ा कर दिया है, जो इन आरोपों की तह तक जाकर पूरी पड़ताल करेगा और अपने निष्कर्ष शासन के सामने रखेगा।

## किन अफसरों को मिली जांच की जिम्मेदारी
सरकार ने इस संवेदनशील मामले की छानबीन के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई है। इसमें लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार को शामिल किया गया है। यानी प्रशासन, पुलिस और वित्त — तीनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों का चयन किया गया है, ताकि मामले की हर परत खुलकर सामने आ सके।

## क्यों उठी जांच की मांग
दरअसल, बीते दिनों सोशल मीडिया पर तीर्थ क्षेत्र के दानपात्रों को लेकर कई तरह की बातें तेजी से फैलने लगी थीं। इन्हीं अफवाहों को गंभीरता से लेते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया था। ट्रस्ट का कहना है कि इन भ्रामक बातों पर लगाम कसने और असलियत को सबके सामने लाने के लिए गहराई से पड़ताल जरूरी है।

ट्रस्ट ने इसे महज अफवाह नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उसका मानना है कि यह तीर्थ क्षेत्र की प्रतिष्ठा और देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने की गहरी चाल है, जिसका भंडाफोड़ होना बेहद आवश्यक है।

## सरकार ने तत्काल लिया फैसला
ट्रस्ट के अनुरोध को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथोंहाथ लिया और तत्काल प्रभाव से तीन वरिष्ठ अधिकारियों की यह एसआईटी गठित कर दी। अब यह दल समूचे मामले की बारीकी से जांच करेगा और अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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