# बलरामपुर में स्कूल के बाहर विसर्जन जुलूस के दौरान कक्षा 2 की छात्रा की मौत, शहर में डीजे पर रोक का फैसला

> उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में स्कूल के पास से गुजर रहे गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान कक्षा दो की सात वर्षीय छात्रा अचानक बेहोश हो गई और अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया, जिसके बाद नगर में डीजे बजाने पर पाबंदी का निर्णय लिया गया है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/balrampur-men-skula-ke-bahara-visarjana-julusa-ke-daurana-kaksha-2-ki-chhatra-ki-mauta-shahara-men-dj-para-roka-ka-phaisala-36569 · **Language:** Hindi
**Tags:** बलरामपुर, उत्तर प्रदेश समाचार, गणेश विसर्जन, डीजे प्रतिबंध, स्कूल छात्रा मौत, ध्वनि प्रदूषण

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर नगर में एक निजी विद्यालय की कक्षा में बैठी सात वर्षीय छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। यह वाकया उस वक्त पेश आया जब विद्यालय के ठीक बगल से गणेश प्रतिमा विसर्जन की शोभायात्रा निकाली जा रही थी। शोभायात्रा के दौरान बज रहे तेज डीजे साउंड के बीच बच्ची अपनी डेस्क पर अचानक अचेत होकर गिर पड़ी। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने आनन-फानन में बच्ची को नजदीकी चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर तीव्र रोष देखने को मिला है और प्रशासन व सामाजिक संगठनों के बीच हुई चर्चा के बाद नगर क्षेत्र में डीजे के प्रयोग को पूरी तरह रोकने पर सहमति बनी है।

## कक्षा में पढ़ाई के दौरान अचानक गिरी छात्रा वैष्णवी
पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार मृतक बच्ची की पहचान सात वर्षीय वैष्णवी के तौर पर हुई है, जो बलरामपुर नगर स्थित एक निजी स्कूल में दूसरी कक्षा की छात्रा थी। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विसर्जन यात्रा के दौरान अत्यधिक तीव्र आवाज में बज रहे संगीत और डीजे सिस्टम के भारी कंपन के कारण छात्रा अचानक अपनी सीट से नीचे गिर पड़ी और बेसुध हो गई। कक्षा में मौजूद अध्यापकों ने उसे तुरंत संभाला और बिना समय गंवाए उपचार के लिए अस्पताल लेकर दौड़े, मगर वहां डॉक्टरों ने परीक्षण उपरांत उसे मृत करार दे दिया। स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी घटना के समय से जुड़े फुटेज दर्ज हुए हैं, जिन्हें जांच के दायरे में लिया गया है।

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## नगर पालिका सभागार में बैठक, आयोजनों में डीजे पर पूर्ण पाबंदी का निर्णय
मासूम छात्रा की मौत की खबर फैलते ही नगर पालिका परिषद सभागार में विभिन्न सामाजिक तथा धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई। बैठक में तेज ध्वनि वाले संगीत तंत्रों के अनियंत्रित संचालन पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष डॉक्टर धीरेंद्र प्रताप सिंह ने इस दुखद वाकये पर गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा कि डीजे की कानफोड़ू ध्वनि से उपजी इस दुखद परिस्थिति को देखते हुए सभी उपस्थित प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि भविष्य में किसी भी पर्व अथवा धार्मिक आयोजन में डीजे का प्रयोग नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बुधवार को नगर पालिका परिषद और नागरिक संगठनों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से भेंट कर नगर भर में डीजे के संचालन पर वैधानिक और पूर्ण प्रतिबंध लगाने हेतु ज्ञापन सौंपेगा।

## पुलिस का पक्ष और जांच की स्थिति
दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर चल रहे विभिन्न दावों के बीच बलरामपुर पुलिस ने एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कक्षा दो की सात वर्षीय छात्रा की मौत डीजे के तेज शोर की वजह से ही हुई है, इस तथ्य की चिकित्सीय अथवा तकनीकी पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। पुलिस के अनुसार छात्रा 21 सितंबर को विद्यालय की कक्षा में अज्ञात कारणों से अचानक अचेत हो गई थी, जिसके बाद उसे तत्काल चिकित्सालय ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया था।

अधिकारियों ने यह भी साझा किया कि पीड़ित परिजनों ने बिना किसी पुलिस सूचना के शव का अंतिम संस्कार संपन्न कर दिया है और वे इस संदर्भ में कोई कानूनी कार्रवाई करने के इच्छुक नहीं हैं। घटना की आधिकारिक सूचना भी परिवार की ओर से थाने में दर्ज नहीं कराई गई थी। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्कूल के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रहा है ताकि क्लासरूम के भीतर घटी हर गतिविधि की वास्तविक कड़ियों और छात्रा के बेसुध होने के सटीक कारणों की निष्पक्ष पड़ताल की जा सके।

## इसका आप पर असर
इस घटना से त्योहारों में तेज संगीत यंत्रों के अनियंत्रित इस्तेमाल और नागरिक सुरक्षा के नियमों पर गंभीर असर पड़ेगा।

- **बलरामपुर में:** नगर क्षेत्र में अब आगामी त्योहारों और शोभायात्राओं में डीजे बजाने पर पूर्ण रोक का फैसला लिया गया है। बुधवार को सामाजिक संगठन और नगर पालिका परिषद के प्रतिनिधि जिलाधिकारी से मिलकर इस पाबंदी को कानूनी तौर पर लागू कराने की मांग करेंगे।
- **स्कूली सुरक्षा पर:** रिहायशी और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तेज आवाज और भारी जुलूसों के गुजरने को लेकर नई सावधानियों की मांग तेज हो सकती है। विद्यालय प्रबंधन परिसरों के पास शोर नियंत्रण और आकस्मिक चिकित्सा प्राथमिकताओं को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
- **आयोजकों के लिए:** धार्मिक और सांस्कृतिक यात्राओं के आयोजकों को ध्वनि विस्तारक यंत्रों की तीव्रता और प्रशासनिक अनुमति का कड़ाई से पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर साउंड ऑपरेटरों और आयोजन समितियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का जोखिम बढ़ गया है।
- **स्वास्थ्य संबंधी सजगता:** बच्चों और बुजुर्गों में अत्यधिक तेज आवाज से होने वाले गंभीर शारीरिक प्रभाव को लेकर अभिभावकों में जागरूकता बढ़ेगी। तेज शोर वाले स्थानों के निकट बच्चों में अचानक अस्वस्थता दिखने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की आवश्यकता रेखांकित हुई है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह दुखद घटना स्कूल के नजदीक से भारी ध्वनि विस्तारक यंत्रों के साथ गुजर रहे विसर्जन जुलूस के दौरान छात्रा की अचानक बिगड़ी तबीयत और उसके बाद उपजे आक्रोश का परिणाम है।

- **प्रत्यक्ष कारण:** बलरामपुर नगर के निजी स्कूल के पास से गणेश विसर्जन की शोभायात्रा निकल रही थी, जिसमें तेज ध्वनि में डीजे बज रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार उस तेज आवाज के असर से सात वर्षीय छात्रा वैष्णवी अपनी बेंच से गिरकर अचेत हो गई और अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया।
- **चिकित्सकीय व पुलिस स्थिति:** पुलिस ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया है कि छात्रा की मौत डीजे की तेज आवाज से ही हुई, इस बात की कोई आधिकारिक या चिकित्सीय पुष्टि नहीं हुई है। छात्रा 21 सितंबर को अज्ञात कारणों से अचेत हुई थी और परिजनों ने कानूनी कार्रवाई न चाहते हुए अंतिम संस्कार कर दिया, जिससे मौत का सटीक चिकित्सीय कारण जांचा नहीं जा सका।
- **जांच प्रक्रिया:** पुलिस अब स्कूल परिसर के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि कक्षा में छात्रा के अचेत होने के सटीक पलों की निष्पक्ष पड़ताल की जा सके। वहीं जनआक्रोश को देखते हुए नगर पालिका और स्थानीय संगठनों ने आगे के लिए डीजे बंद करने का साझा निर्णय लिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. बलरामपुर में स्कूल छात्रा के साथ क्या घटना घटी?
कक्षा 2 में पढ़ने वाली सात वर्षीय छात्रा वैष्णवी स्कूल में पढ़ाई के दौरान अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी, जिसके बाद अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

### 2. स्थानीय लोगों ने घटना का क्या कारण बताया है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल के पास से गुजर रही गणेश प्रतिमा विसर्जन यात्रा में बज रहे डीजे की तेज आवाज के कारण छात्रा अचेत हुई।

### 3. इस मामले पर बलरामपुर पुलिस का क्या कहना है?
पुलिस ने बताया कि छात्रा की मौत डीजे के शोर से होने की पुष्टि नहीं हुई है, बच्ची 21 सितंबर को अज्ञात कारणों से बेहोश हुई थी और मामले की सीसीटीवी फुटेज से जांच की जा रही है।

### 4. छात्रा के परिजनों का इस मामले में क्या रुख रहा?
पुलिस के अनुसार पीड़ित परिजनों ने बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया है और वे किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं।

### 5. घटना के बाद नगर पालिका परिषद में क्या फैसला लिया गया?
नगर पालिका परिषद और सामाजिक संगठनों की बैठक में भविष्य में किसी भी पर्व पर डीजे न बजाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है।

### 6. डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए क्या कदम उठाया जा रहा है?
नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष डॉक्टर धीरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार बुधवार को विभिन्न संगठनों के लोग जिलाधिकारी से मिलकर डीजे पर पूर्ण पाबंदी लगाने की मांग करेंगे।

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