# चौक में ऐतिहासिक टुंडे कबाबी पर वक्फ जमीन कब्जे के आरोप, दुकान मालिक और मुत्वल्ली ने दी सफाई

> लखनऊ के अकबरी गेट स्थित टुंडे कबाबी पर मौलाना कल्बे जब्बाद ने वक्फ जमीन पर अतिक्रमण का आरोप लगाया है। हालांकि, दुकान मालिक और 200 साल पुरानी मस्जिद के मुत्वल्ली ने किसी भी अवैध निर्माण से इनकार करते हुए मरम्मत कार्य की बात कही है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-07-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/chowk-men-aitihasika-tunday-kababi-para-waqf-jamina-kabje-ke-aropa-dukana-malika-aura-mutawalli-ne-di-saphai-12545 · **Language:** Hindi
**Tags:** लखनऊ समाचार, टुंडे कबाबी, अकबरी गेट चौक, वक्फ बोर्ड, मौलाना कल्बे जब्बाद, योगी आदित्यनाथ, अबू बकर कुरैशी, मौलाना सैफ अब्बास

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौक क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध अकबरी गेट के पास मौजूद टुंडे कबाबी की ऐतिहासिक दुकान को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ जहां मौलाना कल्बे जब्बाद ने दुकान मालिकों पर वक्फ बोर्ड की जमीन पर अवैध कब्जा करने और सुरंग नुमा निर्माण कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी तरफ दुकान प्रबंधन और मस्जिद के मुत्वल्ली ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इस विवाद के सामने आने के बाद लखनऊ के व्यावसायिक और धार्मिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिसके बाद मामले में सच्चाई और प्रशासनिक रुख को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

## मौलाना कल्बे जब्बाद के आरोप और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कार्रवाई की मांग
धर्मगुरु मौलाना कल्बे जब्बाद ने अकबरी गेट पर स्थित टुंडे कबाबी की सबसे पुरानी दुकान के संचालकों पर गंभीर निशाना साधा है। उनका आरोप है कि जिस स्थान पर यह दुकान संचालित हो रही है, वह वक्फ बोर्ड द्वारा संरक्षित एक ऐतिहासिक मस्जिद परिसर का हिस्सा है। मौलाना का दावा है कि दुकान के मालिकों द्वारा वक्फ की जमीन पर जबरन कब्जा जमाया जा रहा है और वहां अतिक्रमण के सहारे सुरंग नुमा अवैध निर्माण कराया गया है। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए मौलाना कल्बे जब्बाद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पक्षों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

## टुंडे कबाबी के मालिक अबू बकर कुरैशी का रुख और दुकान का 1905 का इतिहास
दूसरी ओर, टुंडे कबाबी दुकान के मालिक अबू बकर कुरैशी ने मौलाना के सभी आरोपों को बेबुनियाद और तथ्यहीन करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रतिष्ठान उनकी चौथी पीढ़ी द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसे उनके नाना ने वर्ष 1905 में स्थापित किया था। अबू बकर कुरैशी के अनुसार, वर्ष 1905 में जिस जमीन पर दुकान की शुरुआत की गई थी, आज भी दुकान उसी तय सीमा के भीतर काबिज है और उसमें कोई अतिरिक्त निर्माण नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में दुकान के भीतर केवल नियमित साफ सफाई और साज सजावट का काम ही कराया गया है। किसी भी तरह का सुरंग नुमा या अवैध ढांचा तैयार करने की बात पूरी तरह गलत है। दुकान मालिक ने यह भी आशंका जताई कि कुछ असामाजिक तत्वों ने मौलाना कल्बे जब्बाद को गलत जानकारी देकर गुमराह किया है।

## 200 साल पुरानी मस्जिद के मुत्वल्ली मौलाना सैफ अब्बास का बयान और 4 महीने पुराना एग्रीमेंट
इस पूरे मामले में असली स्थिति तब साफ हुई जब 200 साल पुरानी मस्जिद की देखरेख करने वाले मुत्वल्ली मौलाना सैफ अब्बास का आधिकारिक बयान सामने आया। मौलाना सैफ अब्बास ने स्पष्ट किया कि मस्जिद के ऊपरी हिस्से में बने पुराने मकानों से नीचे स्थित दुकान में लगातार पानी टपक रहा था, जिससे दुकानदार को व्यापार संचालन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगभग 4 महीने पहले मुत्वल्ली और दुकान मालिक के बीच कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए एक नया एग्रीमेंट तैयार किया गया था। इस समझौते और मुत्वल्ली की अनुमति के तहत दुकान मालिक ने केवल पानी के रिसाव को रोकने के इंतजाम किए और क्षतिग्रस्त हिस्सों को सीमेंट से ठीक कराया। मौलाना सैफ अब्बास ने साफ किया कि मस्जिद का 200 साल पुराना मूल ढांचा बिल्कुल सुरक्षित है और वहां किसी प्रकार की सुरंग या अवैध निर्माण नहीं हुआ है।

## अकबरी गेट पर विवाद का सार और वर्तमान स्थिति
लखनऊ के चौक इलाके में स्थित यह टुंडे कबाबी की दुकान अपनी सदियों पुरानी विरासत और लजीज स्वाद के लिए पूरे देश में मशहूर है। वक्फ संपत्ति पर अवैध कब्जे के आरोपों के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मामले पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, मस्जिद के संरक्षक और देखभालकर्ता द्वारा दुकान मालिक के पक्ष में दिए गए बयान के बाद यह स्पष्ट होता दिख रहा है कि निर्माण कार्य केवल सीपेज और मरम्मत से जुड़ा था। इसके बावजूद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई शिकायत के बाद मामले की प्रशासनिक जांच होने की संभावना जताई जा रही है, ताकि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की सुरक्षा और दुकान की वैधानिक स्थिति को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो सके।

## इसका आप पर असर
**पाठकों पर प्रभाव:**

- **भारत में:** देश भर के खाद्य प्रेमियों और पर्यटकों के लिए लखनऊ की ऐतिहासिक खानपान पहचान सुरक्षित बनी रहेगी, क्योंकि विवाद का समाधान कानूनी मरम्मत प्रक्रिया के तहत होता दिख रहा है।
- **लखनऊ में:** चौक और अकबरी गेट के स्थानीय निवासियों तथा व्यापारियों के बीच वक्फ संपत्ति और विरासत दुकानों की स्थिति को लेकर प्रशासनिक स्पष्टता आएगी।

## सवाल-जवाब

### 1. मौलाना कल्बे जब्बाद ने टुंडे कबाबी पर क्या आरोप लगाए हैं?
मौलाना ने आरोप लगाया कि चौक स्थित टुंडे कबाबी की दुकान द्वारा वक्फ की जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है और वहां सुरंग नुमा अवैध निर्माण कराया जा रहा है।

### 2. टुंडे कबाबी की इस दुकान की शुरुआत कब हुई थी?
दुकान के मालिक अबू बकर कुरैशी के अनुसार, इस दुकान की शुरुआत उनके नाना द्वारा वर्ष 1905 में चौक के अकबरी गेट पर की गई थी।

### 3. मस्जिद के मुत्वल्ली मौलाना सैफ अब्बास ने क्या सफाई दी है?
मुत्वल्ली ने बताया कि दुकान में पानी के रिसाव को रोकने के लिए 4 महीने पहले कानूनी एग्रीमेंट के तहत मरम्मत कराई गई थी और वहां कोई सुरंग या अवैध निर्माण नहीं हुआ है।

### 4. मौलाना कल्बे जब्बाद ने इस मामले में किससे हस्तक्षेप की मांग की है?
मौलाना ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की जांच कराने और उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

### 5. अकबरी गेट के पास स्थित मस्जिद कितनी पुरानी है?
अकबरी गेट के पास स्थित यह मस्जिद लगभग 200 साल पुरानी है, जिसकी देखरेख मौलाना सैफ अब्बास करते हैं।

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