बिजनौर में खौफनाक साजिश, सरकारी मुआवजे के लिए बेटे ने की मां की हत्या उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक शख्स ने वन विभाग से पांच लाख रुपये का मुआवजा पाने के लिए अपनी मां की हत्या कर दी। हत्या को छिपाने के लिए उसने गुलदार के हमले की झूठी कहानी रची। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बेटे को अपनी ही मां की हत्या के आरोप में पुलिस हिरासत में लिया गया है। आरोपी ने वन विभाग से मिलने वाले मुआवजे को हड़पने के लिए इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया और इसे गुलदार के हमले का रूप देने की कोशिश की। खेत में रची गई खौफनाक योजना यह पूरी घटना सोमवार को हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र में हुई। मृतका बीरो देवी अपने बेटे बहाल सिंह के साथ खेत में मवेशियों के लिए चारा लेने गई थीं। पुलिस के मुताबिक, बहाल सिंह ने इस सुनसान जगह का फायदा उठाया और अपनी मां का गला घोंटकर उनकी जान ले ली। हत्या के तुरंत बाद उसने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया ताकि लोगों को लगे कि खेत में गुलदार ने हमला कर दिया है। उसने ग्रामीणों को बताया कि उसने अपनी मां को बचाने के लिए जंगली जानवर से कड़ा संघर्ष किया, लेकिन वह उन्हें बचा नहीं सका। ग्रामीणों का हंगामा और लिखित आश्वासन आरोपी की चीखें सुनकर बड़ी संख्या में गांव वाले खेत में जमा हो गए। इलाके में गुलदार का खौफ पहले से ही बना हुआ था, इसलिए लोगों ने तुरंत बहाल सिंह की मनगढ़ंत कहानी पर यकीन कर लिया। इसके बाद गांव वालों का गुस्सा वन विभाग पर फूट पड़ा। उन्होंने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया कि विभाग गुलदार को पकड़ने में नाकाम रहा है जिससे लोगों की जान जा रही है। गुस्साए ग्रामीणों ने खेत से महिला का शव उठाने से साफ मना कर दिया। मौके पर पहुंचे बड़े अधिकारियों के सामने भी आरोपी बेटे ने गुलदार से भिड़ने का अपना नाटक जारी रखा। गांव वालों ने वन विभाग से मुआवजे की मांग की और तब तक अड़े रहे जब तक अधिकारियों ने पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का लिखित आश्वासन नहीं दिया। देर रात जब यह लिखित पत्र मिल गया, उसके बाद ही पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज पाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला राज मामले में असली मोड़ तब आया जब डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट ने पुलिस और वन विभाग दोनों के होश उड़ा दिए। जांच में सामने आया कि महिला के शरीर पर किसी भी जंगली जानवर के हमले या खरोंच का कोई निशान नहीं था। डॉक्टरों ने साफ कर दिया कि मौत की असली वजह गला घोंटना है। इस रिपोर्ट के बाद पुलिस की जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई। पुलिस ने तुरंत अपनी तफ्तीश तेज की और यह साफ हो गया कि बहाल सिंह ने पांच लाख रुपये का सरकारी मुआवजा पाने के लालच में अपनी मां को मौत के घाट उतारा था। उसने पुलिस और गांव वालों को गुमराह करने के लिए गुलदार के हमले की झूठी कहानी गढ़ी थी। हीमपुर दीपा पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इसका आप पर असर • भारत में: यह घटना दिखाती है कि जंगली जानवरों के डर का फायदा उठाकर अपराधी कैसे झूठी कहानियां गढ़ सकते हैं, इसलिए किसी भी वन्यजीव हमले की खबर पर तुरंत पैनिक करने के बजाय पुलिस जांच का इंतजार करें। • बिजनौर में: स्थानीय निवासियों को अफवाहों पर ध्यान देने से बचना चाहिए और वन विभाग या पुलिस प्रशासन के आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करना चाहिए। सवाल-जवाब 1. बिजनौर में महिला की हत्या किसने की? पुलिस के अनुसार महिला की हत्या उसके अपने बेटे बहाल सिंह ने की है। 2. आरोपी ने मां की हत्या क्यों की? आरोपी ने वन विभाग से मिलने वाले पांच लाख रुपये के मुआवजे को हासिल करने के लालच में अपनी मां की जान ली। 3. बेटे ने पुलिस और गांव वालों को क्या झूठी कहानी बताई? उसने कहानी रची कि खेत में उसकी मां पर एक गुलदार ने हमला कर दिया है और वह उन्हें बचा नहीं सका। 4. पुलिस को हत्या की असली वजह कैसे पता चली? पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि शरीर पर किसी जानवर के हमले के निशान नहीं थे और मौत गला घोंटने से हुई है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/bijnor-men-khauphanaka-sajisha-sarakari-muavaje-ke-lie-bete-ne-ki-man-ki-hatya-10124 TrendKia — Har trend, sabse pehle.