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  "type": "article",
  "title": "देवरिया में आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के आरोपी दीपक तिवारी से मुठभेड़, पैर में लगी गोली",
  "summary": "देवरिया में आरएसएस कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की पीट-पीटकर हत्या करने के आरोपी दीपक तिवारी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लार थाना क्षेत्र के सुतावर मोड़ के पास पुलिस चेकिंग के दौरान भागने का प्रयास कर रहे मुख्य आरोपियों में से एक दीपक तिवारी के साथ पुलिस की सीधी मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह घायल हो गया, जिसके बाद उसे तत्काल हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।\n\nसुतावर मोड़ पर चेकिंग के दौरान फायरिंग और गिरफ्तारी\nपुलिस अधिकारियों के मुताबिक लार थाना क्षेत्र अंतर्गत सुतावर मोड़ पर पुलिस दल संदिग्धों और वाहनों की जांच कर रहा था। उसी दौरान आरोपी वहां से भागने की फिराक में था। पुलिस टीम को देखकर उसने रुकने के बजाय पुलिसकर्मियों पर तमंचे से सीधा फायर झोंक दिया। पुलिस ने खुद का बचाव करते हुए जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली दीपक तिवारी के बाएं पैर में जा लगी। गोली लगते ही वह मौके पर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे दबोच लिया।\n\nमुठभेड़ स्थल की तलाशी के दौरान पुलिस ने अभियुक्त के पास से 315 बोर का एक अवैध तमंचा, दो खाली खोखे और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। गोली लगने के बाद घायल अभियुक्त को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लार ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के उपरांत डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया।\n\nविवाद और लाठी-डंडों से निर्मम पिटाई की पूरी घटना\nयह पूरा मामला लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव से जुड़ा हुआ है। भीखम छपरा गांव में सड़क के स्पीड ब्रेकर और पारिवारिक संपत्ति के पुराने विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव चल रहा था। 1 अक्टूबर की शाम लगभग 5 बजे आधा दर्जन हमलावर लाठी, डंडे, हथौड़ा और लोहे के भारी औजार लेकर 50 वर्षीय पदाधिकारी रामेश्वर तिवारी के घर पहुंचे थे।\n\nहमलावरों ने रंजिश के चलते रामेश्वर तिवारी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया और उनकी बेरहमी से पिटाई की। जब रामेश्वर तिवारी की पत्नी अमृता देवी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। गंभीर रूप से घायल रामेश्वर तिवारी को पहले लार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। वहां से नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें देवरिया स्थित महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हमले में आई गंभीर चोटों के कारण अगले दिन उनकी सांसें थम गईं।\n\nचार पुलिसकर्मी निलंबित और छह नामजद आरोपियों पर कार्रवाई\nरामेश्वर तिवारी की मौत के बाद उनकी पत्नी अमृता देवी की तहरीर पर भीखम छपरा गांव के ही निवासी संजय तिवारी, दीपक तिवारी, प्रांजल तिवारी, अभिनीत तिवारी, आदित्य तिवारी और निखिल तिवारी सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच यह विवाद करीब एक साल से चला आ रहा था।\n\nमामले में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप सामने आने के बाद उच्चाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। गोरखपुर रेंज के डीआईजी एस. चन्नप्पा ने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में लार थाने के चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। निलंबित होने वालों में थानाध्यक्ष राकेश सिंह, सब-इंस्पेक्टर राममूरत राम, कॉन्स्टेबल चंद्रभान भारती और कॉन्स्टेबल प्रीतम यादव शामिल हैं। मामले के बाकी फरार अभियुक्तों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए चार अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार दबिश दे रही हैं।\n\nइसका आप पर असर\nइस घटना और पुलिस कार्रवाई से स्थानीय कानून-व्यवस्था तथा आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रभाव सामने आए हैं।\n\n• देवरिया में: गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त तेज कर दी गई है और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान जारी है। स्थानीय निवासियों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है।\n• भारत में: आपसी विवादों और रंजिश के मामलों में पुलिस जवाबदेही को लेकर कड़ा संदेश दिया गया है। ऐसे मामलों में पुलिसकर्मियों की लापरवाही पाए जाने पर निलंबन जैसी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का दायरा बढ़ रहा है।\n• सुरक्षा व्यवस्था: फरार पांच अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में चार टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।\n• प्रशासनिक निगरानी: पुराने संपत्ति और रास्ते के विवादों में पुलिस की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले पुलिस अधिकारियों पर उच्चाधिकारियों की सीधी निगरानी रहेगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह घटना पुराने पारिवारिक संपत्ति विवाद और सड़क पर बने ब्रेकर को लेकर उपजे तात्कालिक तनाव का घातक परिणाम है, जिसे समय रहते नहीं सुलझाया गया।\n\n• आपसी रंजिश और तात्कालिक विवाद: भीखम छपरा गांव में दोनों पक्षों के बीच करीब एक साल से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। सड़क के स्पीड ब्रेकर को लेकर उपजे ताजा झगड़े ने इस पुरानी रंजिश को हिंसक मोड़ दे दिया।\n• योजनाबद्ध हमला: 1 अक्टूबर को शाम करीब 5 बजे आधा दर्जन आरोपी लाठी, डंडे, हथौड़ा और लोहे के औजार लेकर पीड़ित के घर पहुंचे थे। उन्होंने रामेश्वर तिवारी और उनकी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे रामेश्वर की मौत हो गई।\n• पुलिस की लापरवाही: विवाद की पूर्व जानकारी और शिकायतों पर समय रहते ठोस कदम न उठाए जाने के आरोप लगे। इसी लापरवाही के कारण डीआईजी ने लार थाने के प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया।\n• मुठभेड़ की वजह: हत्या के बाद से आरोपी फरार चल रहे थे और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में लगे थे। चेकिंग के दौरान दीपक तिवारी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर गोली चला दी, जिसके जवाब में पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. देवरिया में किस मामले में पुलिस मुठभेड़ हुई है?\nआरएसएस कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की हत्या के आरोपी दीपक तिवारी के साथ लार थाना क्षेत्र के सुतावर मोड़ पर मुठभेड़ हुई।\n\n2. मुठभेड़ में घायल आरोपी की क्या स्थिति है?\nदीपक तिवारी के बाएं पैर में गोली लगी है, जिसे लार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया।\n\n3. पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से क्या बरामद किया?\nपुलिस ने आरोपी के पास से 315 बोर का एक देशी तमंचा, दो खाली खोखे और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है।\n\n4. हत्या की मुख्य वजह क्या थी?\nगांव में सड़क के स्पीड ब्रेकर और पुरानी पारिवारिक संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद इस घटना की मुख्य वजह था।\n\n5. इस मामले में किन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई?\nलापरवाही बरतने के आरोप में डीआईजी ने लार थाना प्रभारी राकेश सिंह, सब-इंस्पेक्टर राममूरत राम, और कॉन्स्टेबल चंद्रभान भारती व प्रीतम यादव को निलंबित किया है।\n\n6. एफआईआर में किन-किन लोगों को नामजद किया गया है?\nएफआईआर में संजय तिवारी, दीपक तिवारी, प्रांजल तिवारी, अभिनीत तिवारी, आदित्य तिवारी और निखिल तिवारी को नामजद किया गया है।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-10-04",
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