बिठूर में डायल 112 टीम पर हमला करने वाला युवक गिरफ्तार, सिपाही की वर्दी फाड़ी कानपुर के ईश्वरीगंज में पारिवारिक कलह की शिकायत पर पहुंची डायल 112 पुलिस टीम से उलझे युवक ने सिपाही की वर्दी फाड़ दी, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। उत्तर प्रदेश के कानपुर में पारिवारिक झगड़े की सूचना पर सहायता के लिए पहुंची पुलिस टीम पर ही एक युवक ने हमला कर दिया। बिठूर थाना इलाके के ईश्वरीगंज गांव में डायल 112 की पीआरवी टीम हालात संभालने पहुंची थी, लेकिन वहां मौजूद युवक ने पुलिसकर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ गया कि युवक ने एक हेड कांस्टेबल के साथ हाथापाई करते हुए उनकी वर्दी फाड़ दी और कथित तौर पर दांत से काटकर जख्मी करने का प्रयास किया। मामले में युवक के रिश्तेदारों द्वारा भी पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करने की बात सामने आई है। बिठूर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और कुल तीन लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। घरेलू विवाद की शिकायत कर खुद बुलाई थी पुलिस यह पूरा वाकया 1 नवंबर की रात लगभग 8:40 बजे ईश्वरीगंज गांव में सामने आया। गांव के निवासी सूरज निषाद ने खुद आपातकालीन नंबर डायल 112 पर कॉल करके पुलिस सहायता मांगी थी। फोन पर उसने आरोप लगाया था कि उसकी सास किरण और पत्नी शिवानी उसे मानसिक रूप से परेशान कर रही हैं तथा उसके गहने वापस नहीं दे रही हैं। आपातकालीन नियंत्रण कक्ष से सूचना प्रसारित होते ही पीआरवी-7056 वाहन पर तैनात हेड कांस्टेबल शिवेंद्र चौहान और होमगार्ड चालक सुनील मिश्रा बिना देरी किए मौके पर पहुंचे। जब दोनों पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी लेने लगे, तो उन्होंने पाया कि सूरज शराब के भारी नशे में था। पुलिसकर्मियों ने पारिवारिक विवाद को शांतिपूर्वक सुलझाने और उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह शांत होने के बजाय पुलिसकर्मियों पर ही चिल्लाने लगा और बहस करने लगा। हेड कांस्टेबल से हाथापाई और वर्दी के बटन टूटे शराब के नशे में धुत सूरज ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र भाषा और गालियों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। देखते ही देखते उसकी आक्रामकता बढ़ गई और उसने हेड कांस्टेबल शिवेंद्र चौहान पर सीधा हमला बोल दिया। उसने पुलिसकर्मी को खींचते हुए उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिससे हेड कांस्टेबल की आधिकारिक वर्दी फट गई और वर्दी के सारे बटन टूट गए। इसके साथ ही यह भी सामने आया कि आरोपी ने पुलिसकर्मी को दांत से काटकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। भाई और भतीजे भी पुलिसकर्मियों से भिड़े जब पुलिसकर्मी आरोपी को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे थे, तभी सूरज का भाई डैनी और उसका भतीजा रोहित भी घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थिति को शांत कराने के बजाय दोनों ने सूरज का पक्ष लिया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और सरकारी काम में रुकावट डाली। इसी हंगामे के बीच गांव में मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने मोबाइल फोन से इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो गया। अतिरिक्त बल ने पहुंचकर मुख्य आरोपी को पकड़ा डायल 112 कर्मियों पर हमले और हंगामे की गंभीर सूचना मिलते ही बिठूर थाने से अतिरिक्त पुलिस बल तुरंत ईश्वरीगंज गांव रवाना किया गया। अतिरिक्त फोर्स ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पाया और मुख्य आरोपी सूरज निषाद को तत्काल हिरासत में ले लिया। पुलिस कमिश्नरेट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पीआरवी कर्मियों से बदसलूकी करने, वर्दी फाड़ने और सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने के आरोप में बिठूर थाने में तीन व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत कानूनी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक बयान अपर पुलिस उपायुक्त पश्चिम योगेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि 1 नवंबर को बिठूर थाना क्षेत्र अंतर्गत पति-पत्नी के मध्य विवाद की सूचना पीआरवी वाहन को मिली थी। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची और विवाद के कारणों की पड़ताल करने लगी, तो आरोपी पति पुलिसकर्मियों से ही उलझ पड़ा और बदसलूकी करने लगा। इस छीना-झपटी के दौरान एक पीआरवी कर्मी की वर्दी क्षतिग्रस्त हो गई। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए मुख्य आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है तथा मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। इसका आप पर असर सरकारी ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से उलझने और आपातकालीन सेवाओं का दुरुपयोग करने पर सख्त कानूनी परिणाम भुगतने पड़ते हैं। • कानपुर में: आपातकालीन पीआरवी टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ बिठूर थाने में गैर-जमानती धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। शहर में तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसे मामलों में त्वरित गिरफ्तारी और सख्त रुख अपनाया जा रहा है। • पूरे उत्तर प्रदेश में: डायल 112 सेवा केवल आपातकालीन मदद के लिए है, जिसका दुरुपयोग करने या कर्मियों से बदसलूकी करने पर तत्काल आपराधिक मुकदमा दर्ज होता है। नशे की हालत में पुलिस से हाथापाई करने पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज होता है, जिससे आरोपी को कई साल तक अदालती मुकदमों और जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है। • नागरिकों के लिए: घरेलू विवादों को शांतिपूर्ण विधिक तरीकों से सुलझाना चाहिए न कि नशे में कानून हाथ में लेकर। आपातकालीन नंबर पर कॉल करके आने वाली टीम से अभद्रता करने पर शिकायतकर्ता स्वयं गंभीर अपराध का मुख्य आरोपी बन सकता है। • कानूनी प्रावधान: लोक सेवक की ड्यूटी में बाधा डालने और वर्दी फाड़ने जैसे कृत्य आईपीसी और संबंधित कानूनों के तहत गंभीर संज्ञेय अपराध माने जाते हैं। ऐसी घटनाओं में शामिल अन्य सहयोगियों को भी सह-आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया जाता है। ऐसा क्यों हुआ पारिवारिक विवाद और भारी शराब के नशे के चलते यह हिंसक घटना घटित हुई। स्वयं पुलिस बुलाने के बावजूद आरोपी ने अपना आपा खो दिया और मदद के लिए पहुंचे जवानों पर ही हमला कर दिया। • प्रत्यक्ष कारण: सूरज निषाद ने शराब के नशे में अपनी पत्नी और सास पर जेवर न लौटाने का आरोप लगाकर पुलिस बुलाई थी, लेकिन जवानों द्वारा समझाने पर वह भड़क गया और उसने हेड कांस्टेबल से मारपीट कर दी। • शराब का नशा और अनियंत्रित गुस्सा: नशे की अत्यधिक स्थिति के कारण आरोपी स्थिति की गंभीरता और पुलिस की मौजूदगी का सम्मान नहीं कर सका, जिसके चलते उसने वर्दी खींचकर बटन तोड़ दिए। • रिश्तेदारों का दखल: जब पुलिसकर्मी आरोपी को नियंत्रित करने लगे, तो उसके भाई और भतीजे ने मामले को शांत कराने के बजाय पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी जिससे तनाव और बढ़ गया। • आधिकारिक कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही बिठूर थाने से अतिरिक्त बल भेजा गया, जिसने तत्काल आरोपी को गिरफ्तार कर शांति व्यवस्था बहाल की। सवाल-जवाब 1. यह घटना कब और कहां घटित हुई? यह घटना 1 नवंबर की रात लगभग 8:40 बजे उत्तर प्रदेश के कानपुर में बिठूर थाना क्षेत्र के ईश्वरीगंज गांव में हुई। 2. पुलिस को घटनास्थल पर क्यों बुलाया गया था? सूरज निषाद ने खुद डायल 112 पर फोन करके शिकायत की थी कि उसकी सास और पत्नी उसके गहने नहीं लौटा रही हैं। 3. मौके पर कौन-से पुलिसकर्मी पहुंचे थे? पीआरवी-7056 पर तैनात हेड कांस्टेबल शिवेंद्र चौहान और होमगार्ड चालक सुनील मिश्रा मौके पर पहुंचे थे। 4. आरोपी पर क्या आरोप लगे हैं? आरोपी सूरज पर शराब के नशे में गाली-गलौज करने, हेड कांस्टेबल की वर्दी फाड़ने और कथित तौर पर दांत से काटकर हमला करने का आरोप है। 5. विवाद में अन्य किन लोगों के नाम सामने आए हैं? सूरज के भाई डैनी और भतीजे रोहित पर भी पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करने का आरोप है। 6. पुलिस ने मामले में क्या कानूनी कार्रवाई की है? पुलिस ने मुख्य आरोपी सूरज निषाद को गिरफ्तार कर लिया है और बिठूर थाने में तीन लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/bithoor-men-dial-112-tima-para-hamala-karane-vala-yuvaka-giraphtara-sipahi-ki-vardi-phari-55172 TrendKia — Har trend, sabse pehle.