# बलिया तहसील में फाइल गायब होने पर किसान ने बुलाया पुलिस, बोला- वकील की फीस के लिए बेचता हूं अनाज

> बलिया के एक किसान ने तहसील से फाइल गायब होने पर 112 नंबर डायल कर पुलिस बुलवाई और हंगामा किया। उनका कहना है कि वकील की फीस चुकाने के लिए उन्हें गेहूं बेचना पड़ रहा है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-07-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/baliya-tahasila-men-phaila-gayaba-hone-para-kisana-ne-bulaya-pulisa-bola-vakila-ki-phisa-ke-lie-bechata-hun-anaja-6065 · **Language:** Hindi
**Tags:** बलिया, किसान, तहसील, प्रशासन, नवीन कुमार राय, पुलिस

बलिया जिले की सदर तहसील में एक किसान का अनूठा विरोध प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। नवीन कुमार राय, जिन्हें लोग प्यार से चुना राय के नाम से भी जानते हैं, ने तहसील परिसर में उस समय हड़कंप मचा दिया जब उन्होंने 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को मौके पर बुला लिया। नवीन कुमार राय अपनी अनोखी कार्यशैली के लिए क्षेत्र में काफी मशहूर हैं। इससे पहले भी वे घायल पशुओं की सेवा करने, सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए राशन भेजने और चुनाव के दौरान जमानत राशि जमा करने के लिए डीएम को अनाज और भूसा देने जैसे कार्यों के कारण चर्चा में रह चुके हैं।

## डेढ़ महीने से गायब थी फाइल
नवीन कुमार राय पिछले करीब डेढ़ महीने से अपनी जमीन से जुड़ी एक फाइल की तलाश में तहसील के चक्कर लगा रहे थे। उनका आरोप है कि सरकारी तंत्र की लापरवाही के कारण उनकी फाइल गायब कर दी गई थी। जब उनकी सहनशीलता जवाब दे गई और बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने पुलिस को बुलाना ही उचित समझा। पुलिसकर्मियों के सामने उन्होंने अपनी व्यथा रखी और स्पष्ट मांग की कि फाइल चुराने वाले दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

## पुलिस के सामने हुआ हंगामा
पुलिस के पहुंचते ही तहसील में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। नवीन कुमार राय ने पुलिस को साथ लेकर तहसील के विभिन्न कार्यालयों का चक्कर लगाया। इस हंगामे के कारण प्रशासन पर दबाव बना और अंततः उनकी खोई हुई फाइल मिल गई। किसान का यह भी दावा है कि केवल इस फाइल की खोजबीन और तहसील के चक्कर काटने के दौरान वकील की फीस भरने के लिए उन्हें एक क्विंटल गेहूं बाजार में बेचना पड़ा। उन्होंने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं और पूर्व में भी इस तरह की लापरवाही के लिए अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

## क्या है किसान का दर्द
पटखौली गांव के निवासी नवीन कुमार राय ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि वे एक सामान्य और अनपढ़ किसान हैं। उनका मानना है कि संघर्ष या झगड़ों के बजाय उन्हें कानूनी रास्ते का सहारा लेना चाहिए, इसीलिए वे बार-बार तहसील का दरवाजा खटखटा रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी फाइल को एक ही दिन में आदेशित और खारिज कर दिया गया था, लेकिन उसे फाइल से बाहर नहीं निकाला गया और जानबूझकर उसे दबाकर रखा गया था। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने उन्हें केवल झूठे आश्वासन दिए।

## प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
किसान ने सीधे तौर पर पेशकार और एसडीएम पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि तहसील में गरीबों की सुनवाई नहीं होती है और केवल रसूखदार लोगों को ही तवज्जो दी जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में तहसील दिवस पर दिए गए उनके दो आवेदनों को रसीद देने के बजाय फाड़कर फेंक दिया गया था। नवीन कुमार राय के मुताबिक, तहसील का पूरा तंत्र आम किसानों को गुमराह करने के लिए काम कर रहा है और झोला लेकर आने वाले गरीब फरियादियों की बात कोई सुनने को तैयार नहीं है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** किसी भी सरकारी दफ्तर में फाइल गायब होने या लंबित होने की स्थिति में नागरिक हेल्पलाइन नंबर 112 या जनसुनवाई पोर्टल का उपयोग कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

**बलिया में:** तहसील जाने वाले निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आवेदन की रसीद जरूर प्राप्त करें ताकि भविष्य में फाइल खोने जैसी स्थिति में सबूत पेश किया जा सके।

## सवाल-जवाब

### 1. बलिया तहसील में किस किसान ने हंगामा किया?
बलिया के सुखपुरा थाना क्षेत्र के पटखौली गांव के निवासी किसान नवीन कुमार राय ने तहसील में हंगामा किया।

### 2. किसान ने पुलिस को क्यों बुलाया?
उनकी जमीन से जुड़ी फाइल करीब डेढ़ महीने से गायब थी और बार-बार मांगने पर भी नहीं मिल रही थी, इसलिए उन्होंने 112 पर पुलिस बुलवाई।

### 3. फाइल ढूंढने के लिए किसान को क्या करना पड़ा?
नवीन कुमार राय के अनुसार, अपनी फाइल की पैरवी करने और वकील की फीस भरने के लिए उन्हें एक क्विंटल अनाज बेचना पड़ा।

### 4. किसान ने अधिकारियों पर क्या आरोप लगाए?
किसान ने आरोप लगाया कि तहसील के अधिकारी केवल रसूखदार लोगों की सुनते हैं और गरीब किसानों को गुमराह करते हैं, साथ ही उनके पुराने आवेदन भी बिना रसीद दिए फाड़ दिए गए थे।

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