# आजमगढ़ के लसड़ा कला में धान की निराई के दौरान गिरी आकाशीय बिजली, एक महिला की मौत और छह गंभीर रूप से झुलसीं

> उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के लसड़ा कला गांव में खेत में काम कर रही महिलाओं पर आकाशीय बिजली गिरने से 40 वर्षीय नीतू देवी की मौत हो गई, जबकि छह अन्य महिलाएं झुलस गईं।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-08-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/azamgarh-ke-lasra-kala-men-dhana-ki-nirai-ke-daurana-giri-akashiya-bijali-eka-mahila-ki-mauta-aura-chhaha-gnbhira-rupa-se-jhulasin-23354 · **Language:** Hindi
**Tags:** आजमगढ़, आकाशीय बिजली, उत्तर प्रदेश, बरदह, हादसा, मौसम न्यूज़

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां बरदह थाना क्षेत्र के अंतर्गत लसड़ा कला गांव के सिवान में धान के खेत में काम कर रही महिलाओं पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। इस भीषण हादसे में 40 वर्षीय नीतू देवी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि छह अन्य महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं। अचानक हुए इस हादसे के बाद खेत में काम कर रहे अन्य ग्रामीणों के बीच अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए सभी प्रभावित महिलाओं को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाया।

## खेत में निराई के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लसड़ा कला गांव के सिवान स्थित धान के खेत में कई महिलाएं एक साथ खरपतवार निकालने यानी निराई का कार्य कर रही थीं। इसी दौरान आसमान में घने बादल छा गए और अचानक एक तेज कड़कड़ाहट की आवाज के साथ आकाशीय बिजली सीधे खेत में आ गिरी। इसकी चपेट में आने से हरिकांत राम की पत्नी नीतू देवी (40), संतोष की पत्नी अनीता देवी, राजकुमार की पत्नी रेनू देवी, शाहजू राम की पत्नी राधिका देवी, जगदीश की पुत्री सरिता, रामभुवन की पुत्री संजना और फूलचंद्र की पत्नी गीता देवी गंभीर रूप से झुलस गईं।

## अस्पताल में महिला को घोषित किया मृत, दो गंभीर महिलाएं जौनपुर रेफर
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों की मदद से नीतू देवी, अनीता देवी और रेनू देवी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) महुजा ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने स्वास्थ्य जांच के बाद नीतू देवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, झुलसी महिलाओं में शामिल अनीता देवी गर्भवती हैं। अनीता देवी और रेनू देवी दोनों की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर और विशेषज्ञ इलाज के लिए जिला अस्पताल जौनपुर के लिए रेफर कर दिया।

## चार अन्य घायलों का उपचार जारी
दूसरी तरफ, हादसे में घायल हुई चार अन्य महिलाओं राधिका देवी, सरिता, संजना और गीता देवी को 108 एंबुलेंस सेवा की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ठेकमा ले जाया गया। ठेकमा केंद्र पर तैनात डॉक्टरों ने चारों घायलों का प्राथमिक उपचार किया और उनकी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें भी आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है।

## परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
नीतू देवी की अकस्मात मृत्यु की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। नीतू देवी अपने पीछे तीन बेटों और एक बेटी का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गई हैं। उनके पति मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। इस दुखद घटना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना की सूचना मिलते ही बरदह पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शव को अपने कब्जे में लिया। थाना अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव का पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

## ग्रामीणों ने की आर्थिक मुआवजे की मांग
खेत में आकाशीय बिजली गिरने की इस घटना से लसड़ा कला और आसपास के ग्रामीण इलाकों में गहरा सन्नाटा और दहशत का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मृतक नीतू देवी के आश्रित परिजनों को सरकारी नियमानुसार तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही, हादसे में झुलसी सभी छह महिलाओं को शासन की ओर से मुफ्त और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

## उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने की हालिया घटनाएं
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में मानसून सत्र के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से लगातार जान-माल का नुकसान हो रहा है। हाल ही में मुरादाबाद जिले में बारिश से बचने के लिए एक बड़े पेड़ के नीचे खड़े पांच लोगों पर आकाशीय बिजली गिर गई थी, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके अलावा, राज्य में पूर्व में हुई भारी बारिश, तूफान और बिजली गिरने की घटनाओं में 18 लोगों की जान जा चुकी है, 5 लोग घायल हुए थे और 24 मवेशियों की मौत हुई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा पीड़ित परिवारों को राहत राशि देने के निर्देश जारी किए गए थे।

## इसका आप पर असर
खरीफ फसल के मौसम में खुले खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर आकाशीय बिजली के भारी जोखिम का सामना कर रहे हैं।

- **भारत में:** मानसून के दौरान ग्रामीण इलाकों और खुले कृषि क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिसके लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दिशानिर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लेनी चाहिए।
- **उत्तर प्रदेश में:** राज्य सरकार प्राकृतिक आपदा से होने वाली मौतों पर राहत कोष से आर्थिक मुआवजा प्रदान करती है। प्रभावित परिवारों को राजस्व विभाग के माध्यम से सहायता राशि दी जाती है।
- **आजमगढ़ में:** लसड़ा कला और बरदह क्षेत्र के किसानों को खराब मौसम की चेतावनी मिलने पर खेतों में काम रोक देने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है।
- **कृषि श्रमिकों के लिए:** बारिश और गरज-चमक के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले जल स्रोतों से दूर रहना जान बचाने के लिए सबसे आवश्यक कदम है।

## सवाल-जवाब

### 1. आजमगढ़ में आकाशीय बिजली गिरने की घटना कहां हुई?
यह घटना उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र स्थित लसड़ा कला गांव के सिवान (खेत) में हुई।

### 2. हादसे में कुल कितने लोग प्रभावित हुए?
हादसे में 40 वर्षीय नीतू देवी की मौत हो गई और छह अन्य महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं।

### 3. घायल महिलाओं को किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है?
गंभीर रूप से झुलसी अनीता देवी और रेनू देवी को जिला अस्पताल जौनपुर रेफर किया गया है, जबकि चार अन्य महिलाओं को ठेकमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल भेजा गया।

### 4. हादसे के समय महिलाएं क्या कर रही थीं?
सभी महिलाएं धान के खेत में खरपतवार निकालने यानी निराई का कार्य कर रही थीं।

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